न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: भारत में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर फैल रही अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल लॉकडाउन लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को लेकर भी सरकार ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है।
हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री Narendra Modi के बयान के बाद देश में लॉकडाउन को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे। हालांकि सरकार ने तुरंत इस पर स्थिति स्पष्ट कर दी।
सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ तौर पर कहा कि लॉकडाउन को लेकर चल रही सभी खबरें गलत हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, देश में आम जनजीवन या आर्थिक गतिविधियों पर किसी प्रकार की पाबंदी लगाने की कोई योजना नहीं बनाई गई है।
ममता बनर्जी ने भी उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि यदि लॉकडाउन या अलर्ट जैसी स्थिति बनती है, तो लोग पहले ही महंगाई से परेशान हैं, ऐसे में आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
पीएम मोदी के बयान से शुरू हुई चर्चा
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान वैश्विक संकट और युद्ध जैसे हालात का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि देश को भविष्य की चुनौतियों के लिए उसी तरह तैयार रहना होगा, जैसे कोरोना काल में रहा था।
हालांकि उन्होंने अपने पूरे भाषण में कहीं भी लॉकडाउन शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, लेकिन इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गईं।
आज मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके संभावित प्रभावों पर चर्चा होगी।
बताया जा रहा है कि यह बैठक सुरक्षा, आर्थिक तैयारियों और आपात स्थिति से निपटने की रणनीतियों पर केंद्रित होगी।
पश्चिम एशिया संघर्ष का असर
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान ने भी कई हमले किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है।
इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और राज्यों के साथ समन्वय बढ़ा रही है।



