लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अलग-अलग चौराहों पर लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पोस्टरों में माफिया अतीक अहमद को रावण के रूप में दर्शाया गया है। साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क समेत कई चर्चित हस्तियों की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टर सामने आने के बाद सपा और कांग्रेस से जुड़े लोगों ने नाराजगी जताई है। कुछ स्थानों पर पोस्टर फाड़े जाने की भी खबर है।
पोस्टर पर लिखा- ‘भारत विरोधी दशानन रावण’
लखनऊ में लगाए गए इन पोस्टरों के शीर्ष पर ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ लिखा गया है। पोस्टर के निचले हिस्से में निवेदक के रूप में सनातन रक्षा संगठन का नाम दर्ज बताया जा रहा है।
पोस्टर में अतीक अहमद के अलावा राहुल गांधी, अखिलेश यादव, एलन मस्क, अमेरिकी सांसद इल्हान उमर, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार रहे मोहम्मद यूनुस, जॉर्ज सोरोस, अधिवक्ता प्रशांत भूषण और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: Posters featuring the slogan “Sanatan Bharat Ke Virodhi Ravan” have been put up at several locations across the city.
The posters display images of Akhilesh Yadav, Atiq Ahmed, Azam Khan, Mukhtar Ansari, Rahul Gandhi, Elon Musk, George Soros, and others.
The posters have been put up by the ‘Sanatan Raksha Sangathan’.
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) October 18, 2026
इन पोस्टरों को लेकर राजधानी में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, पोस्टर में शामिल सभी व्यक्तियों को एक साथ दिखाने के पीछे संगठन का आधिकारिक तर्क क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
एलन मस्क की तस्वीर लगाने की क्या है वजह?
पोस्टर में अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की तस्वीर शामिल किए जाने को लेकर भी चर्चा हो रही है। खबरों में इसे भारत में उनकी कंपनी स्टारलिंक की एंट्री से जुड़े विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी और संकेत दिया था कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी हित इसके रास्ते में बाधा बन रहे हैं। हालांकि, पोस्टर लगाने वालों ने मस्क की तस्वीर शामिल करने के पीछे क्या वजह बताई है, इसकी पुष्टि सामने आए तथ्यों के आधार पर की जानी बाकी है।
इल्हान उमर और मोहम्मद यूनुस की तस्वीरों पर भी चर्चा
पोस्टर में अमेरिकी सांसद इल्हान उमर और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार रहे मोहम्मद यूनुस की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।
इल्हान उमर भारत और भारतीय सरकार की नीतियों पर अपनी टिप्पणियों को लेकर पहले भी चर्चा में रही हैं। वहीं, मोहम्मद यूनुस की ओर से बांग्लादेश के पूर्वोत्तर भारत से जुड़े भौगोलिक और रणनीतिक संदर्भों में की गई टिप्पणियों को लेकर भी विवाद हुआ था।
पोस्टर में इन हस्तियों को शामिल किए जाने के कारणों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं, लेकिन संगठन की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण की पुष्टि नहीं हुई है।
अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरों से बढ़ा विवाद
पोस्टर में उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद और माफिया के रूप में चर्चित रहे अतीक अहमद को रावण के रूप में दिखाया गया है। इसके साथ ही पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की तस्वीर भी लगाई गई है। मुख्तार अंसारी का निधन 28 मार्च 2024 को हुआ था।
इन तस्वीरों के साथ राजनीतिक नेताओं और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के चेहरे लगाए जाने से पोस्टर का मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
सपा कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी, पोस्टर फाड़े
पोस्टरों को लेकर समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। खबरों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने पोस्टर फाड़ दिए और इन्हें लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस से जुड़े समर्थकों ने भी पोस्टरों पर नाराजगी जताई है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या प्राथमिकी की पुष्टि होने पर ही उसके बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकती है।
यूपी चुनाव से पहले पोस्टर विवाद ने खींचा ध्यान
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच इस तरह के पोस्टरों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश की राजनीति में पोस्टर और बैनर के जरिए विरोध दर्ज कराने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
फिलहाल लखनऊ में लगाए गए इन पोस्टरों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब यह देखना होगा कि संबंधित संगठन इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं।


