तीन साल की बच्ची को भेड़िया उठाकर ले गया, एक हाथ खा गया;जबड़े से छीनी बेटी फिर भी…

बहराइच/न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक बार फिर भेड़िए का आतंक देखने को मिला है। महसी तहसील के मंझारा तौकली गांव में बुधवार दोपहर एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची को भेड़िया उठा ले गया। बच्ची को ग्रामीणों ने जबड़े से छुड़ाया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भेड़िया उसका एक हाथ खा चुका था, और इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

यह घटना जिले में भेड़िए द्वारा बच्चों पर हमला करने की छठी वारदात है। अब तक तीन बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि एक अब भी लापता है।

बच्ची को जबड़े में दबोचकर भागा भेड़िया

गांव बाबा पटाव बंगला निवासी बाबूलाल की बेटी सोनी (3 वर्ष) बुधवार को दोपहर करीब 3 बजे घर के आंगन में खेल रही थी। अचानक एक भेड़िया घर में घुस आया और सोनी को जबड़े में दबोचकर गन्ने के खेत की ओर भाग गया।बाबूलाल के शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पीछे दौड़े। लगभग 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में बच्ची घायल अवस्था में मिली। उसका एक हाथ पूरी तरह खा चुका था।

घटना के बाद ग्रामीण तुरंत फखरपुर सीएचसी लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन बच्ची की जान नहीं बच सकी। मौत की पुष्टि होते ही गांव में मातम पसर गया।

इलाके में भेड़िए का आतंक, वन विभाग पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, मंझारा तौकली और आस-पास के गांवों में भेड़िए की दहशत पिछले कई हफ्तों से बनी हुई है। नौ सितंबर के बाद से कैसरगंज, महसी और बौंडी क्षेत्र में तीन बच्चों की मौत, एक का अपहरण और कई घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वन विभाग से कई बार शिकायत की, लेकिन भेड़िया आज तक पकड़ा नहीं गया।

डर से मचान पर रहने को मजबूर ग्रामीण

भेड़िए के हमलों के चलते अब गांव के लोग मचान बनाकर उस पर बच्चों को सुला रहे हैं। जिनके घरों में दरवाजे नहीं हैं, वे बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में भेड़िए ही नहीं, बल्कि तेंदुए की भी मौजूदगी है। कुछ गांवों में भेड़ियों की मांद (बिल) भी देखी गई है।

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