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Gold Silver Price: सोना-चांदी सस्ता, गोल्ड ₹1.52 लाख के नीचे, सिल्वर में भी गिरावट

Gold Silver Price: शुक्रवार, 10 अप्रैल को घरेलू बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर चांदी की कीमत करीब 0.7% टूटकर ₹2,42,067 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोना 0.56% गिरकर ₹1,52,561 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। स्पॉट सिल्वर मामूली बढ़त के साथ 75.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची, जबकि स्पॉट गोल्ड 0.2% की गिरावट के साथ 4,755.84 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.8% टूटकर 4,779.20 डॉलर पर कारोबार करते नजर आए।

गिरावट के पीछे क्या वजहें?

हाल के दिनों में सोने की कीमतों में कमजोरी के कई कारण सामने आए हैं। इनमें डॉलर की मजबूती, वैश्विक तनाव में कुछ कमी, निवेशकों द्वारा अन्य बाजारों में हुए नुकसान की भरपाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होना शामिल है। चूंकि सोना ब्याज नहीं देने वाली संपत्ति है, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के दौरान इसकी मांग घट जाती है।

भू-राजनीतिक हालात पर नजर

ईरान से जुड़े तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। इस मुद्दे पर बातचीत के लिए इस्लामाबाद में बैठक प्रस्तावित है, जिसमें अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर सकते हैं। इसके अलावा लेबनान में जारी संघर्ष और होर्मुज से जुड़े मसले भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

महंगाई और फेड की नीति का असर

लंबे समय से चल रहे तनाव ने महंगाई के जोखिम को बढ़ा दिया है। इससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती टाल सकते हैं या सख्ती बनाए रख सकते हैं। अमेरिका के हालिया आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता खर्च में धीमी बढ़त दर्ज हुई है, और अब बाजार की नजर आगामी CPI डेटा पर टिकी है।

आगे क्या रहेगा ट्रेंड?

फिलहाल सोना-चांदी की कीमतें कई वैश्विक कारकों के बीच संतुलन बना रही हैं। एक ओर महंगाई और युद्ध का दबाव है, तो दूसरी ओर मजबूत डॉलर और कूटनीतिक प्रयास कीमतों को सीमित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़े ही तय करेंगे कि बाजार में तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी।

(नोट: कमोडिटी बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

यूपी एसआईआर की फाइनल सूची जारी, 2 करोड़ नाम घटे, सूची में नाम नहीं तो क्या करें? जानें पूरा प्रोसेस

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ (SIR) के तहत प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस 166 दिन लंबे अभियान के पूरा होने के साथ ही राज्य में मतदाताओं के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

2 करोड़ मतदाता कम, नए आंकड़े जारी

नई सूची के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या अब 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 रह गई है, जो पहले 15.44 करोड़ थी। यानी करीब 2 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं।

6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान नए नाम जोड़ने और त्रुटियां सुधारने के बाद संख्या में वृद्धि हुई।

युवा मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी

18-19 वर्ष आयु वर्ग के 3.33 लाख से अधिक नए मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, जो युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

पुरुष-महिला मतदाता अनुपात

  • पुरुष मतदाता: 7.30 करोड़ (54.54%)
  • महिला मतदाता: 6.09 करोड़ (45.46%)

लिंगानुपात अब 1000 पुरुषों पर 834 महिलाओं का हो गया है, जो ड्राफ्ट सूची (824) के मुकाबले बेहतर है।

सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।

  • नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरें
  • आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन भी उपलब्ध है
  • मतदाता अपना नाम आधिकारिक पोर्टल पर चेक कर सकते हैं
  • मोबाइल नंबर के जरिए आवेदन करना संभव है

नाम हटाने के लिए क्या करें?

यदि किसी अपात्र या मृत व्यक्ति का नाम हटाना है, तो इसके लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

अपील का अधिकार भी उपलब्ध

अगर किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के तहत अपील कर सकता है।

  • ERO के फैसले के खिलाफ 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील
  • DM के निर्णय के खिलाफ 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील

क्या है SIR अभियान?

‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना था।

Petrol Diesel Price: क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? निजी कंपनियों की बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता

Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। हालांकि अभी सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन निजी कंपनियों की हालिया बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

वैश्विक तनाव का असर

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।

निजी कंपनियों ने बढ़ाए दाम

सबसे पहले नायरा एनर्जी ने मार्च में पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। इसके बाद शेल इंडिया ने भी कीमतों में बड़ा इजाफा करते हुए डीजल 25 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 7.4 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया।

रिलायंस-बीपी के पंप पर नया नियम

रिलायंस बीपी (Jio-BP) के पेट्रोल पंप पर नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत अब एक बार में अधिकतम 1000 रुपये का ही ईंधन दिया जा रहा है। इस फैसले के बाद बाजार में आपूर्ति और कीमतों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

प्रीमियम पेट्रोल भी हुआ महंगा

सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। हालांकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं।

सरकार का क्या है रुख?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में करीब 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इसके अलावा सरकार ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना भी बढ़ाया है।

क्या देश में ईंधन की कमी है?

सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

लखनऊ में प्लॉट खरीदने का सुनहरा मौका: LDA की नई योजना में 2100 भूखंडों के लिए जल्द पंजीकरण

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राजधानी लखनऊ में घर या निवेश के लिए प्लॉट खरीदने का शानदार मौका सामने आने वाला है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) जल्द ही अपनी महत्वाकांक्षी ‘वरुण विहार योजना’ लॉन्च करने जा रहा है। योजना के पहले चरण में करीब 2100 भूखंडों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण खोला जाएगा।

पहले चरण में कैलाश और काशी खंड में प्लॉट

एलडीए के अनुसार, इस योजना का विकास आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे करीब 2270 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जाएगा। प्रथम चरण में कैलाश खंड और काशी खंड में प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए जून में पंजीकरण शुरू होने की संभावना है।

330 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा

इस परियोजना के लिए करीब 1300 किसानों से 330 हेक्टेयर से अधिक भूमि सहमति के आधार पर खरीदी जा चुकी है, जिस पर लगभग 1160 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह जमीन सदर और सरोजनीनगर तहसील के कई गांवों में स्थित है।

बैठक में अधिकारियों को दिए गए निर्देश

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में एलडीए मुख्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें राजस्व संबंधित कार्यों जैसे दाखिल-खारिज को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, ताकि योजना में देरी न हो।

बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निजी टाउनशिप पर सख्ती: थर्ड पार्टी ऑडिट होगा

शहर में विकसित हो रही निजी टाउनशिप की सुविधाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेवलपर्स ने स्वीकृत DPR के अनुसार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), पार्क और बिजली उपकेंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की हैं या नहीं।

भूमि मुद्रीकरण पर भी जोर

बैठक में 1090 चौराहा, ऐशबाग, हरिहरपुर और जानकीपुरम के पास स्थित नगर निगम की जमीन के मुद्रीकरण पर भी चर्चा हुई। एलडीए के मुताबिक ये सभी प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं और आवासीय व व्यावसायिक उपयोग के लिए बेहद उपयुक्त हैं।

निवेशकों के लिए बड़ा अवसर

वरुण विहार योजना के तहत एलडीए का उद्देश्य एक आधुनिक सैटेलाइट टाउन विकसित करना है। इसमें चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, एलईडी स्ट्रीट लाइट और ग्रीन बेल्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगरा एक्सप्रेस-वे के पास इस योजना के आने से लखनऊ के रियल एस्टेट बाजार में तेजी देखने को मिलेगी। साथ ही भविष्य में इस क्षेत्र को ट्रांसपोर्ट नगर और एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे यह इलाका निवेश के लिए और आकर्षक बन जाएगा।

फंस गया फरमान! ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा निकली नाबालिग,केस दर्ज…लटकी गिरफ्तारी की तलवार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई मध्य प्रदेश की कथित ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा अब कानूनी विवादों में घिर गई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शादी के समय वह नाबालिग थी। इस खुलासे के बाद उसके पति फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

जांच में सामने आई उम्र से जुड़ी सच्चाई

आयोग की जांच के अनुसार, पारधी जनजाति से संबंध रखने वाली मोनालिसा की शादी 11 मार्च 2026 को केरल में हुई थी। शिकायतकर्ता अधिवक्ता प्रथम दुबे द्वारा 17 मार्च को याचिका दाखिल किए जाने के बाद गठित टीम ने केरल से लेकर महेश्वर तक दस्तावेजों की जांच की।

जांच में महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज मिली, जिससे शादी के समय उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष साबित होती है। वहीं, केरल में विवाह पंजीयन के दौरान अलग जन्मतिथि प्रस्तुत किए जाने का मामला भी सामने आया है। आयोग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित दस्तावेजों को निरस्त करने की सिफारिश की है।

FIR दर्ज, फरमान खान पर कसा शिकंजा

आयोग की सिफारिश के बाद महेश्वर थाने में अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी फरमान खान पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है।

इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।

राजनीतिक एंगल भी आया सामने

इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विवाह के आयोजन और कथित संरक्षण को लेकर कुछ संगठनों और नेताओं की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बड़ा सवाल: ‘वायरल’ पहचान के पीछे सच्चाई

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर तेजी से उभरने वाली पहचान के पीछे कई बार गंभीर सामाजिक और कानूनी मुद्दे छिपे हो सकते हैं। फिलहाल आयोग और पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

चुनावी इतिहास में पहली बार: उम्मीदवार की मौजूदगी में होगी EVM की जांच, हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश के चुनावी इतिहास में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जांच उम्मीदवार की मौजूदगी में कराई जाएगी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

न्यायमूर्ति जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन ने निर्देश दिया है कि EVM की जांच उम्मीदवार की उपस्थिति में की जाए। यह जांच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के इंजीनियरों द्वारा की जाएगी।

यह मामला वरिष्ठ कांग्रेस नेता आरिफ नसीम खान से जुड़ा है, जिन्होंने मुंबई की चांदीवली विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। इस सीट पर वे दिलीप लांडे से चुनाव हार गए थे।

कोर्ट ने क्या कहा

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जब भी EVM जांच की अनुमति दी जाती है, तो चुनाव आयोग को दो महीने के भीतर निरीक्षण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह आदेश 12 फरवरी को जारी किया गया था।

पहली बार होगी ऐसी जांच

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारत में अब तक कभी भी उम्मीदवार और अधिकारियों की मौजूदगी में इस तरह EVM की जांच नहीं की गई है। मुंबई उपनगर की डिप्टी रिटर्निंग ऑफिसर अर्चना कदम के अनुसार, 16 और 17 अप्रैल को EVM का “डायग्नोस्टिक चेक” किया जाएगा।

EVM पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने भी EVM में छेड़छाड़ और वोट चोरी के आरोप लगाए थे। कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों से EVM और VVPAT मशीनों की जांच की मांग करने को कहा था।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

आरिफ नसीम खान ने सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2024 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 5% EVM (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और VVPAT) की तकनीकी जांच होनी चाहिए।

खान ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब तक किसी भी अदालत ने इस तरह की जांच का आदेश नहीं दिया था। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया में कम से कम 20 EVM की जांच की जाएगी।

चुनाव परिणाम का आंकड़ा

चांदीवली सीट पर दिलीप लांडे को 1,24,641 वोट मिले थे, जबकि आरिफ नसीम खान को 1,04,016 वोट हासिल हुए थे।

वहीं 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को 288 में से 230 सीटों पर जीत मिली थी। भारतीय जनता पार्टी 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही, जबकि शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (SP) और कांग्रेस को सीमित सीटें मिलीं।

Aaj Ka Rashifal 10 April 2026: मेष का भाग्य होगा मजबूत, कर्क को सेहत पर देना होगा ध्यान

Aaj Ka Rashifal 10 April 2026: आज का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार मिलाजुला असर लेकर आया है। आज शुक्र मेष राशि में, गुरु मिथुन में, केतु सिंह में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित हैं, जिससे कई राशियों के लिए शुभ संकेत मिल रहे हैं। वहीं बुध और राहु कुंभ में तथा सूर्य, मंगल और शनि मीन राशि में होने के कारण कुछ मामलों में सावधानी बरतने की भी जरूरत है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए आज का दिन भाग्यशाली साबित हो सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। प्रेम संबंधों में दूरी महसूस हो सकती है और संतान को लेकर चिंता बनी रह सकती है। सूर्य को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को आज सतर्क रहने की जरूरत है। चोट या किसी परेशानी का योग बन सकता है। स्वास्थ्य में सुधार होगा, लेकिन लापरवाही न करें। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थितियां कमजोर रह सकती हैं, हालांकि व्यापार ठीक रहेगा। हरी वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों को जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और विवाह के योग भी बन सकते हैं। सेहत सामान्य रहेगी, जबकि प्रेम, संतान और व्यापार के मामले में स्थिति अनुकूल है। हरी वस्तु रखना लाभ देगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को आज अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों क्षेत्रों में थोड़ी परेशानी रह सकती है। भविष्य में सुधार के संकेत हैं, लेकिन फिलहाल सावधानी जरूरी है। लाल वस्तु रखना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी। व्यापार में धीरे-धीरे प्रगति होगी। नीली वस्तु का दान करना शुभ माना जाएगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए आज संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। हालांकि पारिवारिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। प्रेम संबंधों में विवाद संभव है और संतान का व्यवहार उग्र रह सकता है। पीली वस्तु का दान करना लाभकारी होगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों का आज आत्मविश्वास बढ़ेगा और विरोधियों पर विजय मिलेगी। व्यापार में सफलता मिलेगी और जीवन में खुशियां बनी रहेंगी। हालांकि मानसिक चंचलता पर नियंत्रण जरूरी है। देवी की पूजा करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार और मित्रों का साथ मिलेगा, लेकिन निवेश से बचने की सलाह है। जुआ या सट्टा नुकसान दे सकता है। स्वास्थ्य और अन्य मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी। लाल वस्तु रखना लाभ देगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को आज जरूरी चीजें आसानी से मिलेंगी और आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे। स्वभाव में मधुरता बनी रहेगी, लेकिन प्रेम को लेकर असमंजस रह सकता है। संतान का व्यवहार थोड़ा उग्र हो सकता है। व्यापार सामान्य रहेगा। लाल वस्तु रखना शुभ होगा।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों को आज मानसिक तनाव और खर्च बढ़ने की समस्या हो सकती है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार के मामलों में स्थिति बेहतर बनी रहेगी। मन में उदासी रह सकती है। देवी की पूजा करना लाभकारी रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को घबराहट और बेचैनी महसूस हो सकती है, लेकिन आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने स्रोतों से भी धन प्राप्त होगा। यात्रा के योग हैं और जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी। हरी वस्तु रखना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों को कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। राजनीति और व्यापार में लाभ होगा, लेकिन स्वास्थ्य प्रभावित रह सकता है। नीली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

इन लोगों पर मेहरबान हुई यूपी सरकार, सीएम योगी ने बिजली बिल घटाने के दिए निर्देश

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने पावरलूम बुनकरों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बुनकरों के बिजली बिल को कम करने के लिए व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए।

बिजली बिल कम करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पावरलूम बुनकरों की विद्युत लागत कम करना जरूरी है। इसके लिए हथकरघा विभाग और पावर कॉर्पोरेशन मिलकर ठोस योजना तैयार करेंगे।

साथ ही, सौर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, ताकि बुनकरों को लंबे समय तक सस्ती बिजली मिल सके।

बुनकरों को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकर सिर्फ परंपरा के संरक्षक ही नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हैं। उनकी आय और आजीविका को स्थिर करना सरकार की प्राथमिकता है।

किन समस्याओं से जूझ रहे हैं बुनकर?

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में बुनकरों के सामने कच्चे माल की बढ़ती लागत, डिजाइन और आधुनिक तकनीक का अभाव तथा सीमित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल योजनागत सहायता से नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ एवं समन्वित तंत्र विकसित कर ही संभव है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परिणामोन्मुख, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है। कालीन, दरी एवं मैट के उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट जैसे उत्पादों में भी राज्य की मजबूत उपस्थिति है। वर्ष 2024-25 में देश का कुल हथकरघा निर्यात 1178.93 करोड़ रुपये रहा था, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 109.40 करोड़ (लगभग 9.27 प्रतिशत) का था।

क्लस्टर मॉडल पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां क्लस्टर विकसित किए जाएं, ताकि उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को एकीकृत किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क्लस्टर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर पूर्ण वैल्यू चेन के रूप में विकसित हों, जहां डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच एक ही ढांचे में सुनिश्चित हो। बैठक में क्लस्टर चयन, बेसलाइन सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत अनुश्रवण जैसे पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर में सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिले। साथ ही, इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरणों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हो।

क्या Gen-Z पार्टी बनाने की तैयारी में राघव चड्ढा? इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ीं अटकलें

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर इन दिनों सियासी चर्चाएं तेज हैं। पार्टी नेतृत्व से मतभेद की खबरों के बीच अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह युवाओं पर केंद्रित नई “Gen-Z” राजनीतिक पार्टी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुई चर्चा

दरअसल, Instagram पर वायरल एक रील को राघव चड्ढा ने शेयर किया, जिसमें एक क्रिएटर ने उन्हें “Gen-Z” आधारित नई पार्टी बनाने का सुझाव दिया था। इस पर चड्ढा ने सिर्फ इतना लिखा— “दिलचस्प विचार”

यही छोटा-सा कमेंट अब बड़े सियासी संकेत के तौर पर देखा जा रहा है और अटकलों का दौर तेज हो गया है।

समर्थक ने क्या दिया सुझाव?

रील में क्रिएटर ने कहा कि देश का युवा वर्ग चाहता है कि चड्ढा अपनी अलग पहचान बनाते हुए नई पार्टी शुरू करें। उनका दावा था कि अगर वह किसी दूसरी पार्टी में जाते हैं तो उतना समर्थन नहीं मिलेगा, जितना अपनी खुद की पार्टी बनाने पर मिल सकता है।

AAP से दूरी की खबरें

हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई।

इस फैसले के बाद यह भी चर्चा रही कि चड्ढा और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।

आरोप और चड्ढा का जवाब

पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि चड्ढा संसद में पंजाब से जुड़े मुद्दों को पर्याप्त रूप से नहीं उठा रहे हैं और “सॉफ्ट PR” पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

इन आरोपों के जवाब में राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर पंजाब के मुद्दों—जैसे भूजल स्तर और ऐतिहासिक विषय—पर अपनी बात रखी। उन्होंने इसे “ट्रेलर” बताते हुए कहा— “पिक्चर अभी बाकी है”

क्या सच में बनेगी नई पार्टी?

फिलहाल राघव चड्ढा या आम आदमी पार्टी की ओर से नई पार्टी बनाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन सोशल मीडिया संकेतों और हालिया घटनाओं के चलते राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।

यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल: 12 IPS अफसरों के तबादले, कई जिलों के ASP बदले देखे लिस्ट

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 12 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फैसले के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ASP), सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अचानक हुए इस बदलाव से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

किन अधिकारियों का हुआ तबादला?

  • सहारनपुर ग्रामीण ASP सागर जैन → DCP, प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट
  • गोंडा पूर्वी ASP मनोज कुमार रावत → ASP दक्षिणी, संभल
  • मेरठ ASP आयुष विक्रम सिंह → ASP नगर, बहराइच
  • सीतापुर ASP विनायक गोपाल भोसले → ASP नगर, मेरठ
  • मेरठ ASP अंतरिक्ष जैन → ASP ग्रामीण, बुलंदशहर
  • संभल ASP आलोक कुमार → ASP नगर पूर्वी, प्रतापगढ़
  • अलीगढ़ ASP मयंक पाठक → ASP ग्रामीण, सहारनपुर
  • ACP, गाजियाबाद लिपि नागयाच → ADCP, वाराणसी
  • ACP, नोएडा ट्विंकल जैन → ADCP, लखनऊ
  • ACP, प्रयागराज राजकुमार मीणा → ASP (नक्सल), मिर्जापुर
  • ACP, लखनऊ ऋषभ रुनवाल → ASP (नक्सल), सोनभद्र
  • ACP, वाराणसी डॉ. ईशान सोनी → ASP, जालौन.

  

एक दिन पहले IAS तबादले भी

इससे पहले भी सरकार ने 5 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए थे।

  • गुंजन द्विवेदी → मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
  • रत्नेश सिंह → अपर निदेशक, प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी
  • अशोक कुमार → विशेष सचिव (सिंचाई व कारागार)
  • गिरिजेश कुमार त्यागी → सचिव, लोक सेवा आयोग
  • अनीता वर्मा सिंह → विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग

लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल को आगामी योजनाओं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जिलों में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण और कार्यक्षमता बढ़ाना माना जा रहा है।