लखनऊ /सर्वोदय न्यूज :- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) कार्यालय के बाहर एक विवादित पोस्टर ने सियासी हलचल मचा दी है। सपा कार्यकर्ता मोहम्मद इख़लाक द्वारा लगाए गए इस पोस्टर में मौजूदा सरकार पर बेरोज़गारी, शिक्षा और सेना के नाम पर राजनीति करने को लेकर तीखा हमला किया गया है।
सपा कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में लिखा गया है: “रोज़गार नहीं, पर सिंदूर ज़रूर बाँट रहे हो। सेना का नाम लेके फिर वोट माँग रहे हो। शिक्षा दो, काम दो, ये देश माँगता हिसाब दो। सेना है देश की शान, उसे मत बनाओ प्रचार का सामान।”
यह पोस्टर सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों और प्रचार शैली पर सवाल खड़ा करता है, जिसमें रोजगार, शिक्षा और सेना के राजनीतिक इस्तेमाल जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।
क्या है पोस्टर लगाने का मकसद?
सपा कार्यकर्ता मोहम्मद इख़लाक का कहना है कि यह पोस्टर युवाओं की आवाज़ है। “देश का युवा बेरोज़गारी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रही है। हम चाहते हैं कि सेना का इस्तेमाल केवल देश की सुरक्षा के लिए हो, न कि चुनावी प्रचार के लिए।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू
पोस्टर सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं ने इसे “राजनीतिक स्टंट” बताया, जबकि विपक्ष ने इसे युवाओं की नाराज़गी की सच्ची तस्वीर कहा।



