न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय क्रिकेट प्रेमी जब अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की बात करते हैं, तो उनमें भावना का स्तर अक्सर प्रदर्शन से भी ऊपर चला जाता है। यही वजह है कि पर्थ वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली की विफलता के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर संन्यास की मांग उठने लगी है।
8 महीने के लंबे ब्रेक के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे दोनों दिग्गज खिलाड़ियों की पारी बेहद निराशाजनक रही रोहित शर्मा: 14 गेंदों में 8 रन, विराट कोहली: 8 गेंद, 0 रन | इतना ही नहीं, कोहली मिचेल स्टार्क की पहली गेंद पर ही आउट हो गए, जबकि रोहित हेजलवुड के हाथों पवेलियन लौटे।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
मैच के तुरंत बाद ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फैंस के कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने लिखा “अब वक्त है कि रोहित और विराट को सम्मानजनक तरीके से संन्यास ले लें।” “टीम इंडिया इन पर निर्भर नहीं रह सकती। भविष्य युवा खिलाड़ियों का है।” “अतीत की उपलब्धियों पर अब टीम में जगह नहीं मिलनी चाहिए।” हालांकि, बहुत से फैन्स ऐसे भी थे जिन्होंने दोनों खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए कहा कि एक मैच से किसी की काबिलियत नहीं आंकनी चाहिए।
मैच का हाल: बारिश ने भी डाला असर
पर्थ वनडे मुकाबला बारिश की वजह से 50 ओवर से घटकर 26 ओवर प्रति पारी का कर दिया गया था। भारत ने 26 ओवर में 9 विकेट पर 136 रन बनाए | ऑस्ट्रेलिया को डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 131 रन का टारगेट मिला | ऑस्ट्रेलिया ने 29 गेंद शेष रहते 3 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया| इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने 3 मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
पीछे का रिकॉर्ड क्या कहता है?
फैंस भले ही नाराज़ हों, लेकिन ये भूलना नहीं चाहिए कि इससे पहले खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में रोहित शर्मा ने मैच-विनिंग अर्धशतक लगाया था और प्लेयर ऑफ द मैच भी बने थे| विराट कोहली उस टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर्स में शामिल थे| ऐसे में एक मैच की नाकामी को उनके करियर पर अंतिम टिप्पणी मानना जल्दबाज़ी होगी।
क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और हर महान खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं। रोहित और कोहली जैसे खिलाड़ियों ने वर्षों तक भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ऐसे में एक पारी पर संन्यास की सलाह देना कहीं ना कहीं भावनाओं पर प्रदर्शन को हावी करना है।



