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रात को दही के साथ खाएं ये एक चीज, सुबह पेट हो जाएगा पूरी तरह साफ | जानिए पाचन के लिए क्यों फायदेमंद है ये घरेलू नुस्खा

लाइफस्टाइल/सर्वोदय:-  अगर आप भी पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज या भारीपन से परेशान रहते हैं, तो अब राहत पाने का समय आ गया है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, रात में दही के साथ एक खास घरेलू सामग्री मिलाकर खाने से सुबह पेट पूरी तरह साफ हो जाता है और आप हल्कापन महसूस करते हैं।

दही क्यों है पाचन के लिए रामबाण?

दही एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है, जो पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाकर पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। यह न केवल पाचन तंत्र को मजबूत करता है बल्कि टॉक्सिन्स और हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। अगर दही में कुछ खास घरेलू सामग्री मिलाई जाए, तो इसका असर और भी जबरदस्त हो जाता है।

दही में मिलाएं ये 4 चीजें, पाएं गजब के फायदे

1. अजवाइन (Carom Seeds)

रात को दही में आधा चम्मच भुनी हुई अजवाइन मिलाकर खाने से गैस, पेट फूलना और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।

2. भुना जीरा पाउडर (Cumin Powder)

दही के साथ एक चुटकी भुना जीरा मिलाने से खाना जल्दी पचता है और पेट में जमा गंदगी बाहर निकल जाती है।

3. सौंफ (Fennel Seeds)

सौंफ पाचन में सहायक होती है और मुंह की बदबू भी दूर करती है। दही में एक चम्मच सौंफ पाउडर मिलाकर खाने से सुबह पेट साफ होता है।

4. अदरक का रस (Ginger Juice)

एक चम्मच अदरक का रस दही में मिलाकर खाने से पाचन एंजाइम्स सक्रिय होते हैं, जिससे भोजन जल्दी और सही तरीके से पचता है।

कैसे करें सेवन?

रात को सोने से 30 मिनट पहले एक कटोरी ताजा और हल्का गुनगुना दही लें, उसमें ऊपर दी गई कोई भी एक सामग्री मिलाएं और धीरे-धीरे खाएं। यह उपाय न केवल पाचन को बेहतर करेगा, बल्कि अगली सुबह पेट पूरी तरह साफ करके शरीर को हल्का और ऊर्जावान बनाएगा।

जरूरी सावधानियां

  • अगर आपको लैक्टोज इनटॉलरेंस या दही से एलर्जी है, तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  • हमेशा ताजा और घर पर बना दही ही इस्तेमाल करें।
  • अत्यधिक मात्रा में इन मसालों का प्रयोग न करें, खासकर खाली पेट।

अन्य फायदे भी जान लें

  • इम्यूनिटी मजबूत बनाता है
  • त्वचा में निखार लाता है
  • नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है
  • तनाव और चिंता में राहत मिलती है
  • वजन घटाने में मददगार है क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है

देश की पहली स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस यूपी से होगी शुरू, लखनऊ से मुंबई के बीच तय हुआ रूट | जानिए किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

लखनऊ/सर्वोदय:- भारतीय रेलवे की सबसे चर्चित और हाई-स्पीड ट्रेन वंदेभारत अब स्लीपर कोच में भी सफर का नया अनुभव देने को तैयार है। देश की पहली स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन उत्तर प्रदेश से ही शुरू होगी। यह ट्रेन लखनऊ से मुंबई के बीच चलेगी और कई प्रमुख स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा।

स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस का रूट तय, जून में टाइम टेबल होगा जारी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रूट का सर्वे पूरा हो चुका है और जून में इसकी टाइम टेबल जारी की जाएगी। ट्रेन के संचालन की तारीख उच्च स्तरीय बैठक के बाद घोषित की जाएगी। सप्ताह में चार दिन चलने वाली इस ट्रेन में कुल 20 एसी कोच होंगे, जिसमें फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी, थर्ड एसी और दो एसएलआर कोच शामिल हैं। एक बार में करीब 1200 यात्री यात्रा कर सकेंगे।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

यह ट्रेन लखनऊ से चलकर हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली जंक्शन, रामपुर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुद्दीन, आगरा होते हुए मुंबई तक जाएगी। खास बात यह है कि इसका रूट बरेली जंक्शन होकर फाइनल किया गया है। इससे पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों के यात्रियों को मुंबई तक सीधी, तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

मुंबई जाने वाला सफर होगा और आसान

फिलहाल बरेली और आसपास के क्षेत्रों से मुंबई के लिए सीमित ट्रेनें ही उपलब्ध हैं जैसे बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, रामनगर-बांद्रा एक्सप्रेस, लालकुआं-बांद्रा टर्मिनल और काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल ट्रेनें। लेकिन सीटों की भारी कमी और लंबी वेटिंग लिस्ट से यात्रियों को दिक्कत होती है। स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस इस कमी को दूर करेगी और राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस से भी तेज रफ्तार में चलेगी।

वाराणसी से वंदेभारत की शुरुआत, अब एक और उपलब्धि यूपी के नाम

गौरतलब है कि देश की पहली वंदेभारत ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलाई गई थी। आज भी इस रूट पर दो वंदेभारत ट्रेनें रोजाना चल रही हैं। अब उत्तर प्रदेश को एक और गौरव मिलने जा रहा है – पहली स्लीपर वंदेभारत एक्सप्रेस की शुरुआत भी यहीं से होगी।

एयरपोर्ट पर महिला का मेकअप बना मुसीबत, फेस रिकग्निशन मशीन ने पहचानने से किया इनकार | वीडियो हुआ वायरल

लखनऊ/सर्वोदय:-सोशल मीडिया पर एक मजेदार और चौंकाने वाला वीडियो इन दिनों जबरदस्त वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला का भारी मेकअप उसके लिए मुसीबत बन गया। एयरपोर्ट पर फेस रिकग्निशन सिस्टम ने उसे पहचानने से मना कर दिया क्योंकि उसका चेहरा पासपोर्ट फोटो से मेल ही नहीं खा रहा था।

फेस रिकग्निशन मशीन ने कहा- पहचान नहीं पाया

वायरल वीडियो चीन के शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला सिक्योरिटी चेक के दौरान फेस रिकग्निशन मशीन के सामने खड़ी होती है, लेकिन मशीन उसके चेहरे को स्कैन करने में विफल रहती है। कारण? महिला के चेहरे पर इतना ज्यादा मेकअप था कि उसका वास्तविक चेहरा पासपोर्ट फोटो से बिल्कुल अलग दिख रहा था।

मेकअप हटाया तो सबकी छूट गई हंसी

सिक्योरिटी स्टाफ ने जब महिला से पहचान सत्यापित करने के लिए मेकअप हटाने को कहा, तो वो अनमनी सी हो गई। लेकिन जैसे ही उसने मेकअप हटाना शुरू किया, वहां मौजूद लोग और अधिकारी हंसने लगे। महिला की असली शक्ल सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने ठहाके लगाने शुरू कर दिए। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला इस रिएक्शन से नाराज होकर चिढ़ने लगती है और हाथ-पैर भी चलाने लगती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस मजेदार घटना का वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @naughtyworld पर पोस्ट किया गया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं और हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ चुके हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “मेकअप का ऐसा जादू कि मशीन भी कंफ्यूज हो गई।” वहीं एक और यूजर ने लिखा, “मशीन ने तो सही किया, अब कौन पहचाने असली चेहरा कौन सा है।”

डिस्क्लेमर: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर आधारित है। सर्वोदय न्यूज़ इस वीडियो की सत्यता या दावे की पुष्टि नहीं करता।

पीरियड्स में डार्क चॉकलेट क्यों खाना फायदेमंद होता है, एक्सपर्ट ने गिनाई ये 3 वजहें

लाइफस्टाइल/सर्वोदय:-  पीरियड्स में महिलाओं को पेट, कमर और पैर में दर्द होना आम बात है. लेकिन कई बार ये दर्द इतना ज्यादा होता है कि इसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐंठन से जुड़ी सूजन और मांसपेशियों के खिंचाव को कम करके पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं जिनमें चॉकलेट, खासतौर पर डार्क चॉकलेट शामिल है.

पीरियड्स में महिलाओं को पेट, कमर और पैर में दर्द होना आम बात है. लेकिन कई बार ये दर्द इतना ज्यादा होता है कि इसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐंठन से जुड़ी सूजन और मांसपेशियों के खिंचाव को कम करके पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं जिनमें चॉकलेट, खासतौर पर डार्क चॉकलेट शामिल है.

इसलिए अगली बार जब आपको पीरियड्स में डार्क चॉकलेट खाने की इच्छा हो तो इसे खाने में हिचकिचाहट ना करें क्योंकि इसे खाने से आपको कई फायदे हो सकते हैं. पोषण विशेषज्ञ दीपशिखा जैन ने एक वीडियो में ये जानकारी दी है.

पीरियड्स के दौरान डार्क चॉकलेट क्यों खानी चाहिए

हाल ही में को शेयर किए गए एक वीडियो में  उन्होंने बताया, डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन/मतली या बेचैनी को कम करने में मदद करता है. यह मूड अच्छा करने में भी मदद करता है जिससे मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम/पीएमएस ( पीरियड्स से पहले होने वाले मूड स्विंग, बार-बार कुछ खाने की लालसा, थकान, चिड़चिड़ापन और अवसाद के लक्षणों वाली दिक्कत) में यह काफी मददगार है.

1-डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम का एक बहुत अच्छा स्रोत है जो मांसपेशियों के खिंचाव को कम करने में मदद करता है इसलिए पीरियड्स के दौरान ऐंठन भ कम महूसस होती है.

  1. मैग्नीशियम आपके सेरोटोनिन के स्तर को भी बढ़ाता हैजिससे आप बहुत खुश और शांत महसूस करते हैं.
  2. इतना ही नहीं, बल्कि डार्क चॉकलेट एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है जो सूजन और पीरियड्स के दौरान होने वाली किसी भी तरह की परेशानी को कम करने में मदद करती है.

कितनी और कितने प्रतिशत डार्क चॉकलेट खानी चाहिए?

जब उनके फॉलोअर्स ने पूछा कि इन लाभों को पाने के लिए डार्क चॉकलेट बार में कोको सॉलिड्स का कितना प्रतिशत होना चाहिए तो दीपसिखा ने 70-80 प्रतिशत या उससे ज्यादा का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि डार्क चॉकलेट बार का कोई भी ब्रांड ठीक है, बशर्ते उसमें कोको सॉलिड्स का ऊपर बताए गए प्रतिशत के बराबर हो. उन्होंने कहा कि 2 से 3 पीस खाए जा सकते हैं.

आज का राशिफल – 30 मई 2025 : जानिए कैसा रहेगा शुक्रवार का दिन | सभी 12 राशियों का सटीक ज्योतिषीय विश्लेषण

आज का राशिफल – 30 मई 2025 / सर्वोदय न्यूज़:- हर दिन की शुरुआत करें सही ज्योतिषीय मार्गदर्शन के साथ। आपके लिए आज का राशिफल – 30 मई 2025 का दैनिक राशिफल, जिसमें प्रेम, करियर, वित्त, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन के अहम संकेत दिए गए हैं। जानिए किस राशि के सितारे देंगे साथ और कौन से क्षेत्रों में बरतें सावधानी।

मेष राशिफल (Aries)

आज का दिन उन्नति के संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहेगा और करियर में नई दिशा मिल सकती है। प्रेमी से मुलाकात का अवसर मिलेगा। घर में नया इलेक्ट्रॉनिक सामान आ सकता है। भाई-बहनों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद संभव है, पर बातचीत से हल निकल सकता है। धार्मिक यात्रा की संभावनाएं हैं।

वृषभ राशिफल (Taurus)

वृष राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहेगा। निवेश से पहले डॉक्युमेंट्स की गहराई से जांच करें। ऑनलाइन काम से जुड़े लोगों को बड़ा अवसर मिल सकता है। खर्चों में बढ़ोतरी संभव है, इसलिए बजट पर ध्यान दें। कार्यस्थल पर संभलकर संवाद करें।

मिथुन राशिफल (Gemini)

रुके हुए कार्यों को पूरा करने का बेहतरीन मौका मिलेगा। भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। घर में किसी नए मेहमान के आगमन की संभावना है। सेहत का ध्यान रखें। पुराने मित्र से मिलना हो सकता है, जिससे दिन और भी खास बनेगा।

कर्क राशिफल (Cancer)

आज का दिन मिला-जुला रहेगा। किसी भी वादे से पहले सोच-विचार करें। कार्यस्थल पर महिला सहकर्मियों से संयम रखें। नौकरी में नया प्रस्ताव मिल सकता है। पारिवारिक तनाव को बातचीत से सुलझाएं।

सिंह राशिफल (Leo)

सिंह राशि वालों को आज अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। पारिवारिक आयोजन से खुशी का माहौल बनेगा। कानूनी मामलों में राहत मिलेगी। योजनाओं को अनुशासन के साथ आगे बढ़ाएं।

कन्या राशिफल (Virgo)

आय में वृद्धि के योग हैं। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक माहौल अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ कोई गोपनीय बात उजागर हो सकती है। वाहन सावधानी से चलाएं।

तुला राशिफल (Libra)

तुला राशि के जातकों को आज धैर्य और समझदारी के साथ निर्णय लेने होंगे। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिलेगी। धन संबंधी मामलों में सतर्क रहें, किसी को उधार देने से बचें।

वृश्चिक राशिफल (Scorpio)

अधूरे कार्यों को पूरा करने का बेहतरीन समय है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। परिवार में शुभ अवसर हो सकता है। नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है।

धनु राशिफल (Sagittarius)

धनु राशि के लोगों के लिए दिन मिला-जुला रहेगा। परिवार के बच्चों के साथ समय बिताएं, इससे तनाव कम होगा। पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है।

मकर राशिफल (Capricorn)

मकर राशि वालों को आज प्रगति के नए अवसर मिलेंगे। शिक्षा और करियर दोनों में सकारात्मक संकेत हैं। समाज सेवा में भागीदारी बढ़ेगी। पारिवारिक आशीर्वाद से कार्य सफल होंगे।

कुंभ राशिफल (Aquarius)

कुंभ राशि वालों के लिए सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी के संकेत हैं। अटका हुआ धन मिल सकता है। सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे। नई प्रॉपर्टी की योजना बन सकती है।

मीन राशिफल (Pisces)

मीन राशि के जातकों को आज भाग्य का साथ मिलेगा। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। संतान से शुभ समाचार मिल सकता है।

प्रयागराज: हाईकोर्ट से कम्प्यूटर ऑपरेटरों को बड़ी राहत, ग्रेड पे बढ़ाने का आदेश

प्रयागराज/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत की खबर आई है। कोर्ट ने 10 साल की सेवा पूरी कर चुके ऑपरेटरों को प्रथम ग्रेड पे के रूप में ₹4200 ग्रेड पे देने का आदेश पारित किया है।

यह फैसला जस्टिस अजीत कुमार की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान लिया गया, जहां 2014 बैच के कम्प्यूटर ऑपरेटरों द्वारा दायर याचिका को निस्तारित किया गया।

हाईकोर्ट के आदेश की मुख्य बातें:
  • 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कम्प्यूटर ऑपरेटरों को ₹4200 ग्रेड पे देने का निर्देश
  • उच्च अधिकारियों को 3 महीने के भीतर आदेशों के अनुपालन के निर्देश
  • 2014 बैच के कम्प्यूटर ऑपरेटरों की याचिका को कोर्ट ने किया निस्तारित

याचिकाकर्ताओं ने लंबे समय से कार्य के अनुरूप वेतनमान न मिलने की बात उठाई थी। उनका तर्क था कि समान पदों पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को ₹4200 ग्रेड पे मिल रहा है, लेकिन उन्हें अब तक यह लाभ नहीं दिया गया। कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकारते हुए यह आदेश पारित किया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कार्यरत हजारों कम्प्यूटर ऑपरेटरों को राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से अपने वेतनमान को लेकर संघर्ष कर रहे थे।

गर्मियों में जरूर खाएं ये 3 सुपरफ्रूट्स, हाइड्रेशन से लेकर इम्युनिटी तक मिलेंगे जबरदस्त फायदे

लाइफस्टाइल/सर्वोदय:- जैसे ही तापमान बढ़ता है, शरीर को ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाती है। इस मौसम में केवल पर्याप्त पानी पीना ही काफी नहीं होता, बल्कि ऐसे फलों को अपनी डाइट में शामिल करना भी जरूरी हो जाता है जो शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखें और जरूरी पोषण दें। यहां हम आपको गर्मियों के 3 ऐसे मौसमी फलों के बारे में बता रहे हैं जो न सिर्फ प्यास बुझाते हैं बल्कि कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी राहत दिलाते हैं।

1 तरबूज: पानी से भरपूर, स्किन और एनर्जी का दोस्त

तरबूज गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल माना जाता है, और इसके पीछे वजह भी है। इसमें करीब 92% पानी होता है जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। तरबूज में मौजूद विटामिन A, विटामिन C, एंटीऑक्सिडेंट्स और इलेक्ट्रोलाइट्स न केवल डिहाइड्रेशन से बचाते हैं बल्कि त्वचा को ग्लोइंग और शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखते हैं।

2 खरबूजा: पाचन से लेकर ब्लडप्रेशर तक का समाधान

खरबूजा न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है बल्कि यह पाचन को दुरुस्त करता है और शरीर को ठंडक भी देता है। इसमें भरपूर मात्रा में पानी, फाइबर, विटामिन A और C होते हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ नींद में भी सुधार कर सकते हैं। इसके अलावा यह वेट लॉस में सहायक है और हृदय स्वास्थ्य को भी सपोर्ट करता है।

3 आम: स्वाद और सेहत का जबरदस्त कॉम्बो

आम को यूं ही फलों का राजा नहीं कहा जाता। यह न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। आम में मौजूद विटामिन C और विटामिन A इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं, स्किन को जवां रखते हैं और पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। इसके नियमित सेवन से त्वचा में निखार आता है और शरीर को आवश्यक पोषण भी मिलता है।

गर्मियों में सेहत को बरकरार रखने के लिए इन मौसमी फलों का सेवन जरूर करें। ये न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि कई शारीरिक समस्याओं जैसे डिहाइड्रेशन, कमजोर इम्युनिटी और खराब पाचन से भी बचाव करते हैं।

लखनऊ के शुभांशु शुक्ला इतिहास रचने को तैयार, AXIOM-4 अंतरिक्ष मिशन में होंगे शामिल

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ :- लखनऊ के त्रिवेणीनगर निवासी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 8 जून 2025 को अंतरिक्ष की ऐतिहासिक उड़ान भरने जा रहे हैं। वह AXIOM-4 अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनकर भारत का नाम वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर और ऊंचा करने जा रहे हैं।

भारत के लिए गौरव का क्षण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु शुक्ला को बधाई देते हुए कहा: यह पूरे देश, विशेषकर उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। शुभांशु की उपलब्धि नई पीढ़ी को विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।”

आपको बतादें कि शुभांशु शुक्ला वर्तमान में भारतीय वायुसेना (IAF) में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं। उनका चयन AXIOM-4 मिशन के लिए एक कठोर अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया के तहत हुआ, जो न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी प्रतिभा और समर्पण का प्रमाण है।

AXIOM-4 मिशन क्या है?

AXIOM-4 एक निजी अंतरिक्ष मिशन है, जो स्पेसएक्स (SpaceX) और नासा (NASA) के सहयोग से Axiom Space द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस मिशन में हिस्सा लेने वाले अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर अनुसंधान और तकनीकी परीक्षणों के लिए भेजे जाएंगे।

8 जून को होगी ऐतिहासिक उड़ान

AXIOM-4 मिशन की लॉन्च डेट 8 जून 2025 तय की गई है। शुभांशु इस मिशन के तहत भारत से शामिल होने वाले पहले कुछ सैन्य पृष्ठभूमि वाले अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल होंगे।

शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि क्यों है खास?

  • भारतीय वायुसेना के अधिकारी के रूप में चयन
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अंतरिक्ष मिशन
  • उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पहले अंतरिक्ष यात्री बनने की ओर अग्रसर
  • युवा वैज्ञानिकों और छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत

मुख्यमंत्री ने यूपी में किया विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ

लखनऊ/सर्वोदय:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लैब, आईसीआर, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र व अन्य संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिक पहली बार लैंड पर जाकर किसानों के साथ कृषि की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कार्य करेंगे। विकसित कृषि संकल्प अभियान का उद्देश्य लैब से लैंड तक जाना है। कृषि वैज्ञानिक लैब के साथ ही लैंड पर भी जाएंगे और किसानों से संवाद करेंगे। यह संवाद कृषि क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत करेगा। लैब में जो भी काम हो रहे हैं, वह धरातल पर दिखना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान का यूपी में शुभारंभ किया। यह अभियान 29 मई से 12 जून तक चलेगा। इस अभियान के लिए सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार जताया। सीएम ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

विकसित भारत की परिकल्पना की आधारशिला बनेगी कृषि

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए पीएम मोदी ने जो विजन दिया है, कृषि उसकी आधारशिला बनेगी। कृषि के माध्यम से लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में क्या कदम उठाया जा सकता है। इस पर कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी-कार्मिक, औद्यानिक फसल, खेती, डेयरी, मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को खेती के बारे में आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इस अभिनव पहल के तहत वैज्ञानिक क्लाइमेटिक जोन (भौगोलिक, सामाजिक स्थिति) को देखेंगे और किसानों को अर्ली बीज व लेट वेरायटी का प्रोडक्शन पर क्या असर पड़ता है, इसकी भी जानकारी देंगे।

यूपी में कृषि के लिए बहुत स्कोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 वर्ष के अंदर यूपी में डबल इंजन सरकार ने किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने के अभियान को अपने हाथों में लिया। यूपी में कृषि के लिए बहुत स्कोप है। देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 10-11 फीसदी हमारे पास है। इसी कृषि योग्य भूमि में यूपी का किसान 22-23 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन करता है। सीएम ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि किसान उनके सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं बन पाया था। किसान को बीज, एमएसपी का दाम, समय पर खाद्य, खेत के लिए पानी, तकनीक, स्वायल हेल्थ की व्यवस्था नहीं थी। लागत कम, उत्पादक अधिक पर जोर नहीं था।

पीएम मोदी के शीर्ष एजेंडे में है खेती-किसानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी पीएम मोदी के शीर्ष एजेंडे में है। देश में 11 वर्ष के अंदर खेती-किसानी के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने स्वायल हेल्थ कार्ड का अभियान चलाया। किसानों को पीएम कृषि बीमा योजना, पीएम कृषि सिंचाई योजना, एमएसपी, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। किसानों को तकनीक से जोड़ने का कार्य हुआ। पिछले 10-11 वर्ष में काफी परिवर्तन हुआ है। 2014-15 में किसान को एक हजार रुपये भी गेहूं का दाम नहीं मिलता था, आज एमएसपी 2425 रुपये है। किसानों ने बाजार में 2800 रुपये में गेहूं बेचा है। यह अन्नदाता किसान के जीवन में आए परिवर्तन का परिणाम है।

यूपी में सिंचाई सुविधा में हुई बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने कहाकि यूपी में सिंचाई सुविधा में बढ़ोतरी हुई। 15 लाख किसानों के व्यक्तिगत ट्यूबवेल के कनेक्शन फ्री किए गए। राज्य सरकार प्रतिवर्ष ढाई हजार करोड़ रुपये जमा करती है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाणसागर परियोजना, अर्जुन सहायक आदि परियोजना के माध्यम से पूरा करते हुए डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में 23 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए।

सरकार बनते ही 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र को लाने में प्राप्त हुई सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार यूपी में कृषि विज्ञान केंद्र को लागू नहीं करना चाहती थी, लेकिन जैसे ही सूर्य प्रताप शाही कृषि मंत्री बने, उन्होंने 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र को लाने में सफलता प्राप्त की। आज 89 कृषि विज्ञान केंद्र कार्य कर रहे हैं। महात्मा बुद्ध के नाम पर कुशीनगर में पांचवां कृषि विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रहे हैं। प्रदेश के अंदर कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से नई तकनीक, बीज की जानकारी किसानों को दी जा रही है। कृषि विवि भी इनोवेशन और कृषि के क्षेत्र में रिसर्च एंड डवलपमेंट के नए केंद्र के रूप में उभरे हैं। उनकी नई गति प्रदेश की प्रगति में सहायक हो रही है।

2017 के पहले खेतों में आग लगा देता था किसान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसान अपनी आय को बढ़ा रहा है। 2017 के पहले सुनने को मिलता था कि किसान को पर्ची नहीं मिली तो उसने खेत में आग लगा दी। किसान को वर्षों से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होता था। वह मजबूर होकर फसल में आग लगा देता था। किसान का आक्रोश सरकार की स्थिति को बयां कर देताा था। 1996 से 2017 (22 वर्ष) तक जितना गन्ना मूल्य भुगतान हुआ, उससे 72 हजार करोड़ रुपये अधिक (दो लाख 85 हजार करोड़) हमने आठ वर्ष में किसानों को दिया है। बंद हो रही चीनी मिलों को चलाया गया, नई चीनी मिलों को स्थापित किया गया। 2017 के पहले चीनी मिलें बंद होती थीं। आज चीनी मिल लगाने के प्रस्ताव आ रहे हैं।

अगले चार वर्ष में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाएंगे

सीएम ने कहा कि अगले चार वर्ष में यूपी की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाएंगे। इसके लिए नया प्रयास प्रारंभ करने जा रहे हैं। यह कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन होगा। सीएम ने यूपी एग्रीज का भी जिक्र किया। बोले कि पश्चिम के किसानों ने खेती समेत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति की, मॉडर्न तकनीक अपनाया, नए बीज उपलब्ध कराए। वे लोग लागत कम करने और उत्पादन बढा़ने में सफल हुए। मध्य और पूरब के किसान इस दिशा में काफी पीछे थे, इसलिए वर्ल्ड बैंक के माध्यम से चार हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को हम लोगों ने इस वर्ष बढ़ाया है। इससे पूर्वांचल व बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र के 28 जनपदों को आच्छादित करने जा रहे हैं।

जनपदों में जाकर अभियान से जुड़े हैं सरकार के मंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती में केवल कृषि विभाग की ही नहीं, बल्कि जलशक्ति विभाग की भी बड़ी भूमिका है। लखनऊ में कई मंत्री इस अभियान को गति दे रहे हैं तो कुछ मंत्री अनेक जनपदों में जुड़े हैं। इस अभियान से 89 कृषि विज्ञान केंद्र, 826 विकास खंड मुख्यालय, 8137 न्याय पंचायत, किसान कल्याण केंद्र को जोड़ने का कार्य किया गया है। जब इस क्षेत्र से जुड़े लोग अभियान को बढ़ाएंगे तो कृषि के क्षेत्र में नया क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेगा।

सीएम ने क्लाइमेट चेंज की चुनौती को लेकर किया आगाह

सीएम ने कहा कि क्लाइमेट चेंज हमारी चुनौती है। मॉनसून 15-20 दिन पहले दिखाई दे रहा है, लेकिन आशंका है कि डेढ़-दो महीने बीच में सूखा रहेगा, फिर बारिश आएगी। उस समय की चुनौती की रणनीति अभी तैयार करनी होगी, फिर बारिश आएगी। यह चेंज उत्पादन पर असर डालेगा। अच्छा बीज पड़ा तो अच्छा उत्पादन होगा, बीज एक महीने लेट होगा तो उत्पादन पर 30 फीसदी का अंतर डालेगा। अच्छा बीज मिल सके, इसके लिए किसानों को जागरूक करना पड़ेगा। 8 वर्ष में मिलेट्स, नेचुरल फॉर्मिंग, दलहनी-तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ा है, लेकिन इसके लिए और भी प्रयास करना चाहिए।

इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता आदि मौजूद रहे।


अन्नदाता किसानों को दिया प्रमाण पत्र
सीएम ने प्रधानमंत्री किसान सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के तहत चेतराम मौर्य (चिनहट), अंजनी वर्मा (इटौंजा), कन्हैया लाल (इटौंजा), शिवपूजन (सलेमपुर) व लालता प्रसाद (बक्शी का तालाब) को प्रमाण पत्र प्रदान किया।

Lucknow News: KGMU में डॉक्टरों ने 7 साल की बच्ची की जान बचाई, गर्दन से दिमाग तक धंसी 8 सेमी की कील सफलतापूर्वक निकाली

लखनऊ /सर्वोदय न्यूज़ :- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी कर 7 साल की मासूम बच्ची की जान बचाने में ऐतिहासिक सफलता पाई है। यह मामला तब सामने आया जब बलरामपुर जिले की नवाजपुर निवासी बच्ची के सिर में खेलते समय 8 सेंटीमीटर लंबी कील गर्दन के रास्ते होते हुए दिमाग तक जा धंसी।

समय पर सर्जरी न होती तो जान का खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, कील दिमाग की एक मुख्य नस के पास तक पहुंच गई थी। यदि इसे समय पर न निकाला जाता, तो बच्ची को स्थाई विकलांगता या मौत का सामना करना पड़ सकता था।

कैसे हुआ हादसा?

बच्ची 15 मई को खेल रही थी, तभी एक पतली कील उसकी गर्दन में घुस गई। कील की बनावट इतनी बारीक थी कि वह गर्दन और मुंह के ऊतक भेदते हुए सीधे दिमाग तक पहुंच गई। परिवार वालों ने पहले उसे नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल ने बच्ची को KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

ट्रॉमा सेंटर में शुरू हुई जीवन रक्षक प्रक्रिया

16 मई को डॉ. समर और डॉ. आशुतोष ने बच्ची की हालत का मूल्यांकन किया और तत्काल भर्ती की सिफारिश की। जब पता चला कि कील ने दिमाग तक का रास्ता तय किया है, तो मामला बेहद गंभीर और जटिल हो गया।

संयुक्त मेडिकल टीम बनी

मामले की गंभीरता को देखते हुए ENT, न्यूरोसर्जरी और ट्रॉमा सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों की संयुक्त सर्जरी टीम गठित की गई।16 मई की रात 10 बजे, डॉ. समीर मिश्रा और डॉ. वैभव जायसवाल के नेतृत्व में यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

13 दिन PICU में रही बच्ची, अब स्वस्थ

सर्जरी के बाद बच्ची की हालत कुछ समय के लिए गंभीर बनी रही। PICU (पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में 13 दिनों तक डॉक्टरों की सघन निगरानी में रखने के बाद उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ।

डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि, ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा, लेकिन कम उम्र होने के कारण कई जटिलताएं आईं, जिन्हें हमारी विशेषज्ञ टीम ने संभाला। अब बच्ची सुरक्षित है और सामान्य जीवन जी सकती है।”

ऑपरेशन करने वाली टीम के नाम:

  • डॉ. समीर मिश्रा (लीड सर्जन)
  • डॉ. वैभव जायसवाल
  • डॉ. यादवेन्द्र
  • डॉ. लोकेश (सीनियर रेजिडेंट)
  • डॉ. अर्पिता (जेआर)
  • डॉ. अर्चना (जेआर)
  • डॉ. आकांक्षा (एसआर)
  • डॉ. विशाल (एसआर)
  • डॉ. रंजीत चन्द्र (एसआर)

KGMU के वरिष्ठ सर्जन बताते हैं कि यह केस रेयर मेडिकल इमरजेंसी की श्रेणी में आता है। ऐसी सर्जरी में देरी या लापरवाही जानलेवा हो सकती है। लेकिन समन्वित प्रयास, सही निर्णय और आधुनिक तकनीक की वजह से बच्ची को नया जीवन मिल पाया।