न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: कर्नाटक के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने आगामी 2028 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार और अपनी बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय रहेंगे तथा जनता के मुद्दों के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में सिद्धारमैया ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र वरुणा के लोग लगातार उनसे एक बार फिर चुनाव लड़ने की अपील कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय कर लिया है।
उन्होंने कहा कि पहले चुनावों के दौरान स्थानीय लोग स्वयं आर्थिक सहयोग कर उम्मीदवार को चुनाव लड़ाते थे और जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और चुनाव लड़ने के लिए नेताओं को मतदाताओं के बीच धन खर्च करना पड़ता है। उनके मुताबिक, इससे राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ा है और ईमानदार राजनीति के लिए गुंजाइश कम होती जा रही है।
बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य का भी दिया हवाला
सिद्धारमैया ने कहा कि वर्ष 2028 तक उनकी उम्र करीब 82 वर्ष हो जाएगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने 1978 में तालुक बोर्ड के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और तब तक उनके सार्वजनिक जीवन के 50 वर्ष पूरे हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने जीत और हार दोनों का अनुभव किया है, लेकिन हमेशा अपने सिद्धांतों और अंतरात्मा के अनुसार राजनीति की है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब स्वास्थ्य और ऊर्जा पहले जैसी नहीं रही, इसलिए चुनावी जिम्मेदारियां निभाना पहले जितना आसान नहीं है।
जनता की सेवा जारी रखने का भरोसा
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य की जनता ने पिछले पांच दशकों में उन्हें भरपूर स्नेह और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि इस विश्वास का ऋण वह कभी नहीं चुका सकते। इसलिए भले ही वह चुनाव न लड़ें, लेकिन जनता के हितों और उनके अधिकारों की आवाज उठाने का काम आगे भी करते रहेंगे।
बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने यह बातें शनिवार को कर्नाटक के मंड्या जिले में आयोजित एक निजी कार्यक्रम के दौरान कही थीं।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी तेज हुई हलचल
इस बीच कर्नाटक में लंबे समय से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, करीब 20 मंत्री पदों के लिए कांग्रेस के 60 से अधिक विधायक दावेदारी कर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी अपने-अपने समर्थक विधायकों के पक्ष में सक्रिय हैं।
माना जा रहा है कि नई दिल्ली में होने वाली कांग्रेस नेतृत्व की बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी सहित अन्य वरिष्ठ नेता संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा करेंगे।



