न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आहट तेज़ होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट के लिए भारी भीड़ उमड़ने लगी है। अब तक 5000 से अधिक आवेदन भाजपा के पास आ चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा युवाओं का दबदबा है। 35 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवा कार्यकर्ता, समाजसेवी, पूर्व प्रतिनिधि और स्थानीय नेता चुनाव लड़ने के लिए पार्टी कार्यालय में बायोडाटा के साथ दस्तक दे रहे हैं।
ज्यादा आवेदन उन सीटों से जहां विधायक बुजुर्ग हैं
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में उम्रदराज विधायक हैं, वहां से नए चेहरों को मौका मिल सकता है। यही वजह है कि उन सीटों पर टिकट के लिए आवेदकों की संख्या सबसे अधिक है। कई उम्मीदवार तो सीधे वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर अपनी दावेदारी भी जता रहे हैं और संगठन सेवा का हवाला दे रहे हैं।
टिकट नहीं मिला तो जनसुराज या अन्य दलों में जाने की धमकी
कुछ कार्यकर्ताओं ने खुलेआम चेतावनी दी है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला, तो वे जनसुराज जैसे दूसरे दलों का रुख करेंगे या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इससे पार्टी के लिए अंदरूनी असंतोष की स्थिति बन सकती है। भाजपा नेताओं के अनुसार, सबसे ज्यादा बायोडाटा पटना के कुम्हरार और दानापुर सीटों से आए हैं।
एनडीए में सीट बंटवारे पर नजरें टिकीं
2020 के बिहार चुनाव में भाजपा ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 80 विधायक जीते थे। इस बार एनडीए में पांच दल शामिल हैं –भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास गुट), हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा), रालोमो (राष्ट्रीय लोकमंच), ऐसे में भाजपा कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, यह फैसला अगले दो हफ्तों में संभावित है। लेकिन टिकट के दावेदारों की बेचैनी अभी से चरम पर है।



