न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर सियासी बयानबाजी के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उन्हें लेकर बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने तीखी टिप्पणी की है। पत्रकारों के सवाल पर पप्पू यादव ने बागेश्वर सरकार को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें कथावाचक मानने से इनकार कर दिया।
पप्पू यादव ने कहा, “ये धीरेंद्र कौन हैं? आप चोर-उचक्कों को कथावाचक बना रहे हैं। क्या ये ओशो हैं, क्या ये आचार्य राममूर्ति हैं?” उन्होंने आगे कहा कि सनातन परंपरा में सच्चे संतों और कथावाचकों का सम्मान होना चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने प्रेमानंद बाबा का नाम लिया और कहा कि ऐसे संतों की इज्जत की जानी चाहिए, न कि ऐसे लोगों की जिनका सनातन से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।
“ढोंग को बढ़ावा दिया जा रहा है”
पूर्णिया सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में धर्म के नाम पर ढोंग फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को कृष्ण के रास्ते, गुरु नानक, बुद्ध और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर चलने दिया जाना चाहिए। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि देश को “ढोंगीवाद” की ओर क्यों धकेला जा रहा है।
आरएसएस कार्यक्रम में दिए बयान से बढ़ा विवाद
दरअसल, हाल ही में उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित आरएसएस के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जातिवाद के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि हिंदू समाज जातियों में बंटा रहा तो इसका खामियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि देश को जातिवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की आवश्यकता है।
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अपने भाषण में उन्होंने यह टिप्पणी भी की थी कि यदि तिरंगे में चांद आ गया, तो किसी भी जाति या वर्ग का हिंदू सुरक्षित नहीं बचेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
बयानबाजी से सियासी माहौल गरम
पप्पू यादव की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। समर्थक जहां इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना जताई जा रही है।



