डीजीपी की सख्ती का असर: एक हफ्ते में 2275 ‘गुमशुदा’ मिले, 320 अब भी लापता

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में गुमशुदगी के मामलों को लेकर सख्ती का असर दिखने लगा है। Gorakhpur में पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर 2275 गुमशुदा लोगों का सत्यापन कर उन्हें ट्रेस कर लिया। हालांकि 320 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद वास्तविक आंकड़ा स्पष्ट होगा।

रिकॉर्ड और हकीकत में बड़ा अंतर

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 1 जनवरी 2024 से 5 फरवरी 2026 के बीच करीब 2595 गुमशुदगी दर्ज हुई थीं। लेकिन इनमें से कितने लोग वापस लौटे, इसका अद्यतन डेटा उपलब्ध नहीं था। कई मामलों में परिजनों ने लापता सदस्य के घर लौटने की सूचना पुलिस को नहीं दी, वहीं कुछ मामलों में पुलिस की ओर से भी फॉलोअप में ढिलाई रही।

दिल्ली की अफवाह के बाद शुरू हुई सख्ती

हाल ही में Delhi में 800 लोगों के लापता होने की खबर से सनसनी फैली थी, जो बाद में अफवाह साबित हुई। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर के गुमशुदगी आंकड़ों की समीक्षा की।

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Uttar Pradesh के डीजीपी के निर्देश पर सभी जिलों को डेटा ऑनलाइन अपडेट करने और सत्यापन अभियान चलाने को कहा गया। इसके तहत गोरखपुर पुलिस ने घर-घर जाकर और फोन के माध्यम से परिजनों से संपर्क कर जानकारी जुटाई।

320 लोगों की तलाश जारी

शुक्रवार शाम तक 320 लोग अब भी लापता पाए गए। इनमें अधिकांश मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या और घट सकती है।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार परिवारों से संपर्क कर रही हैं। जो लोग घर लौट चुके हैं, उनका रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है, जबकि जो अब भी लापता हैं, उनकी तलाश जारी है।

पुलिस का दावा है कि नियमित मॉनिटरिंग और डिजिटल डेटा अपडेट से भविष्य में गुमशुदगी के मामलों में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

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