लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को बीजेपी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोधी और निषाद समाज के नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाकर PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उनके बयान की रिपोर्टिंग 19 सितंबर को कई मीडिया संस्थानों ने भी की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में आरोप लगाया कि बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कथित हताशा में लोकतांत्रिक राजनीति के बजाय ‘लठतांत्रिक’ तरीके अपनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नकारात्मक राजनीति अब आगे नहीं चल सकती।
लोधी और निषाद नेताओं का जिक्र कर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि कभी लोधी समाज तो कभी निषाद समाज के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाए जाने के पीछे PDA समाज को डराने-धमकाने की कोशिश है। उन्होंने बीजेपी की राजनीति और सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए।
अखिलेश ने यह भी कहा कि बीजेपी के खिलाफ सामाजिक बंटवारे की राजनीति का दौर खत्म हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में उनकी पार्टी सामाजिक न्याय के आधार पर राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी।
‘अबकी बार भाजपा जाएगी तो फिर वापस नहीं आएगी’
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव ने बीजेपी को लेकर दावा किया कि यदि पार्टी सत्ता से बाहर होती है तो वह दोबारा वापस नहीं आएगी। उन्होंने बीजेपी पर भ्रष्टाचार और बेईमानी से जुड़े आरोप भी लगाए।
अखिलेश ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और शंकराचार्य को लेकर हुए विवाद का भी उल्लेख किया। इन मुद्दों के आधार पर उन्होंने बीजेपी और उसके सहयोगियों पर राजनीतिक हमला बोला। उनके ये बयान उनके राजनीतिक आरोप और दावे हैं।
‘सामाजिक न्याय के आधार पर बनेगा नया भारत’
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय को केंद्र में रखकर ‘बंधुराष्ट्र’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं के लिए सकारात्मक सोच और प्रगतिशील विचारों पर आधारित ‘Neo-India’ की बात कही।
उनके मुताबिक, ऐसे समाज में कमजोर, शोषित, वंचित और उत्पीड़ित वर्गों को समान अवसर मिलना चाहिए और किसी भी वर्ग को भेदभाव का सामना नहीं करना चाहिए।
UPSSSC भर्ती में वेटिंग लिस्ट की मांग
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की भर्तियों में वेटिंग लिस्ट लागू करने की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि यदि चयनित उम्मीदवार किसी कारण से अपनी सीट छोड़ता है तो वेटिंग लिस्ट में शामिल दूसरे अभ्यर्थी को उस पद पर अवसर दिया जा सकता है।
अखिलेश ने कहा कि ऐसी व्यवस्था लागू होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने UPSSSC अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को उचित बताया और कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अभ्यर्थियों के साथ खड़ी है।
बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष ने बेरोजगार युवाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा नौकरी और रोजगार की तलाश में लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, युवाओं की ऊर्जा रोजगार के लिए लगातार मांग उठाने में खर्च हो रही है, जबकि इसे राष्ट्र निर्माण में लगाया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि यदि समाजवादी पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलता है तो UPSSSC की भर्तियों में वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था लागू करने पर काम किया जाएगा। इस मांग को लेकर उनकी ओर से शुक्रवार को बयान जारी किया गया था।
रोजगार और सामाजिक न्याय पर बढ़ेगी राजनीतिक बहस
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार, भर्ती प्रक्रिया, सामाजिक न्याय और PDA जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों के बीच बहस का हिस्सा बन रहे हैं। अखिलेश यादव के ताजा बयानों में बीजेपी सरकार पर लगाए गए आरोपों के साथ-साथ UPSSSC अभ्यर्थियों की वेटिंग लिस्ट की मांग भी प्रमुखता से सामने आई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।


