अलीगढ़/सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को पूर्व सपा विधायक की बेटी की शादी में शिरकत करने के लिए अलीगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे अखिलेश यादव
अखिलेश यादव शुक्रवार को पूर्व विधायक नजीबा खान जीनत की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अलीगढ़ पहुंचे थे। जैसे ही उनका काफिला धनीपुर एयरपोर्ट से निकला, बोनेर तिराहे पर मौजूद क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए।
विरोध की वजह क्या थी?
यह विरोध सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर दिए गए विवादित बयान के विरोध में किया गया। यह बयान संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है, लेकिन इससे क्षत्रिय समाज में आक्रोश कम नहीं हुआ है।
पुलिस की सख्ती, दो लोग हिरासत में
विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर तैनात पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाया और दो लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजा।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर पलटवार
मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि,
“भाजपा का भरोसा तानाशाही पर है, हिटलर की तरह पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।”
“संविधान हमारी ढाल है, लेकिन भाजपा बार-बार उस पर हमला करती है।”
“महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की अनदेखी से जनता त्रस्त है।”
“उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।”
उन्होंने कहा कि राज्यसभा से जब किसी बयान को हटाया जाता है, तो वह मामला वहीं खत्म हो जाता है, लेकिन भाजपा उस मुद्दे को राजनीतिक फायदा उठाने के लिए बार-बार उछाल रही है।
किसानों और बिजली के मुद्दे भी उठाए
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों से किया गया कोई भी वादा पूरा नहीं किया, और गेहूं की सही कीमत तक देने में असफल रही है। साथ ही उन्होंने बिजली दरों को लेकर भी सरकार को घेरा, कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली महंगी हो गई है और जीएसटी ने व्यापारियों को बर्बाद कर दिया है।



