न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- किसी भी देश की आर्थिक मजबूती में सोने का बड़ा योगदान होता है। इसी कड़ी में भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। जिले के जोन्नागिरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सोने के भंडार होने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार यहां करीब 50 टन सोना मौजूद हो सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख स्वर्ण उत्पादक राज्यों में शामिल हो सकता है।
राज्य के खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जोन्नागिरी समेत चार संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां खनन गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इनमें रामागिरी, जव्वकुला और चिगुरुकुंटा भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे अधिक स्वर्ण भंडार जोन्नागिरी क्षेत्र में मिलने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि जोन्नागिरी गांव में पहले खनन कार्य के लिए लगभग 1500 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। हालांकि अब तक केवल 500 एकड़ क्षेत्र में ही विस्तृत सर्वेक्षण किया गया है। शुरुआती जांच में इस हिस्से में करीब 13 टन सोना होने का अनुमान लगाया गया था। अब शेष 1000 एकड़ क्षेत्र में भी खोज और परीक्षण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार सोने और अन्य बहुमूल्य धातुओं के खनन के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाता है। खनन और प्रसंस्करण का कार्य आमतौर पर निजी कंपनियों को सौंपा जाता है। अयस्क से सोना निकालने की प्रक्रिया जटिल होती है, जिसमें बड़ी मात्रा में मिट्टी और पत्थर को प्रोसेस किया जाता है। औसतन एक टन खनिज सामग्री से लगभग एक ग्राम सोना प्राप्त होता है।
जानकारों का अनुमान है कि यदि जोन्नागिरी क्षेत्र में 50 टन सोने का भंडार प्रमाणित हो जाता है, तो इसकी अनुमानित कीमत हजारों करोड़ रुपये हो सकती है। इससे राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
वर्तमान समय में देश में मुख्य रूप से कर्नाटक की हुट्टी गोल्ड माइन्स से ही व्यावसायिक स्तर पर सोने का उत्पादन होता है, जहां से प्रतिवर्ष लगभग 1.5 टन सोना निकाला जाता है। दूसरी ओर भारत में हर साल करीब 800 टन सोने की मांग रहती है। ऐसे में आंध्र प्रदेश में संभावित स्वर्ण भंडार की खोज देश की आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार जल्द ही इस परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी में है और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू निकट भविष्य में खनन कार्य का औपचारिक शुभारंभ कर सकते हैं।



