Friday, March 27, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

रामनवमी पर बड़ा बवाल, दरगाह पर फहराया भगवा झंडा

सर्वोदय/प्रयागराज:- प्रयागराज में रामनवमी के मौके पर एक विवाद खड़ा हो गया है, जब कुछ युवकों ने सालार मसूद गाजी की दरगाह पर भगवा झंडा लहराया। इस घटना को लेकर मुस्लिम समुदाय में रोष है, वहीं विपक्षी दल भी योगी सरकार को घेरने में जुट गए हैं। हालांकि, भगवा झंडा फहराने वाले युवकों का कहना है कि उन्हें अपनी कार्रवाई पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि गाजी एक आक्रांता था, और उसका मजार प्रयागराज में नहीं रहना चाहिए।

पूरा मामला क्या है?

रामनवमी के अवसर पर महाराजा सुहेलदेव संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सालार मसूद गाजी की दरगाह पर भगवा झंडा फहराया। तीन युवक दीवारों के सहारे दरगाह की छत तक पहुंचे और ‘ॐ’ लिखे भगवा झंडे लहराए, साथ ही ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। इस घटना की अगुवाई करने वाले मनेंद्र प्रताप सिंह ने खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताया है।

मनेंद्र प्रताप सिंह कौन हैं?

मनेंद्र प्रताप सिंह ने बयान दिया कि सालार मसूद गाजी एक आक्रांता था और हिंदुओं के हत्यारे का दरगाह तीर्थराज प्रयाग में नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि इस दरगाह को तुरंत ध्वस्त करके हिंदुओं को सौंप देना चाहिए। घटना के बाद, डीसीपी कुलदीप गुनावत ने कहा कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और आरोपी युवकों की तलाश जारी है। मनेंद्र प्रताप सिंह, जो अपनी कार्रवाई को लेकर सीना ठोककर दावा कर रहे थे, अब पुलिस के रडार पर हैं।

DM को लिखा पत्र

घटना के बाद, महाराजा सुहेलदेव सम्मान सुरक्षा मंच ने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को एक पत्र सौंपा। पत्र में कहा गया कि तीर्थराज प्रयागराज की पावन भूमि पर बहरिया के सिकंदरा में सैयद सालार गाजी की अवैध मजार बनाई गई है। गाजी एक आक्रांता था और हिंदुओं का हत्यारा था, और वह सिकंदरा कभी नहीं आया। फिर भी वक्फ बोर्ड ने जमीन पर कब्जा करने की मंशा से मजार बनवाया। हिंदुओं की मांग है कि मजार को जल्द हटाया जाए, मेला बंद किया जाए और मंदिर बनाकर शिव जी, सती और बड़े परिहार जी की पूजा की जाए।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,388FansLike
133FollowersFollow
621SubscribersSubscribe
- Advertisement -[cricket_score]

Latest Articles