न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशभर में बड़े स्तर पर हरित अभियान शुरू करने जा रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के निर्देश पर राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों में ‘मेरी पंचायत-हरित पंचायत’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 1.42 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। इसकी शुरुआत ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के अंतर्गत रविवार से होगी।
पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
पंचायती राज विभाग की ओर से संचालित इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को हरित बनाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को मजबूत करना है।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि अभियान के दौरान सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जहां पर्यावरण संरक्षण को पंचायत विकास के प्रमुख एजेंडे के रूप में शामिल किया जाएगा।
पंचायत भवन से अमृत सरोवर तक होंगे पौधरोपण
अभियान के तहत पंचायत भवन, सरकारी विद्यालय, सामुदायिक परिसर, तालाब, अमृत सरोवर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाए जाएंगे।
इस दौरान पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, सहजन समेत विभिन्न फलदार और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। सरकार ने केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि पौधों का बेहतर संरक्षण हो सके।
पर्यटन स्थलों पर भी लगाया जाएगा एक लाख पौधे
राज्य सरकार के 35 करोड़ पौधरोपण महाभियान के तहत पर्यटन विभाग भी अभियान में सक्रिय भागीदारी करेगा। विभाग प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटन परियोजनाओं में करीब एक लाख पौधे लगाएगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक लगाए गए पौधे की जियो-टैग फोटो ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी और अभियान की निगरानी उच्च स्तर से की जाएगी।
विकसित होंगी थीम आधारित हरित वाटिकाएं
पर्यटन विभाग ने बताया कि जिन परियोजनाओं में लैंडस्केपिंग का कार्य प्रस्तावित है, वहां नक्षत्र वाटिका, त्रिवेणी वाटिका, हरिशंकरी वाटिका, पंचवटी और नवग्रह वाटिका जैसी थीम आधारित हरित वाटिकाएं विकसित की जाएंगी।
इन स्थलों पर पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, शीशम, जामुन, आम, महुआ, बेल और आंवला जैसी पर्यावरण अनुकूल और स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्राम पंचायतों और पर्यटन स्थलों को अधिक हरित एवं आकर्षक बनाना है।



