लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- Swami Avimukteshwaranand Saraswati के खिलाफ दर्ज कथित बाल यौन शोषण मामले में उनके वकील Shrinath Tripathi ने कहा है कि एफआईआर और अदालत के आदेश में किसी ठोस सबूत का जिक्र नहीं किया गया है।
मीडिया से बातचीत में वकील ने दावा किया कि पुलिस अभी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में है और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही गिरफ्तारी पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक बिना पर्याप्त साक्ष्य के गिरफ्तारी आवश्यक नहीं है।
वकील के अनुसार, पुलिस ने आज लखनऊ में बच्चों के बयान दर्ज किए हैं। आगे की कार्रवाई जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
सभी अदालतों में कानूनी तैयारी
श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि उनकी ओर से निचली अदालत के साथ-साथ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी प्रक्रिया के लिए तैयारी की जा रही है।
#WATCH वाराणसी: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ कथित बाल यौन शोषण मामले पर वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा, “FIR और न्यायालय के आदेश में सबूतों का ज़िक्र नहीं था। पुलिस अभी सबूत जुटाएगी उसके बाद ही गिरफ़्तारी के बारे में सोचेगी। आज उन्होंने लखनऊ… pic.twitter.com/Sb0GAXzur4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2026
उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में यह स्पष्ट हो जाएगा कि वे किस अदालत में आगे की कार्यवाही करेंगे।
गिरफ्तारी पर दी प्रतिक्रिया
गिरफ्तारी के सवाल पर वकील ने कहा कि यह पूरी तरह जांच एजेंसियों के विवेक पर निर्भर करता है। उन्होंने व्यक्तिगत राय देते हुए कहा कि यदि गिरफ्तारी की जाती है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है और आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी को लेकर कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है।



