न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर से सांसद व अभिनेता रवि किशन जब भी एक मंच पर नजर आते हैं, माहौल हल्का-फुल्का और खुशनुमा हो ही जाता है। मंगलवार को गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह के दौरान भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने एक बार फिर रवि किशन की मजाकिया अंदाज में चुटकी ली।
सीएम योगी ने मंच से कहा कि रवि किशन और कालीबाड़ी के बाबा की एक नई फिल्म आने वाली है। शूटिंग कहां होगी, यह उन्हें नहीं पता, लेकिन उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि वे चाहेंगे कि यह फिल्म उत्तर प्रदेश में न होकर यूपी के बाहर शूट की जाए। मुख्यमंत्री की इस बात पर पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा।
कालीबाड़ी के बाबा पर भी ली चुटकी
मुख्यमंत्री ने हंसी-ठिठोली का सिलसिला यहीं नहीं रोका। उन्होंने कालीबाड़ी के बाबा पर भी मजाक करते हुए कहा कि वे लखनऊ जाकर कुछ ही घंटों में गोरखपुर वापस लौट आते हैं और उन्हें इसकी जानकारी तब मिलती है, जब सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आती हैं। सीएम ने कहा कि तब समझ आता है कि बाबा पूरी ‘जजमानी’ निपटाकर लौट आए हैं। इस टिप्पणी पर खुद रवि किशन और कालीबाड़ी के बाबा भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
मोबाइल और तेज रफ्तार पर जताई चिंता
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्टफोन के फायदे गिनाने के साथ-साथ उसके दुष्परिणामों पर भी बात की। उन्होंने सड़क हादसों में बढ़ोतरी के लिए तेज रफ्तार और मोबाइल फोन के इस्तेमाल को जिम्मेदार बताया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से कहा कि वे सांसद रवि किशन की नकल न करें और यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने मजाक में कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ही नियम तोड़ेंगे, तो आम लोग क्या सोचेंगे।
कलाकारों और प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच बना गोरखपुर महोत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव अब कलाकारों और प्रतिभाशाली लोगों के लिए एक बड़ा मंच बन चुका है। खेल, शिक्षा, कला, समाजसेवा और कृषि क्षेत्र से जुड़े जिले की छह विभूतियों को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
2017 के बाद गोरखपुर में दिखा बड़ा बदलाव
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर माफिया राज, बीमारी और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि मच्छर और माफिया एक-दूसरे के पूरक बन गए थे। न व्यापार सुरक्षित था और न ही आम नागरिक। लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
विकास की दौड़ में गोरखपुर
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि आज यहां एम्स, खाद कारखाना, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, फोरलेन और सिक्सलेन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। गोरखपुर से लखनऊ की दूरी अब साढ़े तीन घंटे में तय हो रही है, जबकि अयोध्या अब महज डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि चारों ओर फोरलेन कनेक्टिविटी, बेहतर एयर कनेक्शन और हजारों करोड़ का निवेश हुआ है। बीते आठ वर्षों में 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। गोरखपुर में चार विश्वविद्यालय, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और अटल आवासीय विद्यालय जैसे संस्थान युवाओं के भविष्य को मजबूत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवर्तन ही खुशहाली का आधार है और आज गोरखपुर न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के विकास की दौड़ में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।



