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मणिपुर में फिर बवाल, 2 बच्चों की मौत के बाद भड़की हिंसा, 5 जिलों में इंटरनेट बंद

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। बिष्णुपुर जिले में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटना के बाद व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को फायरिंग करनी पड़ी।

हमले में दो बच्चों की मौत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात एक घर पर विस्फोटक हमला किया गया। इस हमले में एक 5 वर्षीय बच्चे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। धमाका इतना तेज था कि घर का एक हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया।

विरोध प्रदर्शन और आगजनी

घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी और वाहनों को निशाना बनाया। पेट्रोल पंप के पास टैंकरों और ट्रक में आगजनी की गई। मोइरांग थाने के बाहर भी टायर जलाकर विरोध जताया गया।

पुलिस फायरिंग, कई घायल

स्थिति बेकाबू होते देख सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर हालात को काबू में लाया गया, हालांकि तनाव अभी भी बना हुआ है।

5 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने Imphal West, Imphal East, Thoubal, Kakching और बिष्णुपुर समेत पांच जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

मुख्यमंत्री ने की कड़ी निंदा

मुख्यमंत्री N. Biren Singh ने इस हमले को “बर्बर और मानवता पर सीधा हमला” बताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने घायल महिला से मुलाकात कर अधिकारियों को बेहतर इलाज और हर संभव सहायता देने के निर्देश भी दिए।

UP Cabinet Decisions: शिक्षामित्रों का मानदेय दोगुना, 25 लाख छात्रों को टैबलेट

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनहित और विकास से जुड़े सभी 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इस बैठक के कई फैसले सीधे तौर पर युवाओं, शिक्षामित्रों और आम नागरिकों को राहत देने वाले हैं।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत

लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। कैबिनेट ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह करने का फैसला लिया है। वहीं अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ भुगतान 1 अप्रैल से लागू होगा और मई के वेतन में जोड़ा जाएगा। इस निर्णय से करीब 2 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

25 लाख युवाओं को मिलेंगे टैबलेट

राज्य सरकार ने ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत 2026-27 में 25 लाख छात्रों को टैबलेट देने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए खरीद प्रक्रिया और शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया है, जिससे डिजिटल शिक्षा को और बढ़ावा मिलेगा।

विस्थापित परिवारों को मालिकाना हक

कैबिनेट ने विभाजन के समय आए विस्थापितों और CAA के तहत पात्र परिवारों को उनकी कब्जे वाली जमीन पर ‘भूमिधर’ अधिकार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश रेवेन्यू कोड 2006 में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे रामपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बिजनौर के हजारों परिवार लाभान्वित होंगे।

परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार

पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी मिली है। इन बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं के साथ एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा कई जिलों में नए बस स्टेशन और डिपो बनाने के लिए जमीन भी हस्तांतरित की जाएगी।
साथ ही कन्नौज और कुशीनगर में प्रमुख नदियों पर पुल निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिससे यात्रा दूरी में 40–50 किलोमीटर तक की कमी आएगी।

निवेश और रोजगार को बढ़ावा

औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत आठ निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इससे प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

* गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना
* आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत स्मारकों का सुंदरीकरण
* शाहजहांपुर में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को मंजूरी
* ग्रेटर नोएडा में निजी ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना
* बलिया में नए मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि हस्तांतरण
* कानपुर देहात में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था

इन सभी फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए व्यापक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।

नोएडा प्राधिकरण का ₹10,290 करोड़ का बजट पास, अटके प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार,नई स्कीमों को मंजूरी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास को लेकर कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की, जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

₹10,290 करोड़ का बजट, खर्च का लक्ष्य ₹10,004 करोड़

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राधिकरण ने ₹10,290 करोड़ की आय और ₹10,004 करोड़ के व्यय का लक्ष्य तय किया है। पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) में तय लक्ष्य के मुकाबले कम आय को देखते हुए इस बार बजट को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है।

अटकी हाउसिंग परियोजनाओं को मिलेगी गति

नोएडा के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर हजारों होमबायर्स को राहत देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। नीतिगत फैसलों के बाद लंबे समय से अटकी 57 में से 36 हाउसिंग परियोजनाओं में काम तेज होने की उम्मीद है।

साथ ही, बकाया विवादों को सुलझाने के लिए OTS (वन टाइम सेटलमेंट) योजना-2026 को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, जिसे शासन की अंतिम अनुमति के बाद लागू किया जाएगा।

स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को नई दिशा

Sector 150 Noida स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के संशोधित लेआउट प्लान को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मंजूरी दे दी गई है। इससे वर्षों से पजेशन का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बिल भुगतान पर राहत और नई स्कीमें

  • पानी के बकाया बिल पर 20% से 40% तक ब्याज छूट के साथ 3 महीने की एमनेस्टी स्कीम लागू होगी (16 अप्रैल–15 जुलाई 2026)।
  • आवासीय और औद्योगिक प्लॉट्स में “मिश्रित उपयोग” (Mixed Use) की अनुमति दी गई है।
  • 12 साल से अधूरे निर्माण वाले प्लॉट धारकों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

सुरक्षा और पर्यावरण पर फोकस

शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फायर विभाग को करीब ₹154 करोड़ का बजट दिया गया है, जिससे आपदा प्रबंधन के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।

साथ ही, रोजाना निकलने वाले करीब 100 टन ग्रीन वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की योजना भी बनाई गई है।

दलित प्रेरणा स्थल के लिए बड़ा बजट

Rashtriya Dalit Prerna Sthal और ग्रीन गार्डन के रखरखाव और मरम्मत के लिए ₹107.77 करोड़ खर्च करने को मंजूरी दी गई है।

यूपी पंचायत चुनाव विधानसभा के बाद होंगे, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का बड़ा बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष Sanjay Nishad ने पहली बार साफ तौर पर कहा है कि राज्य में पंचायत चुनाव अब 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जाने की संभावना है।

इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है, खासकर उन नेताओं और उम्मीदवारों के बीच जो पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे थे।

चुनाव टलने के पीछे क्या वजह?

संजय निषाद ने बताया कि पंचायत चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया है और फिलहाल मामला Allahabad High Court में विचाराधीन है। जब तक आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक चुनाव कराना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग और महिलाओं के आरक्षण को लेकर गणना और व्यवस्था अभी बाकी है। ऐसे में बिना आरक्षण तय किए चुनाव कराना कानूनी रूप से संभव नहीं होगा।

‘पार्टी में बढ़ सकती है अंदरूनी कलह’

मंत्री ने एक अहम राजनीतिक कारण का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, अगर विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होते हैं, तो पार्टियों के भीतर ही टकराव बढ़ सकता है।

यह भी पढ़े:- नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने लॉन्च की नई पार्टी, रखा है यह नाम?

संजय निषाद ने कहा कि पंचायत चुनाव में एक ही पार्टी के कई उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं। ऐसे में जो जीतता है, उसे पार्टी स्वीकार कर लेती है, लेकिन बाकी उम्मीदवार नाराज हो जाते हैं। इससे गुटबाजी बढ़ती है और इसका असर विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है।

Om Prakash Rajbhar के भी बदले सुर

इस मुद्दे पर अब पंचायती राज मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर के रुख में भी बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां वे समय पर चुनाव कराने की बात कर रहे थे, अब उन्होंने भी कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की बात कही है।

विपक्ष में भी हलचल

इस बयान के बाद विपक्षी दलों में भी रणनीतिक हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सरकार पंचायत चुनाव टालकर पूरी ताकत 2027 के विधानसभा चुनाव पर केंद्रित करना चाहती है।

हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय संभावित उम्मीदवारों के लिए यह खबर बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि वे लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे थे।

नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने लॉन्च की नई पार्टी, रखा है यह नाम?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पंजाब की सियासत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस से निष्कासन के बाद Navjot Kaur Sidhu ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च कर दी है। उन्होंने पार्टी का नाम भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (BRP) रखा है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब राज्य में विधानसभा चुनाव में करीब एक साल का समय बचा है।

नवजोत कौर सिद्धू, जो पूर्व क्रिकेटर और नेता Navjot Singh Sidhu की पत्नी हैं, ने सोशल मीडिया के जरिए इस नई शुरुआत का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य देश और खासकर पंजाब के लोगों के लिए काम करना है और उन्हें उनका हक दिलाना है।

नई राजनीति का दावा

सिद्धू ने अपने संदेश में लिखा कि यह कदम लंबे समय से किए जा रहे विचार-विमर्श के बाद उठाया गया है। उन्होंने कहा कि देशभर में समान सोच रखने वाले लोगों को साथ लाकर एक नया राजनीतिक विकल्प तैयार किया गया है, जो न्याय, शांति और लोगों के अधिकारों के लिए काम करेगा।

पंजाब को ‘गोल्डन स्टेट’ बनाने का वादा

नवजोत कौर ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब को उसका खोया हुआ गौरव वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘गोल्डन पंजाब’ की परिकल्पना पेश करते हुए कहा कि राज्य में प्रेम, भाईचारा, न्याय और आजादी को मजबूत किया जाएगा।

क्या बीजेपी को चुनौती दे पाएगी BRP?

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, BRP की एंट्री से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो सकती है। फिलहाल राज्य में Aam Aadmi Party की सरकार है, जबकि Indian National Congress मुख्य विपक्षी दल है। वहीं Bharatiya Janata Party भी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

विवादों के बाद लिया फैसला

गौरतलब है कि नवजोत कौर सिद्धू ने पहले आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग की जाती है। इसके बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

बाद में उन्होंने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व, खासकर Amrinder Singh Warring पर भी कई आरोप लगाए। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Bhupesh Baghel ने भी उनके निष्कासन की पुष्टि की थी।

Aaj Ka Rashifal 7 April 2026: जानिए सभी 12 राशियों का हाल, किसे होगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

Aaj Ka Rashifal 7 April 2026: 7 अप्रैल के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए उतार-चढ़ाव भरी रहने वाली है। इस समय शुक्र मेष राशि में, गुरु मिथुन में, केतु सिंह में और चंद्रमा वृश्चिक राशि के ज्येष्ठा नक्षत्र में स्थित हैं। वहीं बुध और राहु कुंभ राशि में तथा सूर्य, मंगल और शनि मीन राशि में मौजूद हैं। इन ग्रह स्थितियों के कारण कुछ राशियों के लिए समय अनुकूल रहेगा तो कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है। निर्णय लेने में कठिनाई आएगी और प्रेम-संबंधों में दूरी महसूस हो सकती है। कारोबार सामान्य रहेगा। सूर्य को जल अर्पित करना लाभकारी होगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में स्थिति अच्छी रहेगी। हालांकि ऊर्जा में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है।

मिथुन राशि

स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, खासकर त्वचा और नसों से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। प्रेम और संतान पक्ष से राहत मिलेगी। व्यापार अच्छा रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। मानसिक तनाव रह सकता है और प्रेम संबंधों में अस्थिरता दिखेगी। कारोबार मध्यम रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं, लेकिन पारिवारिक विवाद हो सकते हैं। प्रेम और व्यापार में स्थिति अच्छी रहेगी।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के पराक्रम में वृद्धि होगी और करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। हालांकि दांपत्य जीवन में तनाव संभव है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों को वाणी पर नियंत्रण रखने की सलाह है। निवेश में नुकसान हो सकता है। परिवार में तनाव की स्थिति बन सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों का भाग्य साथ देगा। आकर्षण बढ़ेगा और कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा और व्यापार अच्छा चलेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को मानसिक तनाव और चिंता का सामना करना पड़ सकता है। खर्च बढ़ेंगे और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। व्यापार सामान्य रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए दिन शुभ रहेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और शुभ समाचार मिल सकता है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और कोर्ट-कचहरी के मामलों में जीत मिल सकती है। हालांकि मानसिक अस्थिरता बनी रह सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों का भाग्य साथ देगा। यात्रा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है।

तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस: 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा, अदालत ने कहा—दिल दहला देने वाला मामला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :- तमिलनाडु में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत के चर्चित मामले में मदुरई की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी पाए गए 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा दी है। इन आरोपियों में इंस्पेक्टर श्रीधर भी शामिल हैं, जिन पर अदालत ने 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कुल 10 पुलिसकर्मियों पर आरोप तय हुए थे, जिनमें से एक की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। शेष सभी 9 आरोपियों को हाल ही में दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने इस घटना को बेहद क्रूर बताते हुए कहा कि पिता और बेटे को प्रतिशोध की भावना से निर्वस्त्र कर बर्बर तरीके से पीटा गया, जिसकी जानकारी पढ़ते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

सत्ता के दुरुपयोग पर सख्त टिप्पणी

फैसले में अदालत ने यह भी कहा कि यदि न्यायिक निगरानी नहीं होती तो सच्चाई सामने नहीं आ पाती। कोर्ट ने इसे एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर देने वाला मामला बताते हुए इसे सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण बताया। साथ ही कहा कि सरकारी वेतन पाने वाले अधिकारी अपने कृत्यों के लिए तनाव को बहाना नहीं बना सकते।

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि इस केस में सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य के रूप में सामने आए, जबकि ऐसे मामलों में आमतौर पर ऐसा देखने को नहीं मिलता। कोर्ट ने यह भी कहा कि भले ही राज्य में कई ईमानदार पुलिसकर्मी हैं, लेकिन ऐसे मामलों में सिर्फ उम्रकैद की सजा पुलिस तंत्र में पर्याप्त भय पैदा नहीं कर सकती।

क्या था पूरा मामला

यह घटना वर्ष 2020 में तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के सथानकुलम की है। आरोप है कि पुलिस ने 19 जून 2020 को पी. जेयराज को कोविड-19 कर्फ्यू उल्लंघन के आरोप में उनकी दुकान से हिरासत में लिया था। जब उनके बेटे बेनिक्स ने थाने पहुंचकर पिता की रिहाई की मांग की, तो विवाद बढ़ गया।

इसके बाद पुलिस ने दोनों को थाने में रातभर कथित रूप से प्रताड़ित किया। अगले दिन उन्हें बिना उचित चिकित्सा के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेल में उनकी हालत बिगड़ती गई और 22 जून को बेनिक्स की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि 23 जून को जेयराज ने भी दम तोड़ दिया।

मामले में पहले स्थानीय स्तर पर जांच शुरू हुई, जिसे बाद में सीबी-सीआईडी और फिर सीबीआई को सौंपा गया। एक आरोपी पुलिस अधिकारी की कोविड-19 से मृत्यु हो चुकी है, जबकि बाकी 9 के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जिन पर अब अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया है।

UP के पत्रकारों को मिलेगा कैशलेस इलाज, CM योगी का बड़ा ऐलान; मान्यता प्रक्रिया भी होगी मजबूत

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही उन्होंने पत्रकारों को पहचान पत्र और प्रमाणित मान्यता देने पर भी जोर दिया, ताकि असली और फर्जी पत्रकारों के बीच स्पष्ट अंतर हो सके।

मुख्यमंत्री गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज उठाते हैं, लेकिन जब वे खुद किसी परेशानी में होते हैं तो उनकी मदद के लिए बहुत कम लोग सामने आते हैं। ऐसे में उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।

मान्यता और आई-कार्ड पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि सभी योग्य पत्रकारों को मान्यता प्रमाणपत्र और आई-कार्ड दिया जाना जरूरी है, जिससे उन्हें कार्य के दौरान पहचान संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इससे सरकार को भी उन्हें योजनाओं का लाभ देने में आसानी होगी।

गोरखपुर में बना मॉडल

उन्होंने बताया कि गोरखपुर में प्रेस क्लब के माध्यम से पत्रकारों को जोड़ने और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक बेहतर व्यवस्था तैयार की गई है, जिसे आगे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है।

मीडिया के सभी स्वरूपों में समन्वय जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पत्रकारिता के कई रूप—प्रिंट, टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया—मौजूद हैं। इन सभी के बीच तालमेल होना बेहद जरूरी है। यदि एक ही खबर अलग-अलग तरीके से पेश की जाएगी तो इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा होगी और मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।

पत्रकारिता को मूल्यों से जोड़ने की अपील

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पत्रकारिता को अपने मूल्यों और आदर्शों से भटकने नहीं देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ लोग समाज में भ्रम फैलाने का काम करते हैं, ऐसे तत्वों से मीडिया को दूर रहना चाहिए।

आलोचना को स्वीकारने की सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना स्वाभाविक है और इसे व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं समझना चाहिए। संवाद के जरिए ही लोकतंत्र मजबूत होता है।

200 साल की पत्रकारिता पर भी बोले

उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत जुगुल किशोर शुक्ल ने 30 मई 1826 को ‘उदंत मार्तण्ड’ के प्रकाशन से की थी। यह परंपरा आज भी समाज और राष्ट्र सेवा के मूल उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रही है।

कार्यक्रम में नई टीम ने ली शपथ

कार्यक्रम में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई गई। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और पत्रकार बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

वाराणसी में नाव पर बीयर पार्टी का वीडियो वायरल, डीजे पर डांस करते दिखे लोग; अब पुलिस लेगी ऐक्शन

वाराणसी: वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर पार्टी करने का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग नाव पर बैठकर बीयर पार्टी करते और डीजे की धुन पर डांस करते नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि गंगा में कई नावें एक साथ चल रही हैं, जिनमें से एक नाव पर तेज आवाज में गाने बजाए जा रहे हैं और लोग नाचते दिख रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो कब और कहां का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस ने लिया संज्ञान

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सहायक पुलिस आयुक्त डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

धार्मिक कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा मामला

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो उस दौरान का हो सकता है जब नाविक समाज द्वारा अदलपुरा स्थित शीतला धाम में पारंपरिक बधावा ले जाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग नावों और बजरों के साथ गंगा में निकलते हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

माँ गंगा निषादराज सेवा न्यास ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह कृत्य समाज की परंपराओं के खिलाफ है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

इससे पहले भी वाराणसी में नाव पर इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें गंगा में खाना फेंकने को लेकर विवाद हुआ था। उस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

वहीं, बदायूं से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां नाव पर शराब पीने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था।

‘IIT वाले बाबा’ अभय सिंह ने रचाई शादी, इंजीनियर पत्नी के साथ शुरू की नई जिंदगी

नई दिल्ली: महाकुंभ में ‘IIT वाले बाबा’ के नाम से सुर्खियों में आए अभय सिंह ने अब शादी कर ली है। उनकी पत्नी भी इंजीनियर हैं और दोनों ने मिलकर जीवन की नई शुरुआत की है।

बताया जा रहा है कि अभय सिंह ने कर्नाटक की रहने वाली इंजीनियर प्रतीका से विवाह किया है। दोनों की शादी अघंजर महादेव मंदिर में 15 फरवरी को संपन्न हुई, जिसके बाद 19 फरवरी को उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की।

महाकुंभ में हुए थे वायरल

हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह उस समय चर्चा में आए थे जब महाकुंभ के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में वह संन्यासी वेश में नजर आए और उन्होंने खुद को आईआईटी से पढ़ा बताया, जिसके बाद उन्हें ‘IIT वाले बाबा’ के नाम से पहचान मिल गई।

पिता का आशीर्वाद लेने पहुंचे

शादी के बाद अभय सिंह अपने पिता से मिलने पहुंचे, जहां इस विवाह का खुलासा हुआ। परिवार ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया।

नई पारी की शुरुआत

अभय सिंह और उनकी पत्नी दोनों ही इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आते हैं। अब उन्होंने आध्यात्मिक पहचान के साथ-साथ पारिवारिक जीवन की नई शुरुआत की है।