लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने ताजा पोस्ट में राजभर ने नोटबंदी, गोमती रिवरफ्रंट परियोजना और 2017 विधानसभा चुनाव को लेकर कई आरोप लगाए हैं।
राजभर ने दावा किया कि वर्ष 2016 में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नोटबंदी का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के कारण कथित तौर पर अवैध धन का इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों में नहीं हो सका, जिससे राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए।
गोमती रिवरफ्रंट परियोजना को लेकर लगाए आरोप
राजभर ने अपने बयान में गोमती रिवरफ्रंट परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि परियोजना के लिए निर्धारित बजट का बड़ा हिस्सा खर्च हो गया, लेकिन कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के धन के उपयोग को लेकर कई सवाल उठे हैं और इसकी जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद इस परियोजना की जांच शुरू हुई और विभिन्न एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं। राजभर ने दावा किया कि जांच के बाद कई तथ्यों का खुलासा हुआ है और आगे भी कई जानकारियां सामने आ सकती हैं।
सोशल मीडिया पर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत और राजनीतिक कटाक्ष भी किए। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों में जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और सत्य सामने आएगा। साथ ही उन्होंने विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए।
वर्षों से जारी है जांच
गौरतलब है कि गोमती रिवरफ्रंट परियोजना की शुरुआत वर्ष 2015 में लखनऊ में गोमती नदी के तट के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से की गई थी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1600 करोड़ रुपये बताई गई थी। 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए थे।
गोमती रिवर फ्रंट का जो फंड था उसे आपने 2017 के चुनाव में खर्च किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई नोटबंदी की वजह से आप, अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाए।
यही वजह है कि गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च करने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा… pic.twitter.com/q9349GVwk5
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 22, 2026
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि परियोजना पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हुआ। इसके बाद मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों को सौंपी गई। वर्षों से चल रही जांच के दौरान कई अधिकारियों, इंजीनियरों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के बीच सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। राजभर के ताजा बयान के बाद एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में गोमती रिवरफ्रंट परियोजना और पुराने मामलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



