न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने न केवल अपने सभी संगठनात्मक पदों से बल्कि पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। उनके इस कदम से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
रिपुन बोरा लंबे समय से असम कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती रही है। ऐसे समय में जब राज्य में चुनावी तैयारियां जोर पकड़ रही हैं, उनका इस्तीफा कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से नुकसानदायक माना जा रहा है। पार्टी पहले से ही असम में संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है और अब वरिष्ठ नेता का जाना कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी असर डाल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, बोरा पिछले कुछ समय से पार्टी की अंदरूनी रणनीति और नेतृत्व शैली को लेकर असहज बताए जा रहे थे। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं बताई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में बदलते राजनीतिक समीकरणों और क्षेत्रीय दलों की सक्रियता के बीच यह फैसला आने वाले दिनों में नई सियासी संभावनाओं के संकेत दे सकता है।
यह भी पढ़े:- ICC Men’s T20 World Cup: पाकिस्तान पर जीत के पीछे टीम इंडिया का ‘स्पेशल प्लान’, Axar
असम में सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party पहले से ही मजबूत स्थिति में मानी जा रही है, जबकि कांग्रेस अपने जनाधार को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में रिपुन बोरा का इस्तीफा विपक्षी एकजुटता की कोशिशों को भी प्रभावित कर सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि रिपुन बोरा का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा और क्या वह किसी अन्य दल का दामन थामेंगे या नई राजनीतिक रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे। चुनाव से ठीक पहले आया यह घटनाक्रम असम की सियासत को और दिलचस्प बना गया है।



