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SSC Phase 14 Vacancy: 3003 पदों पर भर्ती शुरू, परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कर्मचारी चयन आयोग यानी Staff Selection Commission (SSC) ने सेलेक्शन पोस्ट फेज-14 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कुल 3003 पद भरे जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार 4 मई तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 5 मई तय की गई है। आवेदन में सुधार के लिए 11 से 13 मई तक का अवसर मिलेगा। परीक्षा जून में आयोजित होने की संभावना है।

कितने पद किस वर्ग के लिए

कुल 3003 रिक्तियों में अनारक्षित वर्ग के 1534 पद, ओबीसी के 667, एससी के 346, ईडब्ल्यूएस के 271 और एसटी के 185 पद शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 235 पद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत सीजीएचएस में मेडिकल अटेंडेंट के हैं।

योग्यता और आयु सीमा

इस भर्ती के लिए अलग-अलग पदों के अनुसार योग्यता तय की गई है।
  • कई पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास और आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है।
  • नर्सिंग ऑफिसर के 107 पदों के लिए 12वीं पास और आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित है।
  • वार्ड अटेंडेंट के 105 पदों के लिए 10वीं पास और आयु 18 से 27 वर्ष रखी गई है।
  • सर्वेयर के 197 पदों के लिए स्नातक योग्यता और आयु 18 से 30 वर्ष तय है।

परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव

SSC ने इस बार परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब परीक्षा में सेक्शनल टाइमिंग लागू कर दी गई है।
हर सेक्शन—रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, गणित और अंग्रेजी—के लिए 15 मिनट का अलग समय मिलेगा।
  • कुल प्रश्न: 100
  • कुल अंक: 200
  • कुल समय: 60 मिनट
  • प्रत्येक सेक्शन: 25 प्रश्न, 50 अंक
यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBE) होगी, जिसमें वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। अलग-अलग शैक्षणिक स्तर (10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन) के अनुसार अलग परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

SSC ने चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए स्लाइडिंग मैकेनिज्म लागू किया है। हाल ही में सीजीएल 2025 के सफल अभ्यर्थियों का पहचान सत्यापन भी कराया गया, जिसमें 300 उम्मीदवार शामिल हुए। इनमें से 220 ने अपने पद को फाइनल किया, जबकि 80 उम्मीदवारों ने बेहतर विकल्प के लिए फ्लोट ऑप्शन चुना।

निष्कर्ष

SSC Phase 14 भर्ती युवाओं के लिए बड़ा मौका लेकर आई है। नए परीक्षा पैटर्न को देखते हुए अभ्यर्थियों को रणनीति बनाकर तैयारी करनी होगी, खासकर सेक्शनल टाइमिंग को ध्यान में रखते हुए।

Gold Silver Price: सोना-चांदी के दामों में गिरावट के संकेत, ग्राहकों को मिल सकती है राहत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सोना और चांदी के दामों में इन दिनों दबाव देखने को मिल रहा है, जिससे खरीदारों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है। वैश्विक बाजार में बदलते हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने कीमती धातुओं की दिशा पर असर डाला है। खासतौर पर डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी नीतियों और स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के आसपास बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
आमतौर पर वैश्विक संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माना जाता है, लेकिन मौजूदा स्थिति में इसका रुख कुछ अलग नजर आ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी और इसके संभावित 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने की आशंका ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
महंगाई बढ़ने का सीधा असर ब्याज दरों पर पड़ता है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोना और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्प कम आकर्षक हो जाते हैं। यही वजह है कि निवेशक बेहतर रिटर्न वाले साधनों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इन धातुओं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
हालिया आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद सोने की कीमतों में करीब 8 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि चांदी में लगभग 16 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है, तो सोना करीब 10 प्रतिशत और गिर सकता है। ऐसे में इसकी कीमत 4,400 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ सकती है, वहीं चांदी 67 डॉलर के स्तर तक फिसल सकती है।
हालांकि, बाजार की दिशा पूरी तरह एकतरफा नहीं है। यदि कच्चे तेल की कीमतें फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आती हैं, तो महंगाई का दबाव कम होगा और सोना-चांदी को समर्थन मिल सकता है। इस स्थिति में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकता है और चांदी भी 80 डॉलर से ऊपर पहुंच सकती है।
डॉलर की मजबूती भी एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। मजबूत डॉलर के कारण सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग में कमी आती है। फिलहाल बाजार में यह धारणा बनी हुई है कि अमेरिका में जल्द ब्याज दरों में कटौती नहीं होगी, जिससे सोने की चमक कुछ फीकी पड़ी है।
आने वाले समय में सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर बाजार के रुझान, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार विशेषज्ञों के निजी आकलन पर आधारित हैं। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित रहेगा।

UP News: महापुरुषों की प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण,सीएम योगी का ऐलान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं को सम्मानजनक स्वरूप देने के लिए आवश्यक कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। जिन स्थानों पर इन प्रतिमाओं के आसपास बाउंड्री वॉल या शेड नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराया जाएगा।
सहारनपुर के मनोहरपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि प्रदेश में महापुरुषों के सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का भी कार्य करेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को गति देने वाली बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और उससे जुड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किए जाने से पहले क्षेत्रवासियों को बधाई दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक गलियारा सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ जैसे जिलों के लिए वरदान साबित होगा। इससे न केवल सड़क संपर्क बेहतर होगा, बल्कि यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा। दिल्ली से सहारनपुर की दूरी, जिसे तय करने में पहले पांच से छह घंटे लगते थे, अब घटकर लगभग ढाई से तीन घंटे रह जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर से क्षेत्र के हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, फल और सब्जियों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों और उद्यमियों को बेहतर कीमत मिलने के साथ ही उनकी आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर से जेवर तक विकसित हो रहा यह कॉरिडोर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश का विकास मजबूत बुनियादी ढांचे और योजनाओं के माध्यम से ही संभव है, न कि जातिवाद या अराजकता से।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।

56 साल बाद टूटेगी परंपरा: Samrat Choudhary बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री, रचेंगे नया इतिहास

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary अब मुख्यमंत्री पद संभालने जा रहे हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें लगातार तीसरी बार नेता चुना गया है। उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार 15 अप्रैल को शपथ लेगी। इसके साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।

56 साल पुरानी मान्यता होगी खत्म

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही एक पुरानी धारणा भी टूट जाएगी। लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि बिहार में जो उपमुख्यमंत्री बनता है, वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाता। लेकिन अब यह 56 साल पुरानी परंपरा खत्म होने जा रही है।

Karpoori Thakur के बाद पहली बार होगा ऐसा

सम्राट चौधरी इस उपलब्धि के साथ पूर्व मुख्यमंत्री Karpoori Thakur की बराबरी करेंगे। कर्पूरी ठाकुर 1967 में उपमुख्यमंत्री बने थे और 1970 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उनके बाद से अब तक कोई भी डिप्टी सीएम मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाया था।

कई बड़े नेता नहीं बन सके सीएम

बिहार में अब तक कई नेता उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन मुख्यमंत्री बनने का मौका नहीं मिला। इनमें Sushil Kumar Modi और Tejashwi Yadav जैसे नाम शामिल हैं, जो लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहे, लेकिन सीएम पद तक नहीं पहुंच सके।

लगातार तीसरी बार विधायक दल के नेता

सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता लगातार तीसरी बार चुना गया है। पहले दो बार वे डिप्टी सीएम रहे, लेकिन इस बार उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा रही है।

बिहार में भाजपा की पहली अगुवाई वाली सरकार

Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद अब भाजपा राज्य में सरकार का नेतृत्व करेगी। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली यह पहली एनडीए सरकार होगी, जिसमें भाजपा की सीधी कमान होगी।

बंगाल में Rahul Gandhi का तीखा हमला: नरेंद्र मोदी देशद्रोही, मुझसे तो नजर मिलाकर बात नहीं कर पाते

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने पीएम मोदी पर सीधा हमला बोला और उन्हें ‘देशद्रोही’ तक बता डाला। राहुल गांधी ने कहा कि मालदा की रैली में कहा कि पीएम मोदी देश भक्त नहीं हैं बल्कि वह देशद्रोही हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील देश में छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ा नुकसान पहुंचाएगी। इसके चलते देश में बड़े पैमाने पर रोजगार का संकट भी पैदा होगा। उन्होंने इस दौरान SIR की भी बात की। राहुल गांधी ने कहा कि SIR में बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं और ऐसा करना असंवैधानिक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटे हैं। उन्हें कांग्रेस की सरकार आने पर वापस जोड़ा जाएगा।

ट्रेड डील और रोजगार पर सवाल

Rahul Gandhi ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से देश के छोटे और मध्यम उद्योगों को नुकसान होगा, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां आम लोगों के हित में नहीं हैं।

‘नफरत के खिलाफ मोहब्बत’ का संदेश

अपने भाषण में राहुल गांधी ने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मकसद देश में बढ़ती नफरत के खिलाफ एकता और प्रेम का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि नफरत से देश कमजोर होता है।

वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने दावा किया कि वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिसे उन्होंने असंवैधानिक बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर उनकी सरकार बनी तो ऐसे नामों को फिर से जोड़ा जाएगा।

उद्योगपतियों और सरकार के रिश्तों पर टिप्पणी

राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी ठेके और परियोजनाएं चुनिंदा कंपनियों को दी जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी निशाना

अपने भाषण में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार को देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

नोएडा के बाद राजस्थान में भी श्रमिकों का प्रदर्शन तेज, भिवाड़ी में मदरसन प्लांट के बाहर 1000+ कर्मचारी धरने पर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के Noida से शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन अब राजस्थान तक पहुंच गया है। Bhiwadi के पथरेडी औद्योगिक क्षेत्र स्थित मदरसन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में मंगलवार को सैकड़ों कर्मचारियों ने अचानक हड़ताल कर दी। देखते ही देखते यह विरोध बड़ा रूप लेता गया और करीब 1000 से 2000 कर्मचारी कंपनी गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।

वेतन और काम के घंटे को लेकर नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि उन्हें बेहद कम वेतन मिल रहा है, जो महंगाई के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये करने और ओवरटाइम का भुगतान दोगुना करने की मांग उठाई है।
महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक काम कराया जाता है और बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है।

कार्यस्थल पर व्यवहार को लेकर आरोप

कुछ कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर दुर्व्यवहार और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नौकरी से निकालने की धमकी देकर काम कराया जाता है। वहीं, महिला कर्मचारियों ने एचआर अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए हैं।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और श्रमिकों व प्रबंधन के बीच बातचीत शुरू करवाई।
तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

बातचीत से समाधान की कोशिश

प्रशासन की ओर से श्रमिकों का एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जा रहा है, जो कंपनी प्रबंधन से बातचीत करेगा। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

औद्योगिक माहौल पर असर की आशंका

लगातार हो रहे श्रमिक प्रदर्शनों ने राजस्थान के औद्योगिक माहौल को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले भी भिवाड़ी की एक अन्य कंपनी में विरोध प्रदर्शन हुआ था, जबकि नोएडा में कुछ जगहों पर हिंसक घटनाएं भी सामने आई थीं।

50 लाख तक ब्याज मुक्त लोन, महिलाओं को नकद सहायता और मुफ्त सिलेंडर,तमिलनाडु में BJP के वादे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले Bharatiya Janata Party ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने महिलाओं, किसानों और छोटे कारोबारियों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े वादे किए हैं। दक्षिण भारत में पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही भाजपा इस बार AIADMK के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है।

महिलाओं के लिए बड़े ऐलान

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष J. P. Nadda ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि सरकार बनने पर हर महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही हर परिवार को एकमुश्त 10,000 रुपये देने का वादा भी किया गया है। इसके अलावा हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की भी घोषणा की गई है।

सुरक्षा पर फोकस, CCTV से निगरानी

घोषणापत्र में कानून-व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया गया है। बसों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में CCTV कैमरे लगाने, जीरो FIR लागू करने और यौन अपराधों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की बात कही गई है। साथ ही गवाहों की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था करने का वादा किया गया है।

महिलाओं और MSME के लिए 50 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन

J. P. Nadda ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों और MSME सेक्टर को 50 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। इसके साथ ही विनिर्माण इकाइयों को अपनी 20% खरीदारी इन समूहों से करने की अनिवार्यता का प्रस्ताव भी रखा गया है। पात्र महिलाओं को ई-स्कूटर खरीदने के लिए 25,000 रुपये की सहायता देने का भी वादा है।

किसानों के लिए बढ़ी सहायता

किसानों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाले 6,000 रुपये के अलावा 3,000 रुपये अतिरिक्त देने का ऐलान किया है। यानी कुल मिलाकर हर किसान को सालाना 9,000 रुपये मिलेंगे।

इस बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है और कई मंत्री आरोपों का सामना कर रहे हैं।

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, भाजपा ने किया ऐलान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। Samrat Choudhary को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई। करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री रहे Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद अब सम्राट चौधरी राज्य की कमान संभालेंगे। यह पहली बार होगा जब बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा।

बुधवार को होगा शपथ ग्रहण

नई सरकार का शपथ ग्रहण बुधवार को आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल Syed Ata Hasnain सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ कुछ अन्य मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। जानकारी के मुताबिक समारोह संक्षिप्त रखा जाएगा। वहीं, Janata Dal (United) की ओर से एक या दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है।

विधायक दल की बैठक में बना फैसला

मुख्यमंत्री के चयन के लिए भाजपा नेतृत्व ने Shivraj Singh Chouhan को पर्यवेक्षक के रूप में पटना भेजा था। दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद पटना में विधायक दल की बैठक बुलाई गई।
बैठक में उपमुख्यमंत्री Vijay Sinha ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने औपचारिक घोषणा की।

दिनभर चला राजनीतिक घटनाक्रम

मंगलवार को पटना में पूरे दिन सियासी हलचल बनी रही। सुबह नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक की और मंत्रियों के साथ विदाई के क्षण साझा किए।
इसके बाद दोपहर में उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं शाम को भाजपा कार्यालय में विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया गया।

दिल्ली से पहुंचे वरिष्ठ नेता

इस अहम मौके पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पटना पहुंचे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। शपथ ग्रहण समारोह में भी कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

पहले से लग रही थीं अटकलें

सम्राट चौधरी, जो अब तक राज्य में उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि Nitish Kumar ने भी उनके नाम पर सहमति जताई थी, जिसके बाद उनके चयन का रास्ता साफ हो गया।

सीएम पद से इस्तीफे के बाद भावुक हुए नीतीश कुमार, 2030 तक के बिहार का रखा विजन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद Nitish Kumar ने राज्य की जनता के प्रति आभार जताया और अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद किया। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा संदेश में उन्होंने अपने इस्तीफे के फैसले के पीछे की वजह और आने वाले वर्षों के लिए बिहार का रोडमैप भी बताया।

2005 से शुरू हुआ बदलाव का सफर

नीतीश कुमार ने अपने संदेश में 24 नवंबर 2005 का जिक्र किया, जब राज्य में पहली बार एनडीए की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि उस समय से उनकी प्राथमिकता बिहार में ‘कानून का राज’ स्थापित करना रही। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग—चाहे धर्म, जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि कोई भी हो—के विकास के लिए काम किया।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

‘7 निश्चय-3’ के जरिए 2030 का विजन

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2025 से 2030 के बीच राज्य के विकास के लिए ‘7 निश्चय-3’ कार्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने Narendra Modi का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में है।
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बिहार राष्ट्रीय विकास में और बड़ी भूमिका निभाएगा।

इस्तीफे की वजह भी बताई

अपने पद छोड़ने के फैसले पर नीतीश कुमार ने साफ कहा कि यह उनका स्वयं का निर्णय है। उन्होंने लिखा, “हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे।”
उन्होंने जानकारी दी कि कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

नई सरकार को समर्थन का भरोसा

नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वह नई सरकार को पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देते रहेंगे। अपने संदेश के अंत में उन्होंने बिहार की जनता का धन्यवाद किया और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सांसद चंद्रशेखर आज़ाद रावण की बड़ी मांग—लोकसभा-विधानसभाओं में पिछड़ों को मिले अलग आरक्षण

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक (PDA) समीकरण को लेकर हलचल तेज होती जा रही है। Lucknow में आयोजित ‘पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन’ के दौरान आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद Chandrashekhar Azad Ravan ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए लोकसभा और विधानसभा में पिछड़ों के लिए अलग आरक्षण की मांग उठाई।

पिछड़ों के लिए अलग कोटा और 15% अतिरिक्त आरक्षण की मांग

सम्मेलन में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अति पिछड़ी जातियों को मौजूदा आरक्षण के अलावा 15 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण मिलना चाहिए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को न्याय मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी नौकरियों में दलित और पिछड़े वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की भी वकालत की।

उच्च शिक्षा में भागीदारी पर सवाल

उन्होंने यूजीसी और उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़ों की कम भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उनका कहना था कि शिक्षा और नौकरियों में समान अवसर के बिना सामाजिक न्याय संभव नहीं है।

‘जातियों का भूत उतारिए, एकजुट होइए’

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए Chandrashekhar Azad Ravan ने दलित, ओबीसी और मुस्लिम समुदाय से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जातीय विभाजन केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता है और इससे समाज को नुकसान होता है। उन्होंने 2027 के चुनाव को “भविष्य की पीढ़ी का चुनाव” बताया।

विपक्ष और इतिहास पर भी टिप्पणी

अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुजन समाज के वोटों का इस्तेमाल तो होता है, लेकिन उन्हें नेतृत्व में जगह नहीं दी जाती। उन्होंने B. R. Ambedkar और Mahatma Gandhi का जिक्र करते हुए ऐतिहासिक संदर्भ भी दिए।

युवाओं को संदेश और संगठन मजबूत करने का आह्वान

चंद्रशेखर आजाद ने युवाओं से महापुरुषों को केवल पूजने के बजाय उनके विचारों को पढ़ने और समझने की अपील की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अगले कुछ महीनों तक गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें और 2027 के चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करें।