Home Blog Page 93

बिरला को विपक्ष मर्यादा न सिखाए, पहले दिन से ही आसन छोड़ बैठे हैं: अमित शाह

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाना संसदीय परंपराओं के लिए अफसोसनाक घटना है।

शाह ने कहा कि विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवाल उठाया है, जबकि वह पूरे सदन के अभिभावक और सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं।

ओम बिरला की तारीफ भी की

अपने भाषण में अमित शाह ने Om Birla की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपक्ष को उन्हें मर्यादा सिखाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा,“ओम बिरला ऐसे स्पीकर हैं, जो पहले दिन से ही आसन छोड़कर सदन में बैठते हैं। उनकी प्रशंसा की जानी चाहिए।”

शाह ने यह भी कहा कि स्पीकर को संविधान में विशेष संरक्षण इसलिए दिया गया है क्योंकि वह पक्ष और विपक्ष दोनों के स्पीकर होते हैं।

नियमों के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं

गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी सदस्य को सदन में नियमों के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि स्पीकर के फैसले से असहमति हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय स्पीकर का ही होता है
अगर सदन के नियमों का उल्लंघन होता है तो स्पीकर के पास सदस्य को रोकने या बाहर करने का अधिकार भी है।

स्पीकर की निष्ठा पर सवाल उठाना गलत

अमित शाह ने कहा कि जब सदन के मुखिया की निष्ठा पर सवाल उठाए जाते हैं तो इससे दुनिया में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की साख प्रभावित होती है

उन्होंने आरोप लगाया कि बजट सत्र के पिछले चरण में स्पीकर के चैंबर में ऐसा माहौल बना दिया गया था जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई थी।

अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने जिस अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया, उसमें भी कई खामियां थीं। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव पर वर्ष 2026 की जगह 2025 लिखा हुआ था और संकल्प भी सही तरह से संलग्न नहीं किया गया था।

यह भी पढ़े:- गुजरात आ रहे कार्गो जहाज पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मिसाइलों से हमला, जहाज में लगी भीषण आग

शाह ने कहा कि बाद में विपक्ष को इसे वापस लेकर दूसरा नोटिस देना पड़ा, लेकिन उसमें भी नियमों का ठीक से पालन नहीं किया गया।

नियमों से चलेगा सदन

अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि संसद किसी पार्टी के नियमों से नहीं बल्कि संसदीय नियमों से चलेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष नियमों का पालन नहीं करता और बाद में आरोप लगाता है कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता।

गुजरात आ रहे कार्गो जहाज पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मिसाइलों से हमला, जहाज में लगी भीषण आग

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा समुद्री हमला सामने आया है। गुजरात के बंदरगाह की ओर आ रहे एक कार्गो जहाज पर Strait of Hormuz के पास मिसाइलों से हमला किया गया, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई।

बताया गया है कि यह जहाज थाईलैंड का झंडा लिए हुए कार्गो शिप “मयूरी नारी” था, जो Kandla Port के लिए रवाना हुआ था।

UAE से भारत आ रहा था जहाज

जानकारी के अनुसार यह 30,000 डेडवेट-टन का बल्क कैरियर जहाज Khalifa Port से भारत के गुजरात स्थित कांडला पोर्ट की ओर आ रहा था।

स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 4:10 बजे जहाज पर दो प्रोजेक्टाइल (संभावित मिसाइल) दागे गए, जो जहाज के पानी की लाइन के ऊपर लगे। इससे जहाज के पिछले हिस्से और इंजन रूम में विस्फोट हुआ और आग लग गई।

20 क्रू मेंबर बचाए गए

Royal Thai Navy के मुताबिक जहाज पर कुल 23 क्रू मेंबर सवार थे। 20 क्रू मेंबरों को बचा लिया गया उन्हें लाइफबोट के जरिए जहाज छोड़ना पड़ा| Royal Navy of Oman ने उन्हें बचाकर Khasab के तट पर पहुंचाया |बाकी 3 लोगों को निकालने की कोशिश जारी है

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा खतरा

सूत्रों के अनुसार यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान ने क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं।

यह भी पढ़े:- शशि थरूर जैसे लोग कुछ सिखाते क्यों नहीं; राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा तंज

रिपोर्ट के मुताबिक यह जहाज उन तीन जहाजों में से एक था जिन पर होर्मुज स्ट्रेट के पास अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान थाई कार्गो जहाज को हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां कर रही जांच

घटना की जांच जारी है और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस मामले में समन्वय कर रही हैं। UK Maritime Trade Operations और बहरीन स्थित Combined Maritime Forces के साथ मिलकर रेस्क्यू और सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है।

थाई नौसेना ने कहा है कि वह विदेश मंत्रालय और समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर सभी 23 क्रू मेंबरों को सुरक्षित थाईलैंड वापस लाने की कोशिश कर रही है।

शशि थरूर जैसे लोग कुछ सिखाते क्यों नहीं; राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए Rahul Gandhi पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन में Shashi Tharoor जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, फिर भी कुछ लोग संसदीय मर्यादा नहीं सीखते।

उन्होंने कहा, “इस सदन में शशि थरूर और टी.आर. बालू जैसे सीनियर नेता बैठे हैं, आखिर आप इन्हें कुछ सिखाते क्यों नहीं?”

स्पीकर के पद की गरिमा पर उठाए सवाल

गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना लोकतांत्रिक परंपराओं पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यदि जिस स्पीकर के संरक्षण में सदस्य बोलते हैं, उसी पद पर सवाल उठाए जाएंगे तो सदन का कामकाज प्रभावित होगा।

उन्होंने कहा कि Om Birla के खिलाफ इस तरह का प्रस्ताव लाना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है

भाजपा ने कभी स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाया

अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी ने लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बावजूद कभी भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाई और स्पीकर के पद की गरिमा को बनाए रखा।

सदन में अनुशासन जरूरी

गृह मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है, लेकिन सदन को नियमों के तहत ही चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य खड़े होकर कुछ भी बोलने लगे, तो उसे बैठाने में कोई बुराई नहीं है।

यह भी पढ़े:- कौन हैं हरीश राणा? सुप्रीम कोर्ट ने भारत में पहली बार दी इच्छा मृत्यु की इजाजत

उन्होंने कहा कि सदन में बोलते समय सदस्य स्पीकर को संबोधित करके ही अपनी बात रखते हैं, यही संसदीय परंपरा है।

नियमों का भी किया जिक्र

अमित शाह ने लोकसभा के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि नियम 374 के तहत स्पीकर अनुशासनहीनता की स्थिति में चेतावनी या निलंबन कर सकते हैं। नियम 375 के तहत गंभीर अव्यवस्था की स्थिति में स्पीकर को सदन स्थगित करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वेल में आकर कागज फाड़ना या स्पीकर की ओर फेंकना संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।

एक्टिविज्म और संसद अलग चीजें

गृह मंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग बाहर आंदोलन या एक्टिविज्म कर सकते हैं, लेकिन संसद में नियमों और मर्यादा के अनुसार ही काम करना होगा

कौन हैं हरीश राणा? सुप्रीम कोर्ट ने भारत में पहली बार दी इच्छा मृत्यु की इजाजत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत में इच्छा मृत्यु को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। Supreme Court of India ने 32 वर्षीय हरीश राणा को पैसिव यूथेनेशिया (इच्छा मृत्यु) की अनुमति दे दी है। यह फैसला न्यायमूर्ति J. B. Pardiwala और न्यायमूर्ति K. V. Viswanathan की पीठ ने सुनाया।

अदालत ने आदेश दिया कि All India Institute of Medical Sciences (एम्स), नई दिल्ली में हरीश राणा को भर्ती कर लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

कौन हैं हरीश राणा?

हरीश राणा मूल रूप से Ghaziabad के रहने वाले हैं। वर्ष 2013 में वे Panjab University में पढ़ाई कर रहे थे।

इसी दौरान वे एक पेइंग गेस्ट हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर ब्रेन इंजरी हो गई। इसके बाद उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई और वे परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट (Permanent Vegetative State) में चले गए।

13 साल से लाइफ सपोर्ट पर थे

दुर्घटना के बाद से हरीश राणा क्वाड्रिप्लेजिया (चारों अंगों का लकवा) से पीड़ित हैं। पिछले 13 वर्षों से वे पूरी तरह चिकित्सा उपकरणों पर निर्भर थे। सांस लेने के लिए ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब,भोजन के लिए गैस्ट्रोजेजुनोस्टॉमी ट्यूब इसके अलावा दैनिक देखभाल के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर है | डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार इतने वर्षों में उनकी स्थिति में किसी भी प्रकार का सुधार नहीं हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मानवीय गरिमा को सबसे महत्वपूर्ण बताया। अदालत ने कहा कि जब किसी व्यक्ति का जीवन केवल कृत्रिम चिकित्सा उपकरणों से चल रहा हो और सुधार की कोई उम्मीद न हो, तो उस व्यक्ति को गरिमा के साथ मृत्यु चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।

यह भी पढ़े:- यूपी के शहरों में सस्ते मकान मिलेंगे, योगी कैबिनेट में फैसला

अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में लाइफ सपोर्ट हटाना व्यक्ति की गरिमा के अधिकार का हिस्सा हो सकता है

क्या होता है पैसिव यूथेनेशिया

कानूनी भाषा में पैसिव यूथेनेशिया का मतलब है मरीज को दिए जा रहे इलाज या लाइफ सपोर्ट सिस्टम को रोक देना या हटा लेना |ताकि प्राकृतिक रूप से मृत्यु हो सके| यह एक्टिव यूथेनेशिया से अलग है, जिसमें किसी व्यक्ति को जानबूझकर दवा या इंजेक्शन देकर मृत्यु दी जाती है। भारत में एक्टिव यूथेनेशिया अभी भी प्रतिबंधित है।

अयोध्या में 55वां राज्यस्तरीय विराट दंगल सम्पन्न, 100 से अधिक कुश्तियाँ हुईं

अयोध्या /सर्वोदय न्यूज़:- राम नगरी अयोध्या में बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर मंगलवार को श्याम क्लब मैदान, अशर्फी भवन चौराहा (कटरा जूनियर हाईस्कूल) में 55वें राज्यस्तरीय विराट दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इस पारंपरिक दंगल में छोटी-बड़ी मिलाकर 100 से अधिक कुश्तियाँ कराई गईं, जिनमें 56 बड़ी कुश्तियाँ विशेष आकर्षण रहीं।

देश के विभिन्न जिलों और प्रदेशों से पहुंचे नामी पहलवानों ने अपने दमदार दांव-पेंच दिखाए और अखाड़े में रोमांचक मुकाबलों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

बृज भूषण शरण सिंह ने किया उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन Brij Bhushan Sharan Singh ने किया। उन्होंने अखाड़े में पहुंचकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि भारतीय पारंपरिक कुश्ती की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है

दंगल में कई प्रमुख मुकाबलों में पहलवानों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली।

लाखों रुपये की इनामी कुश्तियाँ

दंगल में विजेता पहलवानों को आकर्षक पुरस्कार राशि भी दी गई।

  • मुख्य कुश्ती: ₹1,51,000 की इनामी कुश्ती
  • Ritesh Pehalwan ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹1,21,000 की कुश्ती जीती
  • Rameshwar Yadav भी दंगल के विशेष आकर्षण रहे

संत-महंत और गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस आयोजन में कई संत-महंत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजेश महाराज, मामा दास, शशिकांत दास, मनीष दास और संजय दास सहित कई संत-महंतों ने पहुंचकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया।

वर्षों पुरानी परंपरा

दंगल के आयोजक बाबा धनश्यामदास पहलवान ने बताया कि बुढ़वा मंगल के अवसर पर हर वर्ष इस विराट दंगल का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से पहलवान भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आने वाले समय में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा।

यह भी पढ़े:यूपी के शहरों में सस्ते मकान मिलेंगे, योगी कैबिनेट में फैसला

पूरे दिन चले मुकाबलों में बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे और दर्शकों ने पहलवानों का जोरदार उत्साहवर्धन किया।

आयोजन में इनकी रही अहम भूमिका

कार्यक्रम की तैयारियां प्रियेश दास ने संभाली, जबकि आयोजन का संयोजन प्रिंस वर्मा ने किया। इस अवसर पर दद्दू पाण्डेय और राजेश महाराज सहित कई स्थानीय गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

यूपी के शहरों में सस्ते मकान मिलेंगे, योगी कैबिनेट में फैसला

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज:- उत्तर प्रदेश में शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना अब आसान हो सकता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0 को मंजूरी दे दी है।

इस योजना के तहत शहरों में ईडब्ल्यूएस (EWS), एलआईजी (LIG) और मिनी एमआईजी (MIG) श्रेणी के किफायती मकान बनाए जाएंगे, जिनकी कीमत बाजार दर से कम होगी। इन मकानों का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा।

30 वर्ग मीटर में बनेंगे छोटे मकान

नई योजना के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान करीब 30 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाए जाएंगे। इन मकानों की अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपये रखी गई है।

इससे बड़े मकानों की कीमत Real Estate Regulatory Authority (RERA) की अनुमति के आधार पर तय की जाएगी।

बिल्डरों को भी मिलेगी छूट

सरकार ने इस योजना को बढ़ावा देने के लिए बिल्डरों को कई तरह की रियायतें देने का फैसला किया है। भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट, मानचित्र स्वीकृति शुल्क में राहत एवं बाह्य विकास शुल्क में छूट और एफएआर (Floor Area Ratio) में राहत मिलेगा| डेवलपर्स बड़े मकानों के साथ छोटे किफायती मकान भी बना सकेंगे। इन परियोजनाओं में विकास प्राधिकरण और निजी बिल्डर मिलकर निर्माण करेंगे

मकान खरीदने वालों को मिलेगी सब्सिडी

योजना के तहत गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को आर्थिक मदद भी दी जाएगी। केंद्र सरकार का हिस्सा: ₹1.50 लाख इसके अलावा राज्य सरकार का हिस्सा: ₹1 लाख, इस तरह पात्र परिवारों को कुल ₹2.5 लाख की सब्सिडी मिल सकेगी, जिससे घर की कीमत और कम हो जाएगी।

किराये पर भी मिलेंगे किफायती मकान

इस योजना में किफायती किराया आवास (Affordable Rental Housing) का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत:

  • शहरी गरीब
  • कामकाजी महिलाएं
  • उद्योगों और संस्थानों के कर्मचारी
  • ईडब्ल्यूएस और एलआईजी परिवार

इनके लिए निजी और सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा मकान बनाकर किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कांशीराम आवास को लेकर भी बड़ा फैसला

कैबिनेट बैठक में Kanshiram Awas Yojana को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। वित्त मंत्री Suresh Khanna ने बताया कि प्रदेश में कई कांशीराम आवासों पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिली हैं। ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें खाली कराया जाएगा और मरम्मत व रंगाई-पुताई के बाद पात्र दलित परिवारों को दोबारा आवंटित किया जाएगा

Aaj Ka Rashifal 11 March: इन 5 राशियों का दिन रहेगा खास, होगा लाभ; पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 11 March: ग्रहों की चाल के अनुसार आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में, चंद्रमा नीच के होकर वृश्चिक राशि में, सूर्य, बुध, मंगल और राहु कुंभ राशि में तथा शुक्र और शनि मीन राशि के गोचर में हैं। ग्रहों की स्थिति अभी भी बहुत अच्छी नहीं है। मध्यम योग बना हुआ है, जो जनमानस के लिए अच्छा नहीं माना जाएगा।

ग्रहों की स्थिति पूरी तरह अनुकूल नहीं है, लेकिन कुछ राशियों के लिए लाभ के संकेत भी मिल रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का राशिफल।

मेष राशि

आज का समय थोड़ा सावधानी बरतने वाला है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें और वाहन सावधानी से चलाएं। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापारिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी।
उपाय: सूर्य को जल दें और काली वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

दिन अपेक्षाकृत अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर रहेगा और नौकरी में भी स्थिति ठीक दिख रही है। हालांकि प्रेम संबंधों में हल्का तनाव संभव है। व्यापार सामान्य रहेगा।
उपाय: शनिदेव को प्रणाम करें।

मिथुन राशि

स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। विरोधी सक्रिय रह सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें। भाग्य के भरोसे काम न करें और सोच-समझकर निर्णय लें।
उपाय: काली जी को प्रणाम करें।

कर्क राशि

भावनाओं में आकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। प्रेम संबंधों में मतभेद हो सकते हैं और मानसिक तनाव भी बना रह सकता है। व्यापारिक मामलों में भी सावधानी जरूरी है।
उपाय: काली वस्तु का दान करें और बजरंगबली को प्रणाम करें।

सिंह राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। हालांकि घरेलू विवाद और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से सतर्क रहें। व्यापार सामान्य रहेगा।
उपाय: नीली वस्तु का दान करें।

कन्या राशि

आज आपका पराक्रम बढ़ेगा और विरोधियों पर दबदबा बना रहेगा। हालांकि जीवन में थोड़ी अव्यवस्था महसूस हो सकती है। प्रेम और व्यापार की स्थिति ठीक है।
उपाय: नीली वस्तु पास रखें।

तुला राशि

धन आगमन के संकेत हैं और परिवार में वृद्धि हो सकती है। हालांकि मानसिक तनाव और बच्चों को लेकर चिंता बनी रह सकती है। विद्यार्थियों को असमंजस का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: शनिदेव को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि

जीवन में जरूरी चीजें उपलब्ध होंगी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहेगा। हालांकि घरेलू मामलों को धैर्य से सुलझाना होगा। संपत्ति से जुड़ा विवाद संभव है।
उपाय: शांत रहकर निर्णय लें।

धनु राशि

मानसिक चिंता, अनावश्यक खर्च और सिर दर्द जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम रहेगी। व्यापार भी सामान्य रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

धन आगमन के संकेत हैं और पुराने पैसे भी वापस मिल सकते हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं और शुभ समाचार मिल सकता है। फिलहाल निवेश करने से बचें।
उपाय: हरी वस्तु पास रखें और वाणी पर संयम रखें।

कुंभ राशि

कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता के संकेत हैं और व्यापार में लाभ हो सकता है। हालांकि मानसिक और शारीरिक थकान महसूस हो सकती है।
उपाय: गणेश जी को प्रणाम करें।

मीन राशि

भाग्य का साथ मिलेगा और यात्रा के योग बन सकते हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। हालांकि स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।
उपाय: नीली वस्तु का दान करें और शिवजी का जलाभिषेक करें।

उड़ान विवाद के बाद इंडिगो में बड़ा बदलाव, CEO पीटर एल्बर्स ने दिया इस्तीफा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo में बड़ा प्रबंधन बदलाव देखने को मिला है। कंपनी के सीईओ Pieter Elbers ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब एयरलाइन पिछले कुछ महीनों से उड़ान रद्द होने के विवाद और नियामकीय कार्रवाई के कारण चर्चा में रही है।

बताया जा रहा है कि करीब ढाई महीने पहले इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ान सेवाएं रद्द किए जाने के बाद कंपनी पर काफी दबाव बना हुआ था।

सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से फंसे थे यात्री

दिसंबर के शुरुआती सप्ताह में इंडिगो ने सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी थीं। इसका कारण पायलटों के लिए लागू किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को समय पर लागू करने में कंपनी की तैयारी का अभाव बताया गया था।

इन उड़ानों के रद्द होने से देशभर में हजारों यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइन के संचालन पर गंभीर सवाल उठे।

DGCA ने लगाया था भारी जुर्माना

उड़ान व्यवधानों के बाद विमानन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था।

जांच रिपोर्ट के आधार पर डीजीसीए ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स समेत दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।

साथ ही एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश भी दिया गया था। इसके अलावा इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम को भी कुछ समय के लिए 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया था।

CCI ने भी शुरू कराई जांच

इसी बीच Competition Commission of India (CCI) ने भी इंडिगो के खिलाफ नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर जांच के आदेश दिए। आयोग ने अपने महानिदेशक को मामले की जांच कर 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

कंपनी के मुनाफे में आई भारी गिरावट

कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भी इस विवाद का असर दिखाई दिया है। इंडिगो की मूल कंपनी InterGlobe Aviation का मुनाफा चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर–दिसंबर तिमाही में 78 प्रतिशत घटकर 549.1 करोड़ रुपये रह गया।

यह भी पढ़े:- क्या 2027 यूपी चुनाव से लागू होगा 33% महिला आरक्षण? सरकार कानून में बदलाव की तैयारी में

पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 2,448.8 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। हालांकि कुल आय बढ़कर 24,540.6 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 22,992.8 करोड़ रुपये थी।

शेयर में दिखी तेजी

मंगलवार को इंडिगो के शेयर में तेजी देखने को मिली। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन कंपनी का शेयर 3.46 प्रतिशत बढ़कर 4,382.45 रुपये पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 4,475.25 रुपये तक गया।

अब सीईओ के इस्तीफे के बाद निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयर पर रहेगी।

क्या 2027 यूपी चुनाव से लागू होगा 33% महिला आरक्षण? सरकार कानून में बदलाव की तैयारी में

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने वाले कानून को लेकर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार अब Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023 में संशोधन कर इसे जल्द लागू करने पर विचार कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार चाहती है कि यह आरक्षण 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से ही लागू कर दिया जाए। इसमें विशेष रूप से Uttar Pradesh और Uttarakhand के चुनाव शामिल हो सकते हैं। इनके साथ ही Punjab और Goa के विधानसभा चुनाव भी इसी समय होने की संभावना है।

पहले जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होना था कानून

महिला आरक्षण कानून 2023 में पारित किया गया था। उस समय प्रावधान रखा गया था कि इसे जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाएगा।

हालांकि जनगणना में देरी और परिसीमन प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए माना जा रहा है कि इस कानून को लागू होने में काफी देर हो सकती है। इसलिए सरकार अब इसे जल्दी लागू करने के लिए संशोधन लाने पर विचार कर रही है।

विपक्ष से भी मांगी जा रही राय

रिपोर्ट के अनुसार, इस मुद्दे पर सरकार विपक्ष से भी बातचीत कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इस विषय पर Mallikarjun Kharge से संपर्क किया है और उनकी राय लेने की कोशिश की है।

सरकार चाहती है कि इस संशोधन विधेयक को मौजूदा बजट सत्र में ही पेश किया जाए, जो 2 अप्रैल तक चलने वाला है

सीटों का आरक्षण लॉटरी सिस्टम से हो सकता है तय

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि 2027 के चुनावों से यह व्यवस्था लागू की जाती है तो महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का चयन लॉटरी सिस्टम से किया जा सकता है

यह भी पढ़े:- ईरान की ट्रंप को खुली धमकी,अलर्ट रहें, कहीं आप खुद ही खत्म न हो जाएं!

दरअसल कई विपक्षी दल पहले से ही मांग कर रहे थे कि महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाए। उनका कहना था कि यदि इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया गया तो इसे लागू होने में कई साल लग सकते हैं।

पहले भी उठी थी जल्द लागू करने की मांग

Indian National Congress समेत कई विपक्षी दलों के अलावा Dravida Munnetra Kazhagam और All India Trinamool Congress ने भी मांग की थी कि महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू किया जाए।

गौरतलब है कि यह कानून सितंबर 2023 में संसद से पारित हुआ था और इसके तहत संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।

ईरान की ट्रंप को खुली धमकी,अलर्ट रहें, कहीं आप खुद ही खत्म न हो जाएं!

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran और United States के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। एक शीर्ष ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें सतर्क रहना चाहिए, नहीं तो हालात ऐसे बन सकते हैं कि वे खुद ही खत्म हो जाएं।

समाचार एजेंसी Associated Press के अनुसार यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और Israel की ओर से ईरान के ठिकानों पर हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

ट्रंप की चेतावनी: तेल सप्लाई रोकी तो हमला होगा और तेज

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो संघर्ष और तेज हो सकता है।

ट्रंप ने फ्लोरिडा के मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में रिपब्लिकन सांसदों से कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में “खतरनाक ताकतों को खत्म करने” के उद्देश्य से मौजूद है और उम्मीद है कि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो जाएगा।

बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि ईरान Strait of Hormuz में तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिश करता है तो अमेरिका अब तक की तुलना में 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।

ईरान के विदेश मंत्री का अमेरिका पर आरोप

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव “कड़वा” रहा है और अब उसके साथ नई कूटनीतिक वार्ता की संभावना बेहद कम है।

यह भी पढ़े:LPG संकट टला? सरकार का दावा—रिफाइनरियों ने 10% बढ़ाया उत्पादन, सप्लाई सामान्य

एक इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने कई बार भरोसा तोड़ा और सैन्य आक्रामकता दिखाई। अराघची का दावा है कि ईरान ने पिछले साल अच्छे इरादों के साथ बातचीत शुरू की थी, लेकिन बातचीत के दौरान ही उस पर हमला कर दिया गया।

“ईरान आत्मरक्षा में कर रहा कार्रवाई”

ईरान ने यह भी कहा है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमले आत्मरक्षा के अधिकार के तहत हैं।

ईरानी नेतृत्व का कहना है कि यह युद्ध उसने नहीं चुना, बल्कि उस पर थोपा गया है और देश केवल अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

ईरान ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर वह मिसाइल हमले जारी रखने के लिए तैयार है और उसकी पहली प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा है।