न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार को एक के बाद एक कई धमाके हुए। इजरायल ने दावा किया है कि वह राजधानी के केंद्रीय हिस्सों में मौजूद रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है। यह घटनाक्रम ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हवाई हमले में मौत की खबरों के बाद तेजी से बदला है।
इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि उसकी कार्रवाई “तेहरान के बीचों-बीच ईरानी शासन से जुड़े ठिकानों” पर केंद्रित है। सेना के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इजरायली एयर फोर्स ने हवाई बढ़त हासिल करने और तेहरान तक ऑपरेशनल पहुंच बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर हमले किए।
खाड़ी देशों तक तनाव की आंच
इससे पहले ईरान ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाते हुए इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल हमले किए। बहरीन, कतर और अबू धाबी, दुबई समेत कई स्थानों पर मिसाइल दागे जाने की खबरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हमलों के बाद आसमान में धुएं के गुबार दिखाई दिए।
वहीं तेहरान में हुए ताजा धमाकों के बाद भी शहर के कई हिस्सों में घना धुआं देखा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमला उस इलाके के आसपास हुआ जहां देश का पुलिस मुख्यालय और सरकारी टेलीविजन केंद्र स्थित है, हालांकि आधिकारिक तौर पर टारगेट की पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप की चेतावनी
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि तनाव बढ़ाया गया तो अमेरिका अभूतपूर्व ताकत से जवाब देगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया एयरस्ट्राइक में ईरान की डिफेंस काउंसिल की बैठक को भी निशाना बनाया गया, जिसमें सेना प्रमुख, रक्षा मंत्री और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे जाने की बात कही जा रही है।
नेतृत्व पर संवैधानिक प्रक्रिया
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने कहा है कि खामेनेई की ‘शहादत’ के बाद देश संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 110 के तहत, स्थायी उत्तराधिकारी चुने जाने तक राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल द्वारा नामित एक सदस्य अंतरिम रूप से नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे।
लारीजानी ने यह भी कहा कि अंतरिम नेतृत्व परिषद के गठन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है।
मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब संभावित अगले कदमों पर टिकी हैं।



