न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इस वर्ष करवाचौथ (10 अक्टूबर 2025) पर ग्रह-नक्षत्रों की शुभ युति के चलते यह व्रत और भी ज्यादा फलदायी और मंगलकारी रहने वाला है। सिद्ध योग में होने वाला यह करवाचौथ व्रत, वृष राशि में चंद्रमा के संचरण के कारण विशेष रूप से अखंड सौभाग्य और पति की उन्नति के लिए शुभ माना जा रहा है।
चंद्रोदय का समय: रात 7:58 बजे
पंचांग की गणना के अनुसार, शुक्रवार, 10 अक्टूबर को रात 7:58 बजे चंद्रमा का उदय होगा। हालांकि देश के विभिन्न शहरों में यह समय थोड़ा बहुत अलग हो सकता है। महिलाएं चंद्रदर्शन के बाद व्रत तोड़ेंगी और पति की दीर्घायु की कामना करेंगी।
क्यों विशेष है यह करवाचौथ?
सिद्ध योग में करवाचौथ होना अपने आप में ही शुभ संकेत है। इस दिन चंद्रमा वृष राशि में होगा, जो चंद्रमा की उच्च राशि मानी जाती है। कृतिका नक्षत्र रात 9:07 बजे तक रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। अन्य प्रमुख ग्रहों की स्थिति भी अनुकूल- बृहस्पति मिथुन राशि में, सूर्य और शुक्र कन्या राशि में, मंगल और बुध तुला राशि में शनि मीन राशि में प्रवेश कर रहे है|
क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य?
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस विशेष संयोग में चंद्र पूजन करने से मानसिक शांति, सौम्यता और आत्मसंयम में वृद्धि होती है। चंद्रमा का पूजन भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में मदद करता है।
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विशेषतः उन महिलाओं के लिए, जो मानसिक रूप से बेचैनी या तनाव महसूस करती हैं, यह पूजन आंतरिक शांति और ऊर्जा का संचार करता है।
करवाचौथ पूजन के लाभ:
पति की उन्नति व दीर्घायु, घर में समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा, चंद्र ग्रह की कृपा, जीवन में स्थिरता और मानसिक संतुलन, ग्रहदोषों से बचाव और मारकेश योग से रक्षा



