“खामोशी को हार मत समझना”: राघव चड्ढा ने AAP नेतृत्व पर उठाए बड़े सवाल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि जनता के मुद्दे उठाने पर उन्हें रोका जा रहा है।

राघव चड्ढा ने शायराना अंदाज में अपनी बात रखते हुए कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।” उनके इस बयान को पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

“क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है?”

चड्ढा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का मौका मिलता है, वे आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाते हैं—चाहे वह महंगे एयरपोर्ट फूड का मामला हो, जोमैटो डिलीवरी पार्टनर्स की स्थिति, टोल टैक्स या बैंक चार्जेज।

 

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उन्होंने कहा, “क्या इन मुद्दों को उठाना अपराध है? आखिर मुझे बोलने से क्यों रोका जा रहा है?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी की ओर से राज्यसभा सचिवालय को उनके बोलने पर रोक लगाने के लिए कहा गया है।

पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला

AAP नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों से आम जनता को फायदा हुआ है, लेकिन इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ, यह समझ से परे है।

उन्होंने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि वे उनका साथ बनाए रखें और भरोसा रखें।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

राघव चड्ढा को पद से हटाने के बाद विपक्षी दलों ने भी आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि चड्ढा एक अच्छे वक्ता हैं और अगर उन्हें बोलने से रोका जा रहा है तो यह लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी में लोकतंत्र बचा है।

वहीं कांग्रेस के नेता मलूर वी ने भी कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

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