सर्वोदय(लखनऊ):- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास पर कथित तौर पर नकदी मिलने की घटना पर कटाक्ष किया है। मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने कहा, “संभव है कि वह पैसा उधार लिया गया हो। अभी तो केवल कुछ रकम ही सामने आई है। उत्तराखंड में हमने सैकड़ों करोड़ की नकदी जब्त होते देखी है, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह धन किसका था।”
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “इतने पवित्र आयोजन के दौरान जिन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई या जो लोग लापता हुए, उन्हें लेकर सरकार न तो मुआवजा देना चाहती है और न ही गुमशुदा लोगों को ढूंढने की गंभीर कोशिश कर रही है।”
सपा प्रमुख ने सरकार के “डिजिटल महाकुंभ” के दावे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि यदि यह आयोजन वाकई डिजिटल था, तो “ड्रोन और CCTV फुटेज कहां गए? जब लोगों की जान गई या वे खो गए, तो तकनीक का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया?”
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लग गई थी। उस समय वह शहर से बाहर थे। आग बुझाने के दौरान बंगले के भीतर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की बात सामने आई थी, जिसमें से काफी हिस्सा जल चुका था। यह जानकारी जब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो मामला सार्वजनिक हुआ। हालांकि, न्यायमूर्ति वर्मा ने इन आरोपों को निराधार और असत्य बताया है।



