जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले बढ़ी सुरक्षा, सौरभ भारद्वाज समेत AAP नेता हिरासत में; 11 मेट्रो स्टेशन बंद

Jantar Mantar Protest Live: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस्तीफे की मांग की गई।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोग जंतर-मंतर पहुंचने लगे। पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

जंतर-मंतर पहुंचे सौरभ भारद्वाज, पुलिस ने हिरासत में लिया

AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

भारद्वाज ने कहा कि AAP ने प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति मांगी थी। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध दर्ज कराने की अपील भी की थी। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया।

प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधों का पालन करने और अधिकारियों के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की है।

BNSS की धारा 163 लागू, भीड़ जुटने पर प्रतिबंध

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। इसके तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर रोक है।

पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में कई सुरक्षा जोन बनाए हैं। प्रदर्शनकारियों की संभावित संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद किया गया। रिपोर्टों के अनुसार जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन इस व्यवस्था से प्रभावित रहे।

हालांकि, कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई।

जंतर-मंतर रोड समेत कई इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों को जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, पटेल चौक, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों पर यात्रा से बचने या वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी।

पुलिस के मुताबिक, इन इलाकों में यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट किया जा सकता है। यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

किन मुद्दों को लेकर हो रहा है प्रदर्शन?

प्रस्तावित प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। प्रदर्शन से जुड़े संगठनों और विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।

प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर आपत्तियां जताई गई हैं। चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लगाए गए इन आरोपों को संबंधित राजनीतिक दलों और संगठनों के बयानों के रूप में देखा जाना चाहिए।

AAP नेताओं ने लगाए चुनाव आयोग पर आरोप

AAP नेताओं ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

इन दावों के बीच चुनाव आयोग की प्रक्रिया और संबंधित आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इस खबर में AAP नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में नहीं।

प्रदर्शन को लेकर पहले भी हिरासत

जंतर-मंतर पर SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर इससे पहले भी कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। 26 सितंबर को AISA के आह्वान पर हुए प्रदर्शन के दौरान योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और अन्य लोगों समेत 60 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

फिलहाल 2 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर और सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुलिस तथा प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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