Wednesday, June 10, 2026

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अष्टमी-नवमी के दिन कन्या पूजन में भूलकर भी ना दें ये उपहार

सर्वोदय:- चैत्र नवरात्रि का पर्व हर साल श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। विशेषकर अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का महत्व है, जब भक्त घर आई कन्याओं को पूजते हुए उन्हें उपहार और प्रसाद प्रदान करते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कन्या पूजन के दौरान कुछ चीजें उपहार के रूप में देना अशुभ और अनुचित माना जाता है। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में, जिन्हें कन्या पूजन के दौरान भूलकर भी नहीं देना चाहिए:
कन्या पूजन के दौरान चमड़े से बनी चीजें जैसे बैग, बेल्ट, पर्स, जूते आदि देना अशुभ माना जाता है। नवरात्रि में सात्विकता और देवी पूजन का पालन किया जाता है, जबकि चमड़े की वस्तुएं पशु हिंसा से जुड़ी होती हैं, जो धार्मिक दृष्टि से अनुचित मानी जाती हैं।
हिंदू धर्म में काले रंग को आमतौर पर अशुभ माना जाता है। इसलिए कन्या पूजन के दौरान काले रंग के कपड़े, चूड़ियां या किसी भी अन्य काली वस्तु को उपहार के रूप में देने से बचना चाहिए। यह नकारात्मकता और अशुभता का संकेत माना जाता है।
नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची, सुई आदि कभी भी कन्या पूजन के दौरान उपहार के रूप में नहीं देनी चाहिए। ये चीजें नकारात्मकता, हानि और रिश्तों में दरार का प्रतीक मानी जाती हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
कन्या पूजन के दौरान उपहार में पुरानी या इस्तेमाल की हुई चीजें देना अपमानजनक माना जाता है। इस दिन दिए गए उपहारों में हमेशा नई और अच्छी चीजें शामिल होनी चाहिए, ताकि कन्याओं को सम्मान और आशीर्वाद मिल सके।
कन्या पूजन के दौरान कभी भी कोई ऐसी वस्तु उपहार में नहीं देनी चाहिए, जो दुख, हिंसा या नकारात्मकता का प्रतीक हो। इसके बजाय, हमेशा पारंपरिक और शुभ वस्तुएं ही उपहार के रूप में दें, जैसे मिठाइयाँ, नए कपड़े या अन्य शुभ प्रतीक।
कन्या पूजन के दौरान घर आई कन्याओं को खुश करने और उन्हें सम्मान देने के लिए आप निम्नलिखित शुभ और सकारात्मक उपहार दे सकते हैं:
• नए कपड़े: नए और रंग-बिरंगे कपड़े कन्याओं को सम्मानित करने का एक अच्छा तरीका है।
• लाल चुनरी: यह शुभता और सौभाग्य का प्रतीक होती है।
• मिठाइयाँ और फल: कन्याओं को मिठाइयाँ और ताजे फल उपहार में दिए जा सकते हैं।
• चूड़ियाँ: पारंपरिक चूड़ियाँ कन्याओं के लिए शुभ होती हैं।
• पर्स, हेयर क्लिप, पेंसिल, पेन और किताबें: ये छोटे लेकिन उपयोगी उपहार होते हैं, जो कन्याओं को खुशी दे सकते हैं।
कन्या पूजन के दिन उपहार देने का खास महत्व है। इस दिन दिए गए उपहारों से कन्याओं के साथ-साथ पूरे घर में खुशहाली और समृद्धि का आशीर्वाद आता है। इसलिए, यह जरूरी है कि आप अशुभ वस्तुओं से बचते हुए कन्याओं को शुभ और सकारात्मक उपहार दें।

नुसरत की ‘छोरी 2’ का ट्रेलर रिलीज, डर से कांप उठेगा दिल!

सर्वोदय/मनोरंजन:-  बॉलीवुड में हॉरर फिल्मों की हमेशा से खास जगह रही है। कुछ फिल्में सिर्फ डराने के लिए बनाई जाती हैं, तो कुछ समाज की गहरी समस्याओं को भी उजागर करती हैं। नुसरत भरूचा की आने वाली फिल्म ‘छोरी 2’ इसी कड़ी में शामिल है, जो एक भयावह कहानी के जरिए लिंग भेदभाव जैसी गंभीर समस्या को दिखाएगी।
11 अप्रैल को होगी रिलीज
अमेज़न प्राइम पर ‘छोरी 2’ 11 अप्रैल को स्ट्रीम होने वाली है। हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर ने दर्शकों को रोमांच और डर से भर दिया है। बैकग्राउंड म्यूजिक से लेकर स्क्रीन पर दिख रहे खौफनाक दृश्य, हर चीज दर्शकों को डराने के लिए काफी है।
ट्रेलर की शुरुआत में सुनाई गई खौफनाक कहानी
वीडियो की शुरुआत में एक महिला छोटी बच्ची को कहानी सुनाती है –“एक बड़ा सा राज्य था, वहां का राजा बहुत शक्तिशाली था। एक दिन उसके घर बेटी का जन्म हुआ। राजा गुस्से से आग बबूला हो गया।”
बच्ची हैरान होकर पूछती है, “पर गुस्सा क्यों?”
महिला का जवाब आता है –“क्योंकि राजा को बेटा चाहिए था, बेटी नहीं।” इसके बाद डरावने दृश्य सामने आने लगते हैं – एक भयावह कुआं, अजीबो-गरीब रस्में निभाती महिलाएं, और एक ऐसा माहौल जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा। सबसे बड़ा सवाल जो ट्रेलर में उठता है – क्या वह राजा आज भी जिंदा है?
सोहा अली खान भी निभाएंगी अहम किरदार
फिल्म में नुसरत भरूचा के अलावा सोहा अली खान भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। ट्रेलर को दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फैंस ने फिल्म के डरावने और सस्पेंस भरे माहौल की तारीफ की है और अब इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
क्या आप भी ‘छोरी 2’ देखने के लिए तैयार हैं?

मलाइका अरोड़ा का शानदार गोल्डन गाउन लुक: रेड कार्पेट पर बिखेरे जलवे

सर्वोदय/मनोरंजन:-  बॉलीवुड की फिट और स्टाइलिश एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा हमेशा अपने फैशन सेन्स से दर्शकों को हैरान कर देती हैं। चाहे वेस्टर्न हो या ट्रेडिशनल, हर स्टाइल में मलाइका का लुक चर्चे का विषय बन जाता है। हाल ही में एक इवेंट में मलाइका ने गोल्डन कलर के गाउन में रेड कार्पेट पर सबका ध्यान खींचा। इस बार उन्होंने क्लासिक रेड और ब्लैक के बजाय गोल्डन गाउन पहनकर सभी को अपनी खूबसूरती से मंत्रमुग्ध कर दिया।

गोल्डन गाउन में मलाइका का रॉयल लुक

इस विशेष इवेंट के लिए मलाइका ने “Lovers and Friends” ब्रांड का एक शानदार वन-शोल्डर गाउन चुना। यह गाउन न केवल फैशन में एकदम ट्रेंडिंग था, बल्कि इसकी शानदार फैब्रिक और बैकलेस डिजाइन ने मलाइका के लुक को और भी ग्लैमरस बना दिया। फुल-लेंथ कॉलम स्कर्ट स्टाइल के इस गाउन ने उनकी टोन्ड बॉडी को बेहतरीन तरीके से हाइलाइट किया और उन्हें रॉयल टच दिया।

स्टाइलिश एक्सेसरीज और क्लासी लुक

मलाइका ने अपनी स्टाइलिश आउटफिट को एक्सेसरीज के साथ और भी इंटेंसिफाई किया। उन्होंने डायमंड ब्रेसलेट, स्टेटमेंट रिंग और डायमंड ईयररिंग्स पहने, जो उनके लुक को और भी शाही बना रहे थे। साथ ही, उन्होंने इस गाउन के साथ स्टाइलिश हील्स कैरी किए, जो उनके ग्लैम लुक को पूरा कर रहे थे।

फ्लॉलेस मेकअप और ग्लैम लुक

मलाइका के मेकअप ने उनके लुक में चार चांद लगा दिए। उन्होंने एक परफेक्ट बेस के साथ फ्लॉलेस फिनिश हासिल की, जिससे उनका चेहरा गॉर्जियस और ग्लोइंग नजर आ रहा था। उनकी आँखों को मस्कारा, आईलाइनर और हल्के आईशैडो से डिफाइन किया गया था, जो उन्हें और भी आकर्षक बना रहा था। हल्का ब्लश और ब्राउन-पिंक टोन की लिपस्टिक ने उनके लुक को कम्प्लीट किया।

मलाइका अरोड़ा का यह गोल्डन गाउन लुक एक बार फिर साबित करता है कि वह बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश और फिट एक्ट्रेस हैं। उनके हर लुक में क्लास, ग्लैमर और स्टाइल का बेहतरीन मिश्रण होता है, जो उन्हें किसी भी इवेंट का सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बना देता है।

किसानों को 30 जून तक मिलेगा घर बैठे फसल बेचने का मौका

सर्वोदय/लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। किसान अब मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत दलहन और तिलहन की सरकारी खरीद की प्रक्रिया में घर बैठे शामिल हो सकते हैं। इस योजना में किसान 2 अप्रैल से 30 जून तक अपनी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सीधे सरकार को बेच सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उचित दाम दिलाकर उनकी आय बढ़ाना है। किसान इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी फसलों का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
नेफेड को आवंटित जिले
लखनऊ, अयोध्या, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, फतेहपुर, कानपुर देहात, प्रयागराज, कौशाम्बी, ललितपुर, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर, औरैया, बलिया, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, वाराणसी, उन्नाव, मैनपुरी, अम्बेडकर नगर, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, गोण्डा, बाराबंकी, संत रविदास नगर, बलरामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, गोरखपुर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, देवरिया, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, श्रावस्ती, रामपुर, अलीगढ़, हाथरस, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर, बदायूं, शामली, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ एवं बिजनौर।
एनसीसीएफ को आवंटित जिले
बांदा, चित्रकूट, कानपुर नगर, मिर्जापुर, आजमगढ़, चन्दौली, मऊ, आगरा, कन्नौज, बस्ती, हरदोई, एटा, बहराइच, मथुरा, महराजगंज, बरेली, मेरठ, पीलीभीत, सम्भल, बागपत, अमरोहा।
ये समर्थन मूल्य है निर्धारित
– अरहर : 7,550 रुपए प्रति क्विंटल
– चना : 5,650 रुपए प्रति क्विंटल
– मसूर : 6,700 रुपए प्रति क्विंटल
– सरसों : 5,950 रुपए प्रति क्विंटल
तीन दिन में किया जाएगा भुगतान
नैफेड के राज्य प्रमुख रोहित जैमन ने बताया कि आधार से लिंक बैंक खाते में तीन कार्य दिवसों के भीतर भुगतान किया जाएगा। साथ ही फसल उत्पादन वाले जिलों में पीसीएफ, पीसीयू, जैफेड एवं यूपीएसएस के माध्यम से क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं। विस्तृत जानकारी के लिए किसान 18002101222 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। केंद्र सरकार और यूपी सरकार मिलकर इस विशेष योजना को संचालित कर रहे हैं। नेफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल इस पूरी योजना की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं।
आवेदन करने से पहले इन सावधानियों का ध्यान रखें किसान
– आधार से लिंक बैंक खाता और मोबाइल नंबर पंजीकृत करें।
– आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर में नाम, पिता का नाम समान होना चाहिए।
– पंजीकरण के लिए सुविधा केंद्र या स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पंजीकरण के लिए पोर्टल:
नेफेड पोर्टल: https://esamridhi.in/#/
एन.सी.सी.एफ पोर्टल: https://nccf.neml.in/#/

मंडल रेल प्रबंधक, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त के बीच भेंटवार्ता, चारबाग रेलवे स्टेशन के विकास पर चर्चा

सर्वोदय/लखनऊ: उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के चारबाग रेलवे स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक एस.एम.शर्मा, जिलाधिकारी विशाख जी. और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह के बीच एक महत्वपूर्ण भेंटवार्ता हुई। इस बैठक में राज्य और रेलवे प्रशासन के आपसी तालमेल के साथ काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, जिससे लखनऊ में उत्तर रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।


चारबाग स्टेशन के विकास पर चर्चा
इस बैठक में तीनों अधिकारियों ने चारबाग रेलवे स्टेशन के विकास और पुनर्विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। स्टेशन के संरचनात्मक और विकासात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्टेशन का बुनियादी ढांचा आधुनिक और सुरक्षित हो सके। अधिकारियों ने स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में होने वाले कार्यों की रूपरेखा तय की और उनकी प्रभावी क्रियान्वयन प्रक्रिया पर भी विचार किया।


सहयोग और कार्यान्वयन की दिशा
इसके बाद, इन तीनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर चारबाग रेलवे स्टेशन का संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर के पुनर्विकास/उत्थान के लिए आवश्यक बिंदुओं को चिन्हित किया और इन कार्यों के सही तरीके से और समयबद्ध तरीके से पूरा किए जाने का आश्वासन दिया।


उपस्थिति और सहयोग
इस अवसर पर मंडल के अन्य शाखाधिकारियों के साथ-साथ RLDA (रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) के अधिकारी, राज्य प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस बैठक और निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन को एक आदर्श स्टेशन बनाने के लिए सभी अधिकारियों के बीच मजबूत सहयोग और समन्वय जारी रहेगा। चारबाग रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की प्रतिबद्धता और तत्परता ने लखनऊ के रेल यात्री अनुभव को नई दिशा देने की उम्मीद को बल दिया है। उक्त जानकारी कुलदीप तिवारी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक,उत्तर रेलवे, लखनऊ ने दिया |

अखिलेश ने बीजेपी अध्यक्ष पर चुटकी लेकर किया सवाल,अमित शाह ने दिया मजेदार जवाब, सदन में गूंजे ठहाके

सर्वोदय/नई दिल्ली:-  संसद में वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच दिलचस्प और मजेदार सवाल-जवाब का सिलसिला देखने को मिला। यह वाकया तब हुआ जब अखिलेश यादव ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर तंज कसते हुए सवाल उठाया।
अखिलेश यादव का तंज:
वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जो पार्टी यह दावा करती है कि वह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, वह अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष क्यों नहीं चुन पा रही है? बीजेपी के अंदर ऐसा क्या हो रहा है?” उनका यह सवाल सुनकर सदन में मौजूद उनके सहयोगी भी समर्थन देने लगे, और अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव भी मुस्कराते हुए दिखीं।
अमित शाह का मजेदार जवाब:
अखिलेश यादव के सवाल के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने तपाक से खड़े होकर हंसते हुए इसका मजेदार जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अखिलेश जी ने हंसते-हंसते सवाल किया है, तो मैं भी हंसते हुए जवाब देता हूं। जहां तक बात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की है, हमारी पार्टी में करोड़ों कार्यकर्ता हैं और हमें इन करोड़ों सदस्यों में से किसी एक को चुनने की प्रक्रिया करनी होती है, इसलिए इसमें समय लगता है। जबकि आपकी पार्टी में सिर्फ पांच लोग हैं, और वो भी परिवार में से ही अध्यक्ष चुनने हैं, तो आपको इसमें कोई समय नहीं लगता।” अमित शाह ने आगे कहा, “मैं यह भविष्यवाणी करता हूं कि आप (अखिलेश यादव) 25 साल तक अध्यक्ष रहेंगे!” उनके इस मजेदार पलटवार पर सदन में हंसी का माहौल बन गया और सभी सांसद जोर-जोर से ठहाके लगाने लगे।
सदन में हंसी की लहर:
अमित शाह की बात पर खुद अखिलेश यादव भी मुस्कराए और डिंपल यादव भी इस मजेदार पलटवार पर हंसी रोक नहीं पाईं। जब शाह ने अखिलेश यादव का नाम लिया, तो वह हाथ जोड़कर खड़े हो गए थे। इसके बाद अखिलेश यादव ने फिर से अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “जो बात निकलकर आ रही है, मैं उसे और आगे बढ़ाना चाहता हूं। कहीं ऐसा तो नहीं है कि जो हाल ही में यात्रा हुई थी, वह 75 साल के विस्तार वाली यात्रा ही तो नहीं थी?” यह मजेदार नोकझोंक और व्यंग्यपूर्ण जवाबों का सिलसिला सदन में एक हल्के-फुल्के पल का कारण बना और सांसदों ने इसका आनंद लिया।

बालों में मेहंदी लगाने के फायदे और नुकसान – जानिए क्या है सही चुनाव?

सर्वोदय:- बालों को खूबसूरत और मजबूत बनाने के लिए मेहंदी का उपयोग सदियों से किया जाता रहा है। यह एक प्राकृतिक डाई है, जो बालों को रंग देने के साथ-साथ उन्हें पोषण भी देती है। हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिन्हें जानना जरूरी है। आइए जानते हैं बालों में मेहंदी लगाने के फायदे और नुकसान।
बालों में मेहंदी लगाने के फायदे
1. प्राकृतिक हेयर डाई
मेहंदी बालों को केमिकल डाई की तुलना में ज्यादा सुरक्षित तरीके से रंग देती है। यह बालों को खूबसूरत ब्राउनिश-रेडिश शेड देती है और सफेद बालों को छुपाने में मदद करती है।
2. बालों की जड़ों को मजबूती देती है
मेहंदी में मौजूद प्राकृतिक तत्व स्कैल्प को पोषण देते हैं और बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं, जिससे बाल झड़ने की समस्या कम होती है।
3. डैंड्रफ और स्कैल्प इन्फेक्शन से बचाव
मेहंदी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो डैंड्रफ और खुजली की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं।
4. बालों को चमकदार और घना बनाती है
मेहंदी लगाने से बालों की शाइन बढ़ती है और वे अधिक घने नजर आते हैं। यह बालों को कोमल और सिल्की बनाती है।
5. ऑयली स्कैल्प को नियंत्रित करती है
अगर आपके बाल जल्दी चिपचिपे और तैलीय हो जाते हैं, तो मेहंदी स्कैल्प के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करने में मदद करती है।
बालों में मेहंदी लगाने के नुकसान
1. बालों को ड्राई बना सकती है
मेहंदी का अधिक उपयोग करने से बाल रूखे और बेजान हो सकते हैं। इससे बचने के लिए मेहंदी में दही, एलोवेरा या नारियल तेल मिलाना जरूरी है।
2. सही शेड न मिलना
हर व्यक्ति के बालों की बनावट अलग होती है, इसलिए मेहंदी का रंग सभी पर समान नहीं आता। कई बार यह मनचाहा कलर नहीं देती।
3. बार-बार लगाने पर बालों की नेचुरल रंगत बदल सकती है
लगातार मेहंदी लगाने से बालों का प्राकृतिक रंग बदल सकता है और उनमें लाल या नारंगी शेड आ सकता है।
4. सफेद बालों को पूरी तरह कवर नहीं कर पाती
अगर आपके बाल बहुत ज्यादा सफेद हैं, तो मेहंदी पूरी तरह उन्हें कवर नहीं कर पाती। इसे गहरा रंग देने के लिए इंडिगो पाउडर का उपयोग करना पड़ सकता है।
5. एलर्जी या स्किन रिएक्शन हो सकता है
कुछ लोगों को मेहंदी से एलर्जी या खुजली की समस्या हो सकती है। इसलिए इसे लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
क्या मेहंदी लगाना सही है?
अगर आप बालों को केमिकल डाई से बचाना चाहते हैं और एक प्राकृतिक उपाय अपनाना चाहते हैं, तो मेहंदी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। हालांकि, इसे लगाने से पहले बालों की टाइप और जरूरत को समझना जरूरी है।
मेहंदी लगाने का सही तरीका
मेहंदी में आंवला, शिकाकाई, दही या नारियल तेल मिलाने से बाल ज्यादा हेल्दी रहेंगे।इसे लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें, ताकि एलर्जी का पता लगाया जा सके।हफ्ते में एक बार से ज्यादा मेहंदी लगाने से बचें, ताकि बाल ड्राई न हों।
मेहंदी धोने के बाद अच्छे मॉइस्चराइजिंग शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें।अगर आप प्राकृतिक तरीके से बालों की देखभाल करना चाहते हैं, तो मेहंदी एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।

मुझे मेरी बीवी से बचाओ साहब- रोते हुए थाने पहुंचा युवक, पत्नी ने पति पर बरसाए जमकर थप्पड़,

सर्वोदय/मध्यप्रदेश:- मध्यप्रदेश के पन्ना से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक लोको पायलट पति ने अपनी पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित पति लोकेश कुमार मांझी (30) ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा— “साहब, मुझे मेरी पत्नी से बचाइए!”

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ हैरान करने वाला मंजर
लोकेश ने अपनी शिकायत के साथ सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे हैं, जिनमें उनकी पत्नी उन्हें बेरहमी से पीटती हुई नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में लोकेश हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते दिख रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी उन पर लगातार थप्पड़ बरसाती जा रही है।

शादी के बाद शुरू हुआ अत्याचार
पीड़ित ने बताया कि उनकी शादी जून 2023 में हर्षिता रैकवार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही उनकी पत्नी, सास और साला सोने-चांदी और पैसों की मांग करने लगे। जब उन्होंने मांग पूरी करने से इनकार किया, तो मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू हो गई।

कैमरे में कैद हुआ घरेलू हिंसा का सच
मारपीट की घटना 20 मार्च को हुई, जो घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। लोकेश ने बताया कि लगातार प्रताड़ना झेलने के बाद उन्होंने कैमरा लगाया, ताकि उनकी पत्नी की हकीकत सबके सामने आ सके। इस घटना के बाद उन्होंने सतना कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित ने न्याय की मांग की
पति ने पुलिस से न्याय की अपील करते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से टूट चुके हैं और पत्नी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं। फिलहाल, इस मामले को लेकर पुलिस जांच में जुट गई है।

सपा नेता ने यूपी के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक को दिया अनोखा तोहफा, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

सर्वोदय/लखनऊ:- राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘लंतरानी हास्य उत्सव’ के मंच पर एक रोचक नज़ारा देखने को मिला, जिसने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। सोशल मीडिया पर इस घटना की खूब चर्चा हो रही है।

दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दीपक रंजन ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को प्रतीकात्मक रूप से नीला ड्रम भेंट किया। इस दौरान मंच पर कई वरिष्ठ नेता और कवि भी मौजूद रहे।

क्यों हुआ ‘नीला ड्रम’ विवादों में?
हाल ही में मेरठ में हुए सौरभ राजपूत हत्याकांड के बाद से नीले ड्रम की चर्चा जोरों पर है। इस हत्याकांड में सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। शव के टुकड़ों को नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर सीमेंट डाल दिया गया था, जिससे शव को छुपाया जा सके।

ऐसे में जब सपा नेता ने इसी रंग का ड्रम भाजपा नेता व उत्तर ब्रजेश उपमुख्यमंत्री पाठक को सौंपा, तो राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। यह घटना कई तरह की अटकलों को जन्म दे रही है, क्योंकि नीले ड्रम को अब मेरठ कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, दीपक रंजन ने इसे महज हास्य-व्यंग्य के रूप में दिया गया एक प्रतीकात्मक उपहार बताया है।

ब्रजेश पाठक की प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा—
“लखनऊ में आयोजित 7वें लंतरानी हास्य उत्सव में पत्नी संग शामिल होकर प्रसिद्ध कवियों की मनोरंजक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इस मौके पर कई सम्मानित गणमान्यजन उपस्थित रहे।”   हालांकि, इस पूरे वाकये को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

कल वक्फ बिल पर आर-पार, 8 घंटे की अग्निपरीक्षा का गेम प्लान तैयार

सर्वोदय/नई दिल्ली:- लोकसभा में बुधवार को पक्ष और विपक्ष में जोरदार घमासान दिखाई देगा। मोदी सरकार चर्चा और पास कराने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक सदन में ला रही है। इसके लिए दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक का समय तय किया गया है।दोनों ही पक्ष इसको लेकर अभी से रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने लोकसभा के अपने सांसदों को व्हिप भी जारी किया है और सदन में मौजूद रहने को कहा है। विपक्षी दलों ने इसको लेकर एक बड़ी बैठक की है,जिसमें ये रणनीति बनाई गई है कि वक्फ बिल को लेकर सरकार का किस तरह मुकाबला किया जाए।

चर्चा के दौरान लोकसभा में जबरदस्त हंगामा होने का आसार

चर्चा के दौरान लोकसभा में जबरदस्त हंगामा होने का आसार हैं,क्योंकि विपक्षी दल इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं और इसे असंवैधानिक एवं मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बता रहे हैं। वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी दल शुरू से ही असहमति जता रहे हैं l

उनका कहना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों पर प्रभाव डाल सकता है। वहीं मोदी सरकार का दावा है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने और दुरुपयोग रोकने के लिए जरूरी है।

भाजपा ने अपने सांसदों के लिए व्हिप किया जारी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा में मुख्य सचेतक संजय जायसवाल ने व्हिप जारी कर बुधवार 2 अप्रैल को सभी लोकसभा सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश गया है।

भाजपा का कहना है कि लोकसभा में बुधवार को कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पारित किया जाना है, जिसके लिए पार्टी के सभी सांसदों की उपस्थिति अनिवार्य है। भाजपा ने अपने सांसदों को निर्देश दिया है कि वे सदन में उपस्थित रहकर सरकार के पक्ष का समर्थन करें और विधायी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करने में सहयोग दें।

कांग्रेस ने अपने लोकसभा सदस्यों को व्हिप किया जारी

कांग्रेस ने भी अपने सभी लोकसभा सांसद को व्हिप जारी कर अगले तीन दिनों तक सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।कांग्रेस ने तीन पंक्ति का व्हिप तब जारी किया,जब मोदी सरकार ने स्पष्ट किया कि विवादास्पद वक्फ (संशोधन) विधेयक बुधवार को चर्चा और पारित कराने के लिए लोकसभा में लाया जाएगा।

लोकसभा में बिल का विरोध करेगी कांग्रेस

बिल को लेकर कांग्रेस का कहना है कि पार्टी का जो रुख पहले था वही आज भी है।सदन में इस बिल का विरोध किया जाएगा, क्योंकि इस बिल के माध्यम से एनडीए सरकार की बांटने की कोशिश है।

कांग्रेस के सदस्यों ने जेपीसी में जो विचार व्यक्त किए हैं, वही व‍िचार आज भी है,इस बिल को लाकर सिर्फ बांटने का प्रयास किया जा रहा है,भाजपा की सरकार हमेशा ही ऐसा करती है,इसका एक स्टेप वक्फ संशोधन बिल है।कांग्रेस हमेशा से अल्पसंख्यकों के साथ रही है।

वक्फ बिल का उद्देश्य लोगों को न्याय दिलाना

सत्ता पक्ष के सांसदों का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक गरीब मुसलमानों के फायदे के लिए है।उन्होंने विपक्ष पर वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि देश के गरीब मुसलमान यह समझ चुके हैं कि यह विधेयक उनके हित में है।

उन्होंने कहा कि वक्फ की बड़ी-बड़ी प्रॉपर्टी पर बड़े मुसलमानों का कब्जा होता है, आम हिंदुओं की जमीन पर भी कब्जा कर ली जाती है, अगर सरकार द्वारा संसद में कोई बिल पेश किया जा रहा है तो इसका उद्देश्य लोगों को न्याय दिलाना है। न्यायालय, उच्च न्यायालय और सिविल न्यायालय सभी उनके लिए सुलभ होंगे। सभी को नैसर्गिक न्याय मिलेगा, इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

टीडीपी ने वक्फ संशोधन विधेयक का किया समर्थन

इसी बीच एनडीए में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने भी मोदी सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक पर समर्थन दिया है। टीडीपी ने घोषणा की है कि वह इस बिल के पक्ष में मतदान करेगी, इससे सरकार को विधेयक पारित कराने में और मजबूती मिलेगी।

सीएम नीतीश कुमार ने वक्फ बिल को लेकर अपनी पार्टी के नेताओं से की बात

सीएम नीतीश कुमार ने वक्फ बिल को लेकर अपनी पार्टी जेडीयू के नेताओं से बात की है। जेडीयू एनडीए में शामिल है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि हमने इस विधेयक को लेकर सरकार को अहम सुझाव दिए हैं, हमारे सुझावों को तरजीह भी दी गई है।

सूत्रों के अनुसार जेडीयू ने सरकार से कहा है कि नए कानून को पिछली तारीख से लागू नहीं करना चाहिए,यानी मौजूदा पुरानी मस्जिद, दरगाह या अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थान के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, वक्फ कानून में इसका स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए।

जेडीयू ने यह भी कहा था कि जमीन राज्यों का विषय है,लिहाजा वक्फ की जमीन के बारे में किसी भी फैसले में राज्यों की स्पष्ट राय भी ली जानी चाहिए। सूत्रों के अनुसार जेपीसी द्वारा सुझाए गए 14 महत्वपूर्ण संशोधनों में इन्हें भी शामिल किया गया है।

वक्फ बिल को लेकर जेडीयू के सुझाव

वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद इसमें राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र बना रहेगा।

संपत्ति वक्फ की है या नहीं यह तय करने के लिए राज्य सरकार कलेक्टर से ऊपर के रैंक के अधिकारी को नियुक्त कर सकती है।

मौजूदा मस्जिदों, दरगाहों या अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थानों पर कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।

यह कानून पुरानी तारीख से लागू नहीं होगा।

वक्फ की सूची को गजट में प्रकाशन के 90 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा।

विधेयक के अनुसार वक्फ परिषद में पदेन सदस्यों के अलावा दो गैर-मुस्लिम सदस्य शामिल होंगे। साथ ही वक्फ बोर्ड में वक्फ मामलों से संबंधित संयुक्त सचिव पदेन सदस्य होंगे।

लोकसभा में बिल को स्पष्ट बहुमत

लोकसभा में फिलहाल 542 सांसद हैं।इसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। भाजपा के पास 240 सदस्य हैं। भाजपा को एनडीए में शामिल दलों का समर्थन हासिल है, इस समय एनडीए में शामिल दलों की लोकसभा में संख्या 293 है, इनमें टीडीपी और जेडीयू जैसे दल हैं, जिनके सदस्यों की संख्या दहाई के अंक में हैं,ऐसे में बिल पास कराने को लेकर संख्या सत्ता पक्ष के साथ है।

बिल के विरोध में विपक्ष के 245 सांसद

लोकसभा के 245 सांसद इस बिल के विरोध में हैं, इनमें कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है। लोकसभा में कांग्रेस के 99 सांसद हैं। कांग्रेस के अलावा केवल सपा और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों की ही संख्या दहाई में है।

लोकसभा में सपा के 37 तो तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसद हैं। विपक्षी गठबंधन में उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी भी शामिल है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नौ और शरद पवार की एनसीपी के आठ सांसद हैं।

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई।विपक्ष ने विधेयक पर चर्चा के लिए 12 घंटे का समय आवंटित करने की मांग की,जबकि मोदी सरकार ने 8 घंटे का कम समय रखने पर जोर दिया। इसके बाद मोदी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई और विपक्षी दलों के नेता बैठक छोड़कर बाहर आ गए।

बाद में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कुछ दल चार से छह घंटे की चर्चा चाहते थे।वहीं विपक्ष 12 घंटे की चर्चा कराने पर अड़ा रहा।हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ने चर्चा के लिए आठ घंटे निर्धारित किए हैं और सदन की भावना के अनुरूप इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है।रिजिजू ने इस बात पर हैरानी जतायी कि विपक्ष ने बीएसी की बैठक से वॉकआउट क्यों किया।

रिजिजू ने कहा कि वह बुधवार को 12 बजे निचले सदन में प्रश्नकाल समाप्त होते ही विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए रखेंगे। विपक्ष के कुछ दल चर्चा से बचने के लिए बहाने बना रहे हैं। लोकसभा द्वारा विधेयक पारित किए जाने के बाद राज्यसभा को इसकी सूचना दी जाएगी।

वहीं लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष बीएसी की बैठक से बाहर आ गया, क्योंकि सरकार अपना एजेंडा थोप रही है और मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड को जोड़ने के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग स्वीकार नहीं की गई। गौरव ने आरोप लगाया कि विपक्ष को मौका नहीं दिया जा रहा।

पिछले साल विधेयक पेश करते समय सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव किया था,समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने के बाद उसकी सिफारिश के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मूल विधेयक में कुछ बदलावों को मंजूरी दी थी।विधेयक में भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार का प्रावधान प्रस्तावित है।