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वेट लॉस जर्नी में मददगार हेल्दी स्नैक्स – फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह

सर्वोदय/ लाइफस्टाइल:-  डाइटिंग के दौरान अक्सर लोगों को भूख का एहसास होता है, और कई बार यह भूख नियंत्रण से बाहर हो जाती है, जिससे वे अपनी वेट लॉस जर्नी में विफल हो जाते हैं। हालांकि, अगर सही तरीके से स्नैक्स का चयन किया जाए, तो यह वजन घटाने में मदद कर सकता है। फिटनेस एक्सपर्ट और ट्रांसफॉर्मेशन कोच जेरार्ड हॉल ने उन लोगों के लिए तीन ऐसे हेल्दी स्नैक्स सुझाए हैं, जो वेट लॉस में मदद कर सकते हैं।

कोच जेरार्ड हॉल ने कहा, “जहां तक संभव हो, स्नैकिंग से बचना चाहिए। लेकिन जिन लोगों को दिनभर में थोड़ी अधिक न्यूट्रिशन की जरूरत होती है, उनके लिए कुछ हेल्दी स्नैक्स लिया जा सकता है। अधिकतर अधिक वजन वाले लोग दिनभर लगातार खाते रहते हैं, जिससे उनका वजन कम नहीं हो पाता।”

हेल्दी स्नैक्स के विकल्प

  1. उबले अंडे – यदि आपको भूख का एहसास होता है और खाने का समय नहीं मिल पा रहा है, तो उबले अंडे आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। आप अंडे का सफ़ेद भाग खा सकते हैं, जिसमें लगभग कोई कैलोरी नहीं होती, और यह आपकी भूख को भी शांत कर देता है।
  2. पनीर (चीज) – अगर आपको उबले अंडे पसंद नहीं हैं, तो पनीर जैसे हेल्दी डेयरी प्रोडक्ट्स एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। यह सोने से पहले खाने के लिए एक आदर्श नाश्ता है, क्योंकि इसमें कोई कार्बोहाइड्रेट नहीं होता और यह आपकी भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  3. नेचुरल पीनट बटर – अगर आपको थोड़ा स्वादिष्ट कुछ चाहिए तो 2-3 चम्मच नेचुरल पीनट बटर खाकर भी आप अपनी भूख को शांत कर सकते हैं। यह प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत है, जो लंबे समय तक पेट भरा हुआ रखता है।

जेरार्ड हॉल ने यह भी सलाह दी कि बीन्स, मछली, अंडे, मांस और डेयरी उत्पादों को अपनी डाइट में शामिल करें, ताकि आप स्वस्थ तरीके से वजन घटा सकें और पेट भी भरा रहे।डाइटिंग के दौरान अगर सही तरीके से स्नैक्स खाए जाएं तो न केवल यह आपकी भूख को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि यह वेट लॉस जर्नी में भी सहायक हो सकते हैं।

Uttrakhand Crime: मासूम बच्चियों के साथ हैवानियत, वीडियो वायरल होते ही एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

सर्वोदय/उत्तराखंड:- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक बेहद शर्मनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। कपकोट ब्लॉक के एक बंद कमरे में दो नाबालिग बच्चियों के साथ की गई हैवानियत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चियों को बेरहमी से पीटा जा रहा है और उन पर गालियों की बौछार की जा रही है। दोनों मासूम चीख रही हैं और भय से कांप रही हैं।

सोशल मीडिया पर मचा बवाल

वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर भारी गुस्सा देखने को मिला। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना को गंभीरता से लेते हुए बागेश्वर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कपकोट थाने में केस दर्ज किया और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तारी और फरार आरोपी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिना नंबर प्लेट की कार में फरार होने की कोशिश कर रहे थे और इस दौरान पुलिस टीम पर हमला भी किया गया। बावजूद इसके, कार चला रहे योगेश गड़िया (23 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है। योगेश खैबगाड़ गांव का निवासी है। अन्य दो आरोपी लक्की कथायत और दीपक उर्फ दक्ष फर्सवाना अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

कड़ी धाराओं में केस दर्ज

इस जघन्य अपराध के तहत पुलिस ने आरोपियों पर POCSO एक्ट की धारा 7/8 और भारतीय दंड संहिता (BNS) की धाराएं 74, 115(2), 352, 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही तानुज गड़िया नामक एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। साथ ही पीड़ित बच्चियों की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे मानसिक रूप से स्थिर हो सकें।

सौरभ मर्डर केस में नया मोड़: जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी निकली प्रेग्नेंट, जानिए क्या कहता है कानून

सर्वोदय/मेरठ: सौरभ राजपूत हत्याकांड में एक चौंकाने वाला नया मोड़ सामने आया है। अपने पति की हत्या के आरोप में मेरठ जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी अब मां बनने वाली है। मेडिकल जांच में उसकी प्रेग्नेंसी की पुष्टि हो चुकी है। इस खबर के सामने आते ही यह हाई-प्रोफाइल केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

प्रेग्नेंसी की पुष्टि कैसे हुई?

हाल ही में मुस्कान को जेल में पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत हुई। जेल प्रशासन ने इस पर संदेह जताते हुए मेरठ के सीएमओ को पत्र लिखा। 7 अप्रैल 2025 को जिला अस्पताल से एक महिला डॉक्टर जेल पहुंचीं और मेडिकल जांच के बाद मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया। सीएमओ ने खुद इस बात की पुष्टि की है।

बच्चे का पिता कौन?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुस्कान के गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता कौन है? मृतक पति सौरभ या फिर उसका कथित प्रेमी साहिल शुक्ला? गौरतलब है कि मुस्कान की एक 6 साल की बेटी पहले से है, जो इस समय अपने नाना-नानी के पास रह रही है। अब इस रहस्य का जवाब डीएनए टेस्ट के बाद ही मिल सकता है।

क्या है पूरा हत्याकांड?

3 मार्च 2025 को मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत लंदन से मेरठ अपनी पत्नी मुस्कान के पास लौटे थे। लेकिन वह नहीं जानते थे कि उनके लिए मौत का जाल बुना जा चुका है। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ को पहले नशीली दवा दी और फिर चाकू से हत्या कर दी। इसके बाद शव को टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में डाल दिया गया और उसे सीमेंट से भरकर सील कर दिया गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी शिमला घूमने चले गए और सौरभ के मोबाइल से मैसेज भेजते रहे ताकि किसी को शक न हो। 18 मार्च को मुस्कान ने अपनी मां के सामने जुर्म कबूल कर लिया और इसके बाद दोनों गिरफ्तार कर लिए गए।

जेल प्रशासन का क्या कहना है?

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान की तबीयत पूरी तरह ठीक है और उसे नियमित मेडिकल देखभाल दी जा रही है। उन्होंने कहा, “प्रेग्नेंसी की पुष्टि हमारी मेडिकल प्रक्रिया के तहत हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में उसकी तबीयत बिगड़ने की बातें गलत हैं।”

गर्भवती महिला और जेल – क्या कहता है कानून?

भारतीय जेल कानूनों के मुताबिक, गर्भवती कैदी को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं जैसे कि उचित पोषण, मेडिकल देखभाल और प्रसव की व्यवस्था। हालांकि, यह प्रेग्नेंसी उसे सजा से नहीं बचा सकती, लेकिन यदि सजा तय होती है तो उसे कुछ समय के लिए टालने पर विचार किया जा सकता है।

अब आगे क्या होगा?

इस हाई-प्रोफाइल केस में अब कई नए मोड़ आने बाकी हैं। डीएनए टेस्ट यह तय करेगा कि बच्चा किसका है, और इससे केस की दिशा पर असर पड़ सकता है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बन सकता है, जिसमें फांसी तक की सजा संभव है। लेकिन मुस्कान की प्रेग्नेंसी के चलते सजा की प्रक्रिया में कुछ देरी जरूर हो सकती है।

पत्नी ने रची साजिश, गला दबाकर की पति की हत्या

सर्वोदय/बिजनौर (यूपी): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति की हत्या की साजिश रची और उसे गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। शुरुआत में महिला ने दावा किया कि उसके पति की मौत हार्टअटैक से हुई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया।

क्या है मामला?

शिवानी नाम की महिला ने दो साल पहले दीपक नामक युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वह अपने ससुराल में रह रही थी, लेकिन हाल ही में हुए पारिवारिक विवाद के चलते दीपक ने पत्नी को लेकर अलग रहना शुरू कर दिया था। दो दिन पहले शिवानी ने दीपक के परिवार को फोन कर बताया कि दीपक को दिल का दौरा पड़ा है और वह अस्पताल में भर्ती है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने दीपक के गले पर संदिग्ध निशान देखे, जो हार्टअटैक के लक्षणों से मेल नहीं खाते थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज

परिजनों को शक होने पर उन्होंने पोस्टमार्टम की मांग की। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दीपक की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसे गला दबाकर मारा गया था। यह खुलासा होते ही पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।

जांच में खुला साजिश का पर्दाफाश

पुलिस की पूछताछ में शिवानी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना में शिवानी अकेली नहीं थी, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति ने भी उसका साथ दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह दूसरा व्यक्ति कौन है और शिवानी से उसका क्या संबंध है।

पुलिस का बयान

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “शिवानी ने हत्या की बात स्वीकार की है। अब हमारी कोशिश है कि इस साजिश में शामिल दूसरे व्यक्ति की पहचान की जाए। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।”

इलाके में हड़कंप

इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजन और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं कि एक पत्नी, जिसने प्रेम विवाह किया था, वही अपने पति की जान ले सकती है।

तफ्तीश जारी

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश, अवैध संबंध या अन्य कारण तो नहीं हैं। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है।

शिक्षक-छात्रा संबंध शर्मसार: अश्लील हरकत का वीडियो वायरल, आरोपी शिक्षक हिरासत में

सर्वोदय/कुशीनगर:-एक बार फिर गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। कसया थाना क्षेत्र स्थित एक इंटर कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षक पर छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक मैनुद्दीन अंसारी को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी कृषक इंटर कॉलेज, मल्लूडीह में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने विद्यालय परिसर में ही छात्रा के साथ अशोभनीय व्यवहार किया, जिसकी वीडियो क्लिप सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।

घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने कॉलेज परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल समाज को शर्मसार करती हैं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती हैं।

सीओ कसया ने क्या कहा?

इस प्रकरण पर कसया के क्षेत्राधिकारी कुंदन कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया,”सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार करता दिख रहा है। जांच में पुष्टि हुई कि यह वीडियो कृषक इंटर कॉलेज, मल्लूडीह का है और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति सहायक अध्यापक मैनुद्दीन अंसारी, पुत्र हदीश अंसारी है, जो कसया थाना क्षेत्र के धनहा उर्फ मल्लूडीह का निवासी है।”

उन्होंने आगे बताया कि छात्रा के परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे पुलिस हिरासत में लिया गया है और मामले की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।

स्थानीय लोगों की मांग

इस शर्मनाक घटना के बाद क्षेत्र में गुस्से का माहौल है। लोगों का कहना है कि विद्यालयों में छात्र-छात्राएं अपने भविष्य और सुरक्षा की उम्मीद से आते हैं, लेकिन जब शिक्षक ही अपनी मर्यादा भूल जाएं तो समाज के लिए यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। लोगों ने प्रशासन से कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इमरान हाशमी बने दुश्मनों का काल, ट्रेलर रिलीज होते ही मचाया तहलका

सर्वोदय/मनोरंजन:- इमरान हाशमी की आगामी फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ जंग के मैदान में हिम्मत, बलिदान और संघर्ष की एक अनसुनी कहानी को सामने लाती है। पिछले कुछ दिनों से फिल्म के मेकर्स ने पोस्टर्स और टीजर के जरिए सस्पेंस बढ़ाया था, और अब फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज हो गया है। ‘ग्राउंड जीरो’ एक रियल मिशन से प्रेरित है, जिसे साल 2015 में BSF द्वारा किए गए एक शानदार ऑपरेशन के तौर पर सराहा गया था।

इमरान हाशमी इस फिल्म में असल जीवन के BSF कमांडेंट नरेंद्र नाथ धर दुबे के किरदार में नजर आ रहे हैं। उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन काफी प्रभावशाली है। ट्रेलर में उनका एक संवाद यह स्पष्ट करता है कि कहानी अब किस दिशा में आगे बढ़ने वाली है: “अब प्रहार होगा।” यह वाक्य एक ऐसे सैनिक की मानसिकता को दर्शाता है, जो अब और बर्दाश्त नहीं करेगा, बल्कि दुश्मन को करारा जवाब देगा।

‘ग्राउंड जीरो’ का ट्रेलर: एक्शन और इमोशंस से भरपूर

फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ का ट्रेलर पूरी तरह एक्शन और इमोशंस से भरपूर है, जिसमें कश्मीर के तनावपूर्ण हालात को प्रभावी तरीके से दर्शाया गया है। बैकग्राउंड म्यूजिक इतना सशक्त है कि वह पूरी फिल्म की टेंशन और मिशन की गंभीरता को और भी बढ़ा देता है। ट्रेलर के जरिए बिना ज्यादा दिखाए, दर्शकों को उन खतरों का अहसास होता है, जो कहानी में मौजूद हैं। इमरान हाशमी अपने रोल में पूरी तरह से फिट हैं, और साई तम्हणकर का किरदार भी सधा हुआ और इमोशनल है।

दर्शकों की उम्मीदें बढ़ीं

फिल्म के ट्रेलर ने दर्शकों की उम्मीदों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। ट्रेलर खत्म होने के बाद भी एक अनजानी आवाज की गूंज सुनाई देती है, जो एक अदृश्य खतरे का अहसास कराती है, जो हर पल मौजूद होता है। यह पहलू कहानी को और भी दिलचस्प और रहस्यमयी बनाता है। ‘लक्ष्य’ जैसी प्रभावशाली फिल्म देने वाले प्रोड्यूसर्स के द्वारा प्रस्तुत ‘ग्राउंड जीरो’ अब दर्शकों के लिए एक नई उम्मीद बन गई है।

‘ग्राउंड जीरो’ की रिलीज डेट

फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रोड्यूस की गई है, जिसमें रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर का योगदान है। डायरेक्शन की कमान तेजस देवस्कर ने संभाली है। इस फिल्म को 25 अप्रैल 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, और इसे लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है।

पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को ED ने गिरफ्तार

सर्वोदय/लखनऊ:- पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को बैंकों से धोखाधड़ी के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी लखनऊ के न्यू हैदराबाद क्षेत्र स्थित उनके आवास से की गई। आज सुबह ED ने तिवारी के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें गोरखपुर, लखनऊ, नोएडा सहित कुल 10 स्थानों पर रेड की गई।

विनय शंकर तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों से धोखाधड़ी की और वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त रहे। इस मामले में ED ने पहले उनकी संपत्तियों को जब्त किया था, और अब उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है, और ED का कहना है कि उन्होंने धोखाधड़ी के मामले में ठोस साक्ष्य एकत्र करने के बाद यह कार्रवाई की। अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।

राहुल की यात्रा के बीच आपस में भिड़े कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक ने कार्यकर्ता को दौड़ाकर पीटा;

सर्वोदय/ बिहार:- कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिहार दौरे पर हैं। उनकी यात्रा के बीच कांग्रेस के नेता आपस में भिड़े- वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल , वीडियो में रीगा के पूर्व कांग्रेस विधायक टुन्ना सिंह किसी कांग्रेस कार्यकर्ता को दौड़ाते हुए नजर आ रहे हैं।इस दौरान सदाकत आश्रम परिसर में ही दोनों गिर जाते हैं फिर पूर्व विधायक भाग रहे युवक को पीटने लगते हैं। इस दौरान बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह गेट के बाहर थे।

बताया जा रहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भाषण सुन जोश में आए एक पूर्व विधायक ने कांग्रेसी की ही धुनाई कर दी। कुछ अन्य कांग्रेसी भी पूर्व विधायक का साथ दे रहे थे। पिटाई के बाद काग्रेसी कार्यकर्ता भाग खड़े हुए। यह सब सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम के परिसर में हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आश्रम के हॉल में राहुल गांधी भाषण दे रहे थे। अन्य लोगों के साथ सीतामढ़ी जिला के रीगा के पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना भी तन्मयता से भाषण सुन रहे थे।उसी समय कार्यकर्ता रविरंजन की गतिविधियों से उनका ध्यान भंग हो गया। टुन्ना के अनुसार वह युवक पाकिटमारी कर रहा था। जेब में हाथ डाल दिया था। हमने मना किया तो उलझ गया।

राहुल के भाषण तक पूर्व विधायक चुप रहे। भाषण समाप्त हुआ। कार्यकर्ता तेजी से निकला।पूर्व विधायक ने पीछा किया। कार्यकर्ता दौड़ने लगा। पूर्व विधायक भी दौड़े। कार्यकर्ता को पकड़ कर एक हाथ चलाते ही वह स्वयं भी गिर गए। पकड़ ढीली हुई तो कार्यकर्ता आगे निकल गया। लेकिन, इस दौरान भी दो-चार लोगों ने अपना हाथ साफ कर लिया।

इस क्रम में मां-बहन की गालियों की बौछार भी होती रही। कार्यकर्ता की अच्छी पिटाई हो गई। इससे ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह आश्रम से निकले थे। मारो-पकड़ो की आवाज सुन कर वह भी खड़े हो गए। कार्यकर्ता का नाम रविरंजन बताया गया है। रविरंजन के अनुसार उसकी पिटाई पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. अखिलेश सिंह का समर्थक होने के कारण की गई।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को पहुंचाया जाएगा ब्लाक स्तर तक

सर्वोदय/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से वर्ष 2021 से प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत दी जाती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप समाज कल्याण विभाग द्वारा चलायी जा रही है मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से अब तक 82 हजार से अधिक छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। एक ओर अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम को गुणवत्तायुक्त बनाने के लिए एआई और प्रदेश के सेवानिवृत्त अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को मॉक इंटरव्यू और प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही योजना को ब्लाक स्तर पर संचालित करने का प्रयास भी चल रहा है।

अभ्युद पोर्टल के माध्यम से शुरू हो चुका है ऑनलाइन आवेदन

सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को और अधिक प्रभावी बनाने और इसकी पहुंच ग्रामीण परिवेश के छात्रों तक पहुंचाने के लिए अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है। अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से एक ओर छात्र प्रदेश के कोने-कोने से सुविधाजनक तरीके से आवेदन कर सकेंगे। सत्र में सबसे पहले यूपीएसी और यूपीपीसीएस की परीक्षाओं के लिए आवेदन शुरू हो गये हैं। साथ ही शिक्षक भी एआई और पोर्टल के माध्यम से छात्रों को ऑनलाइन परामर्श और प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इसके अलावा इस सत्र से मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जा रहा है। ताकि ग्रामीण परिवेश के जरूतमंद छात्र अपने घरों के समीप ही आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। वर्तमान में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, जिनकी संख्या सत्र में बढ़ाये जाने की योजना है।

विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और प्रशासकीय अधिकारी जुड़ेगें मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिये प्रदेश के सेवानिवृत्त अधिकारियों और विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों को अभ्युदय योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले भी समय-समय पर प्रशासकीय सेवा में कार्यरत अधिकारी और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ छात्रों को प्रशिक्षण और मॉक इंटरव्यू में मार्गदर्शन प्रदान करते रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस प्रक्रिया को इस सत्र से योजनाबद्ध ढ़ग से चालाया जाएगा। वर्तमान में 500 से अधिक आईएएस, 450 आईपीएस और लगभग 300 आईएफएस अधिकारी अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से वर्चुअल और रियल गाइडेंस प्रदान कर रहे हैं।साथ ही कई अन्य विषयों के विशेषज्ञ भी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं । यूपीएससी व पीसीएस की सक्षात्कार परीक्षा के लिए अब तक 10 मॉक इंटरव्यू का संचालन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत अब तक प्रदेश के 743 से अधिक छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं।

परीक्षा – सफल हुए छात्र

यूपीएसी – 46
यूपीपीसीएस – 121
एनईईटी – 86
जेईई – 35
अन्य भर्ती परीक्षा – 455 से अधिक

पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये की बढ़ोतरी, आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा असर

 

सर्वोदय/नई दिल्ली:- केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की जेब पर नहीं पड़ेगा। यह नई दरें 8 अप्रैल से प्रभावी होंगी।

बढ़े हुए उत्पाद शुल्क की नई दरें
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, अब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ₹13 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर हो गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। साथ ही, वैश्विक स्तर पर अमेरिका द्वारा लगाए गए संभावित टैरिफ ने भी सरकार को नीति में बदलाव के लिए प्रेरित किया।

खुदरा कीमतों पर असर नहीं
जैसे ही यह घोषणा सामने आई, अटकलें शुरू हो गईं कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में भी इजाफा होगा। हालांकि, सरकारी सूत्रों और उद्योग से जुड़े अधिकारियों के हवाले से स्पष्ट किया गया है कि आम उपभोक्ताओं पर इसका कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
बढ़े हुए उत्पाद शुल्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से संतुलित किया जाएगा। यानी खुदरा स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना नहीं है।

सरकार की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठा रही है, लेकिन आम जनता को राहत देने के लिए खुदरा कीमतों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें पहले से ही दबाव में हैं, जिसका लाभ सरकार मूल्य समायोजन के रूप में ले सकती है।