Monday, March 30, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

लोकसभा में PM मोदी का हमला: “कांग्रेस ने वंदेमातरम् को बांटा, मुस्लिम लीग के दबाव में लिया फैसला”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में हुई विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि इतिहास में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में आकर वंदेमातरम् के “टुकड़े” कर दिए, जबकि यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा था।

सदन में इस विषय पर लगभग 10 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है। मंगलवार को राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह चर्चा की शुरुआत करेंगे।

“वंदेमातरम् के साथ अन्याय हुआ”—PM मोदी

प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि जिस गीत ने बंगाल विभाजन के खिलाफ देश को एकजुट किया, महात्मा गांधी जिसे राष्ट्रगीत जैसा मानते थे, उसी वंदेमातरम् के साथ “इतना बड़ा अन्याय” क्यों हुआ?

उन्होंने कहा—
“यह गीत करोड़ों भारतीयों की देशभक्ति का आधार था। फिर ऐसा क्या हुआ कि पिछली सदी में इसे विवादों में घसीटा गया? नई पीढ़ी को उस दौर का सच बताना जरूरी है।”

PM मोदी का आरोप—“कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए”

मोदी ने 1937 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुस्लिम लीग ने वंदेमातरम् का विरोध शुरू किया और कांग्रेस नेतृत्व ने उसका प्रतिरोध करने के बजाय इसी गीत की समीक्षा शुरू कर दी।

यह भी पढ़े:- लोकसभा में PM मोदी का संबोधन: “अंग्रेज मानते थे-बंगाल टूटेगा तो भारत टूट जाएगा, लेकिन 

उन्होंने दावा किया—नेहरू ने जिन्ना को पत्र लिखकर कहा कि आनंदमठ की पृष्ठभूमि मुस्लिम समाज को “इरिटेट” कर सकती है। 26 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस ने वंदेमातरम् की समीक्षा का निर्णय लिया। इसके बाद गीत को “खंडित रूप” में स्वीकार किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम तुष्टीकरण की राजनीति का परिणाम था।

“वंदेमातरम् ने बंगाल विभाजन के खिलाफ जन-आंदोलन खड़ा किया”

प्रधानमंत्री ने बताया कि 1905 में अंग्रेजों द्वारा बंगाल विभाजन के बाद वंदेमातरम् एक राष्ट्रीय नारा बन गया। उन्होंने कहा— “जब अंग्रेजों ने बंगाल को तोड़ने का प्रयास किया, वंदेमातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा।” उन्होंने बताया कि— बंगाल की गलियों में प्रभात फेरियां निकलती थीं | महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने वंदेमातरम् गाते हुए आंदोलन में भाग लिया|कई क्रांतिकारियों ने फांसी पर चढ़ते समय भी वंदेमातरम् का उद्घोष किया| मोदी ने खुदीराम बोस, राजेंद्र लाहिड़ी, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान आदि का उल्लेख किया।

“गांधी ने भी इसे राष्ट्रगान जैसा माना था”—मोदी

PM मोदी ने कहा कि 2 दिसंबर 1905 को महात्मा गांधी ने ‘Indian Opinion’ में लिखा था कि वंदेमातरम् बंगाल में इतना लोकप्रिय था कि यह “हमारा राष्ट्रगान जैसा” बन गया था। उन्होंने इसे “अन्य राष्ट्रों के गीतों से अधिक मधुर” बताया था।

“विश्वभर में गूंजा वंदेमातरम्”

मोदी ने कहा कि— वीर सावरकर ने लंदन के इंडिया हाउस में इसे बजाया, बिपिन चंद्र पाल और अरविंद घोष ने ‘वंदेमातरम्’ नाम से अखबार निकाला मैडम भीकाजी कामा ने पेरिस में ‘वंदेमातरम्’ नाम से पत्रिका प्रकाशित की स्वदेशी आंदोलन में कई उत्पादों पर “वंदेमातरम्” लिखा जाता था| उन्होंने कहा— “दुनिया में शायद ही कोई ऐसा काव्य होगा जिसने आज़ादी की हर धारा को एक सूत्र में बांधा हो।”

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,388FansLike
133FollowersFollow
621SubscribersSubscribe
- Advertisement -[cricket_score]

Latest Articles