नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (EC) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि देशभर में कांग्रेस समर्थक मतदाताओं, विशेषकर दलितों और ओबीसी समुदाय से आने वाले लोगों के वोट जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे एक “स्वचालित, विकेंद्रीकृत और सुनियोजित” साजिश करार दिया।
गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 18 महीनों में कर्नाटक CID ने चुनाव आयोग को इस संबंध में 18 बार पत्र लिखा, लेकिन आयोग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ‘वोट चोरों’ को संरक्षण दे रहे हैं।
वोट डिलीशन का उदाहरण: कर्नाटक का आलंद विधानसभा क्षेत्र
राहुल गांधी ने कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां 6,018 वोट डिलीट करने की कोशिश की गई। यह मामला तब सामने आया जब एक बूथ लेवल अधिकारी ने पाया कि उसके चाचा का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। जांच में पता चला कि यह वोट किसी बाहरी मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस से डिलीट किया गया, और इससे संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी तक नहीं थी।
14 सेकंड में 12 वोट डिलीट
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कुछ प्रभावित मतदाताओं को भी मीडिया के सामने पेश किया। इनमें से एक सूर्यकांत नामक मतदाता ने बताया कि महज 14 सेकंड में उनके नाम से 12 वोट डिलीट कर दिए गए, जबकि उन्होंने खुद ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया था।
दलित और पिछड़े समुदायों को टारगेट करने का आरोप
राहुल ने आरोप लगाया कि यह अभियान सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह साजिश मुख्यतः कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को निशाना बनाकर की जा रही है। उनका कहना है कि कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र के राजुरा में भी हजारों मतदाता जोड़ने और हटाने की गड़बड़ियां सामने आई हैं।
चुनाव आयोग को 7 दिन का अल्टीमेटम
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से हटाए गए नामों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “यह असली H-बम नहीं है, असली H-बम अभी बाकी है,” और संकेत दिए कि आने वाले समय में और बड़े खुलासे होंगे।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में चुनावी प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।



