Wednesday, August 5, 2026

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झारखंड: आंदोलनकारी छात्रों को सीएम हेमंत सोरेन का बातचीत का न्योता, सरकार का संदेश लेकर धरना स्थल पहुंचे अधिकारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बुधवार को सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारी आंदोलनकारी छात्रों से मिलने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता का निमंत्रण दिया।

सरकार की ओर से एसडीएम कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री से बातचीत तभी करेंगे, जब चर्चा धरना स्थल पर सभी छात्रों के बीच होगी। प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेने के लिए छात्रों ने दो घंटे का समय मांगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि युवाओं की चिंताएं सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की समस्या केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के कई राज्यों के युवाओं को प्रभावित करने वाला गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है। संबंधित एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को ठोस और स्थायी समाधान देना भी है।

हेमंत सोरेन ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार संवाद के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों या अभ्यर्थियों की कोई मांग या सुझाव है, वे सरकार के सामने अपनी बात रख सकते हैं और हर मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

भूख हड़ताल में शामिल हुए पांच और प्रदर्शनकारी

उधर, झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र से पहले आंदोलन और तेज हो गया है। मंगलवार रात से दो महिलाओं सहित पांच और प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इसके साथ ही भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य देवेंद्र नाथ महतो पहले से ही अनशन पर बैठे हुए हैं।

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

25 जुलाई से जारी आंदोलन में प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा को रद्द करने, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में व्यापक सुधार करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं।

JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने बताया कि आंदोलन को मजबूत करने के लिए दो महिलाओं समेत पांच और साथी भूख हड़ताल में शामिल हुए हैं।

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