न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- डीएम प्रेमरंजन सिंह की रणनीतिक कार्यशैली का बड़ा परिणाम सामने आया है। एटा जिले ने एसआईआर (Special Intensified Revision) कार्य में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर लिया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों में एटा, औरैया और आजमगढ़ ने अपनी एसआईआर प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी कर ली है। इस उपलब्धि पर आयुक्त ने बधाई देते हुए 16 दिसंबर को लेख प्रकाशित करने की घोषणा की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा—2003 की मतदाता सूची में शामिल सभी मतदाताओं की मैपिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। किसी भी तरह की त्रुटि न रह जाए, इसके लिए बीएलओ और बीएलए की बूथ स्तर पर समन्वय बैठक अनिवार्य करवाई जाए। एसआईआर से जुड़े पूरे डेटाबेस को सुरक्षित और व्यवस्थित रखा जाए।
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उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बीएलओ द्वारा अनुपस्थित, मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट या अनट्रेस्ड श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की दोबारा गहन जांच की जाए और बीएलए का सहयोग लिया जाए।
प्रदेश में कार्य प्रगति
एसआईआर के तहत: गणना प्रपत्र वितरण — 99.91%, डिजिटाइजेशन— 91.98%, एटा, औरैया और आजमगढ़ — 100% कार्य पूर्ण गणना चरण की अंतिम तिथि 11 दिसंबर, जबकि संशोधित मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
डीएम की रणनीति जिसने बदल दिया परिणाम
एसआईआर शुरू होते ही डीएम ने जिले के सभी विभागों को अलर्ट जारी कर दिया। बीएलओ के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों की टीम बनाकर प्रपत्र संग्रह में सहायता दी गई। कमजोर बीएलओ की डेटा फीडिंग में विशेष सहायता प्रदान की गई। प्रगति की प्रतिदिन शाम समीक्षा के लिए टीम तैनात की गई। कर्मचारियों की किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराया गया।
यही कारण रहा कि 30 नवंबर तक जिले ने 98 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया था और अंततः एटा प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।
डीएम प्रेमरंजन सिंह ने कहा— “जनपद के सभी कर्मचारियों, बीएलओ और अधिकारियों के समन्वय से यह लक्ष्य पूरा हो सका है। चुनाव आयोग से मिली बधाई पूरे एटा की टीम की मेहनत का परिणाम है।”



