Thursday, June 18, 2026

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आठ साल में नहीं लगाया कोई नया टैक्स, फिर भी योगी ने यूपी को बना दिया रेवेन्यू सरप्लस स्टेट

लखनऊ/सर्वोदय:-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आठ साल के कार्यकाल में आर्थिक क्षेत्र में जो करिश्मा कर दिखाया है, उसने पूरे देश को अचंभित कर दियाा है। 2017 में सत्ता संभालने के समय योगी को 12.88 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, जिसे उन्होंने बिना कोई नया टैक्स लगाए 27.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। इस वित्तीय वर्ष में योगी सरकार 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी मिशन पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कई मौकों पर इस बात का खुलासा भी किया है कि पिछली सरकारों में कैसे भ्रष्टाचार और लूट का बोलबाला था, जिसके चलते जनता की गाढ़ी कमाई कुछ लोग डकैतों की तरह लूट लेते थे। उस दौर में उत्तर प्रदेश सरकार के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पैसे नहीं होते थे। योगी सरकार के सुशासन और पारदर्शी प्रशासन ने न केवल इस स्थिति को बदला, बल्कि यूपी को आर्थिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।

बीमारू प्रदेश नहीं रहा यूपी, बना देश का ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद अपने सतत प्रयासों से यूपी को बीमारू प्रदेश की पहचान से बाहर निकालने का सबसे अहम कार्य किया। आज उत्तर प्रदेश लगातार पांच साल से देश के ग्रोथ इंजन के रूप में पहचाना जा रहा है। यूपी बेशक आबादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से इसकी जीएसडीपी सन 1950 से लेकर 2017 तक केवल 12.75 लाख करोड़ ही पहुंच सकी। वहीं योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने सकल राज्य घरेलू उत्पाद में दोगुने से अधिक की छलांग लगाते हुए इसे 27.51 लाख करोड़ तक पहुंचा दिया है। सरकार का लक्ष्य वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसे 30.77 लाख करोड़ तक पहुंचाने का है। जिस प्रदेश को कभी लोग उलटा प्रदेश कहकर चिढ़ाते थे, आज योगी आदित्यनाथ सरकार की मेहनत ने उसे देश की जीडीपी में 9.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ भारत में दूसरे नंबर की आर्थिक ताकत बनाकर सबको चौंका दिया है। अहम बात ये है कि 2023-24 में भारत की जीडीपी में विकास दर 9.6 थी, जबकि इसी काल में उत्तर प्रदेश की वृद्धि दर 11.6 प्रतिशत तक पहुंच गई।

कभी सैलरी देने के नहीं थे पैसे, आज है रेवेन्यू सरप्लस स्टेट

याद कीजिए 2017 से पहले का वक्त जब उत्तर प्रदेश सरकार अपने अधिकांश राज्य कर्मचारियों को समय से वेतन दे पाने में भी असमर्थ थी। तमाम योजनाएं और विकास की परियोजनाएं बजट के अभाव में सालों साल लटकी रहती थीं। आज ये वही उत्तर प्रदेश है, जिसने बीते आठ साल में बिना जनता पर कोई नया टैक्स लगाए अपनी अर्थव्यवस्था को इतना मजबूत कर लिया है कि बीते पांच साल से यह रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। इसके लिए टैक्स की चोरी पर लगाम लगाने से लेकर रेवेन्यू लीकेज को समाप्त किया गया। सरकार ने व्यापक स्तर पर डिजिटल मैकेनिज्म को अपनाया, जिससे ट्रांसपैरेंसी बढ़ी। यही नहीं उत्तर प्रदेश में डीजल और पेट्रोल की दरें देश में सबसे कम हैं, बावजूद इसके यूपी समृद्धि के नये सोपान पर चढ़ता जा रहा है।

डीबीटी ने रोका बिचौलियों का खेल, डिजिटल लेन-देन में बना अग्रणी राज्य

प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्राथमिकता के शीर्ष पर रखा। आज यूपी डिजिटल क्रांति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बनकर उभरा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिसंबर 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में एक हजार करोड़ से भी अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए हैं। इनमें आधे से अधिक लेनदेन यूपीआई के जरिए हुए हैं। गांव-गांव तक इंटरनेट की आसान पहुंच, डिजिटल जागरूकता और इंटरनेट डिवाइस की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खाते में धनराशि भेजने से जहां बिचौलियों का खेल समाप्त हुआ है, वहीं विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार पर भी बड़ी चोट लगी है। राज्य में 11 विभागों की 207 योजनाओं की धनराशि डीबीटी के जरिए भेजी जा रही है, इसमें 113 योजनाएं केंद्र सरकार की हैं। 2024-25 में 9 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 1 लाख करोड़ से अधिक रुपए का भुगतान किया गया है। डीबीटी ट्रांजैक्शन से सरकार ने 10 हजार करोड़ रुएप की बचत भी है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी कर चुका है यूपी की सराहना

योगी सरकार के प्रयासों से मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे यूपी की सराहना आरबीआई द्वारा भी की जा चुकी है। 2024-25 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राज्यों के बजट के संबंध में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के सभी राज्यों की स्वयं के कर की प्राप्तियों में उत्तर प्रदेश का अंश वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में क्रमश: 9.9 प्रतिशत, 10.5 प्रतिशत और 11.6 प्रतिशत रहा है। इसे देश में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना गया है। इस प्रकार इन वर्षों में सकल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में देश के अन्य राज्यों के द्वारा स्वयं के कर से प्राप्ति का औसत जहां 6.5, 7.0 और 7.2 प्रतिशत रहा, वहीं यूपी में यह अनुपात क्रमश: 7.6, 9.8 और 10 प्रतिशत देखने को मिला।

निवेश को मिला अनुकूल माहौल, बढ़ने लगे उद्योग-धंधे

सत्ता में आने के बाद पहले तीन साल तक मुख्यमंत्री योगी ने दिन-रात मेहनत कर राज्य की आर्थिक बुनियाद को मजबूत किया। भ्रष्टाचार पर सख्ती, निवेश के लिए अनुकूल माहौल और उद्योगों को बढ़ावा देने वाली नीतियों के दम पर यूपी ने पिछले पांच सालों में अभूतपूर्व प्रगति की है। अपराधियों द्वारा उद्यमियों को भयभीत करके रंगदारी वसूली के लिए बदनाम रहे उत्तर प्रदेश से माफिया को मिट्टी में मिला दिया गया है और संगठित अपराध को करीब-करीब पूरी तरह से समाप्त किया जा चुका है। आज उत्तर प्रदेश न केवल निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि में भी अहम योगदान दे रहा है। यही नहीं जिन मंदिरों को लेकर कभी विरोधी तंज कसते थे कि क्या धर्म खाने को देगा, आज यूपी के यही मंदिर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सबसे अहम योगदान दे रहे हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा सहित सभी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में दुनियाभर से पर्यटक उमड़ रहे हैं। महाकुम्भ की सफलता भी किसी से छिपी नहीं है। योगी के इसी यूपी मॉडल की आज संयुक्त राष्ट्र संघ तक चर्चा हो रही है।

पाकिस्तानी सेना में बड़ा संकट: 100 से अधिक अधिकारी और 500 से ज्यादा सैनिकों ने दिया इस्तीफा, सीमा सुरक्षा पर गहराया खतरा

देश-विदेश /सर्वोदय:-  पाकिस्तान की सेना इन दिनों एक अभूतपूर्व आंतरिक संकट का सामना कर रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में 100 से अधिक सैन्य अधिकारियों और 500 से अधिक सैनिकों ने इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफे मुख्य रूप से बार-बार बदलते सैन्य आदेशों, मानसिक थकान और पारिवारिक दबावों के चलते सामने आए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात 11वीं कोर की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी ने सेना मुख्यालय को भेजे गए पत्र में स्थिति को “चिंताजनक” बताया है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

संघर्ष की जड़ में नेतृत्व और मनोबल की कमी

सेना के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि लगातार आदेशों में बदलाव और एक कोर से दूसरी कोर में मनमाने तबादलों ने सैनिकों में भ्रम और असंतोष पैदा किया है। हाल ही में सेना मुख्यालय ने क्वेटा और बलूचिस्तान में तैनात 12वीं कोर के जवानों को अचानक 11वीं कोर में रिपोर्ट करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इस्तीफों का यह सिलसिला शुरू हुआ।

26 अप्रैल 2025 को लेफ्टिनेंट जनरल बुखारी द्वारा की गई एक आंतरिक समीक्षा में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान सेना छोड़ने का मन बना चुके हैं। इससे पैदल सेना, पर्वतीय बटालियन और तोपखाना रेजिमेंट में भारी स्टाफ की कमी आ गई है।

सेना मुख्यालय की सख्ती

संकट की गंभीरता को देखते हुए सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने इस्तीफों को अस्वीकार करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यालय का कहना है कि ऐसे समय में इस्तीफा देना सैन्य नियमों का उल्लंघन है, और इसके लिए संबंधित अधिकारियों और सैनिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सेना ने अब तक इस्तीफा देने वालों की वास्तविक संख्या को सार्वजनिक नहीं किया है।

भारत-पाक सीमा पर असर

इस घटनाक्रम का सीधा असर भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा पर देखा जा रहा है, जहां पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। सैन्य जानकारों का मानना है कि अगर यह स्थिति बनी रही, तो पाकिस्तान की सीमावर्ती रक्षा स्थिति और अधिक कमजोर हो सकती है।

FIR के बाद नेहा सिंह राठौर का जवाबी वार – “दम है तो जाइए आतंकियों के सिर लेकर आइए!”

लखनऊ/सर्वोदय:– प्रसिद्ध लोकगायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 10 और संशोधित आईटी एक्ट की एक धारा के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अभय सिंह नामक व्यक्ति की शिकायत पर की गई है।

एफआईआर के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार दो प्रतिक्रियाएं साझा कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा, वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनके खाते में केवल 519 रुपये हैं और उन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है।

वीडियो में तीखा जवाब

सोमवार को नेहा ने एक 1 मिनट 24 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा: “पहलगाम हमले के जवाब में अब तक सरकार ने क्या किया है? मेरे ऊपर FIR? अरे दम है तो जाइये… आतंकवादियों के सिर लेकर आइये!”

नेहा ने आरोप लगाया कि सरकार उनके खिलाफ एफआईआर कराकर पहलगाम आतंकी हमले जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भगवान नहीं हैं, और बीजेपी देश नहीं है। यदि सरकार को सवालों से दिक्कत है, तो उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए।

क्या यही राजनीति है?”

वीडियो में राठौर ने कहा: “जिस तरह लोकतंत्र में एक-एक वोट जरूरी होता है, उसी तरह सवाल भी जरूरी होते हैं। अगर सवाल पूछने पर नोटिस, FIR, नौकरी से निकालना, गाली देना और अपमानित करना ही राजनीति है, तो तानाशाही क्या होती है?”

मामले का राजनीतिक और सामाजिक असर

नेहा सिंह राठौर हमेशा से अपने बेबाक और जनसरोकार से जुड़े गीतों व बयानों के लिए जानी जाती रही हैं। उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर दो तरह की राय सामने आ रही है—कुछ लोग सरकार की इस कार्रवाई को उचित ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है। क्या नेहा को कानूनी राहत मिलेगी या इस विवाद से राजनीतिक बहस और गहराएगी?

नवलम फिल्म प्रोडक्शन की नई पेशकश – “मेरी गलती?”

फ़िल्मी दुनिया (मनोरंजन)/सर्वोदय:-  एक ऐसी कहानी जो भावनाओं, अपराधबोध और मोचन को छूती है| नवलम फिल्म प्रोडक्शन गर्व के साथ प्रस्तुत करता है “मेरी गलती?”, एक दमदार और दिल को छू लेने वाली फिल्म जो इंसानी ज़िंदगी के सबसे जटिल पहलुओं को दर्शाती है।

निर्माता कविता सक्सेना और लेखक-निर्देशक नवीन धीमान की यह फिल्म दर्शकों को सही और गलत के बीच की धुंधली रेखा पर सोचने को मजबूर कर देती है। अपराधबोध, आत्ममंथन और मोचन की गहराई में उतरती यह कहानी न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि दिल में एक गूढ़ सवाल भी छोड़ जाती है — “क्या ये मेरी गलती थी?”

फिल्म की कहानी और दृष्टिकोण

“मेरी गलती?” एक थ्रिलर-ड्रामा है जो एक साधारण दिखने वाले फैसले के असाधारण परिणामों को उजागर करती है। यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो दर्शकों को अपने अंतर्मन से जोड़ देती है।

शानदार टीमवर्क का नतीजा

हर बेहतरीन फिल्म के पीछे एक जुनूनी टीम होती है, और “मेरी गलती?” भी इसका सटीक उदाहरण है।
टीम में शामिल हैं:

लाइन प्रोड्यूसर: अभिनव श्रीवास्तव

डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (DOP): सौरभ मौर्य और शिव प्रताप सिंह, मेकअप आर्टिस्ट: नंदनी श्रीवास्तव,एडिटिंग, वीएफएक्स और कलर: नवीन धीमान, बैकग्राउंड म्यूजिक और साउंड: सचिन चौहान, असिस्टेंट्स: सूर्य प्रताप और अंकित, मार्केटिंग हेड: अभिनव श्रीवास्तव

मिलिए दमदार कास्ट से

फिल्म की जान हैं इसके सशक्त कलाकार, जिन्होंने अपने अभिनय से हर दृश्य में जान डाल दी है:दुर्गेश नवाब, विशाल सिंह, ऋषि राज, शान सक्सेना, डॉ. अवनीश अस्थाना, शुभि सक्सेना, विद्या चौहान, अभिनव श्रीवास्तव

फिल्म का प्रभाव

“मेरी गलती?” केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक यात्रा है। इसका पोस्टर ही गहराई और रोमांच का संकेत देता है — जो दर्शाता है कि फिल्म में सस्पेंस, संघर्ष और आत्मचिंतन की कितनी जबरदस्त परतें मौजूद हैं।

नवलम फिल्म प्रोडक्शन की सोच

हमेशा गुणवत्ता, कंटेंट और सच्चे सिनेमा पर विश्वास करने वाला नवलम फिल्म प्रोडक्शन इस फिल्म के ज़रिए एक बार फिर साबित करता है कि अच्छी कहानी ही फिल्म की आत्मा होती है।

“मेरी गलती?” जल्दी ही आपके नज़दीकी सिनेमाघरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दस्तक देने जा रही है।
इस कहानी को मिस मत कीजिए — क्योंकि शायद आप भी कभी खुद से पूछ बैठें… “क्या ये मेरी गलती थी?”

 

28 अप्रैल 2025 का राशिफल: वृषभ, सिंह, कुंभ समेत 6 राशियों के आर्थिक सितारे बुलंद, जानिए सभी 12 राशियों का हाल

28 अप्रैल 2025 का राशिफल:- आज 28 अप्रैल सोमवार के दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष चाल और शुभ योगों के चलते वृषभ, सिंह, कुंभ समेत 6 राशियों की किस्मत चमकने वाली है। वहीं कुछ राशियों को कार्यक्षेत्र में सतर्क रहने की आवश्यकता है। आइए जानें, मेष से मीन तक कैसा रहेगा आज का दिन:

मेष राशि (Aries)

आज आपके भीतर नई प्रेरणा और ऊर्जा का संचार होगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।
भाग्यशाली रंग: पीला | अंक: 11

वृषभ राशि (Taurus)

आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए बेहतरीन समय है। संबंधों में मधुरता बढ़ेगी।
भाग्यशाली रंग: सफेद | अंक: 15

मिथुन राशि (Gemini)

नए अवसरों की दस्तक है। आपकी संवाद क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। सामाजिक जीवन में भी सक्रिय रहेंगे।
भाग्यशाली रंग: हरा | अंक: 7

कर्क राशि (Cancer)

भावनात्मक रूप से गहराई महसूस करेंगे। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां रहेंगी लेकिन आप धैर्य से पार पा लेंगे।
भाग्यशाली रंग: नीला | अंक: 3

सिंह राशि (Leo)

नई ऊर्जा के साथ कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नए संबंध बन सकते हैं।
भाग्यशाली रंग: नारंगी | अंक: 10

कन्या राशि (Virgo)

नए अवसर मिलेंगे, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। परिवार के साथ समय बिताएं और स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
भाग्यशाली रंग: काला | अंक: 14

तुला राशि (Libra)

रिश्तों में सामंजस्य रहेगा। ऑफिस में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। रचनात्मक विचार सराहे जाएंगे।
भाग्यशाली रंग: आसमानी नीला | अंक: 6

वृश्चिक राशि (Scorpio)

कार्य में नई जिम्मेदारियां आएंगी। वैवाहिक जीवन में थोड़ा तनाव हो सकता है लेकिन संवाद से समाधान संभव है।
भाग्यशाली रंग: नेवी ब्लू | अंक: 9

धनु राशि (Sagittarius)

ऊर्जा और रचनात्मकता चरम पर होगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
भाग्यशाली रंग: गुलाबी | अंक: 13

मकर राशि (Capricorn)

नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलेगी। पारिवारिक सहयोग से आत्मविश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान देना ज़रूरी है।
भाग्यशाली रंग: बैंगनी | अंक: 5

कुंभ राशि (Aquarius)

सामाजिक जीवन में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में रचनात्मक सोच से सफलता मिलेगी। पुराने रिश्तों को नया रूप देने का समय है।
भाग्यशाली रंग: गहरा हरा | अंक: 8

मीन राशि (Pisces)

भावनात्मक गहराई के साथ दिन बीतेगा। ऑफिस में योजनाएं सफल होंगी और पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी।
भाग्यशाली रंग: लाल | अंक: 12

नोट: यह राशिफल वैदिक ज्योतिष पर आधारित है और आपके जीवन के निर्णयों का एक मार्गदर्शक भर है। व्यक्तिगत कुंडली की जांच के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।

पाकिस्तान टूट जाएगा? बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का दावा

नई दिल्ली/सर्वोदय:- भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि 2025 के अंत तक पाकिस्तान का एक देश के रूप में नामोनिशान नहीं रहेगा. वर्ष 2025 के आखिर तक पाकिस्तान चार हिस्सों में बंट जाएगा. हम पीओके को वापस लेंगे ही, बलूचिस्तान, पख्तूनिस्तान और पंजाब जैसे तीन देशों में बंटेगा.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित करेंगे. निश‍िकांत दुबे का यह बयान काफी महत्‍वपूर्ण है. लेकिन क्या ऐसा संभव है? क्या सच में बलूचिस्तान, पख्तूनिस्तान और पंजाब में पकिस्तान सेना के ल‍िए मुश्किलें  इस कदर हैं कि वह संभाल नहीं पा रहा है?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन कम आबादी वाला राज्‍य है. यहां प्राकृतिक संसाधनों जैसे गैस, तांबा, सोने का खजाना है. बलूचों का आरोप है क‍ि सरकार उनका शोषण कर रही है. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) पाक‍िस्‍तानी सेना का रोजाना कत्‍लेआम करने पर उतारू है. वे पीएम मोदी से मदद मांग चुके हैं ताक‍ि अलग देश बना सकें. भारी संख्‍या में स्‍थानीय लोग विद्रोह‍ियों के समर्थन में हैं. वहां आर्मी की नहीं चलने देते. पाक‍िस्‍तानी सेना ने विद्रोह जितनी बार दबाने की कोश‍िश की, विद्रोही और उग्र हो जाते हैं. इसका बंटना कोई बड़ी बात नहीं.
खैबर पख्तूनख्वा (KPK) और अफगानिस्तान के पश्तून-बहुल क्षेत्रों को मिलाकर एक स्वतंत्र पश्तून राष्ट्र बनाने का प्‍लान है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) जैसे संगठन पश्तूनों के अधिकारों और सेना के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यहां सेना का कत्‍लेआम कर रही है. PTM को स्थानीय समर्थन मिल रहा है, लेकिन यह एक सशस्त्र विद्रोह नहीं है, इसल‍िए थोड़ी मुश्क‍िल है. लेकिन अगर इनके पास हथ‍ियार पहुंच गए तो ये पाक‍िस्‍तानी सेना पर भारी पड़ सकते हैं.
पंजाब पाकिस्तान का सबसे शक्तिशाली और आर्थिक रूप से मजबूत प्रांत है. पाक‍िस्‍तानी आर्मी और पॉल‍िट‍िकल लीडरश‍िप से जुड़े ज्‍यादातर लोग यहीं से आते हैं. लेकिन यह इलाका आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है. इंडस वॉटर ट्रीटी के सस्‍पेंशन से पंजाब का एग्रीकल्‍चर बुरी तरह प्रभाव‍ित हुआ है. इससे इनकी आमदनी ही बंद नहीं होगी, खाना पीना भी मुश्क‍िल हो जाएगा. पंजाब में कोई सक्रिय अलगाववादी आंदोलन नहीं है, लेकिन आर्थिक संकट और सामाजिक अशांति सरकार के खिलाफ असंतोष को बढ़ा सकती है. लेकिन यह पाक‍िस्‍तानी सेना का सबसे मजबूत गढ़ है.सेना और नौकरशाही में पंजाब का दबदबा इसे एकजुट रखता है.
भारत ऐलान कर चुका है कि पाक‍िस्‍तान के कब्‍जे वाला कश्मीर हमारा है और हम इसे लेकर ही रहेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 मार्च 2025 को कहा कि पीओके के लोग खुद भारत में विलय की मांग करेंगे. भारत का इस बार इरादा पूरा है कि वह पीओके को लेकर आए.

राणा सांगा विवाद के बीच अलीगढ़ में सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर हमला

अलीगढ़/सर्वोदय-: राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान के बाद शुरू हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर शनिवार को अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा के निकट हमला हुआ। हमले का आरोप करणी सेना और क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों पर लगाया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता टोल प्लाजा के पास एकत्र हुए और जैसे ही सपा सांसद का काफिला वहां पहुंचा, काफिले की गाड़ियों पर टायर फेंके गए। टायर फेंके जाने से काफिले की कई गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं और अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें टोल पर रोका गया, यह बहुत गंभीर मामला है। बुलंदशहर में दलितों के उत्पीड़न की 6 घटनाएं सामने आई हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं – बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं, बारातें रोकी जा रही हैं और बाबा साहब की प्रतिमाएं तोड़ी जा रही हैं।”

हमले के बाद अलीगढ़ पुलिस ने सांसद सुमन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें अलीगढ़ सीमा से बाहर हाथरस सीमा तक सुरक्षित पहुंचाया और आगरा रवाना कर दिया।

गौरतलब है कि रामजीलाल सुमन द्वारा राज्यसभा में राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान के बाद करणी सेना समेत क्षत्रिय संगठनों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। इससे पहले आगरा स्थित उनके निवास पर भी करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ की गई थी।

अपनी जान को खतरा बताते हुए सपा सांसद ने हाईकोर्ट और राज्यसभा के उपसभापति को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल उनके आगरा स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

दिनभर एसी में रहना बना सकता है मोटापे का शिकार, आयुर्वेद एक्सपर्ट की चेतावनी

लाइफस्टाइल/सर्वोदय:- गर्मी से राहत पाने के लिए दिनभर एयर कंडीशनर (AC) में रहना आजकल आम हो गया है। लेकिन अगर आप भी घंटों एसी के कमरे में बैठे रहते हैं, तो सावधान हो जाइए। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ कैसे लगातार 4-5 घंटे एसी में रहना आपकी सेहत, खासकर वजन पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

एसी में रहने से क्यों बढ़ता है वजन? जानिए कारण

फिजिकल एक्टिविटी होती है कम
एसी के ठंडे और कंफर्टेबल वातावरण में इंसान की फिजिकल मूवमेंट कम हो जाती है। एक ही कमरे में बैठकर काम करना या रिलैक्स करना ‘सिडेंटरी लाइफस्टाइल’ को बढ़ावा देता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।

क्रेविंग बढ़ती है
एसी के ठंडे माहौल में शरीर रिलैक्स करता है, और इसी दौरान पेट भरा होने के बावजूद स्नैक्स खाने की इच्छा होती है। इससे अनावश्यक कैलोरी इनटेक होता है।

मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है
रिसर्च बताती है कि ज्यादा देर ठंडे वातावरण में रहने से मेटाबॉलिज्म रेट धीमा हो जाता है। इसका मतलब है शरीर कम ऊर्जा खर्च करता है और फैट ज्यादा जमा करता है।

कैलोरी बर्निंग होती है कम
जब शरीर को तापमान मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती, तो शरीर भी कम मेहनत करता है। इस वजह से कैलोरी बर्न नहीं होती और वजन बढ़ने लगता है।

क्या करें बचाव?

दिनभर एसी में रहने से बचें। हर कुछ घंटे बाद थोड़ा टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें। ठंडी चीजें खाने-पीने से बचें और पाचन को दुरुस्त रखने वाली चीजें शामिल करें।

संतुलित आहार के साथ शरीर को एक्टिव रखें।

आयुर्वेद विशेषज्ञ  का कहना है कि वजन बढ़ने की असली वजह सिर्फ एसी नहीं, बल्कि एसी के कारण बदली हुई जीवनशैली है। इसलिए ज़रूरी है कि हम गर्मी से बचाव के साथ-साथ हेल्दी आदतों को अपनाएं।

 

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की करारी तैयारी: तैयार हुई मोस्ट वांटेड लिस्ट, लश्कर, जैश और हिजबुल के आकाओं पर शिकंजा

देश-विदेश/सर्वोदय:- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की कमर कस ली है। हमले में शामिल आतंकियों और उन्हें पनाह देने वाले सरगनाओं को सबक सिखाने के लिए एक विशेष मोस्ट वांटेड लिस्ट तैयार की गई है। खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्यवाही में अब घाटी में आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

14 मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट तैयार

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा जिलों में सक्रिय 14 आतंकियों की पहचान की है। इस सूची में:8 आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं, 3 जैश-ए-मोहम्मद से, और 3 हिजबुल मुजाहिदीन से ताल्लुक रखते हैं।  इन आतंकियों में लश्कर के मोस्ट वांटेड आतंकवादी एहसान उल हक का नाम भी शामिल है। हाल ही में पुलवामा में सुरक्षा बलों ने उसके घर को ध्वस्त कर दिया था।

कुपवाड़ा में मिला हथियारों का बड़ा जखीरा

सर्च ऑपरेशनों के तहत शनिवार को कुपवाड़ा जिले से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। इसके अलावा कई आतंकी ठिकानों को चिन्हित कर नष्ट किया गया है।

पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार आतंकियों की पहचान हुई

पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकवादियों की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने इनके नाम और स्केच भी जारी कर दिए हैं। इनकी धरपकड़ के लिए पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

पाकिस्तान पर सख्त रुख, सिंधु जल संधि आंशिक रूप से निलंबित

भारत ने इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठाने के साथ ही कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से निलंबित किया गया है और पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाया जा रहा है।

‘एक-एक का बदला लिया जाएगा’: सैन्य सूत्र

सेना और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि हमले के जिम्मेदार किसी भी आतंकी को बख्शा नहीं जाएगा। हर उस हाथ को काटा जाएगा जो भारत की सरहदों की तरफ बढ़ेगा।

सीमा पर बढ़ा तनाव: BSF का आदेश – 48 घंटे में फसल काटें, खेत खाली करें; बड़ा ऑपरेशन या खतरा?

देश- विदेश/सर्वोदय:- पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है और अब पंजाब के सरहदी इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पंजाब के सीमावर्ती किसानों को सख्त आदेश दिया है कि वे कंटीली तार के पार बोई गई फसल को 48 घंटे के भीतर काटकर खेत खाली करें। इस फैसले के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में दहशत का माहौल है और संभावित सैन्य कार्रवाई या आतंकी गतिविधि की आशंका जताई जा रही है।

गुरुद्वारों से करवाई गई अनाउंसमेंट, किसानों में हड़कंप

अमृतसर, फिरोजपुर, गुरदासपुर और पठानकोट के सीमावर्ती गांवों में BSF की तरफ से गुरुद्वारों के माध्यम से घोषणाएं करवाई जा रही हैं। संदेश साफ है – “48 घंटे के भीतर फसल काट लें, वरना गेट बंद कर दिए जाएंगे।” इस सूचना के बाद किसान बिना देर किए कंबाइनों के साथ खेतों में जुट गए हैं।

सीमा पर गोली मारने के आदेश, गश्त बढ़ाई गई

बॉर्डर पर हालात तेजी से बदल रहे हैं। पठानकोट से फाजिल्का तक फैली 553 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती और गश्त बढ़ा दी गई है। BSF की क्विक रिएक्शन टीमों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर ‘देखते ही गोली मारने’ के निर्देश दिए गए हैं। गांववालों से कहा गया है कि किसी भी तरह की हलचल या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत दें।

सरहदी गांवों के खाली होने की संभावना

फिरोजपुर के कालू वाला गांव जैसे कई इलाके, जो नदी से घिरे और पाकिस्तान की सीमा के बेहद करीब हैं, सबसे संवेदनशील माने जा रहे हैं। ग्रामीणों को डर सता रहा है कि तनाव बढ़ा तो इन्हें फिर से गांव खाली करने को कहा जा सकता है – जैसा पहले भी कई बार हुआ है।

खास परमिट पर खेती, कंटीली तार के पार जमीन

पंजाब के इन सीमावर्ती किसानों को विशेष परमिट के आधार पर जीरो लाइन के पास खेती की इजाजत होती है। फसल बोने और काटने के दौरान BSF के जवान उनकी निगरानी करते हैं। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा सर्वोपरि है और फसल से ज्यादा चिंता सीमा की है।

क्या आने वाला है कुछ बड़ा?

BSF का यह कदम केवल एहतियात है या किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी? इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन सीमा पर बढ़ी हलचल और किसानों को दिए गए सख्त निर्देश संकेत जरूर दे रहे हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं।