सर्वोदय/नई दिल्ली:- केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की जेब पर नहीं पड़ेगा। यह नई दरें 8 अप्रैल से प्रभावी होंगी।
बढ़े हुए उत्पाद शुल्क की नई दरें
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, अब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ₹13 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर हो गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। साथ ही, वैश्विक स्तर पर अमेरिका द्वारा लगाए गए संभावित टैरिफ ने भी सरकार को नीति में बदलाव के लिए प्रेरित किया।

खुदरा कीमतों पर असर नहीं
जैसे ही यह घोषणा सामने आई, अटकलें शुरू हो गईं कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में भी इजाफा होगा। हालांकि, सरकारी सूत्रों और उद्योग से जुड़े अधिकारियों के हवाले से स्पष्ट किया गया है कि आम उपभोक्ताओं पर इसका कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
बढ़े हुए उत्पाद शुल्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से संतुलित किया जाएगा। यानी खुदरा स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना नहीं है।
सरकार की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठा रही है, लेकिन आम जनता को राहत देने के लिए खुदरा कीमतों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें पहले से ही दबाव में हैं, जिसका लाभ सरकार मूल्य समायोजन के रूप में ले सकती है।



