न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की सख्ती अब विवादों के केंद्र में आ गई है। हावड़ा जिले में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े तीन कथित दबंगों को गिरफ्तारी के बाद सार्वजनिक रूप से सड़कों पर घुमाया। इस दौरान आरोपी बनियान और बॉक्सर शॉर्ट्स में नजर आए। किसी के हाथ में हथकड़ी थी तो किसी की कमर में रस्सी बांधी गई थी। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
भाजपा ने इसे अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने कार्रवाई को मानवाधिकारों और कानून का उल्लंघन करार दिया है।
आकाश सिंह उर्फ ‘डॉन आकाश’ को सिर मुंडवाकर घुमाया
हावड़ा पुलिस के अनुसार, आकाश सिंह उर्फ ‘डॉन आकाश’ पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। बाद में गोलाबाड़ी और मालीपंचघरा थाना पुलिस ने क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान उसे सड़क पर पैदल घुमाया।
वीडियो में आकाश केवल बनियान और बॉक्सर शॉर्ट्स में दिखाई दिया। उसका सिर और दाढ़ी पूरी तरह मुंडा हुआ था। पुलिस का कहना है कि भीषण गर्मी की वजह से आरोपी ने खुद बाल और दाढ़ी हटाने की अनुमति मांगी थी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आकाश पर 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस पर गोलीबारी और बम फेंकने जैसे गंभीर आरोप हैं। वह कथित तौर पर पूर्व टीएमसी विधायक गौतम चौधरी का करीबी माना जाता है।
शमीम अहमद उर्फ ‘गब्बर’ की हथकड़ी में परेड
टीएमसी वार्ड 36 के अध्यक्ष शमीम अहमद उर्फ ‘गब्बर’ को शिबपुर पुलिस ने केंद्रीय बलों के साथ मिलकर जीटी रोड और ट्राम डिपो इलाके में पैदल घुमाया। इस दौरान उसके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी।
शमीम को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चेंबूर से गिरफ्तार किया था। उस पर भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के जुलूस पर हमले का आरोप है, जिसमें बम और हथियारों के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।
पुलिस छापेमारी में उसके ठिकाने से आलीशान इमारत, अवैध निर्माण और कथित जुआघर जैसी चीजें मिलने का दावा किया गया है। उस पर जबरन वसूली और स्थानीय स्तर पर दबंगई फैलाने के आरोप भी हैं।
साहिन मोल्ला उर्फ ‘सनी’ को रस्सी बांधकर घुमाया
संकराइल पुलिस ने पूर्व अस्थायी होमगार्ड साहिन मोल्ला उर्फ ‘सनी’ को भी इलाके में सार्वजनिक रूप से घुमाया। आरोपी की कमर में रस्सी बांधी गई थी और वह सफेद वेस्टी व शॉर्ट्स में नजर आया।
मोल्ला पर स्थानीय व्यापारियों से रंगदारी वसूलने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, पहले भी इसी तरह की शिकायतों के चलते उसे अस्थायी होमगार्ड की नौकरी से हटाया जा चुका था।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा थी। आरोपियों को उन जगहों पर ले जाया गया जहां कथित अपराध हुए थे, ताकि घटनास्थलों की पहचान और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस का दावा है कि इस दौरान अपराध से जुड़े कई अहम सुराग भी मिले हैं।
TMC ने लगाया मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने इन घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी सांसद Kalyan Banerjee ने कहा कि किसी भी सरकार का काम “सर्कस” करना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को सार्वजनिक रूप से घुमाना कानून और मानवाधिकारों के खिलाफ है।
भाजपा ने बताया ‘अपराध के खिलाफ अभियान’
वहीं भाजपा नेताओं ने इसे राज्य में अपराध और जबरन वसूली के खिलाफ बड़ा अभियान बताया है। पार्टी का दावा है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और राजनीतिक संरक्षण में पल रहे अपराधियों पर कार्रवाई के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक बदले की कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।



