Thursday, June 18, 2026

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लखनऊ के शुभांशु शुक्ला इतिहास रचने को तैयार, AXIOM-4 अंतरिक्ष मिशन में होंगे शामिल

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ :- लखनऊ के त्रिवेणीनगर निवासी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 8 जून 2025 को अंतरिक्ष की ऐतिहासिक उड़ान भरने जा रहे हैं। वह AXIOM-4 अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनकर भारत का नाम वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर और ऊंचा करने जा रहे हैं।

भारत के लिए गौरव का क्षण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु शुक्ला को बधाई देते हुए कहा: यह पूरे देश, विशेषकर उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। शुभांशु की उपलब्धि नई पीढ़ी को विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।”

आपको बतादें कि शुभांशु शुक्ला वर्तमान में भारतीय वायुसेना (IAF) में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं। उनका चयन AXIOM-4 मिशन के लिए एक कठोर अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया के तहत हुआ, जो न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी प्रतिभा और समर्पण का प्रमाण है।

AXIOM-4 मिशन क्या है?

AXIOM-4 एक निजी अंतरिक्ष मिशन है, जो स्पेसएक्स (SpaceX) और नासा (NASA) के सहयोग से Axiom Space द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस मिशन में हिस्सा लेने वाले अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर अनुसंधान और तकनीकी परीक्षणों के लिए भेजे जाएंगे।

8 जून को होगी ऐतिहासिक उड़ान

AXIOM-4 मिशन की लॉन्च डेट 8 जून 2025 तय की गई है। शुभांशु इस मिशन के तहत भारत से शामिल होने वाले पहले कुछ सैन्य पृष्ठभूमि वाले अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल होंगे।

शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि क्यों है खास?

  • भारतीय वायुसेना के अधिकारी के रूप में चयन
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अंतरिक्ष मिशन
  • उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पहले अंतरिक्ष यात्री बनने की ओर अग्रसर
  • युवा वैज्ञानिकों और छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत

मुख्यमंत्री ने यूपी में किया विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ

लखनऊ/सर्वोदय:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लैब, आईसीआर, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र व अन्य संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिक पहली बार लैंड पर जाकर किसानों के साथ कृषि की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कार्य करेंगे। विकसित कृषि संकल्प अभियान का उद्देश्य लैब से लैंड तक जाना है। कृषि वैज्ञानिक लैब के साथ ही लैंड पर भी जाएंगे और किसानों से संवाद करेंगे। यह संवाद कृषि क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत करेगा। लैब में जो भी काम हो रहे हैं, वह धरातल पर दिखना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान का यूपी में शुभारंभ किया। यह अभियान 29 मई से 12 जून तक चलेगा। इस अभियान के लिए सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार जताया। सीएम ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

विकसित भारत की परिकल्पना की आधारशिला बनेगी कृषि

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए पीएम मोदी ने जो विजन दिया है, कृषि उसकी आधारशिला बनेगी। कृषि के माध्यम से लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में क्या कदम उठाया जा सकता है। इस पर कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी-कार्मिक, औद्यानिक फसल, खेती, डेयरी, मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को खेती के बारे में आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इस अभिनव पहल के तहत वैज्ञानिक क्लाइमेटिक जोन (भौगोलिक, सामाजिक स्थिति) को देखेंगे और किसानों को अर्ली बीज व लेट वेरायटी का प्रोडक्शन पर क्या असर पड़ता है, इसकी भी जानकारी देंगे।

यूपी में कृषि के लिए बहुत स्कोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 वर्ष के अंदर यूपी में डबल इंजन सरकार ने किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने के अभियान को अपने हाथों में लिया। यूपी में कृषि के लिए बहुत स्कोप है। देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 10-11 फीसदी हमारे पास है। इसी कृषि योग्य भूमि में यूपी का किसान 22-23 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन करता है। सीएम ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि किसान उनके सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं बन पाया था। किसान को बीज, एमएसपी का दाम, समय पर खाद्य, खेत के लिए पानी, तकनीक, स्वायल हेल्थ की व्यवस्था नहीं थी। लागत कम, उत्पादक अधिक पर जोर नहीं था।

पीएम मोदी के शीर्ष एजेंडे में है खेती-किसानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी पीएम मोदी के शीर्ष एजेंडे में है। देश में 11 वर्ष के अंदर खेती-किसानी के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने स्वायल हेल्थ कार्ड का अभियान चलाया। किसानों को पीएम कृषि बीमा योजना, पीएम कृषि सिंचाई योजना, एमएसपी, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। किसानों को तकनीक से जोड़ने का कार्य हुआ। पिछले 10-11 वर्ष में काफी परिवर्तन हुआ है। 2014-15 में किसान को एक हजार रुपये भी गेहूं का दाम नहीं मिलता था, आज एमएसपी 2425 रुपये है। किसानों ने बाजार में 2800 रुपये में गेहूं बेचा है। यह अन्नदाता किसान के जीवन में आए परिवर्तन का परिणाम है।

यूपी में सिंचाई सुविधा में हुई बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने कहाकि यूपी में सिंचाई सुविधा में बढ़ोतरी हुई। 15 लाख किसानों के व्यक्तिगत ट्यूबवेल के कनेक्शन फ्री किए गए। राज्य सरकार प्रतिवर्ष ढाई हजार करोड़ रुपये जमा करती है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाणसागर परियोजना, अर्जुन सहायक आदि परियोजना के माध्यम से पूरा करते हुए डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में 23 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए।

सरकार बनते ही 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र को लाने में प्राप्त हुई सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार यूपी में कृषि विज्ञान केंद्र को लागू नहीं करना चाहती थी, लेकिन जैसे ही सूर्य प्रताप शाही कृषि मंत्री बने, उन्होंने 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र को लाने में सफलता प्राप्त की। आज 89 कृषि विज्ञान केंद्र कार्य कर रहे हैं। महात्मा बुद्ध के नाम पर कुशीनगर में पांचवां कृषि विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रहे हैं। प्रदेश के अंदर कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से नई तकनीक, बीज की जानकारी किसानों को दी जा रही है। कृषि विवि भी इनोवेशन और कृषि के क्षेत्र में रिसर्च एंड डवलपमेंट के नए केंद्र के रूप में उभरे हैं। उनकी नई गति प्रदेश की प्रगति में सहायक हो रही है।

2017 के पहले खेतों में आग लगा देता था किसान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसान अपनी आय को बढ़ा रहा है। 2017 के पहले सुनने को मिलता था कि किसान को पर्ची नहीं मिली तो उसने खेत में आग लगा दी। किसान को वर्षों से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होता था। वह मजबूर होकर फसल में आग लगा देता था। किसान का आक्रोश सरकार की स्थिति को बयां कर देताा था। 1996 से 2017 (22 वर्ष) तक जितना गन्ना मूल्य भुगतान हुआ, उससे 72 हजार करोड़ रुपये अधिक (दो लाख 85 हजार करोड़) हमने आठ वर्ष में किसानों को दिया है। बंद हो रही चीनी मिलों को चलाया गया, नई चीनी मिलों को स्थापित किया गया। 2017 के पहले चीनी मिलें बंद होती थीं। आज चीनी मिल लगाने के प्रस्ताव आ रहे हैं।

अगले चार वर्ष में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाएंगे

सीएम ने कहा कि अगले चार वर्ष में यूपी की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाएंगे। इसके लिए नया प्रयास प्रारंभ करने जा रहे हैं। यह कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन होगा। सीएम ने यूपी एग्रीज का भी जिक्र किया। बोले कि पश्चिम के किसानों ने खेती समेत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति की, मॉडर्न तकनीक अपनाया, नए बीज उपलब्ध कराए। वे लोग लागत कम करने और उत्पादन बढा़ने में सफल हुए। मध्य और पूरब के किसान इस दिशा में काफी पीछे थे, इसलिए वर्ल्ड बैंक के माध्यम से चार हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को हम लोगों ने इस वर्ष बढ़ाया है। इससे पूर्वांचल व बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र के 28 जनपदों को आच्छादित करने जा रहे हैं।

जनपदों में जाकर अभियान से जुड़े हैं सरकार के मंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती में केवल कृषि विभाग की ही नहीं, बल्कि जलशक्ति विभाग की भी बड़ी भूमिका है। लखनऊ में कई मंत्री इस अभियान को गति दे रहे हैं तो कुछ मंत्री अनेक जनपदों में जुड़े हैं। इस अभियान से 89 कृषि विज्ञान केंद्र, 826 विकास खंड मुख्यालय, 8137 न्याय पंचायत, किसान कल्याण केंद्र को जोड़ने का कार्य किया गया है। जब इस क्षेत्र से जुड़े लोग अभियान को बढ़ाएंगे तो कृषि के क्षेत्र में नया क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेगा।

सीएम ने क्लाइमेट चेंज की चुनौती को लेकर किया आगाह

सीएम ने कहा कि क्लाइमेट चेंज हमारी चुनौती है। मॉनसून 15-20 दिन पहले दिखाई दे रहा है, लेकिन आशंका है कि डेढ़-दो महीने बीच में सूखा रहेगा, फिर बारिश आएगी। उस समय की चुनौती की रणनीति अभी तैयार करनी होगी, फिर बारिश आएगी। यह चेंज उत्पादन पर असर डालेगा। अच्छा बीज पड़ा तो अच्छा उत्पादन होगा, बीज एक महीने लेट होगा तो उत्पादन पर 30 फीसदी का अंतर डालेगा। अच्छा बीज मिल सके, इसके लिए किसानों को जागरूक करना पड़ेगा। 8 वर्ष में मिलेट्स, नेचुरल फॉर्मिंग, दलहनी-तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ा है, लेकिन इसके लिए और भी प्रयास करना चाहिए।

इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता आदि मौजूद रहे।


अन्नदाता किसानों को दिया प्रमाण पत्र
सीएम ने प्रधानमंत्री किसान सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के तहत चेतराम मौर्य (चिनहट), अंजनी वर्मा (इटौंजा), कन्हैया लाल (इटौंजा), शिवपूजन (सलेमपुर) व लालता प्रसाद (बक्शी का तालाब) को प्रमाण पत्र प्रदान किया।

Lucknow News: KGMU में डॉक्टरों ने 7 साल की बच्ची की जान बचाई, गर्दन से दिमाग तक धंसी 8 सेमी की कील सफलतापूर्वक निकाली

लखनऊ /सर्वोदय न्यूज़ :- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी कर 7 साल की मासूम बच्ची की जान बचाने में ऐतिहासिक सफलता पाई है। यह मामला तब सामने आया जब बलरामपुर जिले की नवाजपुर निवासी बच्ची के सिर में खेलते समय 8 सेंटीमीटर लंबी कील गर्दन के रास्ते होते हुए दिमाग तक जा धंसी।

समय पर सर्जरी न होती तो जान का खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, कील दिमाग की एक मुख्य नस के पास तक पहुंच गई थी। यदि इसे समय पर न निकाला जाता, तो बच्ची को स्थाई विकलांगता या मौत का सामना करना पड़ सकता था।

कैसे हुआ हादसा?

बच्ची 15 मई को खेल रही थी, तभी एक पतली कील उसकी गर्दन में घुस गई। कील की बनावट इतनी बारीक थी कि वह गर्दन और मुंह के ऊतक भेदते हुए सीधे दिमाग तक पहुंच गई। परिवार वालों ने पहले उसे नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल ने बच्ची को KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

ट्रॉमा सेंटर में शुरू हुई जीवन रक्षक प्रक्रिया

16 मई को डॉ. समर और डॉ. आशुतोष ने बच्ची की हालत का मूल्यांकन किया और तत्काल भर्ती की सिफारिश की। जब पता चला कि कील ने दिमाग तक का रास्ता तय किया है, तो मामला बेहद गंभीर और जटिल हो गया।

संयुक्त मेडिकल टीम बनी

मामले की गंभीरता को देखते हुए ENT, न्यूरोसर्जरी और ट्रॉमा सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों की संयुक्त सर्जरी टीम गठित की गई।16 मई की रात 10 बजे, डॉ. समीर मिश्रा और डॉ. वैभव जायसवाल के नेतृत्व में यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

13 दिन PICU में रही बच्ची, अब स्वस्थ

सर्जरी के बाद बच्ची की हालत कुछ समय के लिए गंभीर बनी रही। PICU (पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में 13 दिनों तक डॉक्टरों की सघन निगरानी में रखने के बाद उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ।

डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि, ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा, लेकिन कम उम्र होने के कारण कई जटिलताएं आईं, जिन्हें हमारी विशेषज्ञ टीम ने संभाला। अब बच्ची सुरक्षित है और सामान्य जीवन जी सकती है।”

ऑपरेशन करने वाली टीम के नाम:

  • डॉ. समीर मिश्रा (लीड सर्जन)
  • डॉ. वैभव जायसवाल
  • डॉ. यादवेन्द्र
  • डॉ. लोकेश (सीनियर रेजिडेंट)
  • डॉ. अर्पिता (जेआर)
  • डॉ. अर्चना (जेआर)
  • डॉ. आकांक्षा (एसआर)
  • डॉ. विशाल (एसआर)
  • डॉ. रंजीत चन्द्र (एसआर)

KGMU के वरिष्ठ सर्जन बताते हैं कि यह केस रेयर मेडिकल इमरजेंसी की श्रेणी में आता है। ऐसी सर्जरी में देरी या लापरवाही जानलेवा हो सकती है। लेकिन समन्वित प्रयास, सही निर्णय और आधुनिक तकनीक की वजह से बच्ची को नया जीवन मिल पाया।

कुत्तों का व्यवहार और उन्हें सामाजिक बनाने के प्रभावी तरीके

लाइफस्कुटाइल/सर्त्तेवोदय:-  सिर्फ पालतू जानवर नहीं होते — वे हमारे जीवन के एक अहम सदस्य बन जाते हैं। लेकिन कई बार उनका अनुचित व्यवहार जैसे अधिक भौंकना, डरना, काटने की कोशिश करना या अन्य लोगों और जानवरों पर आक्रामक होना, चिंता का विषय बन सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्तों का व्यवहार केवल उनकी नस्ल पर नहीं, बल्कि शुरुआती अनुभव, पालन-पोषण, ट्रेनिंग, और सामाजिक परिवेश पर भी निर्भर करता है।

कुत्तों का व्यवहार क्यों बदलता है?

डॉ. हेमंत तिवारी बताते हैं कि निम्नलिखित कारण कुत्तों के व्यवहार में परिवर्तन ला सकते हैं:

  1. शुरुआती अनुभव (2–16 सप्ताह की उम्र): इस समय का सामाजिकरण (Socialization) उनके व्यक्तित्व की नींव रखता है।
  2. मानव संपर्क का प्रकार: सकारात्मक अनुभव उन्हें मित्रवत बनाता है, नकारात्मक अनुभव डर या आक्रामकता उत्पन्न कर सकते हैं।
  3. डर, दर्द या आघात: इससे कुत्ते रक्षात्मक या हिंसक हो सकते हैं।
  4. ऊर्जा की कमी व बोरियत: इससे वे चबाने, गड्ढा खोदने या वस्तुएं नष्ट करने लगते हैं।
  5. प्राकृतिक प्रवृत्तियाँ: जैसे शिकार, सुरक्षा या झुंड का नेतृत्व करना।

कुत्तों को सामाजिक (Socialize) करने के 7 असरदार तरीके

1. समय पर शुरू करें (Early Socialization):

2–4 माह की उम्र में बच्चों, दूसरे कुत्तों और वातावरण से परिचय कराएं।

2. नई चीज़ों से परिचय:

गाड़ी, सीढ़ी, बाजार, तेज आवाज़—धीरे-धीरे अलग-अलग चीज़ें दिखाएं।

3. पॉजिटिव रिइनफोर्समेंट:

शांत और सहयोगी व्यवहार पर इनाम (ट्रीट/प्यार) दें।

4. अन्य कुत्तों से मिलवाएं:

सामाजिक और शांत कुत्तों के साथ इंटरेक्शन बढ़ाएं।

5. खेल और मानसिक व्यायाम:

बोरियत कम करें, दिमागी खेल और वॉक ज़रूरी हैं।

6. मानवों के साथ समय:

घर पर मेहमान बुलाएं या बाहर घुमाएं – यह आत्मविश्वास बढ़ाता है।

7. धैर्य रखें:

अगर कुत्ता डर रहा हो, तो ज़बरदस्ती न करें। धीरे-धीरे उसे सुरक्षित महसूस कराएं।

सामान्य व्यवहारिक समस्याएं और उनके समाधान

बहुत ज्यादा भौंकना (Excessive Barking):
  • कारण पहचानें – डर, अकेलापन, ध्यान आकर्षित करना?
  • शांत होने पर रिवॉर्ड दें।
  • मन बहलाने के लिए टॉय का प्रयोग करें।
काटने की आदत (Biting):
  • “No Bite” कमांड ट्रेनिंग शुरू से दें।
  • टेथिंग पीरियड में चबाने के टॉय्स दें।
डरपोक स्वभाव:
  • धीरे-धीरे एक्सपोज करें।
  • तेज़ आवाज़ या भीड़ से बचाएं।
आक्रामक व्यवहार:
  • संकेत पहचानें – जैसे गुर्राना, दुम दबाना।
  • प्रशिक्षित डॉग ट्रेनर से मदद लें।
  • किसी बीमारी की जांच ज़रूरी है।
चबाना और खोदना (Chewing & Digging):
  • शारीरिक व्यायाम और दिमागी व्यस्तता बढ़ाएं।
  • Chew Toys और Puzzle गेम्स दें।

क्या नहीं करना चाहिए:

  • कुत्ते को मारना या डांटना नहीं चाहिए – इससे डर और आक्रामकता बढ़ सकती है।
  • अकेला लंबे समय तक न छोड़ें।
  • किसी नकारात्मक व्यवहार को नजरअंदाज न करें, समय पर ट्रेनिंग ज़रूरी है।
एक संतुलित दिनचर्या (Ideal Routine for Dogs)
समय गतिविधि
सुबह टहलना + टॉयलेट ट्रेनिंग
दोपहर मानसिक खेल + ट्रेनिंग
शाम वॉक + अन्य कुत्तों से मिलना
रात शांत माहौल + स्नेह और आराम

कुत्ते के व्यवहार को सुधारना सिर्फ एक चुनौती नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जिम्मेदारी है। यदि हम उन्हें प्यार, समय, और सकारात्मक सामाजिक अनुभव दें, तो वे केवल वफादार पालतू नहीं, बल्कि हमारे जीवन के सबसे सच्चे साथी बन जाते हैं।

 

कोटवाधाम तक बस सेवा बंद, तीर्थयात्री हो रहे परेशान

बाराबंकी/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोटवाधाम तक जाने वाली रोडवेज बस सेवा लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे यहां आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

सार्वजनिक परिवहन की सुविधा न होने के कारण यात्री निजी वाहनों, टैक्सियों और डग्गामार साधनों पर निर्भर हैं, जिससे यात्रा न केवल महंगी हो गई है बल्कि कई बार असुरक्षित भी साबित होती है।

श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ी, गर्मी में मुश्किलें दोगुनी

गर्मियों के इस मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं को पैदल या ऑटो से सफर करना कठिन हो रहा है।

स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने बताया, “कोटवाधाम एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ है, लेकिन यहां तक सीधी बस सेवा का न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां आते हैं, लेकिन कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।”

15 साल पहले चलती थी बस, अब यात्री विवश

जानकारी के अनुसार, करीब 15 वर्ष पहले कोटवाधाम से लखनऊ तक सीधी बस सेवा संचालित होती थी, जिसे अचानक बंद कर दिया गया। तब से अब तक परिवहन विभाग ने इस रूट पर किसी भी बस का संचालन नहीं किया है।

कोटवाधाम से कोटवा सड़क की दूरी 17 किलोमीटर है, जो लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग से सीधा जुड़ा हुआ है। साथ ही नजदीकी रेलवे स्टेशन सैदखानपुर से भी यहां पहुंचना आसान है। बावजूद इसके, सरकारी बस सेवा बंद होने से यात्रियों को निजी वाहनों से महंगे किराए में यात्रा करनी पड़ रही है।

धार्मिक और पर्यटन महत्व की अनदेखी

कोटवाधाम, सतनामी संप्रदाय के आदि प्रवर्तक स्वामी जगजीवन साहब की तपोस्थली है। यहां प्रति वर्ष देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने की जो बातें की जाती हैं, वे सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं। श्री कोटवाधाम तीर्थ जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तक सीधी परिवहन सुविधा का न होना इसकी पुष्टि करता है।

ग्रामीण इलाकों को भी होगा लाभ

यदि कोटवाधाम से कोटवासड़क होकर लखनऊ व जिले तक बस सेवा शुरू होती है, तो इससे सिर्फ श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि अद्रा, अमनियापुर, चिकापुर, धामापुर, खजुरी चौराहा, इटौरा, कमोली, जगदीशपुर, उटवा, अकबरपुर, सैदखानपुर, गाजीपुर, हौंधा, स्टेट शुकन पूरवा, पूरे पाठक, मिश्रिकपूरवा जैसे दर्जनों गांवों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

प्रशासन से मांग और संभावनाएं

स्थानीय सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने सरकार और परिवहन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द कोटवाधाम तक नियमित रोडवेज बस सेवा शुरू की जाए। इससे तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

एआरएम रोडवेज, जमीला खातून ने बताया,

“फिलहाल अनुबंधित बसों की संख्या कम है। जैसे ही नए अनुबंध होंगे, कोटवाधाम के लिए बस सेवा शुरू करने पर विचार किया जाएगा।”

29 May 2025 Ka Rashifal: मकर राशि वालों के रुके काम बनेंगे, जानिए आज सभी 12 राशियों का हाल

राशिफल विशेष रिपोर्ट | सर्वोदय न्यूज़ :- आज का दिन सभी राशियों के लिए कुछ विशेष संकेत लेकर आया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से बन रहे योग आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों – नौकरी, व्यापार, स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों – पर क्या असर डालेंगे, आइए जानते हैं एक-एक राशि का दैनिक राशिफल:

मेष राशि (Aries)

आज नौकरी और बिजनेस से जुड़ी योजनाओं में सफलता मिलने के प्रबल संकेत हैं। कोई शुभ सूचना मिल सकती है जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर होगी।

वृषभ राशि (Taurus)

धन-संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति होगी। आय के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आत्मविश्वास से किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल आनंददायक रहेगा।

मिथुन राशि (Gemini)

जॉब में बदलाव के योग बन रहे हैं, सोच-समझकर निर्णय लें। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष उपलब्धि मिल सकती है। दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

कर्क राशि (Cancer)

स्थान परिवर्तन की संभावना है, जो आपके लिए लाभदायक रहेगा। वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा। भौतिक सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है।

सिंह राशि (Leo)

आज विवादों से दूर रहना ही बेहतर होगा। लक्ष्य पर केंद्रित रहें। पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। व्यापारिक समझौते लाभकारी साबित होंगे।

कन्या राशि (Virgo)

राजनीतिक वाद-विवाद से बचें, विरोधी सक्रिय रह सकते हैं। आमदनी में इजाफा संभव है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें।

तुला राशि (Libra)

नई योजनाओं पर काम शुरू किया जा सकता है। आर्थिक अड़चनें दूर होंगी। ऑफिस में कुछ लोग जलन की भावना रख सकते हैं, सावधान रहें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

आपको नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं जो कुछ कठिनाई ला सकती हैं। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। दोस्तों से मदद मिलेगी।

धनु राशि (Sagittarius)

जॉब में प्रमोशन और स्थानांतरण के योग हैं। आर्थिक रूप से दिन मजबूत रहेगा। मित्रों के साथ चर्चा से नए अवसर सामने आएंगे।

मकर राशि (Capricorn)

बोलने से पहले सोचें, किसी भी निर्णय में जल्दबाज़ी न करें। खर्चों में इज़ाफा हो सकता है, लेकिन आय में स्थिरता बनी रहेगी। पूर्व में अटके काम अब प्रगति पकड़ सकते हैं।

कुंभ राशि (Aquarius)

विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी और सामाजिक प्रतिष्ठा में इजाफा होगा। नए व्यापारिक संपर्क बनेंगे और व्यवसाय का विस्तार संभव है।

मीन राशि (Pisces)

आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े सौदे लाभदायक रहेंगे। निवेश के निर्णय में सतर्कता आवश्यक है।

KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को पद्मश्री सम्मान, बोन मैरो ट्रांसप्लांट में अद्वितीय उपलब्धि के लिए मिला प्रतिष्ठित पुरस्कार

लखनऊ/नई दिल्ली(सर्वोदय): – किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष अलंकरण समारोह में प्रदान किया गया।

भारत में महिला चिकित्सकों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

प्रो. सोनिया नित्यानंद उत्तर प्रदेश की पहली महिला चिकित्सक हैं, जिन्होंने बोन मैरो ट्रांसप्लांट (हड्डी मज्जा प्रत्यारोपण) जैसी जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उनका यह कार्य न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक नई दिशा और प्रेरणा बना है।

चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा में अग्रणी

अपने करियर के दौरान प्रो. नित्यानंद ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सेवा में असाधारण योगदान दिया है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण रिसर्च प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया है, जिनका प्रत्यक्ष लाभ मरीजों को मिला है। युवा डॉक्टर और मेडिकल छात्र उन्हें प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक मानते हैं।

विरासत और सेवा की परंपरा की वाहक

प्रो. नित्यानंद के पिता, डॉ. नित्यानंद, देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों में से एक रहे हैं और उन्हें भी पूर्व में पद्म सम्मान से नवाज़ा गया था। प्रो. सोनिया इस गौरवपूर्ण पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं, जिसमें सेवा, समर्पण और चिकित्सा उत्कृष्टता की परंपरा रही है।

देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों से जुड़ी रहीं

प्रो. नित्यानंद ने KGMU, डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान, और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी प्रमुख पदों पर कार्य किया है। इन संस्थानों में उनके नेतृत्व और शोध कार्यों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा में इजाफा किया है।

सम्मान पर प्रतिक्रिया

पद्मश्री प्राप्त करने के बाद प्रो. नित्यानंद ने कहा:”यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि उन सभी सहयोगियों, शिक्षकों और छात्रों का है, जिन्होंने मेरी यात्रा को संभव बनाया। यह मुझे देश सेवा के लिए और अधिक प्रतिबद्ध बनाता है।”

महिला सशक्तिकरण और चिकित्सा क्षेत्र के लिए प्रेरणा

प्रो. सोनिया नित्यानंद को मिला यह पद्मश्री सम्मान न केवल चिकित्सा क्षेत्र के लिए, बल्कि महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सपना देखते हैं।

पेट वेलनेस इंडस्ट्री में उछाल:ग्रूमिंग, ट्रेनिंग, डे केयर और वेलनेस सेवाओं की मांग मेट्रो सिटीज़ में तेजी से बढ़ी

लखनऊ/नई दिल्ली (सर्वोदय) :- भारत के शहरी इलाकों में अब पालतू जानवरों की देखभाल सिर्फ एक ज़रूरत नहीं, बल्कि एक समर्पित जीवनशैली बनती जा रही है। पहले जहां पालतू जानवरों को केवल घरेलू सुरक्षा या शौक के तौर पर रखा जाता था, वहीं अब Pet Parents उन्हें परिवार के बराबर दर्जा देने लगे हैं। इसी सोच ने ग्रूमिंग, ट्रेनिंग, डे केयर, और वेलनेस सेवाओं की मांग में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है।

ग्रूमिंग: स्वच्छता और सौंदर्य दोनों की ज़रूरत

मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में अब नियमित पेट ग्रूमिंग आम बात हो गई है। पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए हाइजीन बाथ, हेयरकट, नेल ट्रिमिंग और स्किन केयर ट्रीटमेंट जैसी सेवाओं को Pet Parents ने अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। इससे न केवल जानवर स्वच्छ रहते हैं, बल्कि कई स्किन संबंधी बीमारियों से भी बचाव होता है।

ट्रेनिंग: आज्ञाकारिता से आगे, मानसिक संतुलन तक

दिल्ली और पुणे जैसे शहरों में प्रशिक्षित डॉग ट्रेनर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। अब Pet Parents अपने पालतू को केवल बैठना या दौड़ना ही नहीं सिखवाते, बल्कि बिहेवियर थेरेपी, सोशलाइजेशन और एंज़ायटी मैनेजमेंट तक करवाते हैं। इससे न केवल जानवरों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि वे समाज में बेहतर ढंग से घुलते-मिलते हैं।

डे केयर: व्यस्त जीवनशैली में एक ज़रूरी सहारा

वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए पेट डे केयर एक बड़ी राहत बनकर सामने आया है। दिल्ली-NCR, हैदराबाद और बेंगलुरु में कई डे केयर सेंटर खुल चुके हैं जो पालतू जानवरों को एक सुरक्षित, स्नेहमय और इंटरैक्टिव माहौल प्रदान करते हैं। यहाँ पालतू दिन भर खेलते, आराम करते और अन्य जानवरों से घुलते-मिलते हैं।

वेलनेस: केवल इलाज नहीं, संपूर्ण भलाई की सोच

आज के Pet Parents केवल बीमारियों के इलाज पर नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं। नियमित हेल्थ चेकअप, न्यूट्रिशन गाइडेंस, हर्बल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, और यहां तक कि पेट कायरोप्रैक्टिस जैसी सेवाएं भी अब चलन में हैं। गुरुग्राम और बेंगलुरु जैसे शहरों में कई मल्टी-स्पेशियलिटी पेट वेलनेस क्लीनिक खुल चुके हैं।

Pet Parents: एक नया, संवेदनशील वर्ग

आज के Pet Parents अपने पालतू जानवरों को सिर्फ पालते नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं, ज़रूरतों और व्यवहार को भी गहराई से समझते हैं। वे सोशल मीडिया, पेट ऐप्स और ऑनलाइन कम्युनिटी से जुड़े रहते हैं ताकि अपने प्यारे साथियों के लिए हर संभव बेहतरीन सेवा दे सकें।

भारतीय मेट्रो शहरों में पालतू जानवरों के लिए सुविधाओं का विस्तार इस बात का संकेत है कि अब पालतू पशु पालन एक भावनात्मक और व्यावसायिक रूप से समृद्ध क्षेत्र बन चुका है। ग्रूमिंग से लेकर वेलनेस तक, हर सेवा इस रिश्ते को और मजबूत बना रही है।

डॉ. हेमंत तिवारी एक अनुभवी वेटरनरी सर्जन हैं, जिन्होंने शहरी भारत में पालतू पशु स्वास्थ्य और वेलनेस सेवाओं पर वर्षों तक काम किया है। वे पालतू पशु प्रेमियों के बीच अपनी गहरी समझ और समर्पण के लिए जाने जाते हैं।

BCA और MCA के बाद क्या करें? जानिए IT एक्सपर्ट Manu Prakash Tripathi की सलाह

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नई दिल्ली/सर्वोदय:-  आज के समय में Information Technology (IT) का क्षेत्र युवाओं के लिए नए-नए अवसरों से भरा हुआ है। लेकिन जब छात्र BCA (Bachelor of Computer Applications) और MCA (Master of Computer Applications) जैसे टेक्निकल कोर्स कर लेते हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल होता है – “अब आगे क्या?”

इसी सवाल को लेकर Sarvoday News के रिपोर्टर ने बात की जानी-मानी IT इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट Manu Prakash Tripathi  से, जो पिछले कई वर्षों से  सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, और ब्रांड बिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और युवाओं को IT करियर के लिए मार्गदर्शन भी देते हैं।

आइए जानते हैं Manu Prakash Tripathi से हुई खास बातचीत:

  • BCA और MCA करने वाले छात्रों के लिए आज के समय में क्या संभावनाएं हैं?

इसको लेकर Manu Prakash Tripathi ने बताया कि  BCA और MCA करने के बाद करियर के ढेर सारे ऑप्शन हैं। टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन कुछ नया हो रहा है और उसी के हिसाब से स्किल्स वालों की डिमांड भी बढ़ रही है। आज मैं कुछ प्रमुख करियर ऑप्शन आपके पाठकों के साथ शेयर करता हूँ:

1.सॉफ्टवेयर डेवलपर

यह सबसे आम लेकिन महत्वपूर्ण रोल है। स्टूडेंट्स Java, Python, NET, C++ जैसी भाषाओं में दक्षता हासिल कर सॉफ्टवेयर डेवलपर बन सकते हैं।

  1. वेब डेवलपर और UI/UX डिज़ाइनर

अगर आप क्रिएटिव सोच रखते हैं और वेब टेक्नोलॉजी (HTML, CSS, JavaScript, React, etc.) में रुचि रखते हैं, तो यह एक शानदार करियर है।

  1. डेटा साइंटिस्ट / डेटा एनालिस्ट

आजकल Big Data और Analytics का बहुत क्रेज है। Python, R, SQL और मशीन लर्निंग की जानकारी लेकर आप डेटा साइंटिस्ट बन सकते हैं।

  1. सिस्टम एनालिस्ट और IT कंसल्टेंट

कंपनियों को अपने सिस्टम सुधारने और टेक्नोलॉजी इंप्लीमेंट करने के लिए ऐसे प्रोफेशनल्स की ज़रूरत होती है।

  1. क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट

Amazon Web Services (AWS), Microsoft Azure जैसी क्लाउड टेक्नोलॉजी में करियर की बड़ी संभावनाएं हैं। वहीं, सिक्योरिटी के लिए Ethical Hacking और Cybersecurity भी डिमांड में हैं।

  1. मोबाइल ऐप डेवलपर

Android और iOS के लिए ऐप बनाने वाले डेवलपर्स की डिमांड आज भी बहुत ज्यादा है।

  1. शिक्षा और ट्रेनिंग सेक्टर

आप चाहें तो कोचिंग संस्थानों में जॉब कर सकते हैं या खुद का IT कोचिंग इंस्टीट्यूट खोल सकते हैं।

  1. सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षा

BCA/MCA करने के बाद आप SSC, बैंकिंग, UPSC जैसी परीक्षाएं देकर सरकारी क्षेत्र में भी जा सकते हैं।

  1. स्टार्टअप या फ्रीलांसिंग

अगर आपके पास कोई अनोखा आइडिया है या आप प्रोजेक्ट बेस काम करना पसंद करते हैं, तो फ्रीलांसिंग या खुद का स्टार्टअप भी एक बेहतर विकल्प है।

  1. विदेश में करियर अवसर

MCA के बाद आप विदेश में भी उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। वहाँ IT सेक्टर में इंडियन टैलेंट की बहुत डिमांड है।

Manu Prakash Tripath से जब पुछा गया इन सब विकल्पों में से आप किसे सबसे बेहतर मानते है तो उन्खोने बताया कि  यह पूरी तरह उस व्यक्ति की रुचि, स्किल और विजन पर निर्भर करता है। मैं यही सलाह दूंगा कि सिर्फ डिग्री पर निर्भर न रहें, साथ में स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दें – जैसे कि कोडिंग प्रैक्टिस, प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप्स और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन।

Manu Prakash Tripathi के बारे में

Manu Prakash Tripathi  एक अनुभवी IT एक्सपर्ट हैं जो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, और ब्रांड बिल्डिंगजैसे क्षेत्रों में वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक लीड किया है और टेक्नोलॉजी में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सेमिनार और वर्कशॉप्स का आयोजन करते रहते हैं।

BCA और MCA करने के बाद करियर की कोई कमी नहीं है, ज़रूरत है तो बस सही दिशा में मेहनत करने की। जैसे Manu Prakash Tripathi कहते हैं – “जो आज सीखने से नहीं डरता, उसे कल की दुनिया संभालने से कोई नहीं रोक सकता।”

आज का राशिफल 28 मई 2025: जानिए किन राशियों को मिलेगा आर्थिक लाभ, किसे बरतनी होगी सावधानी

आज का राशिफल 28 मई 2025:जानें आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। दैनिक राशिफल के अनुसार, ग्रहों की स्थिति कई राशियों के लिए आर्थिक, करियर और पारिवारिक जीवन में बड़े बदलाव लेकर आ रही है। आइए जानें आज किन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ और किसे रखना होगा विशेष ध्यान।

मेष राशि (Aries)

आज का दिन साझेदारी के कार्यों के लिए अनुकूल रहेगा। किसी महत्वपूर्ण इच्छा की पूर्ति से आत्मसंतोष मिलेगा। नई आय के स्रोत बन सकते हैं। संपत्ति खरीदने या नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। ससुराल पक्ष से बहस से बचें, तनाव की स्थिति बन सकती है।

वृषभ राशि (Taurus)

आज दिन जिम्मेदारियों से भरा रहेगा। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें, किसी अटके लेन-देन का समाधान हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहे छात्रों को सफलता मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें, कार्यक्षेत्र में अधिक दबाव महसूस हो सकता है।

मिथुन राशि (Gemini)

आज का दिन लाभदायक रहेगा। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। पुराना कर्ज चुकता हो सकता है। पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। घर में शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। बच्चों के साथ समय बिताना आनंददायक रहेगा, लेकिन राजनीतिक मामलों में सावधानी बरतें।

कर्क राशि (Cancer)

आज वाणी और व्यवहार में संयम रखें। सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के अवसर मिलेंगे। व्यापार में आय वृद्धि संभव है। लंबी यात्रा का योग है। माता-पिता का आशीर्वाद आपके रुके कार्यों में सहयोगी रहेगा। नई शुरुआत के लिए शुभ समय है।

सिंह राशि (Leo)

आज का दिन संपत्ति निवेश के लिए शुभ है। सरकारी योजनाओं में निवेश फायदेमंद रहेगा। बैंकिंग से जुड़े लोग नई योजनाओं में पैसा लगा सकते हैं। पारिवारिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। वाहन संबंधी खर्च बढ़ सकता है, जल्दबाजी में निर्णय न लें।

कन्या राशि (Virgo)

रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। व्यवसाय में धन निवेश की योजना बन सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। मेहमानों का आगमन घर में खुशी लाएगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

तुला राशि (Libra)

आज बिजनेस में अच्छा लाभ मिलेगा। पुराने तनाव दूर हो सकते हैं। जमीन-जायदाद से जुड़ी विवादित समस्या सुलझ सकती है। अध्ययन और आध्यात्मिक रुचि में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। संतान से किया वादा निभाना पड़ेगा।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

खर्चों में वृद्धि संभव है। जीवनसाथी से विवाद हो सकता है। पुराने मित्र से मिलकर मन प्रसन्न होगा। प्रेम संबंधों में तकरार हो सकती है। कानूनी मामलों में विशेषज्ञ सलाह लें। यात्रा के दौरान नई जानकारी मिलेगी।

धनु राशि (Sagittarius)

रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। तकनीकी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़ा विवाद सामने आ सकता है। बच्चों की संगति पर ध्यान देना होगा। पारिवारिक और पेशेवर जीवन में संतुलन जरूरी रहेगा।

मकर राशि (Capricorn)

धन और संपत्ति में वृद्धि होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। किसी वादे को निभाने में कठिनाई हो सकती है। संतान से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। वाहन खरीदने की योजना बन सकती है।

कुंभ राशि (Aquarius)

आज का दिन आनंदमय रहेगा। पसंदीदा भोजन का लुत्फ उठाएंगे। पारिवारिक विवाद बातचीत से सुलझ सकते हैं। योजनाओं में बदलाव संभव है। व्यापार में सतर्कता रखें और विरोधियों से सावधान रहें। अविवाहितों को विवाह प्रस्ताव मिल सकता है।

मीन राशि (Pisces)

आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। परिवार के साथ समय बिताएंगे। टेंशन होने पर पिता से सलाह लें। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी जरूरी है।