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फिर दहल जाएगी दुनिया! WHO चीफ की खौफनाक चेतावनी,

सर्वोदय/देश-विदेश(जिनेवा):- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने एक चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता का माहौल बन गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगली महामारी निश्चित है— यह एक वैज्ञानिक तथ्य है, न कि कोई कल्पना। चाहे वह कल ही क्यों न आ जाए या फिर 20 वर्षों बाद, इसका आना तय है।

डब्ल्यूएचओ की बैठक में बोलते हुए डॉ. टेड्रोस ने कहा कि दुनिया को अब से ही तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। उनका कहना है कि अब समय नहीं है कि महामारी को भूला जाए या इसे किसी अन्य संकट के मुकाबले पीछे रखा जाए।

महामारी की आशंका को नजरअंदाज कर रही हैं सरकारें

डॉ. टेड्रोस ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया भूराजनीतिक संघर्षों और आर्थिक समस्याओं से घिरी हुई है। इन परिस्थितियों में सरकारें महामारी की संभावनाओं को कमतर आंक रही हैं। उन्होंने दोहराया कि कोविड-19 के अनुभव को भुलाना बड़ी भूल होगी, क्योंकि इसने न केवल 70 लाख लोगों की जान ली (जो कि सरकारी आंकड़ा है), बल्कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार असली संख्या 2 करोड़ से भी ज्यादा हो सकती है।

कोरोना महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को करीब 10,000 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचाया। इस त्रासदी ने स्पष्ट कर दिया कि एक मजबूत वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली अब एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है।

महामारी समझौते की ज़रूरत अब पहले से कहीं अधिक

डॉ. टेड्रोस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक वैधानिक महामारी समझौते की वकालत की है। उन्होंने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए एक वैश्विक साझेदारी की ज़रूरत है, जिसमें हर देश — चाहे छोटा हो या गरीब — बराबरी का भागीदार हो

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता ऐसा होना चाहिए जो किसी भी देश की संप्रभुता का अपमान न करे, लेकिन महामारी की रोकथाम, बचाव, तैयारी और प्रबंधन के लिए एक समान अंतरराष्ट्रीय ढांचा बनाए।

डॉ. टेड्रोस ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से अपील की कि अब निर्णय लेने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, “हम पिछले साढ़े तीन साल से इस दिशा में लगातार चर्चा कर रहे हैं, अब इसे अंतिम रूप देने की घड़ी आ गई है।”

बिहार के छपरा में दारोगा पर भीड़ का हमला, जान बचाने के लिए करनी पड़ी हवाई फायरिंग

सर्वोदय/छपरा (बिहार):- बिहार के छपरा से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुलिस अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए सर्विस रिवॉल्वर हाथ में लिए भीड़ से भागते नजर आ रहे हैं। भीड़ ने जब उन्हें घेर लिया, तो उन्होंने आत्मरक्षा में हवा में गोलियां चलाकर खुद को बचाया।

सड़क हादसे में छात्र की मौत के बाद भड़की भीड़

यह मामला अमनौर थाना क्षेत्र के जहरी पकड़ी टोला केवारी कला गांव का है। शुक्रवार सुबह स्कूल जा रहे एक मासूम छात्र को हाइवा वाहन ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने न सिर्फ हाइवा चालक को पकड़कर पीटा, बल्कि सड़क जाम कर प्रदर्शन भी शुरू कर दिया।

पुलिस पर हमला, एएसआई घायल

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में एएसआई संजय कुमार घायल हो गए। हालात इतने बिगड़ गए कि एक दारोगा को भीड़ से बचने के लिए हाथ में रिवॉल्वर लेकर भागना पड़ा।

दो राउंड हवाई फायरिंग से काबू में हालात

पुलिसकर्मियों ने हालात बेकाबू होते देख दो राउंड हवाई फायरिंग की, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई और पुलिस किसी तरह मौके से निकलने में सफल रही। हालांकि इस पूरी घटना में किसी के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं

जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसकी पुष्टि “प्रभात खबर” और अन्य स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों द्वारा नहीं की गई है, लेकिन घटना को लेकर पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।

कानपुर पुलिस ने डीएम बाराबंकी के बुजुर्ग पिता पर किया शांतिभंग का चालान

सर्वोदय/कानपुर:– यूपी पुलिस पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद अब कानपुर पुलिस ने एक और विवाद को जन्म दे दिया है। बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के 80 वर्षीय पिता एसएन त्रिपाठी का शांतिभंग करने के आरोप में चालान कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

एसएन त्रिपाठी, जो एक सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और कानपुर के कल्याणपुर इलाके में रहते हैं, का कहना है कि पुलिस ने उन्हें झूठे मामले में फंसाया है। उनका आरोप है कि जिस समय मंदिर विवाद हुआ, वह मौके पर मौजूद ही नहीं थे, बावजूद इसके पुलिस ने बिना किसी ठोस साक्ष्य के उन्हें शांतिभंग की धारा 151 के तहत नामजद करते हुए चालान काट दिया।

त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर में दो समितियों के बीच फरवरी में दानपात्र खोलने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने एक पक्ष की बात मानते हुए रिपोर्ट दर्ज की और उनके नाम को जबरन जोड़ दिया गया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है ताकि उनकी बेगुनाही साबित हो सके।

पुलिस कार्रवाई से त्रिपाठी परिवार गहरे सदमे में है। एसएन त्रिपाठी ने इसे अपने आत्मसम्मान पर गहरी चोट बताया है और कहा कि उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, ठोस न्याय नहीं।

इस पूरे मामले पर कल्याणपुर के एसीपी अभिषेक पांडे का कहना है कि यदि किसी का नाम गलती से रिपोर्ट में जोड़ा गया है तो इसकी जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।

यह मामला यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है, खासकर तब जब आरोपी एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का परिवार है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर सरकार और पुलिस विभाग क्या रुख अपनाते हैं।

26/11 हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा भारत लाया जा रहा, तिहाड़ में हाई सिक्योरिटी में रखा जाएगा

सर्वोदय/नई दिल्ली: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और वैश्विक आतंकवाद की साजिशों में शामिल तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सात सदस्यीय टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंचने वाली है। यहां आने के बाद राणा का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद उसे NIA कोर्ट में पेश किया जाएगा और फिर सीधे तिहाड़ जेल भेजा जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राणा को तिहाड़ की हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा।

अधिवक्ता नरेंद्र मान होंगे सरकारी वकील
इस हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई को लेकर केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र मान को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, नरेंद्र मान की नियुक्ति आज से तीन साल तक या फिर मुकदमा समाप्त होने तक, जो पहले हो, तक प्रभावी रहेगी।

नरेंद्र मान इससे पहले CBI की ओर से कई अहम मामलों में पैरवी कर चुके हैं, जिनमें वर्ष 2018 का एसएससी पेपर लीक मामला भी शामिल है। सरकार ने अब उन्हें तहव्वुर राणा केस की कानूनी प्रक्रिया को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी है।

कौन है तहव्वुर राणा?

64 वर्षीय तहव्वुर राणा पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है और कनाडा का नागरिक है। वह 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी रहा है। दोनों ने मिलकर हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया।

राणा के प्रत्यर्पण को लेकर भारत को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। उसने अमेरिका की कई अदालतों में प्रत्यर्पण रोकने की कोशिश की, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज हो गईं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी अंतिम सुनवाई में साफ कर दिया कि उसे भारत को सौंपा ही जाएगा।

तिहाड़ में विशेष इंतजाम

सूत्रों के अनुसार, तिहाड़ जेल में तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाएगा। उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए विशेष निगरानी टीम तैनात की गई है।

क्या है आगे की प्रक्रिया?

दिल्ली आगमन के साथ होगा मेडिकल परीक्षण

पेशी होगी NIA की स्पेशल कोर्ट में

भेजा जाएगा तिहाड़ जेल के हाई-सिक्योरिटी सेल में

नरेंद्र मान कोर्ट में करेंगे भारत सरकार का प्रतिनिधित्व

भारत में तहव्वुर राणा के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज है। अब NIA उसे अपनी कस्टडी में लेकर 26/11 हमले की गहराई से जांच को आगे बढ़ाएगी।

वक्फ कानून पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान: “बंगाल में ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति नहीं चलेगी”

सर्वोदय/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वक्फ कानून को लेकर एक धार्मिक कार्यक्रम में बोलते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करती है और किसी भी कीमत पर ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति को बंगाल में सफल नहीं होने देगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने मुसलमानों के साथ अपनी भावनात्मक जुड़ाव को जाहिर किया। उन्होंने कहा,
“हम सब एक हैं। बंगाल की धरती पर किसी को निकाला नहीं जा सकता। यहां 33% अल्पसंख्यक हैं, और हम सब मिलकर शांति और भाईचारे से रहना चाहते हैं।”

वक्फ संपत्तियों के अधिकारों की रक्षा का वादा

मुख्यमंत्री ने वक्फ संपत्तियों और उससे जुड़े अधिकारों की रक्षा की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी समुदाय के धार्मिक या सामाजिक अधिकारों का हनन न हो।

“बांटने की राजनीति नहीं चलेगी”

अपने भाषण में ममता बनर्जी ने इशारों में कुछ राजनीतिक ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि,
“कुछ ताकतें बंगाल में समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन हमारी सरकार यह कभी सफल नहीं होने देगी।”

राजनीतिक हलचल तेज

ममता बनर्जी के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। जहां एक ओर उनके समर्थकों ने इस बयान को अल्पसंख्यकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बताया, वहीं अब सबकी निगाहें विपक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

सास को हुआ दामाद से प्यार, बेटी की शादी से पहले ही हुई फरार

सर्वोदय/अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के मंडराक थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला अपनी बेटी की शादी से ठीक 9 दिन पहले अपने ही होने वाले दामाद के साथ फरार हो गई। महिला सिर्फ दामाद के साथ ही नहीं भागी, बल्कि घर में रखे लाखों रुपये नगद और सोने-चांदी के आभूषण भी साथ ले गई।

घटना अलीगढ़ के मनोहरपुर गांव की है, जहां रहने वाले जितेंद्र कुमार ने अपनी बेटी शिवानी की शादी 16 अप्रैल को छर्रा थाना क्षेत्र के एक युवक राहुल उर्फ शिवा से तय की थी। शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन उसी दौरान जितेंद्र की पत्नी और शिवानी की मां ने अपने होने वाले दामाद राहुल के साथ मिलकर घर में रखे करीब 3.5 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये के गहनों के साथ घर छोड़ दिया।

बेटी की टूटी दुनिया

शिवानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह अपनी शादी को लेकर बेहद उत्साहित थी और तैयारियों में जुटी थी, लेकिन उसकी मां ने जिस दामाद के साथ उसकी शादी होनी थी, उसी से प्रेमसंबंध बना लिए और साथ फरार हो गई। शिवानी ने बताया कि उसकी मां पिछले तीन महीने से राहुल से फोन पर लगातार बात कर रही थी। इस हरकत ने उसके सारे सपने तोड़ दिए हैं।

पिता ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

शिवानी के पिता जितेंद्र कुमार, जो बेंगलुरु में व्यवसाय करते हैं, अपनी बेटी की शादी के लिए घर लौटे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले ही शक था कि राहुल उनकी बेटी की जगह उनकी पत्नी से ज्यादा बात करता है। जब उन्होंने राहुल से फोन पर बात की तो शुरुआत में वह सास के साथ होने की बात से इंकार करता रहा। लेकिन आखिरकार उसने कबूल कर लिया कि वह उसकी पत्नी के साथ है और जितेंद्र को उसे अब भूल जाने की सलाह दी।

परिवार में मचा कोहराम

इस घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बेटी शिवानी की तबीयत बिगड़ गई है और उसका घर पर ही इलाज चल रहा है। परिवार ने पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने महिला और युवक दोनों के फोन नंबर सर्विलांस पर लगा दिए हैं और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बेटी ने मां से तोड़ा रिश्ता

शिवानी ने साफ शब्दों में कहा है कि अब उसका अपनी मां से कोई रिश्ता नहीं रहा। वह चाहती है कि राहुल के परिवार से लिए गए 1 लाख रुपये (50 हजार नकद व 50 हजार फोन पे) और गहने वापस मिले। शिवानी ने कहा, “अब मेरी मां कहीं भी जाकर मरे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।”

RBI ने घटाई ब्याज दरें,रेपो रेट में कटौती से आम जनता को राहत,

सर्वोदय/नई दिल्ली:- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए वित्तीय वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में आम जनता को बड़ी राहत दी है। 7 से 9 अप्रैल 2025 के बीच हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया गया है। इस निर्णय के तहत रेपो रेट को 6.25% से घटाकर 6.00% कर दिया गया है। यह निर्णय RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा घोषित किया गया, जो MPC के अध्यक्ष भी हैं।

क्या कहा गवर्नर ने?

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि इस बार कमिटी का स्टांस ‘अकोमोडेटिव’ रखा गया है, जबकि फरवरी 2025 में यह ‘न्यूट्रल’ था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्टांस में बदलाव को लिक्विडिटी पॉलिसी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

फरवरी में भी हुई थी कटौती

यह लगातार दूसरी बार है जब MPC ने ब्याज दरों में कटौती की है। फरवरी 2025 में भी पांच साल बाद दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की गई थी। यानी अब तक 2025 में कुल 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती हो चुकी है।

अप्रैल 2025 की नई नीतिगत दरें:

– रेपो रेट: 6.00%
– SDF रेट: 5.75%
– MSF रेट: 6.25%
– पॉलिसी स्टांस: अकोमोडेटिव

रेपो रेट में बदलाव क्यों?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को लोन देता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो RBI रेपो रेट बढ़ाकर इकोनॉमी से नकदी कम करने की कोशिश करता है। इसके उलट, जब इकोनॉमी में ग्रोथ की जरूरत होती है, तो RBI रेपो रेट घटाकर लिक्विडिटी बढ़ाता है। इससे बैंकों को सस्ता लोन मिलता है और वे ग्राहकों को कम ब्याज पर लोन दे सकते हैं।

रिवर्स रेपो रेट का क्या असर?

रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों से उनकी अतिरिक्त नकदी जमा कर ब्याज देता है। रिवर्स रेपो रेट बढ़ने पर बैंक अपना पैसा ग्राहकों को लोन देने के बजाय RBI में रखना पसंद करते हैं, जिससे बाजार में पैसे की आपूर्ति घटती है।

RBI का यह कदम न केवल आम जनता को सस्ते लोन दिलाने में मदद करेगा, बल्कि देश की आर्थिक रफ्तार को भी नई गति देगा। खासकर होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन लेने वालों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

मैं वापस आ रही हूं!’ शेख हसीना का बड़ा ऐलान, बोलीं – मुझे अल्लाह ने किसी मकसद से जिंदा रखा है

सर्वोदय/देश-विदेश: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया के जरिए अपनी पार्टी नेताओं के परिजनों से संवाद करते हुए हसीना ने इशारों-इशारों में अपनी ‘वापसी’ का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा, “अल्लाह ने मुझे किसी मकसद से जिंदा रखा है… और मैं जरूर लौटूंगी।”

अवामी लीग के नेताओं पर हमलों को लेकर नाराज़गी

हसीना ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा और उनके परिवारों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “एक दिन जरूर आएगा जब अवामी लीग के नेताओं को निशाना बनाने वालों को न्याय का सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही देश लौटकर अपने लोगों के साथ खड़ी होंगी।

मुहम्मद यूनुस पर तीखा हमला

अपने संबोधन में हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूनुस कभी आम लोगों से सच्चा जुड़ाव नहीं रख पाए। “उन्होंने ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज देकर लोगों का शोषण किया और उस पैसे से विदेश में ऐशोआराम की जिंदगी बिताई।” हसीना का दावा है कि उन्होंने शुरू में यूनुस का साथ दिया, लेकिन बाद में उनका असली चेहरा सामने आया।

बांग्लादेश में बिगड़ते हालात पर चिंता

हसीना ने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बांग्लादेश अब “आतंक प्रभावित राष्ट्र” बनता जा रहा है। “हमारे कार्यकर्ता, पत्रकार, पुलिस, वकील और कलाकार तक निशाने पर हैं। हत्या, बलात्कार और डकैती जैसे अपराधों की मीडिया में रिपोर्टिंग पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं।”

परिवार की हत्या को किया याद

पूर्व प्रधानमंत्री ने 1975 में अपने परिवार के साथ हुई दर्दनाक घटना को याद करते हुए भावुक लहजे में कहा, “एक ही दिन में मैंने अपने माता-पिता, भाइयों और पूरे परिवार को खो दिया। मुझे अपनों को खोने का दर्द अच्छी तरह मालूम है। अल्लाह ने मुझे बचा लिया, शायद वह मुझसे कोई नेक काम करवाना चाहता है।”

बंगाल लौटने का संकेत

कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान हसीना ने कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही बांग्लादेश लौटने वाली हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि उनके खिलाफ साजिश करने वालों को जल्द न्याय मिलेगा। “अल्लाह के घर में देर हो सकती है, लेकिन वहां अन्याय नहीं होता… मैं आ रही हूं।”

अंतरिम सरकार की सक्रियता और भारत से संपर्क

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार शेख हसीना को देश में वापस लाने के लिए प्रयासरत है। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान अंतरिम सरकार के प्रतिनिधि मुहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रत्यर्पण अनुरोध की प्रगति पर जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही उन्होंने हसीना के बयानों को देश को अस्थिर करने वाला बताया।

पाकिस्तान को तो अमेरिका ने बुरा फंसाया, टैरिफ के नाम पर कर रहा ‘ब्लैकमेल’

सर्वोदय/देश-विदेश:-  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के जरिए दुनिया के देशों को झुकाने में लगे हैं. धीरे-धीरे कई देश ट्रंप की बात मानने लगे हैं. पाकिस्तान को भी अब अमेरिका टैरिफ का दबाव देकर जाल में फंसाने लगा है. अमेरिका अब पाकिस्तान से उसका खजाना चाहता है. वही खजाना जो अभी तक ट्रंप यूक्रेन से मांग रहे थे. इस खजाने का नाम है, रेयर अर्थ मिनरल्स यानी पृथ्वी में मिलने वाले दुर्लभ खनिज. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार के साथ टैरिफ, व्यापार संबंध, इमीग्रेशन और खनिजों पर सहयोग की संभावना पर चर्चा की. दोनों देशों के विदेश मंत्रालय ने इसके लिए अलग-अलग बयान जारी किए हैं.

दोनों की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान पर 29 फीसदी टैरिफ लगाया. सवाल है कि क्या यह चर्चा पाकिस्तान को राहत देगी या उसकी मुश्किल बढ़ाएगी? राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि अमेरिका सभी आयातों पर 10 फीसदी बेसलाइन टैरिफ और दर्जनों देशों पर ऊंची दरें लगाएगा. ट्रंप ने उन देशों को भी निशाना बनाया है जो पारंपरिक तौर पर भारत के सहयोगी रहे हैं. इन फैसलों ने वैश्विक व्यापार को बुरी तरह हिलाकर रख दिया है. पाकिस्तान पर 29 फीसदी टैरिफ भी इसी का हिस्सा हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कर्यालय के मुताबिक 2024 में अमेरिका-पाकिस्तान का व्यापार घाटा 3 बिलियन डॉलर था, जो 2023 से 5.2 फीसदी ज्यादा है.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा,‘रुबियो और डार ने पाकिस्तान पर अमेरिकी जवाबी टैरिफ पर चर्चा की. दोनों ने एक निष्पक्ष व संतुलित व्यापार संबंध की दिशा में प्रगति पर बात की.’ इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग और अमेरिकी कंपनी के लिए व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाने की संभावना जताई. ट्रंप प्रशासन अन्य देशों के साथ भी खनिजों को लेकर सहयोग करना चाहते हैं. मिसाल के तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिकी मदद के बदले ट्रंप यूक्रेन से दुर्लभ खनिज मांग रहे हैं. कांगो में भी संघर्ष खत्म करने के लिए खनिज साझेदारी की बात की है.

सवाल यह भी है कि क्या पाकिस्तान खनिज क्षेत्र में साझेदारी कर चीन को टक्कर देने की तैयारी तो नहीं कर रहा है? क्योंकि CPEC के जरिए चीन ने पाकिस्तान में अपना प्रभाव बढ़ाया है. इसके अलावा रुबियो ने डार से कानून प्रवर्तन और अवैध आप्रवासन पर सहयोग मांगा. हाल ही में पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग भी दिखाया था. पाकिस्तान ने 2021 में काबुल हवाई अड्डे पर बम धमाके के लिए जिम्मेदार मोहम्मद शरीफुल्लाह को अमेरिका को सौंपा था.

ओडीओपी को नई रफ्तार देगी योगी सरकार

सर्वोदय/लखनऊ:- योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी (वन डिस्ट्रि्क्ट वन प्रोडक्ट) योजना अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक सुदृढ़ और दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार की है, जो उद्यमिता, स्वरोजगार और कौशल विकास को राज्य के कोने-कोने तक ले जाएगी। सरकार ने ओडीओपी योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष में अलग-अलग श्रेणियों में बजट निर्धारित किया है, जिससे योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके अंतर्गत स्वरोजगार के लिए वित्त पोषण, कौशल उन्नयन और टूलकिट के साथ ही योजना संबंधित अन्य व्यय को लेकर भी कार्ययोजना बनाई गई है। ओडीओपी योजना के इस नए स्वरूप से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश देश के आर्थिक नक्शे पर नए विकास मॉडल के रूप में उभरेगा।

सफल उद्यमियों को मिलेगा दूसरा मौका

पहले चरण में ऋण लेकर सफलतापूर्वक उद्यम स्थापित कर चुके लाभार्थियों को अब द्वितीय ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए शासन से संशोधन कर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे उन उद्यमियों को विशेष बढ़त मिलेगी, जिन्होंने सीमित संसाधनों से शुरुआत कर बड़ी सफलता हासिल की है।

जिलों को मिलेगा लक्ष्य, पिछली अटकी फाइलों को मिलेगी मंजूरी

हर जिले को लक्ष्य आवंटित किया जाएगा। साथ ही 2024-25 में लंबित प्रकरणों को नवीनीकरण कर बैंकों को प्रेषित किया जाएगा। वहीं स्वीकृत लेकिन अवितरित ऋण प्रकरणों में भी वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत वार्षिक लक्ष्य का 20 प्रतिशत स्वीकृति और वितरण कराया जाएगा।

ओडीओपी 2.0 और सीएफसी परियोजनाओं को मिलेगी गति

ओडीओपी कार्यक्रम को विकास के नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए सरकार ODOP 2.0 की कार्ययोजना को भी मंजूरी दिलाने की दिशा में प्रयासरत है। अब तक के अनुभव के आधार पर वर्तमान में प्रचलित योजनाओं का सरलीकरण किया जाएगा। उन्नाव, बिजनौर और गोण्डा में निर्माणाधीन सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) परियोजनाओं का उद्घाटन कराया जाएगा और नई परियोजनाएं भी स्वीकृत की जाएंगी।

बदलती सोच, नया ब्रांड यूपी

ओडीओपी योजना को ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और गुणवत्ता सुधार के नए आयामों से जोड़ा जाएगा। सेक्टोरल विशेषज्ञों के सहयोग से प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई जाएगी। जनपदों के पारंपरिक खाद्य पदार्थों को भी औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की योजना है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगा लाभार्थियों का चयन

योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण, टूलकिट और स्किल अपग्रेडेशन के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत जनपदवार वार्षिक लक्ष्यों का आवंटन किया जाएगा। ई-पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षण संस्थाओं को लाभार्थियों की सूची भेजी जाएगी।