Wednesday, June 17, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 294

कर्ज के बोझ से हैं परेशान? शनिवार को करें ये आसान उपाय, जल्द मिलेगी राहत

लखनऊ/सर्वोदय:- अगर आप कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं और लाख कोशिशों के बावजूद इससे छुटकारा नहीं मिल पा रहा, तो आपके लिए एक खास उपाय है जो ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बेहद प्रभावी माना गया है। शनिवार के दिन किया गया यह उपाय आर्थिक संकट को दूर करने में मदद कर सकता है।

ज्योतिष की नजर में कर्ज की स्थिति क्यों बनती है?

ज्योतिषाचार्य छन्दांस राज, अयोध्या धाम के अनुसार, कर्ज की स्थिति मुख्य रूप से कुंडली के द्वादश भाव और मंगल व राहु की स्थिति से जुड़ी होती है। जब द्वादश भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव हो या मंगल छठे भाव में पीड़ित हो, तब व्यक्ति को बार-बार आर्थिक हानि, गलत निवेश और बीमारियों के चलते कर्ज में डूबना पड़ता है।

कर्ज लेते समय ज़रूर ध्यान रखें ये बातें:

शनिवार को कभी कर्ज न लें, महीने की 8, 17 और 26 तारीख को भी कर्ज लेने से बचें, सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को कर्ज लेना शुभ माना जाता है , कर्ज के दस्तावेज़ काले पेन या काली स्याही से न भरें | हस्ताक्षर करते समय यह मंत्र जपें –“त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये” (हे प्रभु! सब आपका ही दिया हुआ है, आपको ही समर्पित करता हूं)

शनिवार का उपाय: कर्ज से राहत पाने के लिए करें ये टोटका

सामग्री:

800 ग्राम गेहूं का आटा
80 ग्राम गुड़
80 ग्राम काले तिल

विधि:

गुड़ और काले तिल को अच्छी तरह पीस लें
इन दोनों को आटे में मिलाकर थोड़ा पानी डालें और एक बड़ा गोला बना लें
शनिवार को सूर्यास्त के बाद या अमावस्या की रात, इसे पीपल के पेड़ के नीचे रख दें
गोला रखते समय मन में प्रार्थना करें:“हे ईश्वर, मेरे ऊपर जो कर्ज है वो उतर जाए, मुझे माफ करें और मेरी प्रतिष्ठा बनी रहे।”

कुछ अतिरिक्त उपाय जो बढ़ाएंगे असर

रोज सुबह हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं
‘संकटमोचन हनुमान अष्टक’का पाठ करें
‘ऋणमोचन मंगल स्तोत्रम्’का पाठ सुबह और शाम करें
हर मंगलवार को गाय को गुड़ खिलाएं
हनुमान मंदिर में मीठा प्रसाद चढ़ाएं और बांटें

इन उपायों को नियमपूर्वक और श्रद्धा से करने पर व्यक्ति को न सिर्फ कर्ज से राहत मिलती है, बल्कि उसकी आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आता है। साथ ही मन को शांति और आत्मबल भी प्राप्त होता है।

IIT बाबा की भविष्यवाणी सच होगी? CSK को बताया फाइनलिस्ट, RCB को बताया चैंपियन!

सर्वोदय/खेल न्यूज़:- IPL 2025 का रोमांचक सफर जारी है और अब तक कई चौंकाने वाले मोड़ देखने को मिल चुके हैं। ऐसे में IIT बाबा की एक पुरानी भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा में है। उन्होंने दावा किया था कि इस साल आईपीएल का फाइनल मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के बीच होगा और ट्रॉफी RCB के नाम जाएगी।

क्या सच होगी IIT बाबा की भविष्यवाणी?

कुछ समय पहले, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में IIT बाबा ने कहा था कि”इस बार का फाइनल CSK और RCB के बीच होगा और आरसीबी अपनी पहली ट्रॉफी जीत लेगी।” लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स की मौजूदा स्थिति को देखकर यह भविष्यवाणी थोड़ी मुश्किल लग रही है। टीम इस वक्त अंक तालिका में नीचे है और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने के कगार पर है। गुजरात टाइटंस ने अब तक शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप पोजिशन पर कब्जा किया है, जबकि CSK लगातार मुकाबलों में हार का सामना कर रही है।

IIT बाबा की पुरानी भविष्यवाणी गलत साबित हुई थी

यह पहली बार नहीं है जब IIT बाबा चर्चा में आए हों। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले उन्होंने भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर भी भविष्यवाणी की थी कि इस बार पाकिस्तान भारत को हरा देगा, लेकिन भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। ऐसे में कई लोग अब उनकी भविष्यवाणी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

क्या RCB इतिहास रच पाएगी?

अब तक RCB ने एक भी बार IPL ट्रॉफी नहीं जीती है। हालांकि इस बार उनका प्रदर्शन संतुलित नजर आ रहा है। 5 मैचों में 3 जीत के साथ RCB 6 अंकों के साथ Playoff contention में बनी हुई है। टीम के बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ दोनों फॉर्म में हैं।

आगे के मैच होंगे निर्णायक

RCB और CSK दोनों के पास अभी भी कुछ मुकाबले बाकी हैं, जो उनके लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने या बाहर होने का फैसला करेंगे। RCB अगर लगातार जीत दर्ज करती है तो उनके लिए फाइनल तक पहुंचना मुश्किल नहीं होगा। वहीं CSK को वापसी के लिए अब हर मैच जीतना जरूरी हो गया है।

IIT बाबा की भविष्यवाणी में कितनी सच्चाई है, इसका जवाब आने वाले मैचों में मिलेगा। एक ओर जहां CSK का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है, वहीं RCB उम्मीद की किरण नजर आ रही है। क्या इस बार RCB इतिहास रचेगी और पहली बार ट्रॉफी जीतेगी? या फिर भविष्यवाणी इस बार भी गलत साबित होगी?

राजकीय सम्मान के साथ धूमधाम से मनाई जाएगी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती

लखनऊ/सर्वोदय:- डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती 14 अप्रैल, 2025 को पूरे प्रदेश में अत्यंत गरिमा एवं राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। विशेष अवसर पर जिलों में भव्य समारोहों, विचार गोष्ठियों एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वहीं, जयंती से एक दिन पूर्व 13 अप्रैल को प्रदेश के समस्त पार्कों एवं स्मारकों की विशेष साफ-सफाई कराई जाएगी। उन सभी पार्कों में जहां महापुरुषों, राष्ट्रनायकों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, की साफ-सफाई की जाएगी। इस अभियान में स्थानीय जनता के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी भी सहभाग करेंगे।

अगले दिन यानी 14 अप्रैल को जिलों के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे। उनके जीवन व कृतित्व पर आधारित विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। राज्यभर में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें डॉ. आंबेडकर के विचारों एवं संविधान निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं इन आयोजनों में भाग लें तथा जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करें।

अमेरिका जाने वालों के लिए बड़ी खबर! नहीं ये काम तो पहुंच जाएंगे जेल

सर्वोदय/देश-विदेश:- अमेरिका में 30 दिनों से अधिक समय तक रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों के लिए संघीय सरकार के पास पंजीकरण कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा कि इस नियम का पालन न करने पर जुर्माना, कारावास या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। यह निर्देश द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बने एलियन पंजीकरण अधिनियम पर आधारित है। अधिकारियों के अनुसार, इस नियम का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन को सुनिश्चित करना है। ​

इस नए नियम के तहत, 14 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी विदेशी नागरिकों को संघीय सरकार के पास पंजीकरण कराना होगा, जिसमें फिंगरप्रिंट और पता प्रदान करना शामिल है। यह कदम ट्रंप प्रशासन की अवैध आव्रजन पर रोक लगाने और देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निर्वासित करने के अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा है कि वे जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया के लिए फॉर्म और प्रक्रिया की घोषणा करेंगे। यूएससीआईएस ने लोगों को ऑनलाइन खाता बनाने का निर्देश दिया है, और पंजीकरण संबंधी अतिरिक्त जानकारी आने वाले दिनों में उपलब्ध होगी। ​

नियम का पालन न करने पर गिरफ्तारी, जुर्माना और निर्वासन की संभावना है। अधिकारियों ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इससे अमेरिका में रहने वाले अप्रवासी समुदाय में चिंता का माहौल है, क्योंकि यह नियम भारतीय नागरिकों को भी प्रभावित कर सकता है,

इसलिए, अमेरिका में 30 दिनों से अधिक समय तक रहने की योजना बनाने वाले सभी विदेशी नागरिकों को इस नए पंजीकरण नियम के बारे में जागरूक रहना चाहिए और समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना चाहिए ताकि किसी भी कानूनी समस्या से बचा जा सके।

Railway Jobs 2025: रेलवे में 9970 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू — जानें योग्यता, उम्र सीमा, चयन प्रक्रिया और वेतन

नई दिल्ली/सर्वोदय:-रेलवे में नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के 9970 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 अप्रैल 2025 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार RRB की आधिकारिक वेबसाइट [rrbapply.gov.in](http://rrbapply.gov.in) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
तिथियां:
– आवेदन शुरू: 12 अप्रैल 2025
– आवेदन की अंतिम तिथि: 11 मई 2025
शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा:
इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं पास और संबंधित ट्रेड में आईटीआई सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, इंजीनियरिंग डिप्लोमा या डिग्री धारक भी पात्र हैं।
– आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष
– आरक्षित वर्गों (OBC/SC/ST) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क:
– जनरल वर्ग: ₹500 (CBT-1 परीक्षा में भाग लेने पर ₹400 वापस किए जाएंगे)
– OBC/SC/ST/महिला/दिव्यांग: ₹250 (CBT-1 परीक्षा में भाग लेने पर पूरी राशि रिफंड की जाएगी)
आवेदन प्रक्रिया:
1. RRB की आधिकारिक वेबसाइट [rrbapply.gov.in](http://rrbapply.gov.in) पर जाएं
2. ALP भर्ती 2025 लिंक पर क्लिक करें
3. रजिस्ट्रेशन डिटेल्स भरें
4. आवेदन पत्र भरें और शुल्क का भुगतान करें
5. फॉर्म सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें
6. भविष्य के लिए इसका प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें

चयन प्रक्रिया:
ALP पदों के लिए पांच चरणों में चयन किया जाएगा:
1. CBT-1 (प्रारंभिक परीक्षा)
2. CBT-2 (मुख्य परीक्षा)
3. CBAT (कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट)
4. दस्तावेज़ सत्यापन
5. मेडिकल परीक्षण
इन सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाएगी।
वेतनमान:
चयनित अभ्यर्थियों को ₹19,900 प्रतिमाह (लेवल-2 पे मैट्रिक्स के अनुसार) प्रारंभिक वेतन के रूप में दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त अन्य भत्ते भी लागू होंगे।

नोट: उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करते समय आधार कार्ड के माध्यम से अपनी जानकारी को सत्यापित करें, जिससे भविष्य में कोई समस्या न आए।

किस उम्र के लोगों को कितना पैदल चलना चाहिए, जान लें चलने के फायदे

सर्वोदय/लाइफस्टाइल:- आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। दिनभर की थकान के बाद एक्सरसाइज का ख्याल तक आना मुश्किल होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ थोड़ा चलना भी आपकी सेहत को जबरदस्त फायदा पहुंचा सकता है? पैदल चलना एक ऐसा सरल उपाय है जो बिना किसी खर्च या एक्स्ट्रा मेहनत के आपको फिट रख सकता है।

उम्र के हिसाब से जानिए आपको रोज़ कितने कदम चलने चाहिए?

हाल ही में 50,000 लोगों पर आधारित 15 वैज्ञानिक अध्ययनों की मेटा-एनालिसिस रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें पाया गया कि हर उम्र के लिए कदमों की संख्या अलग होनी चाहिए:

– 18-30 वर्ष की उम्र: 8,000 से 10,000 कदम प्रतिदिन
– 31-50 वर्ष की उम्र: 7,000 से 9,000 कदम प्रतिदिन
– 51-65 वर्ष की उम्र: 6,000 से 8,000 कदम प्रतिदिन
– 65 वर्ष से अधिक उम्र: 4,000 से 6,000 कदम प्रतिदिन

पैदल चलने के 7 जबरदस्त फायदे

1. वजन नियंत्रण: फैट बर्न होकर मोटापा घटता है और शरीर फिट रहता है।
2. दिल की सेहत में सुधार: ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट कंट्रोल में रहती है।
3. डायबिटीज और ब्लड शुगर कंट्रोल: शुगर लेवल नेचुरली बैलेंस होता है।
4. मेंटल हेल्थ को बूस्ट करता है: स्ट्रेस, डिप्रेशन और एंग्जायटी से राहत मिलती है।
5. जॉइंट्स और मसल्स मज़बूत होते हैं: बिना थकान के बॉडी स्ट्रॉन्ग और फ्लेक्सिबल बनती है।
6. बेहतर नींद आती है: गहरी और सुकूनभरी नींद में मदद मिलती है।
7. लंबी उम्र का राज: नियमित वॉक से लाइफ स्पैन बढ़ सकता है।

अगर आप जिम नहीं जा सकते, तो कोई बात नहीं—रोज़ाना की वॉक ही आपकी फिटनेस की चाबी हो सकती है। चाहे उम्र कोई भी हो, सिर्फ कुछ कदम चलना भी आपके शरीर और दिमाग को हेल्दी बनाए रखने के लिए काफी है।

 

(Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी हेल्थ टिप को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।)

आशिकी में पार की हदें,सूटकेस में छिपाकर गर्लफ्रेंड को हॉस्टल लाया छात्र, ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी का वीडियो वायरल |

हरियाणा/सर्वोदय:-हरियाणा के सोनीपत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के बॉयज हॉस्टल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक छात्र अपनी गर्लफ्रेंड को सूटकेस में छिपाकर हॉस्टल में ले जाता दिख रहा है। लेकिन सिक्योरिटी की मुस्तैदी ने उसकी ये ‘फिल्मी’ चाल पकड़ ली।

कैसे हुआ खुलासा?

जानकारी के मुताबिक, छात्र जब सूटकेस लेकर हॉस्टल में दाखिल हो रहा था, तभी लड़की के मुंह से अचानक चीख निकल गई। आवाज सुनते ही सिक्योरिटी गार्ड्स को शक हुआ और उन्होंने सूटकेस खोलने का फैसला लिया। जैसे ही सूटकेस खोला गया, सभी हैरान रह गए—क्योंकि उसमें कपड़े नहीं बल्कि एक  लड़की छिपी हुई थी।

वीडियो में क्या है?

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ महिला सुरक्षाकर्मी सूटकेस खोल रही हैं और उसमें से एक लड़की को बाहर निकालते हुए दिखाई दे रही हैं। लड़की की पहचान को लेकर फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि वह यूनिवर्सिटी की छात्रा है या बाहर से आई थी।

कॉलेज प्रशासन और सोशल मीडिया पर हलचल

इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर लोग इस ‘आशिक़ मिज़ाज’ छात्र की हरकत को लेकर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर मचा सियासी घमासान

जम्मू -कश्मीर/सर्वोदय:- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला अपने हालिया बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। एक धार्मिक सभा के दौरान उन्होंने इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी में कहा कि “इस्लाम आखिरी धर्म है, कुरान आखिरी किताब है और पैगंबर करीम अंतिम पैगंबर हैं। जो इसे नहीं मानता, वह इस्लाम का दुश्मन है।”

https://x.com/ANI/status/1910630515608072635?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1910630515608072635%7Ctwgr%5E51a473dd97cbab31d814361e2c27a786670dc863%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fm.test.in%2F

इस बयान पर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि “ऐसे लोगों के साथ किसी को नहीं चलना चाहिए। जो उनके साथ चल रहे हैं, वे नरक की ओर जा रहे हैं और जो उनके पीछे जाएंगे, वे भी उसी रास्ते पर जाएंगे।”

26/11 केस पर भी दी प्रतिक्रिया
फारूक अब्दुल्ला ने यह बयान श्रीनगर में 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण के संबंध में पूछे गए सवाल पर दिया। उन्होंने कहा, “मेरी बधाई कि वे कम से कम किसी को तो वापस ला पाए। अब वो काला धन भी वापस ला रहे हैं और हर किसी को 15 लाख रुपये देने वाले हैं, उसका क्या हुआ?”

उनकी टिप्पणी को लेकर विपक्षी दलों और सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हो रही है। कई लोगों ने इसे धार्मिक कट्टरता फैलाने वाला बयान बताया है, जबकि कुछ समर्थकों ने इसे उनके निजी धार्मिक विश्वास का मामला बताया है।

बेंगलुरु मेट्रो स्टेशन पर कपल के आपत्तिजनक व्यवहार का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

बेंगलुरु सर्वोदय:- देश के आईटी हब कहे जाने वाले बेंगलुरु में मेट्रो स्टेशन पर एक कपल का आपत्तिजनक व्यवहार कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना मडवाला मेट्रो स्टेशन की बताई जा रही है, जहां एक युवक को युवती की टी-शर्ट के अंदर हाथ डालते हुए देखा गया, वह भी उस समय जब आसपास कई अन्य यात्री, जिनमें बुजुर्ग भी शामिल थे, मौजूद थे।

वीडियो में देखा जा सकता है कि कपल ट्रेन का इंतजार कर रहा था, लेकिन सार्वजनिक जगह की मर्यादा को ताक पर रखकर दोनों इस तरह का अशोभनीय व्यवहार कर रहे थे। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने कपल की हरकत को “बेशर्मी की हद” बताया और इसे सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ बताया।

गुरुवार रात को ‘कर्नाटक पोर्टफोलियो’ नाम के एक अकाउंट ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “क्या बेंगलुरु अब दिल्ली मेट्रो जैसी संस्कृति की ओर बढ़ रहा है? नम्मा मेट्रो स्टेशन पर यह दृश्य बेंगलुरु की शालीनता पर सवाल खड़े करता है।”

पोस्ट में आगे कहा गया, “यह बेहद निराशाजनक और चिंताजनक है कि कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों को निजी क्षेत्र समझ बैठते हैं। मेट्रो स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थल पर इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अपमानजनक है, बल्कि समाज के बाकी हिस्सों – बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों – के लिए असहज करने वाला भी है।”

इस घटना के बाद कई नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने मेट्रो प्रशासन और शहर के अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और सार्वजनिक स्थानों की गरिमा बनी रहे।

क्या कहता है नियम?

बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (BMRCL) के दिशानिर्देशों के अनुसार, मेट्रो परिसर में अनुचित या आपत्तिजनक व्यवहार पर रोक है, और ऐसा करने वालों के खिलाफ जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अब देखना यह होगा कि मेट्रो प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सार्वजनिक स्थानों पर शालीनता बनाए रखने के लिए क्या ठोस पहल की जाती है।

अलीगढ़ में अखिलेश यादव का विरोध, क्षत्रिय महासभा ने दिखाए काले झंडे

अलीगढ़/सर्वोदय:-  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को पूर्व सपा विधायक की बेटी की शादी में शिरकत करने के लिए अलीगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे अखिलेश यादव

अखिलेश यादव शुक्रवार को पूर्व विधायक नजीबा खान जीनत की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अलीगढ़ पहुंचे थे। जैसे ही उनका काफिला धनीपुर एयरपोर्ट से निकला, बोनेर तिराहे पर मौजूद क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए।

विरोध की वजह क्या थी?

यह विरोध सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर दिए गए विवादित बयान के विरोध में किया गया। यह बयान संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है, लेकिन इससे क्षत्रिय समाज में आक्रोश कम नहीं हुआ है।

पुलिस की सख्ती, दो लोग हिरासत में

विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर तैनात पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाया और दो लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजा।

अखिलेश यादव का बीजेपी पर पलटवार

मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि,

“भाजपा का भरोसा तानाशाही पर है, हिटलर की तरह पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।”
“संविधान हमारी ढाल है, लेकिन भाजपा बार-बार उस पर हमला करती है।”
“महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की अनदेखी से जनता त्रस्त है।”
“उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।”

उन्होंने कहा कि राज्यसभा से जब किसी बयान को हटाया जाता है, तो वह मामला वहीं खत्म हो जाता है, लेकिन भाजपा उस मुद्दे को राजनीतिक फायदा उठाने के लिए बार-बार उछाल रही है।

किसानों और बिजली के मुद्दे भी उठाए

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों से किया गया कोई भी वादा पूरा नहीं किया, और गेहूं की सही कीमत तक देने में असफल रही है। साथ ही उन्होंने बिजली दरों को लेकर भी सरकार को घेरा, कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली महंगी हो गई है और जीएसटी ने व्यापारियों को बर्बाद कर दिया है।