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गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे ने आयोजित किया ‘संडेज़ ऑन साइकिल’ साइक्लोथॉन, फिट इंडिया अभियान को मिला नया आयाम

गोरखपुर/सर्वोदय न्यूज़:- फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ द्वारा 8 जून को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर में ‘संडेज़ ऑन साइकिल’ संदेश के साथ साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया।

इस साइक्लोथॉन का शुभारंभ पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ (नरसा) के अध्यक्ष एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण)  अभय कुमार गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर किया। लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह साइक्लोथॉन रेलवे स्टेडियम से शुरू होकर मोहद्दीपुर, पैडलेगंज, रामगढ़ताल, आर.के.बी.के., महाप्रबंधक कार्यालय होते हुए पुनः स्टेडियम में समाप्त हुआ।

साइक्लोथॉन में प्रतिभाग करते प्रतिभागी | सर्वोदय न्यूज़

स्वास्थ्य, पर्यावरण और जागरूकता का संदेश

इस आयोजन में वरिष्ठ उप महाप्रबंधक  तुषार कांत पाण्डेय, महासचिव/नरसा एवं मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  पंकज कुमार सिंह, सहायक क्रीड़ा अधिकारी  चन्द्र विजय सिंह समेत बड़ी संख्या में रेलवे अधिकारी, कर्मचारी और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभय कुमार गुप्ता ने कहा कि ,“साइकिल न सिर्फ एक स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक है, बल्कि यह ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और विदेशी मुद्रा की बचत में भी अहम भूमिका निभाती है।”

तुषार कांत पाण्डेय ने कहा कि , “नियमित रूप से साइकिल चलाना आज के समय में सबसे जरूरी फिटनेस आदत है। इससे न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि मानसिक रूप से भी ऊर्जा मिलती है।”

साइक्लोथॉन में प्रतिभाग करते प्रतिभागी | सर्वोदय न्यूज़

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  पंकज कुमार सिंह ने बताया कि , “साइकिल पर्यावरण के अनुकूल और स्वास्थ्यवर्धक साधन है। प्रत्येक व्यक्ति को रविवार को कम से कम 5 किलोमीटर साइकिल जरूर चलानी चाहिए।”

कार्यक्रम का कुशल संचालन सहायक क्रीड़ा अधिकारी चन्द्र विजय सिंह द्वारा किया गया।

यूपी पुलिस में चयनित 60 हजार से अधिक युवाओं को 15 जून को गृह मंत्री के हाथों दिए जाएंगे नियुक्ति पत्र – सीएम योगी

औरैया/लखनऊ(सर्वोदय न्यूज़):-मुख्यमंत्री यूपी पुलिस में चयनित 60 हजार से अधिक युवाओं योगी आदित्यनाथ ने कहाकि आईसीआर के लैब में बैठे वैज्ञानिकों, कृषि विवि के प्राध्यापकों और कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों को केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार ने पहली बार किसान के खेत तक भेजने का कार्य किया है। लैब टू लैंड की प्रक्रिया, बीज से बाजार तक किसान के हित को सर्वोपरि मानते हुए चलाए गए अभियान का हिस्सा है। जिस प्रदेश में किसान पहले केवल एक-दो फसल तक सीमित रह जाता था, आज वहां तीसरी फसल (मक्का) का पांच लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में उत्पादन करके किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और यही किसान के परिवर्तन का आधार है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 के तहत रविवार को जनता डिग्री कॉलेज अजीतमल औरैया में मक्का किसानों से संवाद किया। सीएम ने प्रगतिशील किसानों का सम्मान, किसानों को मिनी किट का वितरण व विभिन्न योजनाओं के पात्रों को अनुदान भी वितरित किया। मुख्यमंत्री ने स्टॉल का अवलोकन किया, बच्चों का अन्नप्राशन कराया और पौधरोपण भी किया। इस दौरान किसानों ने भी अपने विचार रखे।

मकई की खेती के माध्यम से मोदी जी के विकसित भारत अभियान को ऊंचाई तक पहुंचाने का दिख रहा संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी के विकसित भारत के अभियान को नई ऊंचाई तक पहुंचाने का संकल्प यूपी के 20-25 जनपदों में मकई की खेती के माध्यम से देखने को मिल रहा है। एक किसान प्रति हेक्टेयर ढाई लाख रुपये की आमदनी कर रहा है। यानी एक लाख रुपये की प्रति एकड़ आय हो रही है। वह तीन फसल (आलू, मकई व धान) बो सकता है। अन्नदाता किसान अपने पुरुषार्थ से देश की समृद्धि में सहायक हो रहा है। सीएम ने कहाकि 9 जून को पीएम मोदी के 11 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने भारत को दुनिया की बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया है। गांव, गरीब, किसान, मजदूर, दलित, वंचित, पिछड़ा समेत सभी के हितों को संरक्षण करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत विरासत व विकास की यात्रा को अनवरत बढ़ा रहा है।

2014 में पहली बार सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बना किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में पहली बार अन्नदाता किसान किसी सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बना। पहली बार स्वायल हेल्थ कार्ड हर किसान को उपलब्ध हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई, प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। देश में 12 करोड़ और यूपी में 2.86 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला। डीबीटी के माध्यम से इनके खाते में 85 हजार करोड़ रुपये भेजे गए।

राज्य सरकार भी किसानों के भविष्य को संवारने के लिए कर रही कार्य

सीएम योगी ने कहाकि राज्य सरकार भी किसानों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है। 2017 के पहले किसान आत्महत्या कर रहा था। गन्ना किसानों को भुगतान नहीं हो रहा था। मकई, तिलहन, दलहन, आलू, बाजरा, ज्वार, धान, गेहूं के लिए क्रय केंद्र नहीं चलते थे। 2017 में सरकार ने सबसे पहले 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ कर्जमाफ किया। फिर सिंचाई की क्षमता को विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का सहारा लिया। अब तक 23 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचन की सुविधा दी। 15 लाख निजी ट्यूबवेल को फ्री में बिजली की सुविधा दी गई। इसके बदले सरकार 2700 करोड़ रुपये बिजली विभाग को देती है, जिससे किसानों को फ्री बिजली मिलती है। पीएम कुसुम योजना के माध्यम से अब तक एक लाख से अधिक किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराया गया है।

किसानों की खेती देख प्रफुल्लित हुए सीएम योगी

औरैया के किसानों की मकई की खेती को देख प्रफुल्लित सीएम ने आश्वस्त किया कि बहुत शीघ्र क्रय केंद्र स्थापित करके एमएसपी की घोषणा करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि मकई पौष्टिक आहार है। स्वीट कार्न, बेबीकॉर्न, बायोफ्यूल व बायो प्लाास्टिक भी इससे बन सकता है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भी वैल्यू एडिशन व फूड प्रोसेसिंग की बात कही।

पिछली सरकार जनता से मक्कारी करती थी, हम मक्का उत्पादन को बढ़ाते हैं

सीएम योगी ने कहा कि औरैया विकास के नए पथ पर अग्रसर है। पिछली सरकारें महापुरुषों का अपमान और जनता से मक्कारी करती थीं। भाजपा सरकार मक्का की खेती के उत्पादन को बढ़ाती और महापुरुषों का सम्मान करती है। किसी ने यहां मेडिकल कॉलेज के बारे में नहीं सोचा, लेकिन आज यहां मेडिकल कॉलेज बन चुका है। सपा ने नाम बदल दिया था, लेकिन हमने अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नाम रख दिया। सीएम ने अहिल्याबाई होल्कर के कृतित्व व व्यक्तित्व की भी चर्चा की।

चाचा-भतीजे की दृष्टि के कारण विवादित हो जाती थी भर्ती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों में गुंडे-माफिया हावी थे। नौकरियों पर चाचा-भतीजे की दृष्टि के कारण भर्ती विवादित हो जाती थी। नौजवानों के जीवन से खिलवाड़ होता था। हमने 8 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। 15 जून को गृह मंत्री के हाथों यूपी पुलिस के 60 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। हमारी सरकार में 2.16 लाख से अधिक भर्ती केवल यूपी पुलिस में की जा चुकी है। पुलिस को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। 1.60 लाख शिक्षक भर्ती के साथ ही अन्य विभागों में भी पारदर्शी नियुक्ति की गई। कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति से हुए निवेश के कारण 65 लाख युवाओं को नौकरी दी है। ओडीओपी के माध्यम से लगभग दो करोड़ नौजवानों को रोजगार की सुविधा मिली है।

सीएम योगी ने गिनाई औरैया की विकास यात्रा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरैया के विकास को भी गिनाया। बोले कि यहां 250 करोड़ से अहिल्याबाई होल्कर मेडिकल कॉलेज का कार्य पूरा हुआ। रिजर्व पुलिस लाइन के लिए 272 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया गया। इसका कार्य चल रहा है। औरैया व जालौन को जोड़ने के लिेए यमुना पर 151 करोड़ से ब्रिज का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के लिए 24 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र का कार्य प्रगति पर है। कृषि एक्टेंशन के लिए तीन करोड़ व जिला न्यायालय के लिए 250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला, राज्यसभा सांसद गीता शाक्य, चंद्रशेखर आजाद विश्वविद्यालय के कुलपति आनंद कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष कमल सिंह दोहरे, विधायक गुड़िया कठेरिया, पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया आदि की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मिला सम्मान

सीएम योगी ने नारायणी देवी को मिनीबीज किट, राजेश दीक्षित को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 24 लाख, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत रेशू कुमार को पांच लाख का चेक, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुमन को स्वीकृति पत्र, पंचायत कल्याण कोष के लिए गुड्डी देवी को चेक, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के तहत कांति देवी को पांच लाख का चेक और श्रीमान सिंह को घरौंनी प्रमाण पत्र प्रदान किया।

सीएम योगी के नेतृत्व में निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर हो रहा परिवहन विभाग, विभाग ने हर क्षेत्र में प्राप्त की वृद्धि

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली द्वैमासिक अवधि में परिवहन विभाग ने राजस्व, वाहन पंजीकरण, ई-मोबिलिटी और प्रशासनिक दक्षता के प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। गत वर्ष की इस अवधि की तुलना में विभाग ने लगभग हर क्षेत्र में सतत एवं सकारात्मक वृद्धि प्राप्त की है, जो नीति-संचालित सुधार, तकनीकी एकीकरण तथा पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था का प्रतिफल है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में परिवहन विभाग निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। यह प्रगति उत्तर प्रदेश में सुशासन, डिजिटल परिवहन सुधार और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रणाली के सफल क्रियान्वयन का परिचायक है।

1. राजस्व प्राप्ति में सशक्त सुधार: वित्तीय वर्ष 2025-26 की अप्रैल–मई अवधि में कुल 2083.63 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पिछले वर्ष की 1842.10 करोड़ रुपये की तुलना में 241.53 करोड़ रुपये अधिक है – अर्थात् 13.11% की वृद्धि।
मात्र मई माह में 1040.48 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष मई 2024 की 912.52 करोड़ रुपये से 127.96 करोड़ रुपये अधिक है – 14.02% की वृद्धि।

2. गैर-परिवहन वाहनों के पंजीकरण में तीव्र वृद्धि: मई 2025 में 3,62,134 गैर-परिवहन वाहन पंजीकृत हुए, जो मई 2024 के 2,92,331 की तुलना में 69,803 अधिक हैं – 23.88% की वृद्धि।
विशेष रूप से दोपहिया वाहनों में यह वृद्धि 26.93% रही (67,225 अतिरिक्त वाहन), जो प्रदेश में निजी परिवहन साधनों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

3. परिवहन वाहनों के पंजीकरण में निरंतर प्रगति: मई 2025 में 40,311 परिवहन वाहन पंजीकृत हुए, जो मई 2024 के 36,686 से 3,625 अधिक हैं – 9.88% की वृद्धि।
ई-कार्ट श्रेणी में विशेष रूप से 65.14% की वृद्धि (2,381 से बढ़कर 3,932), जो शहरी लॉजिस्टिक्स और डिजिटल डिलीवरी नेटवर्क के प्रसार को दर्शाता है।

4. इलेक्ट्रिक वाहनों का तीव्र विस्तार: अप्रैल–मई 2025 में 50,626 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए, जो अनुमानतः पिछले वर्ष की तुलना में 35% की वृद्धि को दर्शाते हैं।
इनमें ई-रिक्शा (23,277), दोपहिया (10,845) एवं थ्री व्हीलर पैसेंजर (7,745) प्रमुख हैं। सिर्फ दो माह में 3,664 इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण हुआ, जो इस श्रेणी में 11.8% की वृद्धि का स्पष्ट संकेत है।

5. ऑन-रोड वाहनों की कुल संख्या में वृद्धि: मार्च 2025 तक प्रदेश में कुल ऑन-रोड वाहन 4.93 करोड़ थे, जो 31 मई 2025 तक बढ़कर 5.00 करोड़ हो गए – यानी मात्र दो माह में 7 लाख से अधिक वाहनों की वृद्धि।
यह 1.57% वृद्धि वर्षांत तक 9% से अधिक पहुंचने का संकेत देती है।

6. अन्य सकारात्मक संकेतक: राज्य में 90% से अधिक कर एवं शुल्क संग्रह ऑनलाइन माध्यमों से हुआ, जो पारदर्शिता और नागरिक सुविधा की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
– ड्राइविंग लाइसेंस से मई माह में 29.49 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिससे यह स्पष्ट है कि सेवा प्रक्रिया अब तेज़, तकनीकी और स्वचालित हो चुकी है।

विस्तृत राजस्व विवरण (मई 2025)

सेवा राजस्व (करोड़ ₹)
नेशनल परमिट 22.19
एसटीए फीस 2.35
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट 3.69
अन्य राज्यों के वाहनों से भुगतान 10.98
प्रदेशीय ऑनलाइन टैक्स पेमेंट 188.51
डीलर पॉइंट रजिस्ट्रेशन 652.77
वीआईपी नंबर शुल्क 10.29
ड्राइविंग लाइसेंस शुल्क 29.49
ई-चालान शुल्क 9.78

परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने इसे उत्तर प्रदेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर परिवहन नवाचारों में अग्रणी बनने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। आगे उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा राजस्व, सेवाओं की गुणवत्ता एवं नागरिक संतुष्टि के सभी आयामों पर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति की जा रही है। यदि वर्तमान गति बनी रही तो वर्षांत तक14,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व, 3.5 से 4 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण और कुल ऑन-रोड वाहन संख्या 5.35 करोड़ से अधिक पहुंच सकती है। यह प्रगति उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय परिवहन नवाचारों और सुधारों में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में सशक्त कदम है।

रिंकू-प्रिया की सगाई का वीडियो वायरल, हाथों में हाथ डाले की ग्रैंड एंट्री, सपा प्रमुख अखिलेश यादव रहे मौजूद

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-  सोशल मीडिया पर एक खास जोड़े की सगाई का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं रिंकू और प्रिया की, जिनकी जोड़ी को फैंस पहले से ही पसंद करते आ रहे हैं। अब जब इन दोनों ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत का पहला कदम उठाया है, तो इंटरनेट पर भी इसका खूब जश्न मनाया जा रहा है।

सगाई के इस खास मौके पर रिंकू और प्रिया ने हाथों में हाथ डालकर एंट्री ली, और उनके चेहरे की खुशी साफ झलक रही थी। वीडियो में दोनों का शानदार लुक और रोमांटिक केमिस्ट्री फैंस का दिल जीत रही है। जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, लोगों ने प्यार भरे कमेंट्स की बौछार कर दी। कई यूज़र्स ने लिखा, “Made for each other!” तो किसी ने कहा, “बॉलीवुड फिल्मों से कम नहीं इनकी सगाई!”

रिंकू-प्रिया की सगाई का वीडियो वायरल, हाथों में हाथ डाले की ग्रैंड एंट्री | सर्वोदय न्यूज़

इस खास पल को कैमरे में बहुत खूबसूरती से कैद किया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रिया ट्रेडिशनल लुक में बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं, वहीं रिंकू का स्टाइलिश अंदाज़ भी कमाल का है। कुछ ही घंटों में वीडियो को हजारों लाइक्स और शेयर मिल चुके हैं, और यह तेजी से ट्रेंड कर रहा है। सोशल मीडिया पर #RinkuWedsPriya ट्रेंड कर रहा है। फैंस इस जोड़ी को नई जिंदगी के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं और सभी को अब इनकी शादी का बेसब्री से इंतज़ार है।

सोशल मीडिया पर रिंकू और प्रिया की सगाई का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस खास मौके पर दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामे बेहद खास अंदाज़ में एंट्री की, जिसे देख फैंस खुशी से झूम उठे। सबसे खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई अन्य बड़े नेता भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने इस समारोह को और भी खास बना दिया।

रिंकू-प्रिया की सगाई में पहुंचे अखिलेश यादव, वायरल हुआ वीडियो |                            सर्वोदय न्यूज़

वीडियो में रिंकू और प्रिया की शानदार केमिस्ट्री लोगों को बेहद पसंद आ रही है और यह वीडियो इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है। सगाई समारोह में पारंपरिक अंदाज़, राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी और सेलिब्रिटी फील ने इस वीडियो को वायरल कर दिया है।

पेट कैंसर के ये 5 शुरुआती लक्षण नजरअंदाज न करें, समय रहते पहचान बचा सकती है जान

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:-  हर साल दुनियाभर में लाखों लोग पेट के कैंसर (Stomach Cancer) से पीड़ित होते हैं। इसे चिकित्सकीय भाषा में गैस्ट्रिक कैंसर (Gastric Cancer) कहा जाता है। यह कैंसर तब होता है जब पेट की आंतरिक परत में मौजूद कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।

समस्या यह है कि पेट कैंसर के शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि अधिकतर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समय पर इलाज नहीं हो पाता। अगर इन संकेतों की समय रहते पहचान कर ली जाए, तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं पेट के कैंसर के 5 शुरुआती लक्षण जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:-

1. पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द

अगर आपको पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द या जलन महसूस हो रही है, खासकर सुबह के समय तेज दर्द होता है, तो यह गैस्ट्रिक कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

2. लगातार ब्लोटिंग यानी पेट फूलना

गलत खानपान या गैस की समस्या से अकसर पेट फूलता है, लेकिन अगर यह ब्लोटिंग लंबे समय तक बनी रहे और पेट हमेशा भरा हुआ या फूला हुआ महसूस हो, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। यह पेट के कैंसर का संकेत हो सकता है।

3. उल्टी और मतली की समस्या

हर समय उल्टी या जी मिचलाना (नॉज़िया) भी पेट के कैंसर का बड़ा लक्षण हो सकता है। अगर बिना किसी वजह बार-बार उल्टी जैसा लग रहा है, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत मेडिकल चेकअप कराएं।

4. मल में खून आना

यदि आपको मल में खून या मल का रंग काला या लाल नजर आए, तो यह गैस्ट्रिक कैंसर की चेतावनी हो सकती है। यह पाचन तंत्र में रक्तस्राव का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

5. सीने में जलन और एसिडिटी

लगातार सीने में जलन, एसिड रिफ्लक्स और खट्टी डकारें आना, पाचनतंत्र में गड़बड़ी के लक्षण हैं। लेकिन अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो यह पेट के कैंसर का प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं।

अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी लगातार और लंबे समय तक दिखाई दे रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। पेट का कैंसर जितना जल्दी पकड़ में आता है, इलाज उतना ही प्रभावी हो सकता है।

Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताए गए लक्षणों और जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह का विकल्प न समझें। सर्वोदय न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता | किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

कुत्तों में मिनरल और विटामिन की कमी से होने वाले रोग

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- कुत्तों की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। भोजन में विटामिन्स (vitamins) और मिनरल्स (minerals) की कमी से कई प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो उनके विकास, प्रतिरक्षा प्रणाली, हड्डियों, त्वचा और व्यवहार पर बुरा असर डालती हैं। यदि इन पोषक तत्वों की पूर्ति समय पर न की जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉ. हेमंत तिवारी (पशु चिकित्सक) का इस पर क्या क्या कहना आइए जानते हैं कि कौन-कौन से विटामिन और मिनरल्स की कमी से कुत्तों में कौन से रोग उत्पन्न होते हैं:-

  1. कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी

  • रोग: रिकेट्स (Rickets) और ऑस्टियोमालेसिया (Osteomalacia)
  • लक्षण: हड्डियाँ कमजोर होना, पैरों का टेढ़ा होना, चलने में तकलीफ, शरीर का विकास रुक जाना।
  • ज्यादा खतरा: बढ़ती उम्र के पिल्लों को, खासकर बड़े आकार की नस्लों में।
  1. आयरन (Iron) की कमी

  • रोग: एनीमिया (Anemia)
  • लक्षण: कमजोरी, सुस्ती, भूख में कमी, मसूड़ों का सफेद होना।
  • कारण: खून की कमी या खराब पाचन तंत्र से आयरन का अवशोषण कम होना।
  1. विटामिन A की कमी

  • रोग: त्वचा संबंधी समस्याएं और दृष्टि दोष
  • लक्षण: सूखी व झड़ती त्वचा, रतौंधी, आंखों में सूखापन और संक्रमण।
  1. विटामिन D की कमी

  • रोग: हड्डियों का कमजोर होना, कैल्शियम का अवशोषण रुकना
  • लक्षण: कमजोरी, हड्डियों का दर्द, थकान, पिल्लों में विकास रुकना।
  1. विटामिन E की कमी

  • रोग: मांसपेशियों में कमजोरी और प्रजनन समस्याएं
  • लक्षण: चलने में कठिनाई, थकान, त्वचा की समस्याएं।
  1. विटामिन B कॉम्प्लेक्स की कमी

  • रोग: तंत्रिका तंत्र की समस्याएं और पाचन गड़बड़ी
  • लक्षण: भूख की कमी, वजन घटना, चिड़चिड़ापन, त्वचा का लाल होना।
  1. जिंक की कमी

  • रोग: त्वचा रोग जैसे हाइपरकेराटोसिस
  • लक्षण: नाक और पंजों पर मोटी, सूखी त्वचा, बाल झड़ना, घाव बनना।

रोकथाम और उपचार

  1. संतुलित आहार देना: उच्च गुणवत्ता वाला डॉग फूड दें जिसमें सभी जरूरी पोषक तत्व हों।
  2. विटामिन और मिनरल सप्लिमेंट: पशु चिकित्सक की सलाह से सप्लीमेंट्स देना।
  3. धूप में रखना: प्राकृतिक विटामिन D के लिए रोजाना थोड़ी देर धूप में रखें।
  4. नियमित जांच: समय-समय पर रक्त जांच और हेल्थ चेकअप से कमियों का पता चल सकता है।

निष्कर्ष कुत्तों में विटामिन और मिनरल्स की कमी धीरे-धीरे उनकी सेहत को कमजोर बना सकती है। एक जागरूक पालतू अभिभावक (Pet Parent) को संतुलित पोषण और समय पर पशु चिकित्सक से परामर्श लेकर अपने पालतू की सेहत का ध्यान रखना चाहिए। सही देखभाल से इन बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

डॉ. हेमंत तिवारी
(पशु चिकित्सक)

मृत्यु के बाद आत्मा की पहली घड़ी होती है बेहद रहस्यमयी, जानें क्या होता है उस 1 घंटे में

धर्म/लाइफस्टाइल(सर्वोदय न्यूज़):- मृत्यु, यानी जीवन का अंतिम पड़ाव, लेकिन क्या सच में यहीं सब खत्म हो जाता है? गरुड़ पुराण, जो हिन्दू धर्मग्रंथों में मृत्यु और परलोक के बाद की यात्रा को सबसे स्पष्ट रूप से बताता है, उसके अनुसार मौत के बाद आत्मा का सफर वास्तव में शुरू होता है।

विशेष रूप से मृत्यु के बाद का पहला घंटा (60 मिनट) आत्मा के लिए अत्यंत संवेदनशील और रहस्यमयी माना गया है। इस दौरान आत्मा को कई ऐसे अनुभव होते हैं, जो सामान्य मानव सोच से परे हैं।

1. अचेत अवस्था में प्रवेश करती है आत्मा

मृत्यु के बाद आत्मा जब शरीर से बाहर निकलती है, तो कुछ समय के लिए वह अचेत अवस्था में रहती है। यह अनुभव उस गहरी नींद की तरह होता है, जो अत्यधिक थकान के बाद आती है। धीरे-धीरे आत्मा इस स्थिति से उबरती है और फिर सचेत अवस्था में आती है।

2. पहले की तरह ही सामान्य व्यवहार

आत्मा को यह एहसास नहीं होता कि वह अब शरीर से अलग हो चुकी है। वह पहले की तरह परिजनों के आसपास घूमती है, उनसे बात करने की कोशिश करती है, लेकिन कोई उसे देख या सुन नहीं पाता।

3. बेचैनी और घबराहट की स्थिति

जब आत्मा देखती है कि उसकी कोई बात नहीं सुन पा रहा, तब उसमें घबराहट और मानसिक अस्थिरता बढ़ जाती है। वह अपने परिजनों को रोते देखती है, लेकिन चाहकर भी कुछ नहीं कर पाती।

4. सांसारिक माया का मोह

आत्मा को शरीर त्यागने में बेहद पीड़ा होती है, खासकर तब जब वह अपने सगे-संबंधियों और परिवार के मोहपाश में बंधी होती है। इसलिए वह बार-बार उन्हें छोड़ने से इनकार करती है।

5. शरीर में लौटने की कोशिश

आत्मा कई बार अपने पुराने शरीर में वापस प्रवेश करने की कोशिश करती है। लेकिन यमदूत उसे ऐसा करने से रोकते हैं। यह प्रक्रिया आत्मा के लिए मानसिक रूप से कठिन होती है।

6. पछतावा और कर्मों की याद

कुछ समय बाद आत्मा को अपने कर्मों की स्मृति आने लगती है। वह सोचने लगती है कि किसके साथ क्या अच्छा और बुरा किया। विशेष रूप से बुरे कर्म उसे परेशान करते हैं।

7. यमलोक की ओर प्रस्थान

जैसे ही आत्मा को यह स्वीकार हो जाता है कि अब शरीर से उसका संबंध समाप्त हो गया है, वह यमलोक की यात्रा पर निकल पड़ती है। यह यात्रा लगभग 40 दिनों की बताई गई है।

8. कर्मों के अनुसार मिलता है नया जन्म

यमराज के दरबार में पहुंचने के बाद आत्मा को उसके कर्मों के अनुसार पुनर्जन्म दिया जाता है। कुछ आत्माओं को तुरंत नया जन्म मिल जाता है, तो कुछ को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पुराणों में वर्णित विवरणों पर आधारित है। ‘सर्वोदय न्यूज़’ इसकी  पुष्टि नहीं करता। इसे जनरुचि और आध्यात्मिक जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।

हाईवे पर हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: केदारनाथ जा रहे श्रद्धालुओं की जान बाल-बाल बची

उत्तराखंड/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद के बड़ासू क्षेत्र में आज सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। केदारनाथ धाम के लिए श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा क्रिस्टल एविएशन का एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग करने को मजबूर हुआ।

हेलिकॉप्टर ने बड़ासू हेलीपैड से टेकऑफ किया था और कुछ ही देर बाद उसमें तकनीकी गड़बड़ी आ गई। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए सड़क पर सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों की जान बचा ली।

पायलट की सूझबूझ से टली बड़ी जनहानि

हेलिकॉप्टर में पांच यात्री, एक पायलट और सह-पायलट सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सह-पायलट को हल्की चोट आई है, जबकि अन्य सभी सुरक्षित हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर भेज चुकी है।

यूकाडा सीईओ सोनिका का बयान

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की सीईओ सोनिका ने जानकारी दी कि:“क्रिस्टल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का यह हेलिकॉप्टर यात्रियों को लेकर सिरसी से उड़ा था। तकनीकी कारणों के चलते पायलट ने एहतियातन सड़क पर लैंडिंग की। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और घटना की सूचना DGCA को भेज दी गई है।” सोनिका ने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य हेलीकॉप्टर सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

पहले भी हो चुके हैं हादसे, बढ़ी सतर्कता की मांग

यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले महीने केदारनाथ धाम में एक हेली एम्बुलेंस की लैंडिंग के दौरान दुर्घटना हो गई थी। ऋषिकेश AIIMS की उस हेली सेवा में तकनीकी खामी आ गई थी।

वहीं, 8 मई 2025 को गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलिकॉप्टर गंगनानी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी और एक यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ था। उस दुर्घटना में हेलिकॉप्टर के दो टुकड़े हो गए थे और शवों को निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी थी।

45 किलो शुद्ध सोने से दमक उठा अयोध्या का राम मंदिर,जानें कहां किया गया इस्तेमाल

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:-  अयोध्या में निर्माणाधीन भव्य राम मंदिर अब और भी दिव्यता से भर गया है। मंदिर निर्माण में अब तक 45 किलोग्राम शुद्ध सोने का उपयोग किया जा चुका है। यह जानकारी राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने शुक्रवार को दी।

मिश्रा ने बताया कि इस सोने का अनुमानित मूल्य करीब ₹50 करोड़ है (कर को छोड़कर)। यह सोना खास तौर पर मंदिर के भूतल के दरवाजों, और भगवान श्रीराम के सिंहासन को सजाने में उपयोग हुआ है।

राम मंदिर की भव्यता में चार चांद लगा रहा सोना

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा साझा किए गए अपडेट के मुताबिक, शेषावतार मंदिर में भी सोने का कार्य अभी जारी है। सोने की नक्काशी और कारीगरी से मंदिर की दीवारें और दरवाजे अप्रतिम सौंदर्य बिखेर रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और श्रद्धा दोनों बढ़े हैं।

पहली मंज़िल पर हुआ राम दरबार का प्राण प्रतिष्ठा समारोह

गुरुवार को मंदिर परिसर में सात प्रमुख देवी-देवताओं की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय के अनुसार:

  • मध्य में – श्री राम दरबार
  • उत्तर-पूर्व – शिवलिंग
  • दक्षिण-पूर्व – गणेश जी
  • दक्षिण मध्य – हनुमान जी
  • दक्षिण-पश्चिम – सूर्य देव
  • उत्तर-पश्चिम – भगवती
  • उत्तर मध्य – माता अन्नपूर्णा

यह मंदिर में आयोजित दूसरा प्रमुख प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। पहला समारोह 22 जनवरी 2024 को आयोजित हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं।

ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का काम दिसंबर 2025 तक पूरा होगा

राम मंदिर का मुख्य ढांचा अब लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन परिसर में बन रहे संग्रहालय, गेस्ट हाउस और ऑडिटोरियम जैसे अन्य निर्माण कार्य अभी प्रगति पर हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, ये कार्य दिसंबर 2025 तक पूरे होने की संभावना है।

आम श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल दर्शन सीमित

राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों ने जानकारी दी कि राम दरबार फिलहाल आम श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोला गया है। दर्शन की प्रक्रिया को नियंत्रित तरीके से चरणबद्ध रूप से शुरू किया जाएगा। नि:शुल्क पास जारी किए जाएंगे, जिससे भक्त सीमित संख्या में मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।

भीषण गर्मी और श्रद्धालुओं की भीड़ बनी चुनौती

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन तेज धूप और छाया की कमी के कारण कई लोग असहज नजर आए। ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था को और दुरुस्त करने की बात कही गई है।

भीषण गर्मी में योगी सरकार ने दी राहत, बिजली आपूर्ति में पेश की मिसाल

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-  अप्रैल और मई 2025 में जब पूरा उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में था तब योगी सरकार ने बिजली आपूर्ति को लेकर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की। रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बावजूद प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से लेकर जिला मुख्यालयों तक बिजली आपूर्ति न सिर्फ शेड्यूल के मुताबिक रही, बल्कि तय घंटों से ज्यादा बिजली दी गई। सरकार की इस सजगता ने न सिर्फ जनता को राहत दी, बल्कि प्रदेश को एक नया मॉडल भी दिया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अप्रैल 2025 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक था। वहीं मई में तो कई जिलों में पारा 45 डिग्री से ऊपर चला गया। 16 मई को बांदा में 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो उस दिन देश का सबसे अधिक तापमान था। प्रयागराज, कानपुर, झांसी और वाराणसी जैसे शहरों में भी लगातार लू का प्रकोप बना रहा। IMD ने मई के मध्य में राज्य के कई हिस्सों के लिए लू की चेतावनी जारी की थी, विशेषकर दक्षिणी जिलों के लिए। लेकिन इस विकट स्थिति में भी योगी सरकार ने न सिर्फ बिजली आपूर्ति बनाए रखी, बल्कि उसे अपेक्षा से बेहतर करके दिखाया।

तय शेड्यूल से भी ज्यादा बिजली

वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल और मई में यूपी की चारों प्रमुख डिस्कॉम इकाइयों (पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल और पश्चिमांचल) के साथ-साथ केस्को के तहत बिजली आपूर्ति के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि प्रदेश सरकार ने हर स्तर पर पूरी तैयारी कर रखी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 18.18 घंटे बिजली दी गई, जबकि निर्धारित शेड्यूल 18 घंटे का था। तहसील मुख्यालयों में 21.30 घंटे के तय शेड्यूल के मुकाबले औसतन 21.32 घंटे बिजली दी गई। जिला मुख्यालयों में 24 घंटे के लक्ष्य के सापेक्ष 23.45 घंटे की औसत आपूर्ति दर्ज की गई, जो खुद में उल्लेखनीय उपलब्धि है।

जिला मुख्यालयों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति

पूर्वांचल डिस्कॉम क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों को 18.20 घंटे, तहसील मुख्यालय को 21.31 घंटे और जिला मुख्यालयों को 23.49 घंटे बिजली मिली। इसी तरह मध्यांचल में क्रमशः 18.13 घंटे, 21.38 घंटे और 23.51 घंटे की आपूर्ति रही। दक्षिणांचल में ग्रामीण इलाकों को 18.50 घंटे, तहसील मुख्यालय को 21.28 घंटे और जिला मुख्यालयों को 23.52 घंटे बिजली मिली। पश्चिमांचल में ग्रामीण क्षेत्रों को 17.51 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21.32 घंटे और जिला मुख्यालयों को 23.26 घंटे की विद्युत आपूर्ति दी गई। केस्को के अंतर्गत आने वाले कानपुर में भी 23.26 घंटे बिजली आपूर्ति दर्ज की गई।

आमजन को मिली राहत

योगी सरकार ने इन भीषण परिस्थितियों में न सिर्फ विद्युत आपूर्ति बनाए रखी, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही अलर्ट पर रखकर हर संभव उपाय सुनिश्चित किए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऊर्जा विभाग और डिस्कॉम अधिकारियों ने लगातार निगरानी और फील्ड विजिट्स के माध्यम से पावर सप्लाई को सुचारू बनाए रखा। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों के साथ-साथ घरेलू उपभोग भी निर्बाध रूप से चलता रहा, जिससे किसानों और आम नागरिकों को काफी राहत मिली। यह न केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि रही, बल्कि ऊर्जा प्रबंधन का एक मजबूत उदाहरण भी रहा। लू की लहरों के बीच जब कई राज्य बिजली कटौती और ट्रिपिंग से जूझ रहे थे, तब उत्तर प्रदेश ने यह दिखाया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और सुदृढ़ प्रबंधन के बल पर हर चुनौती को मात दी जा सकती है।