नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सोनिया गांधी के साथ उनकी यह पहली औपचारिक बैठक रही, जबकि राहुल गांधी इससे पहले विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो चुके हैं।
राजधानी दिल्ली में हुई इस मुलाकात को राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी गठबंधन की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में यह बैठक हुई है जब कांग्रेस विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के प्रयासों में जुटी हुई है।
कांग्रेस-टीवीके रिश्तों पर बढ़ी चर्चा
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को कांग्रेस और तमिल वेत्री कड़गम (TVK) के बीच बढ़ती नजदीकियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के बाद विजय और कांग्रेस के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।
राज्य की राजनीति में यह समीकरण इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेस के विजय के साथ बढ़ते संबंधों से उसकी लंबे समय से सहयोगी रही डीएमके नाराज बताई जा रही है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व और विजय की मुलाकात ने भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पहले नहीं हो सकी थी मुलाकात
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय जब पहली बार दिल्ली आए थे, तब उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उस दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी उनकी मुलाकात की संभावना जताई गई थी, लेकिन कार्यक्रम तय नहीं हो सका था।
अब दोनों पक्षों के बीच हुई यह मुलाकात ऐसे समय में सामने आई है जब कांग्रेस और टीवीके के संबंध पहले की तुलना में अधिक मजबूत माने जा रहे हैं।
INDIA गठबंधन को लेकर बढ़ी अटकलें
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक भविष्य में विपक्षी गठबंधन INDIA के विस्तार और नए सहयोगियों को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, विजय की पार्टी ने अभी तक औपचारिक रूप से INDIA गठबंधन में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
इसके बावजूद कांग्रेस के प्रति विजय का सकारात्मक रुख कई मौकों पर दिखाई दिया है। तमिलनाडु में उनकी सरकार में कांग्रेस को प्रतिनिधित्व मिला है और राज्यसभा की एक सीट भी कांग्रेस को दी गई है।
डीएमके ने उठाए सवाल
टीवीके और कांग्रेस की बढ़ती नजदीकियों पर डीएमके पहले भी सवाल उठा चुकी है। डीएमके का आरोप रहा है कि विजय की पार्टी भाजपा के खिलाफ सीधी राजनीतिक लड़ाई से बचती नजर आती है। वहीं टीवीके का कहना है कि उसका उद्देश्य राज्य के विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देना है।
फिलहाल राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री विजय की इस मुलाकात ने तमिलनाडु से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक कई नए राजनीतिक संकेत दिए हैं, जिन पर आने वाले दिनों में सभी दलों की नजर बनी रहेगी।



