Wednesday, June 17, 2026

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क्या अंडा वेज है या नॉन-वेज? वैज्ञानिकों ने दिया साफ जवाब, जानें पूरी सच्चाई

लखनऊ/सर्वोदय : अंडा खाने वालों के बीच यह सवाल लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है – क्या अंडा शाकाहारी (वेज) है या मांसाहारी (नॉन-वेज)? जहां कुछ लोग इसे पोषण से भरपूर शाकाहारी विकल्प मानते हैं, वहीं कई इसे जीव-उत्पत्ति के कारण नॉन-वेज मानकर इससे परहेज़ करते हैं। इस बहस ने रसोई से लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक मंचों तक जगह बना ली है। अब वैज्ञानिकों ने इस उलझन का स्पष्ट और तार्किक जवाब दिया है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: अंडा है नॉन-वेज

वैज्ञानिकों के अनुसार, अंडा मुर्गी का प्रजनन उत्पाद है। यह एक भ्रूण होता है, जो अगर निषेचित हो तो चूजे में परिवर्तित हो सकता है। हालांकि, बाजार में जो अंडे बिकते हैं वे ज़्यादातर निषेचित नहीं होते, यानी उनसे चूजा नहीं निकल सकता। बावजूद इसके, वैज्ञानिक रूप से अंडा नॉन-वेज ही माना जाता है, क्योंकि यह एक जीव से उत्पन्न होता है।

हालांकि, अंडे में मांस या रक्त जैसा कोई तत्व नहीं होता। इसी वजह से कुछ लोग इसे “सदृश शाकाहारी” (Eggitarian) मानते हैं और अपने आहार में शामिल करते हैं।

सांस्कृतिक और धार्मिक नजरिया

भारत में खान-पान से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई हैं। जैन, वैष्णव, और कई अन्य समुदाय अंडे को पूरी तरह से नकारते हैं। वहीं, कई लोग इसे प्रोटीन का सस्ता और पौष्टिक स्रोत मानते हुए इसे नियमित आहार में शामिल करते हैं।

पश्चिमी देशों में, विशेषकर शाकाहारी संस्कृति में, निषेचित न होने की स्थिति में अंडे को वेज माना जाता है। यह सांस्कृतिक भिन्नता ही इस बहस की सबसे बड़ी वजह है।

पोषण के लिहाज से अंडा सुपरफूड

भले ही अंडा वेज है या नॉन-वेज, इससे इतर यह एक पोषण से भरपूर आहार है। अंडा प्रोटीन, विटामिन डी, बी12, और आवश्यक फैटी एसिड का बेहतरीन स्रोत है। यह आसानी से पकने वाला और किफायती भी है, इसलिए भारत में कुपोषण से लड़ने के लिए इसे स्कूलों के मिड-डे मील में शामिल करने की मांग तेज हो रही है।

क्यों हमेशा चर्चा में रहता है यह सवाल?

अंडे को लेकर बहस केवल पोषण या वैज्ञानिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है। यह व्यक्तिगत पसंद, धार्मिक मान्यताओं, और सामाजिक विचारों का भी विषय बन चुका है। सोशल मीडिया पर “अंडा वेज है या नॉन-वेज?” को लेकर मीम्स और चर्चाएं आम हैं। रेस्तरां में “शुद्ध शाकाहारी” मेन्यू में अंडे की उपस्थिति भी कई बार विवाद खड़ा कर देती है।

विज्ञान साफ है, पर मान्यता अलग-अलग

वैज्ञानिक रूप से अंडा नॉन-वेज है, लेकिन सामाजिक, धार्मिक और व्यक्तिगत मान्यताओं के चलते इसका वर्गीकरण हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। यह बहस आने वाले समय में भी लोगों के लिए उतनी ही दिलचस्प बनी रहेगी, जितनी आज है।

मायावती ने रामजी गौतम को बनाया राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर, आकाश आनंद को लेकर दी स्पष्टता, संगठन मजबूत करने पर ज़ोर

लखनऊ/सर्वोदय:-  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव करते हुए रामजी गौतम को पार्टी का राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। यह बदलाव आकाश आनंद को जिम्मेदारी से हटाने के बाद किया गया है। बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक अहम बैठक में मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए और संगठन को कांशीराम के दौर की तरह मज़बूत बनाने पर बल दिया।

बैठक के दौरान मायावती ने कहा, “अगर हमें सरकार बनानी है तो अगले पांच महीनों में बूथ स्तर तक पार्टी की कमेटियों का गठन कर लिया जाए। जब संगठन ज़मीन पर दिखने लगेगा, तो हमें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।”

आकाश आनंद को लेकर भी स्थिति साफ

पार्टी में कुछ समय से चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मायावती ने आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भी स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा, *”आकाश माफी मांगने आया था, इसलिए उसे पार्टी में वापस लिया गया है, लेकिन फिलहाल उसे कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।”*

 धर्म और राजनीति पर दी सलाह

मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा, “सरकारें धर्म को कर्म नहीं, बल्कि कर्म को धर्म मानकर काम करें।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारें कुछ विशेष क्षेत्र और वर्गों के हित में काम कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।

दलित समाज के प्रति छलावा

बसपा प्रमुख ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर मौजूदा राजनीतिक दलों की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “डॉ. आंबेडकर को उनकी जयंती पर याद करने की होड़ मची रहती है, लेकिन उनके अनुयायियों को प्रताड़ित किया जाता है। यह दर्शाता है कि ये सब दिखावा है, सच्चा सम्मान नहीं।”

दो मार्च की बैठक की समीक्षा

इस बैठक में मायावती ने दो मार्च को हुई पिछली बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट भी ली। पदाधिकारियों को खामियों को दूर कर तय लक्ष्यों को पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया।

आपको बता दें कि बसपा एक बार फिर से खुद को पुनर्गठित कर सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है। मायावती का ज़ोर जमीनी संगठन और कार्यकर्ता नेटवर्क को मज़बूत करने पर है। रामजी गौतम की नई भूमिका से पार्टी को कितना लाभ होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने योगी आदित्यनाथ को बताया ‘भोगी’, दिया तीखा बयान

 कोलकाता/सर्वोदय:- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘भोगी’ कहा है। यह बयान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया, जहां उन्होंने भाजपा पर कड़ा प्रहार किया और योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

ममता बनर्जी ने कहा, “जो खुद को योगी कहते हैं, वो असल में भोगी हैं। गरीबों का हक छीनते हैं, जनता को डराते हैं, और खुद ऐश करते हैं।”

मुख्यमंत्री बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में लोकसभा चुनाव का माहौल गर्म है और सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में लगे हुए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

भाजपा की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता ममता बनर्जी की टिप्पणी को “अनुचित और अमर्यादित” बता रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी ममता बनर्जी और योगी आदित्यनाथ के बीच तीखी बयानबाजी होती रही है, खासकर चुनावी मौसम में। अब देखना यह होगा कि भाजपा की तरफ से इसका जवाब कैसे दिया जाता है और यह बयानबाजी चुनाव प्रचार को किस दिशा में ले जाती है।

मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग के कार्यां की समीक्षा की

लखनऊ/सर्वोदय:- सिटी बस सेवा में निजी ई-बस संचालकों को अवसर दिया जाए, इनके पार्किंग की
जगह व रूट तय हों, इन निजी ई-बसों को समीपस्थ कस्बों से कनेक्ट किया जाए।शहर में पार्किंग को मांग, स्थान और समय के अनुरूप व्यवस्थित किये जाने की आवश्यकता, शुल्क में समरूपता हो,प्रदेश में कहीं भी पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली न होने पाए ।सभी नगर निकायों को अपनी आय बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे, लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा नगर निगम के बाद अब इसी माह वाराणसी और प्रयागराज नगर निगम द्वारा म्युनिसिपल बॉण्ड जारी किया जाएगा । वित्तीय वर्ष 2025-26 में गोरखपुर, मेरठ और कानपुर नगर निगमों द्वारा म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने की तैयारी करें। नगरों में विज्ञापन होर्डिंग्स के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड को वरीयता दें।  राज्य सरकार ने सभी जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों को स्मार्ट नगर पालिका परिषद के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाई, बजट आवंटित । प्रयागराज के शिवालिक पार्क की तरह नगर के वेस्ट और धातु अपशिष्ट का सदुपयोग करते हुए मथुरा-वृंदावन नगर निगम सीमा में भव्य ‘कृष्ण लोक’ पार्क तथा अयोध्या में ‘लव कुश पार्क एवं श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केन्द्र’ तैयार किया जाए।  बरसात प्रारम्भ होने से पूर्व सभी नगरीय निकायों में ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर कर लिया जाए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में नगर विकास विभाग के कार्यां की समीक्षा की तथा भावी कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल स्वच्छ ईंधन वाली बसों को नगरीय परिवहन में प्रोत्साहित करने के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। वर्तमान में 15 नगरों में 700 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। यह सुनिश्चित किया जाए कि 15 वर्ष से अधिक समय तक किसी भी डीजल/सी0एन0जी0 बसों का उपयोग न हो। इन्हें स्क्रैप कराया जाए। इनके स्थान पर ई-बसें लाई जानी चाहिए।
सिटी बस सेवा में निजी ई-बस संचालकों को भी अवसर दिया जाना चाहिए। व्यापक जनहित के दृष्टिगत इनका किराया रेगुलेट किया जाना चाहिए। इनके पार्किंग की जगह तय हो, रूट तय हों। इन निजी ई-बसों को समीपस्थ कस्बों से कनेक्ट किया जाए। नगरीय परिवहन में यह अच्छा प्रयास हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नगरों में वाहन पार्किंग दिनों-दिन चुनौती बनती जा रही है। पार्किंग को मांग, स्थान और समय के अनुरूप व्यवस्थित किये जाने की आवश्यकता है। शुल्क में समरूपता होनी चाहिए। स्थानीय व्यापारियों, दुकानों, कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों आदि का मासिक पास बनाया जाए। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करायें की प्रदेश में कहीं भी पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली न होने पाए।

नगरों में विज्ञापन होर्डिंग लगाए जाने में एकरूपता हो। खतरनाक होर्डिंग्स के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड को वरीयता दें। अवैध होर्डिंग्स को तत्काल हटवाएं। सभी नगरीय निकायों के लिए सुस्पष्ट नियामवली होनी चाहिए। यह नगरीय निकायों की आय का अच्छा माध्यम भी बनेगा। यह सुनिश्चित करायें कि विज्ञापन होर्डिंग किसी महापुरुष की प्रतिमा/चित्र को विकृत न करता हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों में अचल सम्पत्तियों के नामांतरण, पंजीयन, वसीयत आदि प्रकरणों में नगर निकायों में लिए जाने वाले शुल्क में एकरूपता नहीं है। ऐसी व्यवस्था बनाएं कि सभी नगर निकायों में एक समान प्रक्रिया और एक समान शुल्क प्रभावी हो।

राज्य सरकार ने सभी जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों को स्मार्ट नगर पालिका परिषद के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाई है। स्मार्ट नगर पालिका परिषदों में डिजिटल गवर्नेंस, वैल्यू एडेड सिटिजन सर्विस-वायु और जल प्रदूषण की मॉनीटरिंग, जल भराव की समस्या की मॉनीटरिंग, स्मार्ट पार्किंग, स्मार्ट लाइट मैनेजमेन्ट, प्रदर्शनी स्थल, ऑडिटोरियम, वेंडिंग जोन, डिजिटल लाइब्रेरी, नवीकरणीय ऊर्जा प्रकल्पों को प्रोत्साहन जैसे ईज ऑफ लिविंग के दृष्टिगत उपयोगी कार्य होंगे। इन निकायों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। इस सम्बन्ध में बजट आवंटित किया गया है। विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज में वेस्ट मैटेरियल से तैयार शिवालिक पार्क श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। यह एक अच्छा मॉडल बना है। इसी तर्ज पर नगर के वेस्ट और धातु अपशिष्ट का सदुपयोग करते हुए मथुरा-वृंदावन नगर निगम सीमा में भव्य ‘कृष्ण लोक’ पार्क तथा अयोध्या में ‘लव कुश पार्क एवं श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केन्द्र’ तैयार किया जाना चाहिए। यहां भगवान राम, भगवान कृष्ण तथा लव कुश के जीवन चरित्र से जुड़ी कथाओं को दर्शाया जाए। 3-डी इंटरैक्टिव मॉडल, लाइट एन्ड साउण्ड शो हां। यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण के केन्द्र बनेंगे।
नगर निकायों में मैनपावर की कमी नहीं होनी चाहिए। जहां कहीं पद रिक्त हैं, तत्काल भर्ती की कार्यवाही करें। जहां आउटसोर्सिंग से तैनाती होनी हो, बिना विलम्ब प्रक्रिया पूरी करें। सभी नगर निकायों को अपनी आय बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास भी करने होंगे। लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा नगर निगम के बाद अब इसी माह वाराणसी और प्रयागराज नगर निगम द्वारा म्युनिसिपल बॉण्ड जारी किया जाने वाला है। इसी वित्तीय वर्ष में गोरखपुर, मेरठ और कानपुर नगर निगमों द्वारा म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने की तैयारी करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बरसात प्रारम्भ होने से पूर्व सभी नगरीय निकायों में ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर कर लिया जाए। कहीं भी जलभराव न हो, इसके लिए समय से तैयारी कर लें। आवश्यकतानुसार नए नाले भी बनाएं। स्ट्रीट डॉग के काटने की समस्या गम्भीर होती जा रही है। इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

सफल हो रहा सीएम योगी का ‘संकल्प’, प्रदेश का भविष्य संवार रहा ‘ऑपरेशन कायाकल्प’

लखनऊ/सर्वोदय:- उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मूलभूत शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का सीएम योगी का संकल्प ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से सफलता के नए अध्याय लिख रहा है। योगी सरकार के निर्देश पर वर्ष 2018 में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में शुरू की गई प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प की प्रक्रिया अब अपना सकारात्मक रूप दिखाने लगी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 19 आधारभूत सुविधाओं व पैरामीटर्स हो रहे कार्य बड़े पैमाने पर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 5 स्टार श्रेणी युक्त बनाकर इन्हे आदर्श विद्यालय एवं ग्राम सभा के सबसे आदर्श भवन के रूप में विकसित कर रहे हैं।
ऐसे में, विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 से लेकर अब तक प्रदेश में 19 पैरामीटर्स पर संतृप्तिकरण की प्रक्रिया को 18 पैरामीटर्स पर 80 प्रतिशत से अधिक सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, शौचालय, ब्लैकबोर्ड व परिसर विद्युतीकरण जैसे 9 पैमानों पर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है जबकि 8 पैरामीटर्स पर 94 प्रतिशत से अधिक की लक्ष्य प्राप्ति की जा चुकी है। यही कारण है कि प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे करोड़ों बालक-बालिकाओं व उनके अभिभावकों को ऑपरेशन कायाकल्प से हुए बदलाव एवं वर्तमान शिक्षा नीतियों के प्रभावी रूप से लागू होने पर उज्ज्वल भविष्य का सपना साकार होता दिख रहा है।

19 में से 18 पैरामीटर्स को 80 प्रतिशत पूरा करने में मिली सफलता

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत वर्ष 2018 से लेकर अब तक उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। आंकड़ों के अनुसार, चयनित 19 पैरामीटर्स में से प्रदेश में अब तक 18 पैरामीटर्स पर 80 प्रतिशत सफलता मिली है। वहीं, स्कूल फर्नीचर की आपूर्ति में वर्ष 2018 में 19 प्रतिशत के मुकाबले अब तक 65 प्रतिशत कार्यों को पूर्ण करने में सफलता मिली है। इसी प्रकार, स्वच्छ पेयजलापूर्ति में वर्ष 2018 में 67 प्रतिशत की अपेक्षा अब 100 प्रतिशत लक्ष्यों को प्राप्त किया जा चुका है। 19 पैरामीटर्स में से ब्वॉयज टॉयलेट, गर्ल्स टॉयलेट, जलापूर्ति युक्त शौचालय, मल्टी हैंड वॉशिंग यूनिट, ब्लैक-ग्रीन व व्हाइट बोर्ड की स्थापना, स्कूल परिसर की पुताई, रैंप व रेलिंग निर्माण तथा परिसर के विद्युतीकरण जैसी प्रक्रियाओं के लक्ष्य को 100 प्रतिशत सफलता के साथ पूरा किया जा चुका है। वहीं, टाइल्स युक्त शौचालय निर्माण में वर्ष 2018 में 21 प्रतिशत की अपेक्षा मार्च 2025 तक 91 प्रतिशत कार्यों को पूरा किया जा चुका है।

गेट युक्त बाउंड्री वॉल निर्माण तथा रसोईघर नवीनीकरण में भी मिली सफलता

रिपोर्ट के अनुसार, परिषदीय विद्यालयों के परिसर में गेट युक्त बाउंड्री वॉल निर्माण तथा रसोईघर नवीनीकरण जैसे पैमानों पर क्रमशः 98 व 94 प्रतिशत लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। आंकड़ों के अनुसार, ऑपरेशन कायाकल्प में जो 19 पैरामीटर्स चयनित किए गए हैं उनमें से किसी भी पैरामीटर में वर्ष 2018 में 82 प्रतिशत से अधिक कार्य नहीं हुआ था, वहीं अब सभी निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में योगी सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में विभिन्न विभागों के साथ मिलकर मूलभूत सुविधाओं के संतृप्तिकरण को लेकर 11 हजार करोड़ का निवेश किया गया है, जो प्रदेश की बदलती सूरत का आधार बन रहा है।

पत्नी के प्राइवेट पार्ट पर हल्दी-कुमकुम लगाकर निचोड़ा नींबू, पति ने पार की वहशीपन की हदें, बोला- अब पागल हो जाओगी

पुणे/सर्वोदय:-  मौजूदा दौर में ऐसा लग रहा है कि सामाजिक पतन बहुत तेजी के साथ हो रहा है। आए दिन कुछ न कुछ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो इस बात की खुलेआम तस्दीक करती हैं। महाराष्ट्र के पुणे से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिससे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे।
जी हां! पुणे के पास पिंपरी-चिंचवाड़ में एक महिला ने अपने पति पर जबरन सेक्स और काला जादू करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के मुताबिक, पति ने उसके प्राइवेट पार्ट पर हल्दी और कुमकुम लगा नींबू निचोड़ा और कहा कि उसने उस पर जादू कर दिया है, जिससे वह पागल हो जाएगी।

2004 में हुई थी शादी

पीड़िता और आरोपी की शादी 2004 में हुई थी। शादी के बाद से ही पति पत्नी के चरित्र पर शक करता था, जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। दिसंबर 2023 में महिला अपने बच्चे को लेकर घर छोड़कर अलग रहने लगी। 2024 में उसने गुजारा भत्ते के लिए कोर्ट में केस दायर किया।

चाकू की नोक पर किया सेक्स

1 जून 2024 को महिला अपने बच्चों की किताबें और गद्दा लेने पति के फ्लैट पर गई थी। इसी दौरान आरोपी पति वहां पहुंचा और फ्लैट के अंदर का दरवाजा बंद कर लिया। महिला का आरोप है कि पति ने चाकू दिखाकर उसके कपड़े उतरवाए और उसके साथ जबरन सेक्स किया।
“मैंने…अब पागल हो जाओगी”
पुलिस शिकायत के मुताबिक जबरिया शारीरिक संबंधि बनाने के बाद आरोपी पति ने महिला के प्राइवेट पार्ट पर हल्दी-कुमकुम लगाया, नींबू निचोड़ा और कहा, “मैंने तुम पर जादू कर दिया है। अब तुम पागल हो जाओगी।”
आरोपों के मुताबिक उसने महिला को धमकी भी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस मामले में सांगवी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

नेशनल हेराल्ड मामला: गांधी परिवार की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने दायर की अभियोजन शिकायत – जानिए अब तक की पूरी 

नई दिल्ली/सर्वोदय:- नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धाराओं के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज की है।

विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार मट्टा ने यह आरोप-पत्र विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में पेश किया। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी के साथ यंग इंडियन कंपनी के निदेशक सैम पित्रोदा और सुमन दुबे सहित अन्य के नाम शामिल हैं। अदालत ने इस पर विचार के लिए अगली सुनवाई की तारीख 25 अप्रैल तय की है। आरोपियों को अब PMLA के तहत भी ज़मानत लेनी होगी।

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला? जानिए स्थापना से विवाद तक की पूरी टाइमलाइन:

  • 20 नवंबर 1937: एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की स्थापना।
  • 9 सितंबर 1938: पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत।
  • 1962-63: बहादुर शाह जफर मार्ग पर AJL को भूमि आवंटित की गई।
  • 22 मार्च 2002: मोतीलाल वोरा AJL के चेयरमैन नियुक्त किए गए।
  • 2008: भारी घाटे के चलते अखबार का प्रकाशन बंद कर दिया गया।
  • दिसंबर 2010: खुलासा हुआ कि AJL पर कांग्रेस के 90 करोड़ रुपये बकाया हैं।
  • 2011: यंग इंडिया ने 50 लाख रुपये में AJL का 90 करोड़ का कर्ज खरीदा और फिर माफ कर दिया, जिससे यंग इंडिया का AJL पर नियंत्रण हो गया।
  • 1 नवंबर 2012: सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में निजी शिकायत दर्ज की।
  • 2014: ट्रायल कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
  • 2015: अदालत ने सोनिया और राहुल गांधी को नियमित ज़मानत दी।
  • 2016: सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई रद्द करने से इनकार किया।
  • 2018: दिल्ली हाई कोर्ट ने AJL को हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश दिया।
  • 1 जून 2022: ईडी ने गांधी परिवार से पूछताछ की।

इस मामले में अब सबकी निगाहें 25 अप्रैल पर टिकी हैं, जब कोर्ट यह तय करेगा कि आरोप पत्र पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं।

रामजीलाल सुमन का करणी सेना पर वार: “दो-दो हाथ होंगे, कोई माई का लाल नहीं रोक सकता”

आगरा/सर्वोदय:- समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। आगरा में एक सभा के दौरान उन्होंने करणी सेना पर तीखा हमला बोला और आगामी 19 अप्रैल को आगरा दौरे पर आ रहे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के संदर्भ में कहा कि “लड़ाई का मैदान तैयार होगा और दो-दो हाथ होंगे।”
करणी सेना को बताया “फर्जी सेना”, डीएनए पर उठाए सवाल

रामजीलाल सुमन ने मंच से बोलते हुए कहा कि अगर कुछ लोग यह कहते हैं कि “मुसलमानों में बाबर का डीएनए है”, तो फिर “तुम्हारे अंदर किसका डीएनए है?” यह भी बताओ। उन्होंने करणी सेना को फर्जी सेना बताते हुए चुनौती दी कि अगर उनमें सच में देशभक्ति है, तो “चीन से लड़ें, अरुणाचल को बचाएं, न कि देश के अंदर नफरत फैलाएं।”
मंदिर-मस्जिद पर फिर छिड़ी बहस

सपा सांसद ने बयान दिया कि “अगर तुम कहोगे कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर है, तो हमें कहना पड़ेगा कि हर मंदिर के नीचे बौद्ध मठ है।” उन्होंने यह भी कहा कि “गढ़े मुर्दे मत उखाड़ो, नहीं तो भारी पड़ेगा।” यह बयान धार्मिक आधार पर चल रही बहस को और भड़काने वाला माना जा रहा है।
बयान पर मचा राजनीतिक घमासान

रामजीलाल सुमन के इस बयान के बाद करणी सेना ने नाराज़गी जताई है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में राणा सांगा की जयंती के मौके पर करणी सेना ने आगरा में ‘रक्त स्वाभिमान रैली’ निकाली थी, जिसमें तलवारें लहराते लोगों की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है।

सफाई में बोले सुमन: “हम अहिंसक विचारधारा वाले लोग हैं

विवाद बढ़ने के बाद सपा सांसद ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके कहने का आशय राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष से था, न कि हिंसा से। उन्होंने कहा:”हम लोहिया, गांधी और जयप्रकाश जी को मानने वाले लोग हैं। हमारी लड़ाई अहिंसा के रास्ते पर होगी। ‘दो-दो हाथ’ करने का मतलब वैचारिक मतभेद था, न कि शारीरिक संघर्ष।” उन्होंने करणी सेना से भी अपील की कि अगर वे असहमत हैं, तो संवैधानिक तरीके से विरोध करें, न कि समाज में हिंसक वातावरण बनाएं।

19 अप्रैल को अखिलेश यादव का आगरा दौरा

सपा सांसद ने इस बात की पुष्टि की कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 19 अप्रैल को आगरा आ रहे हैं, और इस दौरान आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम हो सकता है।

रामजीलाल सुमन के बयानों ने एक बार फिर राजनीति को गरमा दिया है। जहां एक ओर वो वैचारिक संघर्ष की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके तीखे शब्द राजनीतिक टकराव को और गहरा करने वाले हैं। आगामी 19 अप्रैल को अखिलेश यादव के दौरे के बाद यह साफ होगा कि सपा का रुख क्या रहेगा।

रॉबर्ट वाड्रा का पैदल मार्च: ईडी समन पर ‘तेवर’ या राजनीति में एंट्री का संकेत?

नई दिल्ली/सर्वोदय:- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए समन पर वाड्रा ने जिस अंदाज़ में हाज़िरी दी, उसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मंगलवार सुबह वाड्रा दिल्ली स्थित ईडी दफ्तर पैदल पहुंचे—आंखों पर चश्मा, सादगी भरा पहनावा और साथ में समर्थकों की भीड़। ये नज़ारा एक प्रतीकात्मक राजनीतिक संदेश देता दिखा।

ईडी के समन और वाड्रा की प्रतिक्रिया

वाड्रा को ईडी ने हरियाणा के शिखोपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरा समन भेजा था। पहला समन 8 अप्रैल को भेजा गया था, लेकिन तब वह पेश नहीं हुए थे। इस बार उन्होंने ना सिर्फ समन पर प्रतिक्रिया दी, बल्कि पैदल मार्च कर ईडी दफ्तर पहुंचकर स्पष्ट कर दिया कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।

वाड्रा ने कहा,

“मुझे कुछ छिपाने की जरूरत नहीं है। जब भी मैं जनता की आवाज़ उठाऊंगा, मुझे दबाने की कोशिश की जाएगी। लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं।”

पैदल मार्च के पीछे क्या है संकेत?

जब उनसे पैदल आने की वजह पूछी गई, तो वाड्रा ने जवाब दिया: “लोग चाहते थे कि मैं पैदल आऊं… लोग जुड़ना चाहते हैं… लेकिन उन्हें रोक दिया गया। केस में कुछ है ही नहीं, 20 साल जांच थोड़ी ना चलेगी।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वाड्रा का यह कदम सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक प्रतीक भी है—जिसे जनता से जुड़ाव, पारदर्शिता और साहसिक छवि के रूप में पेश किया गया।

क्या रॉबर्ट वाड्रा राजनीति में उतरने वाले हैं?

रॉबर्ट वाड्रा पहले भी कई बार अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने साफ कहा था:“अगर कांग्रेस और मेरे परिवार का आशीर्वाद मिला, तो मैं राजनीति में कदम रखूंगा।”

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उनकी पत्नी प्रियंका गांधी वायनाड से सांसद बन चुकी हैं, और पार्टी में उनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। वाड्रा का मानना है कि विपक्ष उन्हें चुनावी मुद्दा बनाकर पहले ही राजनीति में खींच लाया है।

मामला क्या है?

ईडी का आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 2008 में शिखोपुर, हरियाणा में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। एजेंसी का दावा है कि इस सौदे में वित्तीय अनियमितताएं और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका है। हालांकि, वाड्रा ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।

नजरें अब वाड्रा के अगले कदम पर

वाड्रा के इस प्रतीकात्मक मार्च और बयानबाज़ी ने राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर पैदा कर दी है। क्या यह उनके राजनीति में औपचारिक प्रवेश का ट्रेलर है? या फिर एक कानूनी लड़ाई को जन समर्थन में बदलने की रणनीति? जवाब आने वाले वक्त में साफ होगा।

खाने से पहले या बाद में? जानें, कब पीना चाहिए पानी

सर्वोदय/लाइफस्टाइल:– सेहतमंद रहने के लिए पानी पीना बेहद जरूरी है, लेकिन यह सवाल कई लोगों के मन में होता है कि पानी पीने का सही समय क्या है – खाने से पहले, बीच में या बाद में? क्या खाने के तुरंत बाद पानी पीना हानिकारक होता है? चलिए जानते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय और विज्ञान क्या कहता है।

खाने से पहले पानी पीना फायदेमंद या नहीं?

डॉक्टर्स का मानना है कि खाने से 30 मिनट पहले पानी पीना पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होता है। इससे पेट में पर्याप्त मात्रा में एंजाइम्स एक्टिव हो जाते हैं, जिससे खाना पचाने में आसानी होती है। साथ ही, इससे आप ओवरईटिंग से भी बच सकते हैं क्योंकि पानी आंशिक रूप से पेट को भर देता है।

खाने के दौरान पानी पीना सही या गलत?

बहुत से लोग मानते हैं कि खाने के साथ पानी पीना पाचन में बाधा डालता है, लेकिन ये पूरी तरह गलत नहीं है। कम मात्रा में पानी या सूप जैसा लिक्विड लेना नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन अत्यधिक पानी पीने से पाचन एंजाइम्स की क्रिया थोड़ी धीमी हो सकती है।

खाने के बाद पानी पीना कब और कितना?

खाना खाने के तुरंत बाद बहुत ठंडा पानी पीना पाचन में रुकावट पैदा कर सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि खाना खाने के कम से कम 30 मिनट बाद पानी पीना चाहिए। इससे शरीर को खाना ठीक से पचाने का समय मिलता है।

 क्या कहता है आयुर्वेद?

आयुर्वेद के अनुसार:खाने से पहले पानी पीना वजन घटाने में मदद करता है।खाने के दौरान थोड़ा पानी पीना तृप्ति बढ़ाता है। खाने के बाद तुरंत पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि यह अग्नि (पाचन शक्ति) को कमजोर कर सकता है।

स्वस्थ रहने के लिए टिप्स:

दिन भर में 8-10 गिलास पानी ज़रूर पिएं,बहुत ठंडा पानी पीने से बचें,पानी को घूंट-घूंट कर धीरे-धीरे पिएं