शशि थरूर जैसे लोग कुछ सिखाते क्यों नहीं; राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए Rahul Gandhi पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन में Shashi Tharoor जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, फिर भी कुछ लोग संसदीय मर्यादा नहीं सीखते।

उन्होंने कहा, “इस सदन में शशि थरूर और टी.आर. बालू जैसे सीनियर नेता बैठे हैं, आखिर आप इन्हें कुछ सिखाते क्यों नहीं?”

स्पीकर के पद की गरिमा पर उठाए सवाल

गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना लोकतांत्रिक परंपराओं पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यदि जिस स्पीकर के संरक्षण में सदस्य बोलते हैं, उसी पद पर सवाल उठाए जाएंगे तो सदन का कामकाज प्रभावित होगा।

उन्होंने कहा कि Om Birla के खिलाफ इस तरह का प्रस्ताव लाना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है

भाजपा ने कभी स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाया

अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी ने लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बावजूद कभी भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाई और स्पीकर के पद की गरिमा को बनाए रखा।

सदन में अनुशासन जरूरी

गृह मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है, लेकिन सदन को नियमों के तहत ही चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य खड़े होकर कुछ भी बोलने लगे, तो उसे बैठाने में कोई बुराई नहीं है।

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उन्होंने कहा कि सदन में बोलते समय सदस्य स्पीकर को संबोधित करके ही अपनी बात रखते हैं, यही संसदीय परंपरा है।

नियमों का भी किया जिक्र

अमित शाह ने लोकसभा के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि नियम 374 के तहत स्पीकर अनुशासनहीनता की स्थिति में चेतावनी या निलंबन कर सकते हैं। नियम 375 के तहत गंभीर अव्यवस्था की स्थिति में स्पीकर को सदन स्थगित करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वेल में आकर कागज फाड़ना या स्पीकर की ओर फेंकना संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।

एक्टिविज्म और संसद अलग चीजें

गृह मंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग बाहर आंदोलन या एक्टिविज्म कर सकते हैं, लेकिन संसद में नियमों और मर्यादा के अनुसार ही काम करना होगा

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