न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक चाय की दुकान पर हुई खाद्य विभाग की कार्रवाई ने सियासी रंग ले लिया है। मामला सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे का है, जहां एक स्थानीय दुकानदार की दुकान पर निरीक्षण के बाद विवाद खड़ा हो गया।
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 20 फरवरी को इस चाय की दुकान पर रुककर चाय पी थी। इसके बाद 15 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकान का निरीक्षण किया और चायपत्ती का नमूना जांच के लिए भेज दिया।
इस कार्रवाई के बाद आरोप लगने लगे कि यह कदम अखिलेश यादव को चाय पिलाने की वजह से उठाया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया।
विभाग ने क्या कहा?
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त राजेश दीक्षित ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
उनका कहना है कि यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जो 1 अप्रैल को आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई गई थी। शिकायत में चाय पत्ती में मिलावट की आशंका जताई गई थी।
अधिकारी के अनुसार:
- दुकान का वैध लाइसेंस 2028 तक मान्य है
- विभाग के पास सीधे दुकान सीज करने का अधिकार नहीं है
- उसी दिन अन्य दुकानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया
क्यों गरमाई सियासत?
कार्रवाई के समय और पृष्ठभूमि को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित हो सकती है।
हालांकि प्रशासन लगातार यह स्पष्ट कर रहा है कि जांच पूरी तरह नियमों के तहत और शिकायत के आधार पर की गई है।



