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आईपीएल का नया सीजन जोश और उत्साह से भरा, ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स से होगा आगाज़

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सर्वोदय:- 2008 में जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नींव रखी गई, तभी यह साफ हो गया था कि यह टूर्नामेंट लंबी रेस का घोड़ा साबित होगा। आज, 2025 में आईपीएल अपने 18वें साल में कदम रख चुका है और दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग बन चुकी है।

शानदार उद्घाटन से शुरू होगा सफर

आईपीएल 2025 का भव्य उद्घाटन समारोह शनिवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में होगा। समारोह में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे अपनी चमक बिखेरेंगे। सूत्रों के अनुसार, गायिका श्रेया घोषाल, अभिनेत्री दिशा पटानी, गायक करण औजला, अरिजीत सिंह, वरुण धवन और श्रद्धा कपूर अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही, कोलकाता नाइटराइडर्स के मालिक शाहरुख खान इस कार्यक्रम का संचालन करेंगे और सलमान खान भी अपनी आगामी फिल्म ‘सिकंदर’ का प्रमोशन करते नजर आ सकते हैं।

शाम 6 बजे से शुरू होने वाला यह समारोह लगभग 35 मिनट चलेगा, जिसके बाद रात 7:30 बजे पहला मुकाबला कोलकाता नाइटराइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 10 टीमें 13 शहरों में कुल 74 मुकाबले खेलेंगी और ग्रैंड फिनाले 25 मई को ईडन गार्डन्स में ही होगा।

मौसम बन सकता है बाधा

कोलकाता में पिछले कुछ दिनों से हल्की बारिश और बादलों की वजह से आयोजकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को तूफान और हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिसे ध्यान में रखते हुए पिच को लगातार ढंक कर रखा जा रहा है।

कई नई कप्तानी और चौंकाने वाले फैसले

इस बार आईपीएल में 7 से ज्यादा टीमें नए कप्तानों के साथ मैदान में उतरेंगी। सबसे हैरान करने वाला फैसला आरसीबी का है, जिन्होंने रजत पाटीदार को कप्तान बनाया है। विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी के रहते हुए यह बदलाव सभी की निगाहों में है।

दिल्ली कैपिटल्स की अगुवाई इस बार अक्षर पटेल करेंगे, जबकि केकेआर को चैंपियन बनाने वाले श्रेयस अय्यर अब पंजाब किंग्स की कमान संभालेंगे। अजिंक्य रहाणे को कोलकाता की कप्तानी सौंपी गई है, वहीं राजस्थान के लिए रियान पराग शुरुआती मैचों में संजू सैमसन की जगह कप्तानी करेंगे। हार्दिक पांड्या पर पिछली बार ओवर स्पीड के कारण लगे प्रतिबंध के चलते वह पहला मैच नहीं खेल पाएंगे, उनकी जगह सूर्यकुमार यादव मुंबई की कप्तानी करेंगे। आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत लखनऊ सुपरजायंट्स की अगुआई करेंगे।

लागू होंगे नए नियम

इस सीजन में कुछ खास नियमों को लागू किया गया है। सबसे अहम है – गेंद पर लार लगाने की अनुमति। कोरोना काल में यह प्रथा बंद कर दी गई थी, लेकिन अब बीसीसीआई ने कप्तानों की सहमति से इसे फिर से शुरू किया है।

इसके अलावा, अगर शाम के मैचों में ओस के कारण खेल प्रभावित होता है, तो अंपायर 11वें ओवर के बाद नई गेंद इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं। साथ ही, अब टीमें ऊंची या ऑफसाइड की वाइड बॉल पर भी DRS ले सकेंगी। इंपैक्ट प्लेयर का नियम पहले की तरह जारी रहेगा।

सभी की निगाहें होंगी दो दिग्गजों पर

इस बार टी20 फॉर्मेट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके रोहित शर्मा और विराट कोहली भी मैदान में नजर आएंगे। दोनों दिग्गजों की वापसी को लेकर फैन्स में जबरदस्त उत्साह है।

 

बनारस-माधोसिंह रेल खण्ड पर सड़क उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने हेतु संरक्षा नुक्कड़ नाटकों का मंचन

सर्वोदय(वाराणसी):-पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क है और इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। इस क्रम में मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में 21 मार्च 2025 को वाराणसी मंडल के बनारस-माधोसिंह रेल खंड पर स्थित समपार फाटकों, बाजारों और रेलवे ट्रैक के पास स्थित प्राथमिक विद्यालयों में संरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया, जिनमें बच्चों को रेलवे ट्रैक पर सुरक्षित तरीके से चलने और समपार फाटकों के पार करते समय सतर्क रहने के बारे में बताया गया।

इन नुक्कड़ नाटकों में बच्चों को यह संदेश दिया गया कि वे अनाधिकृत स्थानों से रेलवे ट्रैक पर न जाएं और केवल रेलवे फाटकों या उपरिगामी सेतु से ही ट्रैक पार करें। इसके साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि समपार फाटक बंद होने की स्थिति में बुम के नीचे से ट्रैक पार न करें, गेट मैन पर दबाव न डालें, और क्षतिग्रस्त फाटकों पर विशेष ध्यान रखें। नाटकों के माध्यम से यह भी बताया गया कि रेलवे ट्रैक और विद्युत पोलों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

इस अभियान में वाराणसी मंडल के संरक्षा विभाग के संरक्षा सलाहकार, सेफ्टी काउंसलरों, विजय यादव,उपेन्द्र कुमार, विनय कुमार श्रीवास्तव आदि द्वारा रेलवे सुरक्षा बल सदस्यों के साथ क्रमबद्ध रूप से विभिन्न विद्यालयों में सड़क मार्ग से जाकर शिक्षा अदालत के मंचन में सहयोग किया गया ।। इसके अतिरिक्त, रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित विद्यालयों के बच्चों को 500 संरक्षा डायरी और 500 संरक्षा बैग/झोला वितरित किए गए, ताकि वे हमेशा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें। उक्त जानकारी अशोक कुमारजनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी ने दी |

अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज, बोले- जिन्हें दूर से दिखा आंतकी, सपनों में भी आएगा नजर

सर्वोदय (नई दिल्ली):- राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज के बारे में जानकारी देते हुए अमित शाह ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर तंज कसते हुए कहा, “पैदल यात्रा निकाली, कश्मीर गए, अपने कार्यकर्ताओं के साथ बर्फ की होली खेली और दावा किया कि दूर से आतंकवादी दिखाई पड़े थे। अरे भाई, जिनकी नजर में आतंकवादी हैं, वह सपने में भी दिखेंगे और कश्मीर में भी दिखाई देंगे।”

शाह ने जम्मू-कश्मीर, आतंकवाद, वाम नक्सलवाद और पूर्वोत्तर के उग्रवाद को ‘तीन नासूर’ के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि अगर इन तीनों समस्याओं को जोड़ दिया जाए तो पिछले चार दशकों में देश में कुल 92 हजार नागरिकों की जान गई। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए पहले कभी इतने संगठित प्रयास नहीं किए गए, जितने नरेंद्र मोदी सरकार ने किए हैं।

शाह ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि पहले पाकिस्तान से आतंकवादी सीमा पार कर आते थे, धमाके करते थे और हत्याएं करते थे। उन्होंने बताया कि पहले ऐसा कोई त्योहार नहीं जाता था, जब लोग चिंतित रहते थे। शाह ने कहा कि पिछली सरकारें इस पर चुप रहती थीं और वोट बैंक की राजनीति के चलते कुछ नहीं करती थीं।

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद भी उरी और पुलवामा हमले हुए, लेकिन इन हमलों के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, “हमारे सरकार में, उरी और पुलवामा हमलों के बाद दस दिन के भीतर पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की गई। “पूरी दुनिया में दो ही देश हैं जो अपनी सीमा और सेना की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं – अमेरिका और इजराइल। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भारत को इन देशों की सूची में शामिल किया।”

प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे, ने किया सेफ्टी ऑडिट निरीक्षण-अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की

सर्वोदय(लखनऊ):-  इन्टर रेलवे सेफ्टी ऑडिट निरीक्षण के अंतर्गत प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी,नॉर्थ सेंट्रल रेलवे, जे.सी.एस. बोरा एवं अन्य अधिकारियों का गत दिवस पर अपने दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल में आगमन हुआ | इस कार्यक्रम के दूसरे दिन  दिनांक 21 मार्च 2025 को प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने अपने निरीक्षण का प्रारम्भ लखनऊ मण्डल के अन्य अधिकारियों के साथ लखनऊ स्थित लोको पॉयलेट/ट्रेन मैनेजर लाबी से किया | वहाँ पहुंचकर प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने वहाँ की सभी व्यवस्थाओं को देखा और ए. आई. बेस स्मार्ट सिग्नल काल आउट सिस्टम सहित वहाँ की कार्यपद्धति की क्रमवार जानकारी लिए साथ ही अभिलेखों की जाँच भी किये |जिसके बाद उन्होंने रनिंग रूम में पहुंचकर वहाँ के रिकार्ड और कार्यप्रणाली को परखा और  सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन का निरीक्षण किया I इसके पश्चात ऑडिट टीम ने कैरिज एण्ड वैगन डिपो में पहुंचकर विभिन्न कार्यशालाओं एवं इनकी कार्य पद्धति का निरीक्षण किया और इनकी जानकारी प्राप्त की |

निरीक्षण के अगले सत्र में प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी का आगमन हजरतगंज स्थित मंडलीय कार्यालय में हुआ |  वहाँ उन्होंने सभागार में आयोजित की जाने वाली वाली समीक्षा बैठक में भाग लिया | इस बैठक में उन्होंने मण्डल रेल प्रबंधक,  एस. एम. शर्मा एवं अन्य अधिकारियों के साथ संरक्षा संबंधी अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श करते हुए इसकी समीक्षा की तथा संरक्षा संबंधी नई नीतियों एवं कार्यप्रणालियों को अमल में लाने की संभावनाओं पर गहन मंथन किया गया|

इस अवसर पर प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अवगत कराया की संरक्षा प्रणाली सम्पूर्ण रेलकार्य की आधारशिला है | अतः हम सभी को “संरक्षा को प्रथम वरीयता प्रदान” करते हुए अपना रेल कार्य करना है | संरक्षा की अनिवार्यता और महत्ता के कारण संरक्षा कोटि एवं संरक्षा सेवाओं से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्तरदायित्व एवं जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है | उन्होंने संरक्षा संबंधी सभी मानकों एवं नियमों का पूर्णतया पालन करते हुए इस विषय में बेहद सतर्क और जागरूक रहते हुए कार्य करने की सलाह दी | इस निरीक्षण कार्यक्रम में अपर मण्डल रेल प्रबंधक,  सचिन वर्मा, सहित संरक्षा कोटि के वरिष्ठ अधिकारीगण अन्य सभी विभागों के शाखाध्यक्ष तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे |उक्त जानकरी कुलदीप तिवारी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक,उत्तर रेलवे, लखनऊ ने दी |

रात को दूध में इन तीन चीजों को मिलाकर पीने से कमजोरी से पाया जा सकता छुटकारा

सर्वोदय :- कमजोरी को दूर करने के लिए लोग महंगी दवाइयों का सेवन करते हैं, लेकिन कई बार इन दवाइयों से कोई खास फायदा नहीं होता और यह पैसे की बर्बादी भी हो सकती है। दरअसल, कमजोरी को दूर करने के लिए एक साधारण और प्रभावी उपाय किचन में ही मौजूद है। अगर आप रोजाना दूध का सेवन करें, तो यह कमजोरी को दूर करने में मददगार हो सकता है। इसके अलावा, अगर दूध में कुछ चीजें मिलाकर पिया जाए, तो वह और भी अधिक ताकतवर हो जाता है। रात को दूध में इन तीन चीजों को मिलाकर पीने से कमजोरी से छुटकारा पाया जा सकता है:

  1. केसर: केसर एक प्राकृतिक ऊर्जा बूस्टर है जो शरीर को ताकत प्रदान करता है और कमजोरी को जल्दी दूर करने में मदद करता है। आप दूध उबालते वक्त उसमें केसर के कुछ टुकड़े डाल सकते हैं और उसे अच्छे से उबालने के बाद ठंडा करके पी सकते हैं। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और कमजोरी दूर होती है।
  2. बादाम: बादाम एक बेहतरीन स्रोत है विटामिन और मिनरल का, जो शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। अगर आप रात को दूध में बादाम डालकर उबाल लें और फिर इसे पी लें, तो यह कमजोरी को दूर करने में मदद करता है। रोजाना ऐसा करने से शरीर को ताकत मिलती है और कमजोरी कम होती है।
  3. इलायची: इलायची एक प्राकृतिक डाइजेस्टिव है, जो पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करती है। जब आप रात को दूध में इलायची डालकर पियेंगे, तो यह पाचन तंत्र को ठीक करेगा और कमजोरी को दूर करने में मदद करेगा।

इन तीनों चीजों को दूध में मिलाकर पीने से कमजोरी की समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है। हालांकि, अगर आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट के जज के घर से मिला भारी मात्रा में कैश-सुप्रीम कोर्ट ने जांच की शुरू

सर्वोदय(नई दिल्ली):-सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने की सिफारिश की है, जिसके बाद इस फैसले से काफी हलचल मच गई है। जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास से कथित रूप से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद यह विवाद उठ खड़ा हुआ है।

इस घटना के बाद, मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने तत्काल बैठक की और जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया। जस्टिस वर्मा का यह ट्रांसफर तब लागू होगा जब केंद्र कॉलेजियम की सिफारिश को स्वीकार करेगा, जिसे अभी औपचारिक रूप से भेजा जाना बाकी है। कॉलेजियम जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी कर सकता है।

दिल्ली हाई कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस वर्मा शुक्रवार को कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, और उनके कोर्ट मास्टर ने वकीलों को इस बारे में जानकारी दी। एक वरिष्ठ वकील ने जस्टिस वर्मा के मुद्दे को दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय के सामने उठाया और घटना पर दुख व्यक्त किया। न्यायमूर्ति उपाध्याय ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की और कहा, “हम सब इस बात से अवगत हैं…”कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉलेजियम के कुछ वरिष्ठ सदस्य जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर के अलावा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने न्यायालयों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों को सुलझाने के लिए एक आंतरिक प्रक्रिया तय की थी। इसके तहत अगर कोई शिकायत मिलती है, तो मुख्य न्यायाधीश संबंधित जज से जवाब मांगते हैं। अगर वह संतुष्ट नहीं होते, तो एक गहन जांच की प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज शामिल होते हैं।

आईपीएल में अलग स्तर की चुनौती,कुछ अन्य गेंदों पर काम कर रहे हैं-वरुण चक्रवर्ती

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सर्वोदय:-  चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ‘अबूझ’ स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) हर बार एक नई चुनौती पेश करता है, जिसमें उन्हें हमेशा नई शुरुआत करने की आवश्यकता होती है।चक्रवर्ती ने चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में पांच विकेट लेकर महत्वपूर्ण योगदान दिया था और पूरे टूर्नामेंट में तीन मैचों में नौ विकेट चटकाए थे। हालांकि, वह अपनी पिछली सफलता को आगे बढ़ाने में सतर्क हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ आईपीएल के सत्र के पहले मैच से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “आत्मविश्वास हर किसी के लिए अलग होता है। आप भले ही पिछले टूर्नामेंट के विजेता हों, लेकिन आपको हर बार नए टूर्नामेंट में शुरुआत करनी होती है।”उन्होंने कहा, “आपको शून्य से शुरुआत करनी होती है। जैसा कि कहते हैं, अगर आपने पिछले मैच में शतक बनाया है, तो भी अगली पारी में आपको शून्य से शुरुआत करनी होगी।”

चक्रवर्ती ने आगे कहा, “हां, मैंने पिछले टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन आईपीएल एक अलग प्रकार का खेल है और यह काफी चुनौतीपूर्ण है। मैं पूरी तरह से समझता हूं कि मुझे क्या चुनौती मिलने वाली है।”चक्रवर्ती विराट कोहली का सामना करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “विराट के खिलाफ खेलना निश्चित रूप से रोमांचक होगा। जाहिर है, उन्होंने मेरे खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं भी उनके खिलाफ अच्छा खेलना चाहूंगा।”

लंदन के हीथ्रो हवाई पर क्या हुआ? 1400 उड़ानें प्रभावित

सर्वोदय (देश-विदेश):- लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे को 21 मार्च की रात तक बंद कर दिया गया है, जिसका प्रभाव 14,000 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। इसमें एयर इंडिया की कई उड़ानें भी शामिल हैं, जिन्हें या तो रद्द कर दिया गया है या उन्हें वापस लौटने के लिए कहा गया है।20 मार्च को लंदन के हेस क्षेत्र में स्थित एक इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन में आग लग गई थी, जिससे बिजली आपूर्ति में गंभीर विघटन हुआ। इसके कारण हीथ्रो हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डे को रात 11:59 बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाई अड्डे पर न जाएं और अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करें। साथ ही, उन्होंने असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने बताया कि अग्निशमन दल आग बुझाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि बिजली आपूर्ति कब तक बहाल हो पाएगी।हीथ्रो हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहां प्रतिदिन लगभग 1300 उड़ानें संचालित होती हैं। हवाई अड्डे के बंद होने के कारण लगभग 120 उड़ानें, जो पहले से हवा में थीं, उन्हें अन्य हवाई अड्डों पर डायवर्ट किया गया।

इस स्थिति के कारण करीब 2 लाख लोग फंसे हुए हैं। एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों पर हुए व्यवधान के बारे में यात्रियों को सूचित किया और उन्हें सलाह दी कि वे अपनी उड़ान की स्थिति को हवाई अड्डे जाने से पहले चेक करें। एयरलाइन ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-69329333/011-69329999 भी जारी किया है और कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

पाकिस्तान के पेशावर में जुमे की नमाज के दौरान एक बड़ा धमाका हुआ

सर्वोदय (देश-विदेश):- पाकिस्तान के पेशावर शहर में जुमे की नमाज के दौरान एक बड़ा धमाका हुआ है, जो कि किस्साखानी बाजार स्थित जामा मस्जिद में हुआ। धमाके के समय मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ रहे थे, और इस हादसे में कई लोग मारे गए हैं। घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और राहत-बचाव कार्य जारी किया है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पेशावर पहले भी आतंकवादी हमलों का शिकार रहा है, और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया कि फरवरी महीने में आतंकवादी हमलों में 73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बलूचिस्तान सबसे अधिक प्रभावित इलाका रहा है, जहां आतंकवाद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बलूचिस्तान में एक और बड़ी घटना, जैसे कि जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का हाईजैक होना, ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

इस्लामाबाद स्थित पाक इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज़ (PIPS) की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी महीने में पाकिस्तान में 54 आतंकवादी हमले हुए, जिनमें 121 लोग मारे गए और 103 लोग घायल हुए। इन हमलों में 62 प्रतिशत मौतें बलूचिस्तान में हुईं, जो यह दर्शाता है कि बलूचिस्तान अब आतंकवाद का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है।

खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र भी आतंकवाद से प्रभावित हुआ है। फरवरी महीने में यहां 30 आतंकवादी हमले हुए, जिनमें 45 लोग मारे गए और 58 लोग घायल हुए। पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि इन हमलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), हाफिज गुल बहादुर ग्रुप, लश्कर-ए-इस्लाम और इस्लामिक स्टेट-खोरासन (IS-K) जैसे आतंकवादी संगठन शामिल हैं।

बलूचिस्तान में भी फरवरी में 23 हमले हुए, जिनमें 75 लोग मारे गए और 45 लोग घायल हुए। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA), बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) जैसे बलूच उग्रवादी समूहों ने 22 हमले किए, जिनमें 74 लोग मारे गए। इसके अलावा, TTP ने एक हमले को अंजाम दिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई।

पाकिस्तान में आतंकवाद में बढ़ोतरी ने देश की आंतरिक सुरक्षा को गंभीर चुनौती दी है, विशेषकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हो रहे हमले यह संकेत देते हैं कि पाकिस्तान में उग्रवादी गुटों की पकड़ मजबूत हो रही है। यह सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है कि वह इस हिंसा को कैसे रोके और इन क्षेत्रों में शांति कैसे स्थापित करे।

‘भजन सम्राट’ अनूप जलोटा पंडित से बने मौलवी? सनातन छोड़ अपनाया मुस्लिम धर्म! तस्वीरें हो रही वायरल

सर्वोदय :- भजन सम्राट अनूप जलोटा अपने संगीत के साथ-साथ निजी जीवन और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी हमेशा चर्चाओं में रहते हैं। ‘ऐसी लागी लगन’ जैसे अमर भजनों से करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले अनूप जलोटा को आज भला कौन नहीं जानता। लेकिन इस बार वे अपने भजनों की वजह से नहीं, बल्कि एक खास लुक के चलते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

71 वर्षीय अनूप जलोटा ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे हरे रंग का कुर्ता, हरी माला और टोपी पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके चेहरे पर बढ़ी हुई दाढ़ी है और मूंछें साफ हैं। इस तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा – नासिक शहर में ‘भारत देश है मेरा’ की शूटिंग के लिए उत्साहित हूं।”

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हालांकि, यह लुक किसी फिल्म या सीरीज़ की शूटिंग के लिए था, लेकिन कुछ सोशल मीडिया यूजर्स को यह अंदाज रास नहीं आया। लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया और भजन गायक के रूप में उनकी पहचान पर सवाल खड़े किए। एक यूजर ने टिप्पणी की – आपने अपने धर्म का अनादर किया है।” वहीं दूसरे ने तंज कसते हुए उनका नया नाम “अनुपउल्ला खान जलोतादूनी” रख दिया।

कुछ ने इसे भजन से कव्वाली की ओर बढ़ता कदम कहा तो कुछ ने ऐसी लागी लगन सलमा हो गई मगन…” जैसे फनी कमेंट्स कर मज़ाक उड़ाया। वहीं कुछ यूजर्स ने भावनात्मक अपील करते हुए लिखा – अनूप जी, कृपया अपनी आत्मा को पहचानिए, आप सनातनी हैं।”

हालांकि शूटिंग के लिए किया गया यह गेटअप था, लेकिन कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा, जिससे विवाद की स्थिति बन गई है।