नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया अलायंस ने सोमवार को चुनाव में कथित वोट चोरी, SIR (सिस्टमेटिक इलेक्शन रिप्रेजेंटेशन) गड़बड़ी, और मतदाता सूची में धांधली के खिलाफ मेगा मार्च निकाला। इस मार्च की अगुवाई लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने की, जिसमें लगभग 25 विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए।
पैदल मार्च और कड़ी सुरक्षा
यह मार्च संसद भवन से लेकर चुनाव आयोग तक पैदल निकाला गया। दिल्ली पुलिस ने मार्च के दौरान 7 जगहों पर बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद सांसदों ने नारेबाजी करते हुए मार्च जारी रखा। इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को बैरिकेडिंग फांदते हुए भी देखा गया। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की इजाजत नहीं दी थी, क्योंकि किसी भी सांसद ने इसकी अनुमति नहीं मांगी थी।
विपक्ष का आरोप: “चोरी हो रहा है वोट”
राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि वहां 1 लाख से ज्यादा वोट कथित रूप से हटा दिए गए, जिससे भाजपा को फायदा पहुंचा। उन्होंने इसे “वोट चोरी का मॉडल” बताया और दावा किया कि बीजेपी इस तरह लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है।
चुनाव आयोग से बातचीत की कोशिश
इस बीच चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश को पत्र लिखकर 11 अगस्त दोपहर 12 बजे मुलाकात के लिए बुलाया है। आयोग ने साफ किया है कि जगह की सीमितता को देखते हुए अधिकतम 30 प्रतिनिधियों को ही बातचीत के लिए बुलाया गया है।
कौन-कौन हुआ शामिल?
इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, शशि थरूर, जयराम रमेश, अखिलेश यादव, डिंपल यादव, संजय राउत, डीएमके, टीएमसी, और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता की मांग की और कहा कि जनता का भरोसा लोकतांत्रिक संस्थाओं में बना रहना चाहिए।



