Home Blog Page 321

अलीगढ़ में अखिलेश यादव का विरोध, क्षत्रिय महासभा ने दिखाए काले झंडे

अलीगढ़/सर्वोदय:-  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को पूर्व सपा विधायक की बेटी की शादी में शिरकत करने के लिए अलीगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे अखिलेश यादव

अखिलेश यादव शुक्रवार को पूर्व विधायक नजीबा खान जीनत की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अलीगढ़ पहुंचे थे। जैसे ही उनका काफिला धनीपुर एयरपोर्ट से निकला, बोनेर तिराहे पर मौजूद क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए।

विरोध की वजह क्या थी?

यह विरोध सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर दिए गए विवादित बयान के विरोध में किया गया। यह बयान संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है, लेकिन इससे क्षत्रिय समाज में आक्रोश कम नहीं हुआ है।

पुलिस की सख्ती, दो लोग हिरासत में

विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर तैनात पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाया और दो लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजा।

अखिलेश यादव का बीजेपी पर पलटवार

मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि,

“भाजपा का भरोसा तानाशाही पर है, हिटलर की तरह पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।”
“संविधान हमारी ढाल है, लेकिन भाजपा बार-बार उस पर हमला करती है।”
“महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की अनदेखी से जनता त्रस्त है।”
“उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।”

उन्होंने कहा कि राज्यसभा से जब किसी बयान को हटाया जाता है, तो वह मामला वहीं खत्म हो जाता है, लेकिन भाजपा उस मुद्दे को राजनीतिक फायदा उठाने के लिए बार-बार उछाल रही है।

किसानों और बिजली के मुद्दे भी उठाए

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों से किया गया कोई भी वादा पूरा नहीं किया, और गेहूं की सही कीमत तक देने में असफल रही है। साथ ही उन्होंने बिजली दरों को लेकर भी सरकार को घेरा, कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली महंगी हो गई है और जीएसटी ने व्यापारियों को बर्बाद कर दिया है।

दूध को बनाना चाहते हैं और अधिक पोषणयुक्त? इन चीजों को मिलाकर पाएं दुगना लाभ

सर्वोदय/लाइफस्टाइल:-  दूध को सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें पहले से ही कैल्शियम, प्रोटीन, और विटामिन D जैसे कई अहम पोषक तत्व मौजूद होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ प्राकृतिक चीजों को दूध में मिलाकर आप इसकी पौष्टिकता को और बढ़ा सकते हैं?

यहाँ हम आपको बता रहे हैं 6 ऐसी चीजें जिन्हें दूध में मिलाकर पीने से आपको ज्यादा एनर्जी, बेहतर इम्यूनिटी और कुल मिलाकर बेहतर स्वास्थ्य मिल सकता है:

बादाम- बादाम को ‘सुपरनट’ कहा जाता है और अच्छे कारण से। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन E, और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं। दूध में बादाम मिलाने से यह न सिर्फ स्वादिष्ट बनता है बल्कि दिल की सेहत और स्किन ग्लो के लिए भी फायदेमंद होता है।

हल्दी-हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन कंपाउंड एक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट है। दूध के साथ मिलाकर यह मिश्रण जोड़ों के दर्द, सूजन और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर है।

शहद-अगर आप रिफाइंड शुगर की जगह कुछ हेल्दी विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो शहद एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करते हैं और एनर्जी लेवल को बनाए रखते हैं।

दालचीनी-दालचीनी एक सुगंधित मसाला है जो दूध को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य के कई लाभ भी देता है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और विटामिन C, A समेत कई पोषक तत्व होते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी सहायक है।

अदरक-अदरक को सदियों से घरेलू औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सर्दी-जुकाम, सूजन, और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। दूध में अदरक मिलाने से यह एक नैचुरल हीलिंग ड्रिंक बन जाती है।

चिया सीड्स-चिया सीड्स को आज के समय में एक सुपरफूड माना जाता है। यह फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। चिया सीड्स दूध में मिलाकर पीने से यह वजन कम करने, पेट को भरा रखने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

अगर आप दूध को और अधिक फायदेमंद बनाना चाहते हैं, तो इनमें से कोई एक या एक से अधिक चीजें अपने दैनिक दूध में शामिल करें। यह न सिर्फ आपके स्वास्थ्य को फायदा देगा बल्कि दिनभर की थकान को दूर करने में भी मदद करेगा।

फैक्ट्री और ट्रेड लाइसेंस की स्वीकृति की प्रक्रिया का होगा सरलीकरण

लखनऊ/सर्वोदय:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंवेस्ट यूपी प्रदेश को निवेश का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके तहत फरवरी 2023 में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में रिकार्ड 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ। सीएम योगी के वन ट्रिलियन डालर इकॉनमी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इंवेस्ट यूपी की पुनर्संरचना की जा रही है। इस दिशा क्रम में सीएम योगी ने समीक्षा बैठक में इंवेस्ट यूपी के निवेश मित्र, सिंगल विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। ताकि प्रदेश में निवेश करने वाले उद्यमियों को आसानी से क्लियरेंस मिल सके और अधिक से अधिक एमओयू को धरातल पर उतारा जा सके।

इंवेस्ट यूपी के सिंगल विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम की जल्द दूर होगी सभी समस्याएं

इंवेस्ट यूपी को और अधिक प्रभावशाली बनाने और प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश को आकर्षित करने के लिये निवेश मित्र, सिंगल विंड़ो ऑपरेटिंग सिस्टम की सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में सीएम योगी के निर्देशों के मुताबिक सिंगल विंडो अधिनियम 2024 को प्रभावी तौर पर लागू किया जा रहा है। साथ ही इस माह से ही सिस्टम एग्रीगेटर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ताकि अलग-अलग विभागों के डेटा का एकत्रिकरण कर उनका एक ही स्थान पर निराकरण किया जा सके। साथ ही सूचना और सुविधा प्रदान करने के लिए टर्नराउंड समय को कम किया जा सके। प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अधिनियम के मुताबिक अनावश्यक विलंब की स्थिती में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाई करने व उच्च स्तर के अधिकारियों तक सीधे ऑनलाइन शिकायत प्रस्तुत की जा सकने की सुविधा प्रदान की गई है।

लैंड यूज प्रक्रिया का होगा डिजिटलीकरण, 3 माह में मिलेगा विद्युत और जल कनेक्शन

सीएम योगी के यूपी को औद्योगिक निवेश का ड्रीम डेस्टीनेशन बनाने के मिशन में इंवेस्ट यूपी में कई सुधारात्मक उपाय अपनाये जा रहे हैं। इसी दिशा क्रम में इंवेस्ट यूपी के तहत लैंड यूज परिवर्तन प्रक्रिया का पूरी तरह से धार-80 के मुताबिक 6 माह के भीतर डिजटलीकरण किया जा रहा। साथ ही भूजल उपयोग सहित विद्युत और जल कनेक्शन की प्रक्रिया को भी 3 माह की समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही सिंगल विड़ों ऑपरेटिंग सिस्टम के तहत उद्योग को इनवायरमेंट क्लीयरेंस और गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को श्वेत श्रेणी में वर्गीकृत करने की प्रक्रिया को भी तीव्र किया जाएगा। साथ ही राज्य जन विश्वास अधिनियम के तहत अपराध मुक्ति का ड्राफ्ट भी 3 माह की अवधि में प्रदान करना है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक भूमि के लिए जीआईएस डाटा बैंक बनाने के भी निर्दश दिये हैं, जो कि शीघ्र ही सुचारू रूप से उपयोग में लाया जा सकेगा।

मैं काशी का हूं और काशी मेरी है : प्रधानमंत्री

वाराणसी/सर्वोदय:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। काशीवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने 3900 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मेहंदीगंज में आयोजित विशाल जनसभा में पीएम ने भोजपुरी में भी काशीवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने बार-बार काशी के प्रति अपने गहरे लगाव को दोहराया। उन्होंने कहा कि ”काशी मेरी है और मैं काशी का हूं”।

जौने काशी के स्वयं महादेव चलावेलन…

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में काशी के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में काशी ने विकास की नई गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि काशी अब केवल पुरातन नहीं, बल्कि प्रगतिशील भी है। इसने आधुनिकता को अपनाया है, विरासत को संजोया है और भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए मजबूत कदम उठाए हैं। पीएम ने काशी को पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे का केंद्र बताया और कहा, “जौने काशी के स्वयं महादेव चलावेलन, आज उहे काशी पूर्वांचल के विकास के रथ के खींचत हौ।” उन्होंने काशी की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक बुनियादी ढांचे के सामंजस्य को भारत के विकास का एक अनूठा मॉडल करार दिया।

3900 करोड़ की 44 परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

पीएम ने काशी और पूर्वांचल के लिए 3900 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, गांव-गांव तक नल से जल पहुंचाने की योजनाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और खेल के क्षेत्र में नई पहल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं पूर्वांचल को विकसित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं में लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के विस्तार, भिखारीपुर और मंडुआडीह में फ्लाईओवर और बनारस-सारनाथ को जोड़ने वाला नया पुल जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

अब इलाज के लिए न जमीन बेचनी पड़ेगी, न कर्ज लेना पड़ेगा

प्रधानमंत्री ने आयुष्मान वय वंदना कार्ड का भी वितरण किया, जिनमें दिनेश कुमार रावत, राजेंद्र प्रसाद और दुर्गावती शामिल थे। इस योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। पीएम ने कहा कि आज बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष का भाव मेरे लिए इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है। अब इलाज के लिए न जमीन बेचनी पड़ेगी, न कर्ज लेना पड़ेगा। आपके इलाज का खर्च अब सरकार उठाएगी। उन्होंने बताया कि काशी में अब तक 50 हजार आयुष्मान वय वंदना कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिली है।

जीआई टैग से मिलेगी काशी की कला को वैश्विक पहचान

प्रधानमंत्री ने रमेश कुमार, अनिल कुमार और छिद्दु को जीआई पंजीकृत प्रमाणपत्र सौंपे। उन्होंने बताया कि वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के 30 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग प्रदान किया गया है, जिनमें तबला, शहनाई, ठंडई, लाल भरुआ मिर्च, लाल पेड़ा और तिरंगा बर्फी शामिल हैं। पीएम ने कहा कि जीआई टैग केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी की पहचान का पासपोर्ट है। ये काशी के हुनर को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाएगा। उन्होंने यूपी को जीआई टैगिंग में देश में नंबर वन बताया और कहा कि यह स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों के लिए गर्व का क्षण है।

भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश

पीएम ने बनास डेयरी के पशुपालकों को 106 करोड़ रुपये की बोनस राशि हस्तांतरित की। उन्होंने इसे पशुपालकों की मेहनत का पुरस्कार बताया और कहा कि ये कोई उपहार नहीं, बल्कि आपकी तपस्या का फल है। बनास डेयरी ने काशी में हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति को बदला है, खासकर महिलाओं को सशक्त बनाकर। पीएम ने कहा कि पूर्वांचल की अनेक बहनें अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। पहले गुजारे की चिंता थी, अब उनके कदम खुशहाली की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बनास डेयरी काशी संकुल 1 लाख किसानों से दूध संग्रह कर रहा है और गीर गायों का वितरण कर पशुपालकों को सशक्त बना रहा है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से काशी की मिली नई रफ्तार

प्रधानमंत्री ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र में 45 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इनमें फुलवरिया फ्लाईओवर, रिंगरोड, और गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाले चौड़े रास्ते शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पहले छोटे-छोटे त्योहारों पर भी जाम लग जाता था। अब रास्ते चौड़े हुए हैं, समय बच रहा है। लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के विस्तार के साथ-साथ 6 लेन का अंडरग्राउंड टनल, भिखारीपुर और मंडुआडीह में फ्लाईओवर और बनारस-सारनाथ को जोड़ने वाला नया पुल जैसे प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं। पीएम ने काशी में शुरू होने वाले सिटी रोपवे का भी जिक्र किया, जो इसे दुनिया के चुनिंदा शहरों में शामिल करेगा।

महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

संबोधन में पीएम ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती को याद किया और उनके नारी सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना के प्रयासों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले और सावित्री बाई फुले ने नारी शक्ति के आत्मविश्वास और समाज कल्याण के लिए जीवन समर्पित किया। हम उनके संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं। पीएम ने सरकार के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को दोहराया और इसे परिवारवाद की राजनीति से अलग बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग केवल सत्ता हथियाने के लिए दिन रात खेल खेलते हैं उनका सिद्धांत है ‘परिवार का साथ परिवार का विकास’। प्रधानमंत्री ने पूर्वांचल की मेहनतकश महिलाओं की प्रशंसा की जो बनास डेयरी के माध्यम से नई मिसाल बन रही हैं।

काशी के युवा ओलंपिक में मेडल चमकाकर देश का गौरव बढ़ाएंगे

प्रधानमंत्री ने काशी के युवाओं को खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार है और काशी के नौजवानों को अभी से मेहनत शुरू करनी होगी। काशी में नए स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा मिले। पीएम ने कहा कि काशी के युवा ओलंपिक में मेडल चमकाकर देश का गौरव बढ़ाएंगे।

विकास और विरासत का अनूठा संगम है बनारस

पीएम ने काशी को भारत की आत्मा और विविधता की सबसे खूबसूरत तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि काशी के हर मोहल्ले में भारत का अलग रंग और संस्कृति दिखती है। काशी तमिल संगमम जैसे आयोजनों ने एकता के सूत्र को मजबूत किया है। उन्होंने प्रस्तावित एकता मॉल का जिक्र किया, जहां भारत के सभी जिलों के उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। पीएम ने यूपी के बदलते आर्थिक नक्शे की भी चर्चा की और कहा कि यूपी अब केवल संभावनाओं की धरती नहीं, बल्कि सामर्थ्य और सिद्धियों की संकल्प भूमि है।

यूपी की मिट्टी की खुशबू अब सरहदों के पार जाएगी

प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया की वैश्विक पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूपी के उत्पाद अब ग्लोबल ब्रांड बन रहे हैं। जीआई टैग ने स्थानीय उत्पादों को नई बुलंदियों तक पहुंचाया है। यूपी देश में जीआई टैगिंग में पहले स्थान पर है। जौनपुर की इमरती, मथुरा की सांझी कला, पीलीभीत की बांसुरी और लखीमपुर खीरी की थारू जरदोजी जैसे उत्पादों को जीआई टैग मिला है। पीएम ने कहा कि यूपी की मिट्टी की खुशबू अब सरहदों के पार जाएगी।

जो काशी को सहेजता है, वो भारत की आत्मा को सहेजता है

प्रधानमंत्री ने काशी को विकास और विरासत के संगम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि काशी की पुरातन आत्मा को आधुनिक काया से जोड़ते रहना हमारा दायित्व है। काशी न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, बल्कि अब यह आर्थिक और सामाजिक प्रगति का भी नेतृत्व कर रही है। पीएम ने काशीवासियों से विकास की इस यात्रा में साथ देने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि काशी पूरे भारत के लिए प्रेरणा बनेगी। पीएम ने काशी और पूर्वांचल के लोगों को इन विकास कार्यों के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि जो काशी को सहेजता है, वो भारत की आत्मा को सहेजता है। हमें काशी को निरंतर सशक्त और स्वपनिल बनाए रखना है।

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, मंत्रीगण सुरेश खन्ना, अरविंद कुमार शर्मा, अनिल राजभर, रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालू, विधायकगण डॉ नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ अवधेश सिंह, टी राम, डॉ सुनील पटेल, बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

‘गदर 2’ के बाद सनी देओल की ‘जाट’ रिलीज, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

सर्वोदय/फिल्मी न्यूज़:- सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जाट’ आखिरकार बड़े पर्दे पर रिलीज हो चुकी है। ब्लॉकबस्टर हिट ‘गदर 2’ के लगभग डेढ़ साल बाद आई इस फिल्म को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर सिनेमाघरों से कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दर्शक फिल्म के दौरान डांस करते नजर आ रहे हैं।
हालांकि, दर्शकों की यह ऊर्जा बॉक्स ऑफिस पर अभी उतनी दिखाई नहीं दी। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ‘जाट’ ने पहले दिन करीब 9.50 करोड़ रुपये की कमाई की है, जो उम्मीद से कम मानी जा रही है। तुलना करें तो सनी देओल की पिछली फिल्म ने पहले ही दिन 40.10 करोड़ रुपये का धमाकेदार कारोबार किया था।

वहीं हाल ही में रिलीज हुई कुछ फिल्मों के मुकाबले भी ‘जाट’ की ओपनिंग थोड़ी फीकी रही। ‘छावा’ ने पहले दिन 31 करोड़, अक्षय कुमार की ‘स्काई फोर्स’ ने 12.25 करोड़ और सलमान खान की ‘सिकंदर’ ने 26 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी।फिल्म ‘जाट’ में सनी देओल के साथ राम्या कृष्णन और जगपति बाबू जैसे साउथ इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार नजर आ रहे हैं। इसके अलावा रणदीप हुड्डा विनीत कुमार सिंह सैयामी खेर भी अहम भूमिकाओं में हैं।

फिल्म का निर्देशन गोपीचंद मालिनेनी ने किया है और इसे ‘पुष्पा’ जैसी फिल्मों के निर्माताओं ने प्रोड्यूस किया है। जानकारी के अनुसार, इस एक्शन ड्रामा फिल्म को लगभग 100 करोड़ रुपये के बजट में तैयार किया गया है।

फिल्म समीक्षकों की मानें तो ‘जाट’ की कहानी, एक्शन और देओल का दमदार अंदाज़ दर्शकों को पसंद आ रहा है। अगर वर्ड ऑफ माउथ पॉजिटिव रहा तो आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई में तेजी देखी जा सकती है।

अयोध्या: गेस्ट हाउस में महिला श्रद्धालुओं का वीडियो बनाते पकड़ा गया युवक, मोबाइल से मिले …

सर्वोदय/अयोध्या:- अयोध्या  से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां राम जन्मभूमि के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में महिलाओं की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन हुआ। आरोप है कि गेस्ट हाउस में ठहरी महिला श्रद्धालुओं का बाथरूम में स्नान करते समय चोरी-छिपे वीडियो बनाया जा रहा था।

घटना राम मंदिर के गेट नंबर-3 से महज 50 मीटर दूर स्थित ‘राजा गेस्ट हाउस’ की है, जहां वाराणसी से आए श्रद्धालुओं के एक समूह ने दो कमरे बुक किए थे। इसी समूह में कुछ महिलाएं भी थीं। शुक्रवार सुबह जब एक महिला श्रद्धालु स्नान कर रही थी, तभी उसने बाथरूम की छत पर एक परछाई देखी। ध्यान देखने  पर पता चला कि कोई युवक मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है।महिला ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद अन्य श्रद्धालु मौके पर पहुंचे और आरोपी युवक को पकड़ लिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और युवक को राम जन्मभूमि थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी सौरभ का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें कई अन्य आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें भी मिलीं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने महिलाओं के नहाने के कुल 10 वीडियो रिकॉर्ड किए थे।

पीड़िता ने बताया, “मैं जैसे ही नहा रही थी, अचानक ऊपर नजर गई तो एक परछाई दिखी। जब ध्यान से देखा तो एक शख्स मोबाइल से वीडियो बना रहा था। मैं डर गई और तुरंत बाहर भागी।”

फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और इस मामले की गहन जांच जारी है। इस घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ शर्मनाक हैं, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

बर्फीली वादियों में दौड़ेगी वंदे भारत

सर्वोदय/नई दिल्ली:- अप्रैल की हल्की ठंडक और वसंत की खिलती बहार… हिमालय की बर्फीली चोटियाँ, सेब के पेड़ों पर गुलाबी फूलों की चादर, और मैदानों की हरी घास — यह सब अब सिर्फ कल्पना नहीं रहेगा। क्योंकि अब जल्द ही, यह सब आप अपनी आंखों के सामने, जम्मू कश्मीर के लिए स्पेशल डिजाइंड वंदे भारत ट्रेन में बैठकर देख सकेंगे। जैसे ही ट्रेन पहलगाम की घाटियों से गुजरेगी, हरियाली से सजी वादियाँ, दूर तक फैले चीड़ के जंगल और चरवाहों की झलक आपको एक लम्हे में रोक देंगे। देवदार की खामोशी को चीरती वंदे भारत की रफ्तार — तकनीक और प्रकृति का अद्भुत संगम जल्द ही आपको देखने को मिलेगा।

इंजीनियरिंग का कमाल
“मेक इन इंडिया” के तहत इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनी यह ट्रेन आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है, जो बिजली सी चलती है। मगर सुरक्षित और आरामदायक सफर की मिसाल है। इसका सफर हर भारतीय को गर्व से भर देगा।

क्यों खास है कश्मीर वाली वंदे भारत?
यह वंदे भारत एक्सप्रेस विश्वसनीयता, सुरक्षा और यात्रियों के आराम को सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक एवं उन्नत सुविधाओं से युक्त है। इस वंदे भारत ट्रेन को कश्मीर घाटी की कठिन जलवायु परिस्थितियों में सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। जिससे अब हर मौसम में कश्मीर घाटी तक पहुंचना आसान होगा और वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत, क्षेत्र में यात्री सेवाएँ एवं पर्यटन अनुभव बेहतर बनाएगी।

ज़ीरो से नीचे तापमान, फिर भी कनेक्टिविटी बरकरार
जम्मू-कश्मीर जैसे सर्द मौसम वाले क्षेत्र में सुचारू रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए इस वंदे भारत ट्रेन में विशेष तकनीकी सुविधाएँ प्रदान की गई हैं:
सिलिकॉन हीटिंग पैड: यह वॉटर और बायो-टॉयलेट टैंकों में पानी को जमने से रोकेंगे। साथ ही, इनमें ओवरहीट प्रोटेक्शन सेंसर लगे हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि शून्य या माइनस तापमान में भी रेल संचालन सुचारू रूप से हो।
हीटेड प्लंबिंग पाइपलाइन: जीरो डिग्री से भी कम तापमान में सेल्फ-रेगुलेटेड हीटिंग केबल्स पानी को जमने से रोकेंगे।
ऑटो-ड्रेनिंग मैकेनिज्म: प्लंबिंग लाइनों में पानी के जमने की समस्या को रोकेगा, जिससे संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी।

यात्रा होगी सुगम और सुरक्षित
कश्मीर की कठिन परिस्थितियों में ड्राइवर की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए इस वंदे भारत ट्रेन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे सुगम यात्रा संभव होगी:
एंबेडेड हीटिंग एलिमेंट: फ्रंट लुकआउट ग्लास में लगाए गए यह एलीमेंट सर्द मौसम में विंडशील्ड को डी-फ़्रॉस्ट कर ड्राइवर को क्लियर विज़न प्रदान करेंगे, जिससे सुरक्षित व सुगम ट्रेन संचालन हो सकेगा।
एंटी-स्पॉल लेयर: बर्फबारी या आंधी जैसे कठिन मौसम के दौरान यह लेयर ड्राइवर को सुरक्षित ट्रेन के संचालन में सहायता करेगा।
सुरक्षित और आरामदायक वर्क एनवायरनमेंट: ट्रेन को कठिन मौसम परिस्थितियों से निपटने के लिए स्पेशल रूप से डिज़ाइन किया गया है।
भारतीय रेल की न्यू-एज टेक्नोलॉजी

इस वंदे भारत ट्रेन के सुचारू संचालन और यात्रियों के आराम के लिए कई तकनीकी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं:
एयर ड्रायर सिस्टम हीटिंग: अत्याधिक ठंड में एयर ब्रेक सिस्टम की दक्षता बनाए रखेगा। साथ ही, हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) डक्ट्स द्वारा यात्रियों की आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की गई है ।
5 kVA ट्रांसफॉर्मर: ट्रेन के महत्वपूर्ण घटकों के सुचारू संचालन और ठंडे मौसम में उनकी दक्षता बनाए रखने के लिए इसे अंडरफ्रेम में विशेष रूप से स्थापित किया गया है।
पूर्ण वातानुकूलित कोच: सेमी-हाई-स्पीड क्षमताओं (160 किमी प्रति घंटे) से लैस होंगे, जिससे तीव्र और समयबद्ध यात्रा संभव होगी।

आधुनिक सुविधाएँ: चौड़े गैंगवे, स्वचालित प्लग डोर, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, इंफोटेनमेंट सिस्टम और सीसीटीवी जैसी सुविधाएँ यात्रियों के अनुभव को सुगम बनाएंगी।

यात्रा में विकास का अनुभव

कश्मीर घाटी में वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत रेल यात्रा में एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। यह सेवा सभी मौसमों में निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, जो बर्फबारी, कठोर ठंड और कठिन पर्वतीय चुनौतियों को पार कर सुगम यात्रा का भरोसा दिलाती है। आधुनिक सुविधाओं और जलवायु-विशिष्ट अनुकूलन के साथ, यह ट्रेन यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। कश्मीर घाटी को सम्पूर्ण देश से अभूतपूर्व रूप से जोड़ने के साथ वंदे भारत एक्सप्रेस भौगोलिक और आर्थिक अंतर को भी समाप्त करेगी।

मुंह की बीमारी से सिर्फ दांत नहीं, दिमाग भी हो सकता है प्रभावित

सर्वोदय/हेल्थ न्यूज़:-  दांतों और मसूड़ों की अनदेखी सिर्फ ओरल हेल्थ ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर और दिमाग के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय में किए गए एक नए अध्ययन में यह चौंकाने वाला दावा किया गया है।इस शोध के अनुसार, मुंह में मौजूद बैक्टीरिया न केवल दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि यह माइग्रेन और नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकते हैं।

माइक्रोबायोम और नर्वस सिस्टम के बीच गहरा संबंध
यह अध्ययन प्रतिष्ठित जर्नल फ्रंटियर्स में प्रकाशित हुआ है, जिसमें बताया गया है कि मुंह का माइक्रोबायोम (बैक्टीरिया का समूह) और हमारी तंत्रिका प्रणाली के बीच सीधा संबंध पाया गया है।

अध्ययन के अनुसार, मुंह में मौजूद कुछ बैक्टीरिया लिपोपॉलीसैकराइड (LPS) नामक विषैला तत्व उत्पन्न करते हैं, जो सीधे दिमाग पर बुरा प्रभाव डालता है। यह तंत्रिका तंत्र को क्षति पहुंचाकर *माइग्रेन और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं* की वजह बन सकता है।

160 महिलाओं पर किया गया शोध
शोधकर्ताओं ने न्यूजीलैंड की 160 महिलाओं पर यह अध्ययन किया। जिन महिलाओं को दांत या मसूड़ों से जुड़ी समस्या थी, उनमें
– 60% अधिक शारीरिक दर्द की संभावना पाई गई।
– 49% अधिक माइग्रेन की आशंका भी देखी गई।

इन महिलाओं के मुंह में पाए गए कुछ खास बैक्टीरिया की पहचान की गई, जिनका शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द से सीधा संबंध था।

दांतों की देखभाल जरूरी
इस अध्ययन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि ओरल हेल्थ की अनदेखी सिर्फ मुंह तक सीमित नहीं रहती। इससे पूरे शरीर पर गंभीर असर हो सकता है, विशेष रूप से मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर।

विशेषज्ञों की सलाह है कि नियमित रूप से दांतों की जांच कराना, ब्रश करना और मुंह की स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ दांत मजबूत रहते हैं, बल्कि शरीर अन्य जटिलताओं से भी बचा रहता है|

हनुमान जयंती 2025: जानिए कब है तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

सर्वोदय/ धर्म आस्थ:- हनुमान को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है| हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। यह पर्व भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण यह दिन देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है और हनुमान जी की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उसे संकटों से मुक्ति मिलती है.इस  वर्ष 2025 में हनुमान जयंती 15 अप्रैल को मनाई जाएगी।

हनुमान जयंती 2025 की तिथि व शुभ मुहूर्त

तिथि: मंगलवार, 15 अप्रैल 2025
पर्व मनाने की तिथि:चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
पूजन का श्रेष्ठ समय: सुबह 6:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक (स्थानीय पंचांग अनुसार बदल सकता है)

हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व

हनुमान जयंती पर भगवान बजरंगबली की पूजा, आरती, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। यह दिन श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, शक्ति और सेवा का प्रतीक होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार बजरंगबली जी ऐसे देवता हैं जो आज भी इस धरती पर विद्यमान हैं. इसलिए हनुमान जयंती के अवसर पर बजरंगबली की पूजा करने से व्यक्ति को शक्ति और बुद्धि की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं.

हनुमान जयंती पर कैसे करें हनुमान जी की पूजा

हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. हनुमान जयंती पर व्रत रखने वाले लोगों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में भगवान श्री राम, माता सीता और हनुमान जी का स्मरण करें. इसके बाद स्नान कर बजरंगबली जी की मूर्ति स्थापित करें और विधिपूर्वक पूजा करें. हनुमान जी को शुद्ध जल से स्नान करवाएं. फिर सिंदूर चढ़ाएं.  इसके बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें| अंत में हनुमान जी को भोग लगाकर आरती करें और प्रसाद बांट दें |

IPL 2025 में बड़ा झटका: ऋतुराज गायकवाड़ बाहर, धोनी फिर बने CSK के कप्तान

सर्वोदय/लखनऊ:- आईपीएल 2025 के बीच चेन्नई सुपर किंग्स को तगड़ा झटका लगा है. कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ इंजरी के चलते इस आईपीएल सीजन से बाहर हो गए है | ऐसे में महेंद्र सिंह धोनी बाकी के मैचों में चेन्नई की कप्तानी करेंगे. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के बीच पांच बार की चैम्पियन टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को तगड़ा झटका लगा है. कप्तान ऋतुराज इंजरी के चलते इस आईपीएल सीजन से बाहर हो गए है. ऐसे में महेंद्र सिंह धोनी बाकी के मैचों में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करेंगे. ऋतुराज दाईं कोहनी में लगी चोट के चलते आईपीएल 2025 से बाहर हुए हैं.

ऋतुराज गायकवाड़ के बाहर होने की पुष्टि चेन्नई सुपर किंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने भी की. फ्लेमिंग ने कहा, ‘जहां तक रिप्लेसमेंट की बात है तो तो हमारे पास टीम में बहुत कम विकल्प हैं. हमने अभी तक किसी पर फैसला नहीं किया है. धोनी टीम की कमान संभालने के लिए तैयार थे. वो समझते थे कि ये आवाजें कहां से आ रही हैं.’

बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरी बार 2023 के आईपीएल फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स का नेतृत्व किया था. धोनी ने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार आईपीएल चैम्पियन बनाया.  साल 2024 के सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तान बनाया. ऋतुराज की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स पिछले आईपीएल सीजन में पांचवें  स्थान पर रही थी|

ऋतुराज गायकवाड़ को राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ मुकाबले में तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे की एक गेंद कोहनी पर जाकर लग गई थी. हालांकि ऋतुराज ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) और पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ अगले दो मैचों में हिस्सा लिया , लेकिन स्कैन में अब फ्रैक्चर की पुष्टि हो गई है.