Wednesday, June 10, 2026

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RBI का बड़ा ऐलान: जल्द जारी होंगे 10 और 500 रुपये के नए नोट, जानें क्या होगा पुराने नोटों का?

सर्वोदय/नई दिल्ली :- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 10 और 500 रुपये के नए नोट जारी करने की घोषणा की है। जल्द ही बाजार में इन नई करेंसी नोटों को देखा जा सकेगा। दोनों नोटों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जो सुरक्षा और डिज़ाइन के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।

क्या खास होगा नए नोटों में?
RBI के मुताबिक, 10 और 500 रुपये के नए नोटों में उन्नत सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं जिससे नकली नोटों पर लगाम लगाई जा सके। इसके साथ ही नोटों के डिज़ाइन में भी बदलाव किया गया है। 10 रुपये के नए नोट अधिक टिकाऊ होंगे और इनका रंग और फॉन्ट भी बदला गया है। 500 रुपये के नए नोट में अतिरिक्त सुरक्षा धागे, वाटरमार्क और इन्क पर आधारित सुरक्षा तंत्र शामिल होंगे।

पुराने नोटों का क्या होगा?
RBI ने स्पष्ट किया है कि पुराने 10 और 500 रुपये के नोट वैध (legal tender) रहेंगे। जनता को पुराने नोटों को बदलवाने या जल्दबाज़ी में खर्च करने की कोई जरूरत नहीं है। नए नोट केवल चरणबद्ध तरीके से पुराने नोटों के साथ चलन में लाए जाएंगे।

कब तक आएंगे बाजार में?
RBI ने फिलहाल नई नोटों की छपाई शुरू कर दी है और जल्द ही ये विभिन्न बैंकों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचेंगे।

क्यों उठाया गया ये कदम?
RBI का मानना है कि नई तकनीकों और सुरक्षा उपायों के साथ नकली नोटों की समस्या से निपटा जा सकता है। साथ ही, समय-समय पर नोटों को अपडेट करना आवश्यक होता है ताकि करेंसी प्रणाली मजबूत और भरोसेमंद बनी रहे।

अगर आपके पास अभी पुराने 10 या 500 के नोट हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। वे पूरी तरह से वैध हैं और इस्तेमाल किए जा सकते हैं। नई करेंसी से न केवल लेन-देन अधिक सुरक्षित होंगे, बल्कि देश की करेंसी प्रणाली भी ज्यादा आधुनिक और प्रभावशाली बनेगी।

पीएम मोदी का श्रीलंका में भव्य स्वागत, तोपों से दी गई सलामी;

सर्वोदय/देश-विदेश:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम श्रीलंका पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर श्रीलंकाई सरकार के पांच मंत्रियों ने उनकी अगवानी की। पीएम मोदी की यह यात्रा 2019 के बाद पहली बार श्रीलंका की है, और इसे दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने के रूप में देखा जा रहा है।

यात्रा के दूसरे दिन, पीएम मोदी को कोलंबो के स्वतंत्रता चौक पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, और इस अवसर पर उन्हें तोपों की सलामी भी दी गई। इस स्वागत से यह स्पष्ट हो गया कि श्रीलंका भारत के साथ अपने रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत-श्रीलंका रिश्तों में नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा आएगी। श्रीलंकाई प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से पीएम मोदी की मुलाकात के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिनमें श्रीलंका के ऋण पुनर्गठन और मुद्रा विनिमय के मुद्दे प्रमुख हैं।

इस यात्रा के दौरान, पीएम मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इस वार्ता में भारत की मदद से श्रीलंका में चल रही परियोजनाओं पर चर्चा की जाएगी, और सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास भी होगा।

प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक दौरा

पीएम मोदी ने शनिवार को भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। माना जा रहा है कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ऐतिहासिक शहर अनुराधापुरा भी जाएंगे, जहां वे महाबोधि मंदिर के दर्शन करेंगे। इस मंदिर के बोधि वृक्ष को श्रीलंका में बौद्ध धर्म के महत्व के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।

रक्षा समझौते के बाद संबंधों में नई उम्मीद

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा इस समय हो रही है जब श्रीलंका आर्थिक संकट से उबरने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका ने भारत से कई वित्तीय सहायता प्राप्त की है, और अब दोनों देशों के बीच रक्षा समझौते पर चर्चा हो रही है। यह समझौता भारत-श्रीलंका रक्षा संबंधों में एक नया अध्याय खोल सकता है, खासकर 35 साल पहले भारतीय शांति सेना को श्रीलंका से वापस बुलाए जाने के कड़े घटनाक्रम के बाद।

पीएम मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग और मित्रता के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘छोड़ेंगे न हम तेरा साथ, ओ साथी मरते दम तक, न बैंड- बाजा, न बाराती.. हॉस्पिटल बेड पर हुई शादी!

सर्वोदय/मिर्जापुर:-  सच्चा प्रेम किसी भी बाधा को पार कर सकता है, यह कहावत एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में सच होती दिखी।। चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आ जाएं, प्यार हमेशा मजबूत रहता है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक ऐसी ही कहानी सामने आई है, जो बिल्कुल सच्ची है। यहां अस्पताल में महीनों से भर्ती प्रेमी से मिलने पहुंची प्रेमिका ने वहीं पर उससे शादी कर ली। प्रेमिका का कहना था, “आपके बिना मैं नहीं रह सकती,” और इस प्रेम कहानी ने एक फिल्मी मोड़ ले लिया। अब इस शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सात साल से था प्रेम संबंध

मिर्जापुर जिले के जिगना क्षेत्र के गोगांव गांव के रहने वाले प्रेमी शिवराज सिंह और लालगंज के पुचनीपुरा की रहने वाली प्रेमिका पुष्पांजलि के बीच सात वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों की मुलाकात बहन के घर पर हुई थी, जहां से उनकी नजदीकियां बढ़ी और प्रेम भी। इसी दौरान प्रेमी शिवराज सिंह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसके बाद वह आठ महीने से ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहा था।

अस्पताल में हुई फिल्मी शादी

दो अप्रैल को प्रेमिका पुष्पांजलि बिना अपने परिवार को बताए अस्पताल पहुंची और वहीं अपने प्रेमी से शादी कर ली। इस दौरान, जब परिवार वाले अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने प्रेमिका की जिद के सामने हार मानते हुए वापस लौटने का निर्णय लिया। पुष्पांजलि ने कहा, “अब मैं इनकी पत्नी हूं और हर हालत में इनके साथ रहूंगी, मैं अब इनसे अलग नहीं हो सकती।”

प्रेमिका की भावनाएं

प्रेमिका पुष्पांजलि ने कहा, “हम दोनों सात साल से एक-दूसरे को जानते हैं और ढाई साल पहले एक-दूसरे के और करीब आए। जब यह दुर्घटना हुई, तो मैंने फैसला किया कि मैं इन्हें अकेला नहीं छोड़ सकती। इसी वजह से अस्पताल में सिंदूर डालकर हमने शादी की।”

PM मोदी ने बैंकॉक दौरे पर थाई किंग और क्वीन को दिए खास गिफ्ट्स, भारत-थाईलैंड सांस्कृतिक संबंधों पर हुई चर्चा

सर्वोदय/नई दिल्ली:-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बैंकॉक यात्रा के दौरान थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न और रानी सुतिदा से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। विशेष रूप से, भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के भारत से थाईलैंड जाने के बाद दोनों देशों के बीच जनसंपर्क संबंधों को मजबूती मिलने के बारे में विचार-विमर्श हुआ।प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान भारतीय कला और संस्कृति के प्रतीकात्मक उपहार भी दिए। उन्होंने थाईलैंड के राजा, रानी, प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री को भारतीय शिल्प और संस्कृति से जुड़े खूबसूरत उपहार भेंट किए।

राजा महा वजिरालोंगकोर्न को मिला सारनाथ बुद्ध की प्रतिमा
प्रधानमंत्री मोदी ने राजा महा वजिरालोंगकोर्न को बिहार की प्राचीन गुप्त और पाल शैली में निर्मित एक शानदार पीतल की सारनाथ बुद्ध प्रतिमा भेंट की। ध्यान मुद्रा में स्थापित इस प्रतिमा का हर एक पहलू गहन ध्यान और आंतरिक शांति का प्रतीक है। इसके प्रभामंडल में देवताओं और पुष्प अलंकरणों की नक्काशी इसे एक दिव्य आभा प्रदान करती है।

रानी सुतिदा को भेंट की गई ब्रोकेड सिल्क शॉल
रानी सुतिदा को वाराणसी, उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध ब्रोकेड सिल्क शॉल भेंट की गई, जिसमें भारतीय लघु चित्रकला और पिछवई कला से प्रेरित चित्रांकन शामिल हैं। शॉल की रंगीनता और सुनहरे बॉर्डर की भव्यता इसे शाही आभूषण का प्रतीक बनाती है।

थाई प्रधानमंत्री सेथ्था थाविसिन को मिली ‘डोकरा’ कला की मोर आकृति वाली नाव
प्रधानमंत्री मोदी ने थाई प्रधानमंत्री सेथ्था थाविसिन को छत्तीसगढ़ की प्राचीन धातु कला ‘डोकरा’ शैली में बनी एक विशेष मोर आकृति वाली नाव भेंट की। यह नाव भारतीय जनजातीय विरासत और पारंपरिक कारीगरी का अद्वितीय उदाहरण है, जो मानव और प्रकृति के सामंजस्य का प्रतीक है।

थाई प्रधानमंत्री की पत्नी को मिली मीनाकारी कला से सजी कफलिंक
प्रधानमंत्री ने थाई प्रधानमंत्री की पत्नी को पारंपरिक राजस्थानी और गुजराती मीनाकारी कला से सजी सोने की परत चढ़ी बाघ आकृति वाली कफलिंक भेंट की। यह कफलिंक साहस, नेतृत्व और शाही गरिमा का प्रतीक हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री थक्सिन शिनवात्रा को मिला पीतल का उरली
पूर्व प्रधानमंत्री थक्सिन शिनवात्रा को आंध्र प्रदेश की पारंपरिक धातु कला में बनी पीतल की उरली भेंट की गई, जिसमें मोर और दीपक (दीया) का सुंदर चित्रण किया गया है। यह उपहार पवित्रता, सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए, और भारतीय कला और हस्तशिल्प की विशेषताओं को दुनिया भर में प्रस्तुत किया।

वक्फ बिल के पारित होते ही सीएम योगी ने शुरू की कार्रवाई, जानिए कौन सी संपत्तियां होंगी जब्त

सर्वोदय/लखनऊ:- वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होते ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अभियान चलाकर ऐसी संपत्तियों की पहचान करें जिन्हें नियमों के विरुद्ध वक्फ घोषित किया गया है। इनमें तालाब, पोखर, खलिहान और ग्राम समाज की ज़मीनें शामिल हैं, जिन्हें सरकार अवैध मान रही है।
अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक संपत्तियों को वक्फ में शामिल नहीं किया जा सकता, केवल वही संपत्तियां वक्फ मानी जाएंगी जिन्हें किसी व्यक्ति ने स्पष्ट रूप से दान किया हो। यूपी सरकार ने वक्फ संपत्तियों में गंभीर गड़बड़ी पाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल 2963 वक्फ बोर्ड की संपत्तियां दर्ज हैं, जिनमें शिया और सुन्नी दोनों बोर्ड की संपत्तियां शामिल हैं।

अवैध वक्फ संपत्तियों की होगी जब्ती
राजस्व विभाग के अनुसार, यूपी में वक्फ बोर्ड द्वारा किए गए संपत्ति दावों में भारी गड़बड़ी पाई गई है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, सुन्नी वक्फ बोर्ड की केवल 2,533 और शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं, जबकि वक्फ बोर्ड द्वारा दावा किए गए आंकड़े इससे कई गुना अधिक हैं। अब सरकार ने इन संपत्तियों की जांच के आदेश दिए हैं और अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित कर जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में सार्वजनिक उपयोग की ज़मीनों को वक्फ घोषित कर कब्जा किया गया था। अब सरकार ऐसे मामलों की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से कब्जाई गई प्रत्येक संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत मुक्त कराया जाएगा।

सीएम योगी का प्रयागराज में बयान

प्रयागराज में निषादराज गुह्य जयंती समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वक्फ बोर्ड पर भूमि अतिक्रमण के आरोप लगाए और कहा कि यह सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर मनमाने दावे करता रहा है, जो अब सहन नहीं किए जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान भी वक्फ बोर्ड ने आयोजन स्थल को अपनी संपत्ति बताया था, जिस पर सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के तहत अतिक्रमण हटाया जाएगा और माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।

मशहूर एक्टर और डायरेक्टर मनोज कुमार का 87 की उम्र में निधन

सर्वोदय:-  बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जानेवाले मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ के नाम से भी पुकारा जाता था। उन्हें पद्म श्री और दादा साहब फाल्के पुरस्कार सहित कई अन्य सम्मान भी प्राप्त हुए थे।

बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। खास कर अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जानेवाले मनोज कुमार को लोग प्यार से ‘भारत कुमार’ भी कहते हैं। 87 वर्ष की आयु में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उनका निधन हो गया।

मनोज कुमार को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूबाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हृदय संबंधी दिक्कतों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल द्वारा जारी किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट के मुताबिक, उनकी मृत्यु का दूसरा कारण डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस है। बताया जा रहा है कि कल यानी शनिवार दोपहर 12 बजे मनोज कुमार का अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले शमशान में किया जाएगा। बता दें कि उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए बच्चे-बच्चे के मन में देशभक्ति की भावना जगाई और वो देशभक्ति वाली फिल्में बनाने वाले बॉलीवुड के पहले एक्टर बने।

उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्हें भारतीय सिनेमा और कला में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा 1992 में पद्म श्री और 2015 में सिनेमा के क्षेत्र में सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। लीड रोल के तौर पर उनकी 1964 में आई राज खोसला की रहस्य थ्रिलर ‘वो कौन थी?’ सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म के गाने जैसे ‘लग जा गले’ और ‘नैना बरसे रिमझिम’ को लोगों ने खूब प्यार दिया जिन्हें लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी।

उनका जन्म ब्रिटिश भारत (मौजूदा समय में जिसे खैबर पख्तूनख्वा , पाकिस्तान कहते हैं ) के उत्तर-पश्चिमी प्रांत के एक शहर एबटाबाद में एक पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था । एक्टर का जन्म का नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी है। जब वह 10 साल के थे तो उनका परिवार बटवारे के कारण जंडियाला शेर खान से दिल्ली आ गया।

साल 1957 में मनोज कुमार को उनकी पहली फिल्म ‘फ़ैशन’ मिली, जिसमें 19 साल के एक्टर ने 80-90 साल के भिखारी का छोटा सा रोल निभाया था। मनोज कुमार ने ‘सहारा’, ‘चांद’ और ‘हनीमून’  जैसी फिल्मों में खाम किया और फिर उन्हें मिली ‘कांच की गुड़िया’  जिसमें वो पहली बार लीड रोल में दिखे। इसके बाद ‘पिया मिलन की आस’, ‘सुहाग सिंदूर’, ‘रेशमी रूमाल’ आई।

उनकी पहली रिलीज़ देशभक्ति फिल्म ‘शहीद’ थी, जो स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के जीवन पर आधारित थी । इस फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों के साथ-साथ भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री से भी जमकर तारीफ मिली और ये बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। साल 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद, प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने उन्हें लोकप्रिय नारे ‘जय जवान जय किसान’ पर आधारित एक फिल्म बनाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने देशभक्ति फिल्म ‘उपकार’ (1967) बनाई, जिसे क्रिटिक्स की खूब तारीफें मिली और यह उस वर्ष बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनकर उभरी । इस फिल्म का संगीत 1960 के दशक का छठा सबसे अधिक बिकने वाला हिंदी फिल्म एल्बम था। फिल्म ‘उपकार’ का एक गीत , ‘मेरे देश की धरती’ हर साल भारत में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बजाया जाता है ।

वक्फ बिल को संसद की हरी झंडी, लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ बिल, पक्ष में पड़े 128 वोट

सर्वोदय/नई दिल्ली:-  वक्फ बिल को संसद की हरी झंडी, लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ बिल, पक्ष में पड़े 128 वोट | लोकसभा से पास होने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया जहां लगभग 12 घंटे लंबी बहस के बाद इसे मंजूरी मिल गई। इस बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि 95 वोट बिल के विरोध में आए। वहीं लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। अब जब यह बिल राज्यसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी पास हो गया है, तो अगला कदम राष्ट्रपति की मंजूरी है। इसके बाद यह कानून बनकर लागू हो जाएगा। गौरतलब है कि मोदी सरकार की तरफ से यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार के मकसद से लाया गया है, लेकिन इसे लेकर संसद के दोनों सदनों में सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला।
जेडीयू ने बताया पसमांदा मुसलमानों के हक में फैसला:
राज्यसभा में बिल पर बहस के दौरान जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार के 73% मुस्लिम आबादी में शामिल पसमांदा मुसलमानों को पहली बार वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर मुसलमानों के बीच अफवाहें फैलाई जा रही थीं, लेकिन राज्यसभा में चर्चा के बाद स्थिति साफ हो गई। झा के मुताबिक, इस कानून के लागू होने से गरीब मुसलमानों के लिए सही मायनों में काम होगा।
देवेगौड़ा ने किया समर्थन बिल का समर्थन:
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने राज्यसभा में इस बिल का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं से कोई छेड़छाड़ नहीं करता, बल्कि सिर्फ वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और राजस्व से जुड़ा है। देवेगौड़ा ने बताया कि भारत में वक्फ बोर्डों के पास 8.7 लाख संपत्तियां और 9.4 लाख एकड़ जमीन है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन इसे कुछ ताकतवर लोग अपने फायदे के लिए चला रहे थे।
कांग्रेस अध्यक्ष विरोध पर अड़े रहे बोले:
अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए लाया गया बिल:
…मल्लिकार्जुन खरगे
बिल के पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बिल का जबरदस्त विरोध करते हुए कहा कि यह अल्पसंख्यकों को परेशान करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि 1995 के वक्फ अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया गया था, तब बीजेपी को कोई दिक्कत नहीं थी। खड़गे ने कहा कि इस बिल में सर्वेक्षण आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त को हटाकर कलेक्टर को जिम्मेदारी देना मुसलमानों के लिए नई मुश्किलें खड़ी करेगा।

ममता बनर्जी का बड़ा बयान: “जब BJP सरकार हटेगी, वक्फ बिल को रद्द कर देंगे”

सर्वोदय/राजनीति:- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को लोकसभा में पास हुए वक्फ संशोधन विधेयक पर बड़ा बयान दिया। ममता ने कहा कि जब भी भाजपा की सरकार सत्ता से बाहर होगी, उनकी सरकार इस वक्फ विधेयक को रद्द कर देगी। उन्होंने भाजपा पर देश को विभाजित करने का आरोप लगाया और इस बिल को धार्मिक आधार पर राजनीति करने का एक कदम करार दिया।

बीजेपी के वक्फ बिल पर ममता का हमला

ममता बनर्जी ने वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 के बारे में कहा, “बीजेपी ने इस विधेयक के माध्यम से देश को बांटने का काम किया है। जब भाजपा सरकार हटेगी और नई सरकार बनेगी, तो हम इस विधेयक को रद्द करने के लिए आवश्यक संशोधन करेंगे।” ममता ने इस बिल को लेकर भाजपा के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह विधेयक एक राजनीतिक चाल है जिसका उद्देश्य समाज को धार्मिक रूप से बांटना है।

तृणमूल कांग्रेस ने किया विधेयक का विरोध

वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में हुई बहस के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने इसे राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि संसद को इस तरह के विधेयक लाने का अधिकार नहीं है। बनर्जी ने कहा, “वक्फ संपत्ति मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है, और इसे इस तरह से नियंत्रित करने का अधिकार केवल राज्यों का है।”

उन्होंने विधेयक को असंवैधानिक करार देते हुए यह भी कहा कि यह उच्चतम न्यायालय और अन्य न्यायालयों द्वारा स्थापित सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। उनका आरोप था कि सरकार इस विधेयक के जरिए राज्यों की अधिकारों पर अतिक्रमण करने की कोशिश कर रही है।

लोकसभा में विधेयक की मंजूरी, राज्यसभा में जारी है बहस

मंगलवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पेश किया। इसके बाद, 12 घंटे तक चली बहस के बाद एनडीए के सांसदों ने विधेयक का समर्थन किया और यह विधेयक 288 वोटों के साथ पारित हो गया। वहीं, 232 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट डाले। इसके बाद, यह विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया, जहां पर इस पर चर्चा जारी है।

विधेयक का उद्देश्य और विपक्ष की चिंताएं

वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। इस विधेयक के तहत, वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली में सुधार और तकनीकी उन्नति की बात की जा रही है। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के अधिक नियंत्रण को केंद्र सरकार के हाथों में सौंपने का एक प्रयास है, जो संविधान की भावना के खिलाफ है।

ममता बनर्जी का यह बयान वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ विपक्षी दलों की एकजुटता को और मजबूत करता है। उन्होंने इस विधेयक को न केवल असंवैधानिक बताया, बल्कि इसे सत्ता की राजनीतिक चाल करार देते हुए इसे रद्द करने का भी वादा किया। अब देखना होगा कि राज्यसभा में इस विधेयक का क्या परिणाम आता है और क्या विपक्षी दल इस मुद्दे पर और कड़ा विरोध जारी रखते हैं।

जिनके मन में राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं, वे महाकुंभ जैसा आयोजन नहीं कर सकते : सीएम योगी

सर्वोदय/लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की और उन पर प्रयागराज में जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। सीएम योगी ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह वक्फ बोर्ड है या भू-माफिया बोर्ड?” उन्होंने वक्फ बोर्ड द्वारा महाकुंभ के आयोजन के दौरान प्रयागराज की कुंभ भूमि पर कब्जे के प्रयास की भी निंदा की।

सीएम योगी का कड़ा बयान: ‘राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं, तो महाकुंभ जैसा आयोजन नहीं कर सकते’
प्रयागराज में निषादराज गुहा जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, “कुछ लोग नहीं चाहते थे कि प्रयागराज जैसी पौराणिक जगह को अपनी पहचान मिले क्योंकि उनके लिए उनका वोट बैंक महत्वपूर्ण था। वक्फ बोर्ड के नाम पर प्रयागराज और अन्य शहरों में जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। जब हम महाकुंभ का आयोजन कर रहे थे, तब वक्फ बोर्ड ने मनमाने तरीके से दावा किया कि कुंभ की भूमि भी वक्फ की है।” योगी ने वक्फ बोर्ड के इस रवैये को खारिज करते हुए कहा कि जिन लोगों के मन में राष्ट्र के प्रति निष्ठा नहीं होती, वे महाकुंभ जैसे ऐतिहासिक और राष्ट्रीय आयोजन नहीं कर सकते।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का समर्थन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का समर्थन किया। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बढ़ाना है। योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित होगा।
उन्होंने कहा, “हमने उत्तर प्रदेश से माफिया का सफाया कर दिया है और हम प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड पर लगाम लगाई।”
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025: क्या है इसका उद्देश्य?
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन करना और वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में सुधार लाना है। इसमें पंजीकरण प्रक्रिया को सुधारने, वक्फ अभिलेखों के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाने, और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता में सुधार की कोशिश की जाएगी। विधेयक के पारित होने के बाद, वक्फ संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

लोकसभा में पारित विधेयक पर हुई बहस
विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे तक बहस चली और आखिरकार इसे 288 मतों से पारित किया गया, जबकि 232 मत इसके खिलाफ थे। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इसकी चर्चा और पारित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर निशाना साधते हुए यह स्पष्ट किया कि सरकार वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, योगी ने वक्फ बोर्ड द्वारा प्रयागराज में किए गए कब्जे के प्रयास की कड़ी आलोचना की।

“झुकूंगा नहीं” – मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में गरजते हुए भाजपा सांसद के आरोपों पर किया पलटवार

सर्वोदय/नई दिल्ली :- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 3 अप्रैल को राज्यसभा में जोरदार तरीके से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों का सामना किया। वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान खरगे ने पुष्पा फिल्म का मशहूर डायलॉग “झुकूंगा नहीं” दोहराया और कहा कि भाजपा चाहे उन्हें जितना भी डराए, वह कभी नहीं झुकेंगे। खरगे का यह बयान अनुराग ठाकुर के उस आरोप के जवाब में था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पर वक्फ की जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। खरगे ने कहा, “अगर अनुराग ठाकुर के आरोप सही साबित होते हैं, तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। लेकिन अगर ये आरोप निराधार हैं, तो भाजपा सांसद को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए।”

“मैं डर से नहीं डरता”
खरगे ने कहा, “अगर भाजपा के लोग मुझे डराकर झुकाना चाहते हैं, तो मैं कभी नहीं झुकूंगा। मैं टूट जाऊंगा लेकिन झुकूंगा नहीं।” उन्होंने अपने इस बयान को देते हुए यह भी साफ किया कि वह किसी भी तरह के डर से प्रभावित नहीं होते। खरगे ने यह भी कहा कि अगर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो वह खुद इस्तीफा दे देंगे, लेकिन झुकने का सवाल नहीं उठता।

आरोपों पर पलटवार
खरगे ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा कि ठाकुर ने लोकसभा में उनके खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए थे, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके सहयोगियों ने ठाकुर से आरोप वापस लेने की मांग की, तो उन्हें मजबूर होकर अपनी टिप्पणी वापस लेनी पड़ी, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

सांसदों को जिम्मेदारी का एहसास दिलाया
खरगे ने जोर देकर कहा कि ऐसे लोग, जो बिना किसी ठोस प्रमाण के आरोप लगाते हैं, उन्हें संसद में बैठने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अनुराग ठाकुर अपने आरोपों को साबित नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर वह साबित कर देते हैं कि वक्फ की किसी भी जमीन पर मेरा या मेरे बच्चों का कब्जा है, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। मैं इन झूठे आरोपों से नहीं डरता।”

“मेरा जीवन एक खुली किताब की तरह”
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा, “मेरा जीवन हमेशा एक खुली किताब की तरह रहा है। मैंने हमेशा सार्वजनिक जीवन में सर्वोच्च मूल्यों को बरकरार रखा है। राजनीति में 60 साल बिताने के बाद, मुझे ऐसी उम्मीद नहीं थी।” उन्होंने भाजपा सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर के आरोपों ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है, हालांकि जब उनके सहयोगियों ने इसका विरोध किया, तो ठाकुर को अपनी टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वक्फ संशोधन बिल पर भाजपा का आरोप
वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया, और अब इस विधेयक से यह स्पष्ट संदेश मिल रहा है कि देश में केवल संविधान ही चलेगा।