UP News: उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच Prayagraj के शंकरगढ़ ब्लॉक से गंभीर जल संकट की तस्वीर सामने आई है। हालात ऐसे हैं कि गांव के लोगों को पीने का पानी जुटाने के लिए रोजाना करीब 10 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा है। लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बने तापमान ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
पानी और बिजली दोनों की किल्लत
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में न तो पर्याप्त पेयजल व्यवस्था है और न ही बिजली की सुविधा। गांव के लोग वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
एक ग्रामीण ने बताया कि गांव में करीब 150 लोग रहते हैं और सभी को रोजाना दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है। महिलाओं और बच्चों को सुबह-सुबह बर्तन लेकर पानी की तलाश में निकलना पड़ता है। कई बार घंटों इंतजार करने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
सूखने लगे हैंडपंप और जलस्रोत
स्थानीय लोगों के मुताबिक तापमान बढ़ने के साथ ही हैंडपंप और छोटे जलस्रोत सूखने लगे हैं। भीषण गर्मी के कारण पानी का स्तर तेजी से नीचे चला गया है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले पर प्रशासन ने भी प्रतिक्रिया दी है। प्रयागराज की अपर जिलाधिकारी Vineeta Singh ने कहा कि शंकरगढ़ क्षेत्र में जल संकट को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को खराब जल संरचनाओं की मरम्मत और व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित गांवों में पानी के टैंकर भी भेजे जाएंगे। साथ ही हीटवेव को देखते हुए लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है और लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
बांदा बना देश का सबसे गर्म जिला
गौरतलब है कि Banda इस समय देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल है। हाल के दिनों में यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। तेज गर्मी और लू का असर यह है कि सुबह 10 बजे के बाद सड़कें लगभग सूनी नजर आने लगती हैं।
भीषण गर्मी के बीच प्रयागराज के शंकरगढ़ जैसे इलाकों में जल संकट ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।



