Wednesday, June 17, 2026

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गर्मियों में बाहर से आने के बाद भूलकर भी ना करें ये 5 काम, वरना सेहत हो सकती है खराब!

लाइफस्टाइल/ सर्वोदय:- गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और अप्रैल में ही मई-जून जैसी तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया है। इस चिलचिलाती धूप में बाहर निकलना जहां जरूरी है, वहीं घर लौटकर कुछ आम गलतियां करना सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। बाहरी गर्मी से राहत पाने की जल्दबाज़ी में कई लोग ऐसी चीजें कर बैठते हैं जो तुरंत तो राहत देती हैं, लेकिन अंदरूनी तौर पर शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए जानते हैं गर्मियों में धूप से लौटने के बाद आपको कौन-से काम नहीं करने चाहिए।

ठंडा पानी तुरंत पीना हो सकता है खतरनाक

धूप में पसीना-पसीना होने के बाद जैसे ही घर पहुंचते हैं, सबसे पहले मन करता है ठंडा पानी पीने का। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो फ्रिज का ठंडा पानी तुरंत पीना गले में खराश, सर्दी-जुकाम और पेट दर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
सुझाव: पहले कुछ मिनट नॉर्मल पानी पिएं, फिर ठंडा पानी लें।

सीधे एसी या कूलर के सामने बैठना पड़ सकता है भारी

पसीने से भीगा शरीर और अचानक ठंडी हवा—यह कॉम्बिनेशन अच्छा नहीं होता। इससे मांसपेशियों में खिंचाव, सिरदर्द और फ्लू जैसे लक्षण उभर सकते हैं।
सुझाव: पहले कमरे के सामान्य तापमान में थोड़ा रुकें, फिर कूलर या एसी ऑन करें।

पसीने वाले कपड़ों में देर तक ना रहें

पसीने से भीगे कपड़े बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का घर होते हैं। इन्हें सुखाने के लिए पंखे या कूलर के सामने बैठना त्वचा पर रैशेज और खुजली ला सकता है।
सुझाव: घर आते ही कपड़े बदलें और सूती, हल्के कपड़े पहनें।

तुरंत नहाना कर सकता है नुकसान

गर्म शरीर पर अचानक ठंडे पानी की बौछार शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकती है, जिससे सिरदर्द या शरीर में अकड़न हो सकती है।
सुझाव: घर लौटने के बाद 15-20 मिनट रेस्ट करें, फिर नहाएं।

ठंडा खाना खाने से हो सकती है पाचन में गड़बड़ी

बाहर की गर्मी से शरीर का तापमान पहले ही बढ़ चुका होता है। ऐसे में ठंडा खाना पचने में दिक्कत पैदा कर सकता है और पेट फूलने, गैस या अपच की समस्या हो सकती है।
सुझाव: हल्का, ताजा और सामान्य तापमान वाला खाना खाएं।

पहलगाम आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक के बाद राहुल-खड़गे का बड़ा बयान: “हम सरकार के साथ हैं”

नई दिल्ली /सर्वोदय:-  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार, 22 अप्रैल की दोपहर आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें दो विदेशी नागरिकों समेत 26 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हो गए। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट ग्रुप “द रजिस्टेंस फ्रंट”(TRF) ने ली है।

आतंकियों की बर्बरता का नया चेहरा

हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारतीय सुरक्षाबलों ने कड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पहलगाम और आसपास के इलाकों में सेना, CRPF और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान चल रहे हैं। आतंकियों की धर-पकड़ के लिए सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

सर्वदलीय बैठक के बाद एकजुटता का संदेश

हमले के तुरंत बाद केंद्र सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा: “यह समय राजनीति का नहीं, देश की एकजुटता का है। हम आतंकवाद के खिलाफ सरकार के साथ खड़े हैं।” राहुल गांधी ने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और हम सबको मिलकर इसका सामना करना होगा।

जांच और कार्रवाई तेज

गृह मंत्रालय ने एनआईए और इंटेलिजेंस एजेंसियों को घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों को सीमा पार से निर्देश और सहायता मिली थी, जिसकी कड़ी जांच की जा रही है। TRF के कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय एकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, विपक्षी दलों ने भी एक सुर में इस कायरतापूर्ण हमले की आलोचना की है।

BJP नेता अमित शाह ने कहा:

“यह हमला भारत की अखंडता को चुनौती देने की कोशिश है, लेकिन हम इसका माकूल जवाब देंगे।”

 

 

शिमला समझौता खत्म करना पाकिस्तान के लिए आत्मघाती कदम, भारत की रणनीतिक राह हो जाएगी आसान

नई दिल्ली/सर्वोदय:- भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना शिमला समझौता (1972) एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तानी मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस समझौते को रद्द करने की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाकिस्तान ऐसा कोई कदम उठाता है, तो यह उसके लिए आत्मघाती साबित हो सकता है, जबकि भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी।

क्या है शिमला समझौता?

शिमला समझौता 2 जुलाई 1972 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था। इसका मकसद 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद शांति, संवाद और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करना था।

इस समझौते के मुख्य बिंदु:

भारत और पाकिस्तान किसी भी विवाद को द्विपक्षीय बातचीत से हल करेंगे।

सीमा का सम्मान किया जाएगा, विशेष रूप से एलओसी (Line of Control) को।

किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे को नहीं उठाया जाएगा।

पाकिस्तान के लिए क्यों हो सकता है आत्मघाती?

यदि पाकिस्तान शिमला समझौते को रद्द करता है, तो: वह द्विपक्षीयता का सिद्धांत तोड़ देगा, जिससे कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन की उसकी मांग खारिज हो सकती है। भारत को एकतरफा निर्णय लेने का नैतिक और कूटनीतिक अधिकार मिल जाएगा। पाकिस्तान की छवि एक अविश्वसनीय राष्ट्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक खराब हो सकती है। डिफेंस एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह कदम पाकिस्तान को डिप्लोमैटिक आइसोलेशन की ओर धकेल सकता है।

भारत के लिए क्यों आसान होगी राह?

भारत एलओसी के स्टेटस को लेकर स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकेगा। कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव खत्म हो सकता है। भारत पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर अपने रुख को और मजबूत बना सकता है।

सैन्य और कूटनीतिक कार्रवाइयों पर भारत के हाथ खुले होंगे।

स्ट्रैटेजिक एनालिस्ट्स का मानना है कि यह समझौता अभी भारत के लिए एक कूटनीतिक दायरा तय करता है, जिसे खत्म होते ही भारत अपने राष्ट्रीय हितों को अधिक आक्रामक ढंग से साधने में सक्षम होगा।

विशेषज्ञों की राय

वरिष्ठ रक्षा विशेषज्ञ जनरल (रिटा.) शंकर प्रसाद का कहना है: “अगर पाकिस्तान शिमला समझौते को रद्द करता है, तो वह अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारेगा। भारत को तब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई रोकने वाला नहीं होगा।”

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार डॉ. हर्ष पंत के अनुसार:

“शिमला समझौते का अंत पाकिस्तान को वैश्विक राजनयिक क्षेत्र में और भी अलग-थलग कर देगा, और भारत को अपने क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा।”

‘आक्रमण’ की तैयारी में भारतीय वायुसेना! आसमान में गरजे राफेल और सुखोई, पाकिस्तान में बढ़ा डर

नई दिल्ली/ सर्वोदय:- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अब ‘शब्दों’ की जगह ‘शक्तिशाली एक्शन’ का रास्ता चुन लिया है। भारतीय वायुसेना ने इस हमले के जवाब में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘आक्रमण’ वायु अभ्यास की शुरुआत कर दी है। यह एक्सरसाइज वर्तमान में केंद्रीय सेक्टर में बड़े पैमाने पर जारी है, जिसमें भारतीय वायुसेना के सबसे घातक लड़ाकू विमान—राफेल और सुखोई Su-30MKI—भाग ले रहे हैं।

क्या है आक्रमण ‘ एक्सरसाइज?

‘आक्रमण’ एक फुल-स्पेक्ट्रम वॉर ड्रिल है, जो न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले को बिना जवाब के नहीं छोड़ेगा। इस अभ्यास में शामिल हैं:ग्राउंड अटैक मिशन,इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ऑपरेशन,हाई-स्पीड टारगेट डिस्ट्रक्शन, मल्टीपल एयरबेस से फाइटर तैनाती

सूत्रों के अनुसार, राफेल स्क्वाड्रन अंबाला और हाशीमारा (पश्चिम बंगाल) से उड़ान भर रही हैं, जबकि सुखोई Su-30MKI को भी विभिन्न बेस से तैनात किया गया है।

IAF के टॉप गन पायलट्स और घातक हथियार

इस एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना के टॉप गन फाइटर पायलट्स भाग ले रहे हैं। उनके साथ हाई-क्वालिफाइड इंस्ट्रक्टर्स भी हैं जो इन मिशनों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

भारतीय वायुसेना की ताकत में शामिल हैं:

मेटिओर मिसाइल – हवा में दुश्मन को दूर से मार गिराने वाली दुनिया की सबसे उन्नत मिसाइल रैम्पेज और रॉक्स मिसाइलें – लंबी दूरी तक मार करने वाली प्रिसिशन गाइडेड हथियार S-400 एयर डिफेंस सिस्टम – हवा से हमला रोकने की अद्वितीय क्षमता

भारत की रणनीतिक चेतावनी

यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर पहलगाम हमले का आरोप है, और इस बार भारत का रुख साफ है—अब जवाब सिर्फ कूटनीति से नहीं, कार्रवाई से दिया जाएगा।

पुलवामा से पहलगाम तक भारत की सर्जिकल रणनीति

2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयर स्ट्राइक करके पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। अब जबकि भारत के पास राफेल, सुखोई, S-400 और अत्याधुनिक हथियार प्रणाली मौजूद हैं, तो यह साफ है कि भारत किसी भी चुनौती से निपटने को पूरी तरह तैयार है।

पहलगाम अटैक: पाकिस्तानी सेना के पूर्व जवान का सनसनीखेज दावा – जनरल आसिम मुनीर के इशारे पर हुआ हमला

जम्मू-कश्मीर/सर्वोदय:-  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पाकिस्तानी सेना के पूर्व जवान आदिल राजा ने इस हमले को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि यह हमला पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के निर्देश पर कराया गया था।

साजिश का पर्दाफाश

पूर्व पाकिस्तानी सैनिक आदिल राजा ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला पूरी तरह से सोची-समझी साजिश थी, जिसे जनरल आसिम मुनीर ने अंजाम दिलवाया। राजा ने लिखा कि यह हमला मुनीर द्वारा अपने खिलाफ चल रही जांचों और विवादों से ध्यान भटकाने के लिए करवाया गया था।

राजा के अनुसार, हमले से पहले पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में विदेशी आतंकियों को बुलाकर उन्हें उकसाया और प्रशिक्षित किया गया। उन्हें हथियार, पैसे और लॉजिस्टिक सहायता ISI द्वारा मुहैया कराई गई थी।

आदिल राजा का बयान

“जब मैं ये लिख रहा हूं, मुझे भारतीयों का एजेंट कहा जाएगा, लेकिन सच यही है कि पहलगाम हमला जनरल मुनीर के कहने पर हुआ। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी ऑफ द रिकॉर्ड यह बात मानी है।”

पाकिस्तान में मचा राजनीतिक भूचाल

इस खुलासे के बाद पाकिस्तान के भीतर भी हलचल मच गई है। रक्षा मामलों के जानकार और रिटायर्ड मेजर जनरल हैदर खान ने कहा:”अगर आदिल राजा की बात सच है, तो यह पाकिस्तान के लिए बेहद शर्मनाक है। एक आर्मी चीफ द्वारा अपनी कुर्सी बचाने के लिए मासूमों की जान लेना निंदनीय है।” पाकिस्तानी पत्रकार रुमान हाशमी ने भी इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि: “मुनीर की इस हरकत से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को भारी नुकसान हुआ है।”

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना

इस हमले की निंदा भारत समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने की है। भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर आतंकवाद को समर्थन देने के लिए कठघरे में खड़ा किया है।

भारत ने बढ़ाई सुरक्षा

इस घटना के बाद भारत ने जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है और आतंकी संगठनों के खिलाफ ऑपरेशन को तेज किया गया है।

 

पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार सख्त, पाकिस्तान सरकार के X हैंडल पर भारत में रोक

नई दिल्ली/सर्वोदय:-   भारत का स्विटजरलैंड कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास स्थित बैसारन में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक हैंडल पर भारत में प्रतिबंध लगा दिया है।

पहलगाम में हुआ था नरसंहार, हिंदू पर्यटकों को बनाया गया निशाना

22 अप्रैल को बैसारन में कुछ आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों पर हमला कर दिया था। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म और नाम पूछकर टारगेट किया और चुन-चुन कर हिंदू यात्रियों को गोली मारी। इस हमले में 27 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं।

हमले में पाकिस्तानी आतंकियों की भूमिका उजागर

जांच एजेंसियों को हमले में दो पाकिस्तानी आतंकियों के शामिल होने के ठोस सबूत मिले हैं। इसके बाद से ही पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है और सोशल मीडिया पर भी लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

भारत का सख्त रुख: X हैंडल बंद, सिंधु जल संधि पर भी रोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें शामिल हैं: पाकिस्तान सरकार के X हैंडल पर भारत में रोक, पाकिस्तान में भारतीय सलाहकारों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया, सिंधु जल समझौते पर फिलहाल अस्थायी रोक

भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को किसी भी रूप में समर्थन देने वाले देशों के साथ कोई सहानुभूति नहीं बरती जाएगी। यह फैसला पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है।

जानिए किस राशि के भाग्य में क्या लिखा है?

आज का राशिफल/सर्वोदय:-  हर दिन कुछ नई संभावनाएं और चुनौतियाँ लेकर आता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आज सितारे आपके पक्ष में हैं या नहीं, तो पढ़िए 24 अप्रैल 2025 का दैनिक राशिफल। आइए जानते हैं आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा।

मेष राशि (Aries):

आज आपको अचानक धन लाभ हो सकता है। व्यापारिक मीटिंग के लिए बाहर जाना पड़ सकता है। जीवनसाथी की तबीयत खराब रहने से मानसिक तनाव और खर्चे बढ़ सकते हैं। परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है।

वृष राशि (Taurus):

नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल है। आपके सुझाव वरिष्ठों को पसंद आएंगे। प्रॉपर्टी लोन मंजूर हो सकता है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें। भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें।

मिथुन राशि (Gemini):

आपकी कोई मनोकामना पूरी हो सकती है। पारिवारिक व्यापार में भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। ससुराल पक्ष से आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि, बढ़ते खर्चों से तनाव संभव है।

कर्क राशि (Cancer):

स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यवसाय में बदलाव की योजना लाभकारी हो सकती है। शेयर बाजार से जुड़े लोगों के लिए शुभ दिन है। पारिवारिक मसलों को शांतिपूर्वक सुलझाना बेहतर रहेगा।

सिंह राशि (Leo):

कोई कानूनी मामला आपके पक्ष में निपट सकता है। परिवार के साथ शुभ कार्य में शामिल हो सकते हैं। संतान से कोई अच्छी खबर मिलेगी। मानसिक संतुलन बनाए रखें।

कन्या राशि (Virgo):

दिन चुनौतियों भरा हो सकता है। कामों में रुकावटें आएंगी। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। परिवार में आपकी किसी बात से किसी को ठेस लग सकती है। ऑफिस में बॉस से तालमेल जरूरी है।

तुला राशि (Libra):

आपको मेहनत का फल मिलेगा। छात्रों को राहत महसूस होगी। पुराने रुके काम पूरे हो सकते हैं। किसी मुद्दे पर बहस संभव है लेकिन आप सूझबूझ से समाधान निकालेंगे।

वृश्चिक राशि (Scorpio):

बोलचाल में संयम रखें। राजनीति या पब्लिक डीलिंग में सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। यात्रा से लाभ संभव है। माता-पिता का आशीर्वाद फायदेमंद रहेगा।

धनु राशि (Sagittarius):

कुछ उलझनें रह सकती हैं। नई चीजें लाने की योजना बनेगी लेकिन तुरंत सफलता नहीं मिलेगी। सिंगल लोगों के लिए रोमांटिक संकेत हैं। प्रॉपर्टी विवाद के लिए वकील की सलाह लें।

मकर राशि (Capricorn):

काम की व्यस्तता अधिक रहेगी। परिवार पर कम समय दे पाएंगे। मां नाराज हो सकती हैं। पड़ोस के झगड़ों से दूर रहें। सरकारी योजना से लाभ मिल सकता है।

कुंभ राशि (Aquarius):

मिश्रित दिन है। पुराने दोस्त से मिलना सुकून देगा। पारिवारिक कलह खत्म हो सकती है। आमदनी और खर्चों में संतुलन ज़रूरी है। माता-पिता से काम को लेकर सलाह हो सकती है।

मीन राशि (Pisces):

ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। व्यापार में सुधार होगा। जीवनसाथी की भावनाओं को समझें। प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी। बच्चों से अच्छी खबर मिल सकती है। उधार सोच-समझकर दें।

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है और आपके दिन को मार्गदर्शित करने का प्रयास करता है। व्यक्तिगत निर्णय लेते समय व्यावहारिक सोच और सलाह जरूर लें।

“नजर लगना एक भ्रम है, असली शक्ति हमारे विचारों में है” – संत प्रेमानंद जी महाराज

वृंदावन/सर्वोदय:– आज के समय में जब लोग आध्यात्मिक शांति और मानसिक सुकून की तलाश में हैं, तब वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज उन गिने-चुने संतों में शामिल हैं, जिनकी वाणी न केवल आध्यात्मिक ज्ञान से भरपूर होती है, बल्कि आम जीवन के छोटे-छोटे सवालों के भी गहरे और सरल उत्तर देती है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रेमानंद जी का एक वीडियो खासा वायरल हो रहा है, जिसमें एक भक्त ने उनसे सवाल किया – “महाराज, क्या नजर लगती है? क्या नजर उतारना सही है या ये सब केवल अंधविश्वास है?”

इस सवाल का जवाब प्रेमानंद जी महाराज ने बड़े ही सहज और सटीक अंदाज़ में दिया। उन्होंने कहा, “जब हमें कोई बहुत प्रिय होता है, तो हमारे मन में डर होता है कि कहीं उसके साथ कुछ गलत न हो जाए। यही डर हमें उसकी ‘नजर उतारने’ जैसे काम करने पर मजबूर करता है।”

उन्होंने इसे मां यशोदा की उस भावना से जोड़ा, जब वे श्रीकृष्ण की नजर उतारा करती थीं। प्रेमानंद जी ने कहा, “वो टोना-टोटका नहीं था, वो एक मां का अपने लाड़ले के लिए प्रेम था।”

महाराज जी का मानना है कि नजर जैसी कोई नकारात्मक शक्ति वास्तव में नहीं होती। यह केवल एक भावनात्मक प्रतिक्रिया होती है – हमारा डर, हमारी चिंता और हमारे प्रेम की अभिव्यक्ति। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम सकारात्मक सोचें, प्रेम और विश्वास से भरे रहें, तो कोई भी नजर या बाहरी असर हमें छू नहीं सकता।

उन्होंने कहा, “जिस श्रीकृष्ण की नजर से यह संसार चलता है, उन्हें कोई नजर कैसे लग सकती है?” यह वाक्य श्रोताओं के दिलों को छू गया।

अंधविश्वास नहीं, आत्मविश्वास जरूरी है

प्रेमानंद जी महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि नजर उतारना कोई समाधान नहीं है, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक सहारा है, जिससे हमें अस्थायी सुकून मिलता है। लेकिन असली समाधान हमारे विचारों की शुद्धता और सोच की शक्ति में है।

उनके अनुसार, पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा यह भ्रम कि नजर लगती है, वैज्ञानिक या तार्किक आधार पर सही नहीं ठहरता। इसके बजाय हमें अपने मन को सकारात्मक ऊर्जा से भरना चाहिए।

पहलगाम हमले के आतंकियों के स्कैच जारी, सुरक्षाबल अलर्ट पर

श्रीनगर /सर्वोदय:- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध आतंकियों के स्कैच जारी कर दिए हैं। यह हमला बीते सोमवार को हुआ था, जिसमें सुरक्षाबलों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आतंकियों के स्कैच तैयार किए हैं। स्कैच को आम जनता के साथ साझा किया गया है, ताकि किसी भी सुराग की जानकारी जल्द से जल्द प्राप्त हो सके।

पुलिस का कहना है कि इन आतंकियों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है और ये स्थानीय भाषा बोलने में सक्षम हैं। हमले के बाद से पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, और तलाशी अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है।

आईजीपी कश्मीर ने बताया कि “हम जनता से अपील करते हैं कि अगर कोई भी इन संदिग्धों को पहचानता है या इनके बारे में कोई जानकारी रखता है, तो तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।”

इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेकर हर पहलू की जांच कर रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हमले के बाद पहलगाम और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। साथ ही, आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।

पहलगाम जैसे पर्यटन स्थल पर हुए इस हमले ने एक बार फिर से घाटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इसे बड़ी साजिश मान रही हैं और जल्द से जल्द आतंकियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं

ये 5 लोग कभी नहीं होते भरोसे के लायक, हमेशा देंगे धोखा – चाणक्य नीति में बताई गई सच्चाई

लखनऊ/सर्वोदय:- चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, एक महान अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और विचारक थे। उन्होंने चाणक्य नीति में जीवन, समाज, राजनीति और नैतिकता को लेकर अनेक अमूल्य सुझाव दिए हैं। आज भी उनके उपदेश उतने ही प्रासंगिक हैं जितने प्राचीन काल में थे।

चाणक्य नीति में उन्होंने कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताया है जिन पर भरोसा करना हमें भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं वे कौन-से 5 प्रकार के लोग हैं जो हमेशा धोखा देने का खतरा रखते हैं।

  1. बहुत ज्यादा मीठा बोलने वाला व्यक्ति

चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति हर समय मीठी-मीठी बातें करता है, वह अक्सर झूठे स्वभाव का होता है। ऐसे लोग सामने से तो आपकी प्रशंसा करेंगे, लेकिन पीठ पीछे आपका नुकसान करने में भी देर नहीं लगाएंगे।

  1. स्वार्थी मित्र

मित्रता एक पवित्र रिश्ता होता है, लेकिन यदि कोई दोस्त सिर्फ अपने मतलब के समय ही आपके करीब आता है, तो चाणक्य के अनुसार वह सच्चा मित्र नहीं है। ऐसे लोग मुश्किल समय में साथ छोड़ देते हैं।

  1. गुप्त बातों को दूसरों से साझा करने वाला

चाणक्य का मानना था कि जो व्यक्ति किसी और की गोपनीय बातें दूसरों को बताता है, वह कभी भी भरोसे के लायक नहीं होता। वह आपके राज़ भी दुनिया के सामने ला सकता है।

  1. अति क्रोधी व्यक्ति

क्रोध व्यक्ति की बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है। जो व्यक्ति हमेशा गुस्से में रहता है, वह अपने निकटतम लोगों को भी नुकसान पहुँचा सकता है। ऐसे व्यक्ति से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है।

  1. धूर्त और चालाक स्वभाव वाला व्यक्ति

चाणक्य नीति के अनुसार, चालाकी से भरे लोग अक्सर अपने लाभ के लिए दूसरों को धोखा देते हैं। ये लोग आपकी भावनाओं का इस्तेमाल करके आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि जीवन में किस प्रकार के लोगों से दूरी बनाना ज़रूरी है। इन 5 प्रकार के लोगों से सावधान रहकर हम अपने जीवन में आने वाले कई संकटों से बच सकते हैं।