न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव रुझानों ने देश की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी कई राज्यों में शानदार प्रदर्शन करती दिख रही है, वहीं दक्षिण भारत से पार्टी के लिए निराशाजनक संकेत सामने आए हैं।
दक्षिण भारत में नहीं मिला बड़ा ब्रेकथ्रू
तमिलनाडु और केरल में भाजपा को इस बार भी उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई है। दोनों राज्यों को मिलाकर पार्टी महज 5 सीटों के आसपास ही बढ़त बनाती दिख रही है।
तमिलनाडु में 234 सीटों में से ज्यादातर पर रुझान सामने आ चुके हैं। यहां TVK (तमिझागा वेत्री कझगम) ने बड़ा उलटफेर करते हुए बढ़त बना ली है। वहीं AIADMK और DMK भी मजबूत स्थिति में हैं। गठबंधन के बावजूद भाजपा केवल 3 सीटों पर ही आगे चलती नजर आ रही है।
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केरल में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। 140 सीटों वाली विधानसभा में Indian National Congress बढ़त बनाए हुए है, जबकि Communist Party of India (Marxist) दूसरे स्थान पर है। भाजपा यहां सिर्फ 2 सीटों पर संघर्ष करती दिख रही है। हालांकि, पिछले चुनावों में खाता न खुलने की तुलना में यह मामूली सुधार माना जा सकता है।
पूर्व और पूर्वोत्तर में भाजपा का दम
इसके उलट पश्चिम बंगाल से भाजपा के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहां पार्टी ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। वहीं असम में भी भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखती नजर आ रही है।
क्षेत्रीय राजनीति का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण भारत की राजनीति अभी भी क्षेत्रीय दलों और स्थानीय मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित है। खासतौर पर तमिलनाडु में TVK जैसे नए दल का उभार यह दिखाता है कि मतदाता स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता दे रहे हैं।



