Home Blog Page 272

हरतालिका तीज 2025: जानें व्रत की तारीख, पूजा विधि और महत्व

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- सावन और भाद्रपद मास में आने वाले व्रतों में हरतालिका तीज का विशेष स्थान है। यह पर्व खास तौर पर सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए मनाया जाता है। साल 2025 में हरतालिका तीज का व्रत 26 अगस्त, मंगलवार को रखा जाएगा।

हरतालिका तीज व्रत 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

  • तृतीया तिथि प्रारंभ: 25 अगस्त 2025, दोपहर 12:35 बजे
  • तृतीया तिथि समाप्त: 26 अगस्त 2025, दोपहर 1:55 बजे
  • व्रत रखने की तारीख: 26 अगस्त 2025 (उदयकाल में)

हरतालिका तीज का महत्व

यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की स्मृति में रखा जाता है। मान्यता है कि मां पार्वती ने कठोर तपस्या कर शिवजी को पति रूप में प्राप्त किया था। इस परंपरा का अनुसरण करते हुए महिलाएं व्रत रखती हैं और भगवान शिव व माता गौरी (पार्वती) की विधिपूर्वक पूजा करती हैं।

पूजा विधि और व्रत की परंपरा

  • यह व्रत निर्जला (बिना जल के) उपवास के रूप में रखा जाता है।
  • महिलाएं भाद्रपद शुक्ल तृतीया की सुबह व्रत शुरू करती हैं और चतुर्थी की भोर में इसे समाप्त करती हैं।
  • व्रत में मिट्टी की गौरी-शंकर प्रतिमा बनाकर पूजन किया जाता है।
  • कथा श्रवण, मंगल गीत, और रात्रि जागरण भी परंपरा का हिस्सा हैं।

इस कठिन व्रत में न तो अनाज खाया जाता है और न ही जल ग्रहण किया जाता है। व्रति महिलाएं पूरे दिन निर्जल उपवास रखती हैं और अगले दिन व्रत का पारण करती हैं।

मान्यता है कि जो महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य, सुख-शांति और वैवाहिक जीवन में स्थायीत्व की प्राप्ति होती है। यह व्रत कुंवारी कन्याओं के लिए भी शुभ होता है, जिन्हें योग्य वर की प्राप्ति की कामना से यह व्रत रखने की परंपरा है।

नोट -यह लेख धार्मिक परंपराओं और पंचांग आधारित जानकारियों पर आधारित है। किसी भी व्रत या पूजा विधि को अपनाने से पहले धार्मिक विशेषज्ञ या पुरोहित से परामर्श अवश्य लें।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: कृषि मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तय, लाखों श्रमिकों को होगा फायदा

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले खेतिहर मजदूरों और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़े श्रमिकों के लिए एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन करते हुए अब वयस्क कृषि मजदूरों की मजदूरी ₹252 प्रतिदिन या ₹6552 प्रति माह निर्धारित की है। यह नई दर राज्य के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

कृषि से जुड़ी सभी गतिविधियों पर लागू होंगी नई दरें

श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शनमुगा सुन्दरम् के अनुसार यह संशोधित मजदूरी दर परंपरागत खेती से लेकर मशरूम उत्पादन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन, दुग्ध उत्पादन और मंडियों तक फसल पहुंचाने वाले श्रमिकों समेत सभी कृषि सहायक कार्यों पर लागू होगी।

नकद, उपज या डिजिटल – किसी भी माध्यम से हो सकता है भुगतान

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मजदूरी का भुगतान नकद, आंशिक नकद, कृषि उपज या डिजिटल माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन किसी भी स्थिति में श्रमिक को दी गई राशि न्यूनतम तय दर से कम नहीं होनी चाहिए। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

अल्पकालिक श्रमिकों को भी मिलेगा लाभ

नई अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि न्यूनतम प्रति घंटे मजदूरी, दैनिक मजदूरी का छठा हिस्सा होगी। इससे उन मजदूरों के हितों की रक्षा होगी जो कुछ घंटों के लिए ही कार्य करते हैं।

पहले से अधिक वेतन पाने वालों की मजदूरी नहीं घटेगी

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि किसी मजदूर को पहले से तय न्यूनतम दर से अधिक मजदूरी मिल रही है, तो उसका भुगतान यथावत रहेगा और वही उसकी मानक मजदूरी मानी जाएगी।

“सबका साथ, सबका विकास” नीति को मिला नया आयाम

सरकार के इस निर्णय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की श्रमिकों के कल्याण को लेकर प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया जा रहा है। इससे पहले ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के करोड़ों मजदूरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया था। अब नई मजदूरी दर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और खेतिहर मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और ठोस कदम है।

इस निर्णय से जहां श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिलेगा, वहीं कृषि कार्यों में श्रमिकों की स्थायीत्व और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। सरकार का यह फैसला उत्तर प्रदेश को एक श्रमिक-हितैषी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

गोरखपुर में 253 करोड़ की विकास सौगात, सीएम योगी ने खींची रवि किशन की टांग — बोले, “मशीन पकड़ लेती है”

गोरखपुर/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को ₹253 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी और इस मौके पर आयोजित समारोह में 177 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। लेकिन चर्चा का सबसे दिलचस्प पहलू तब आया जब मुख्यमंत्री ने भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन की मज़ाकिया अंदाज़ में टांग खींची।

“नाले पर घर बना लिया, मशीन पकड़ लेती है” — योगी का तंज

जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने जल निकासी और अर्बन प्लानिंग को लेकर कहा कि नालों के ऊपर निर्माण नहीं किया जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने हंसते हुए कहा:”हमने पहले ही बोला था कि जल निकासी के रास्ते पर निर्माण न हो। अब रवि किशन जी ने रामगढ़ ताल क्षेत्र में नाले के ऊपर मकान बना लिया है। मशीन कहां-कहां घर बना है, सब पकड़ लेती है।”

योगी का यह बयान सभा में हंसी और तालियों की गूंज के बीच सुना गया। उन्होंने इस मुद्दे के जरिए जनता को सतर्क रहने और नियमों का पालन करने का संदेश भी दिया।

प्रदेश का पहला अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल गोरखपुर में शुरू

समारोह से पहले मुख्यमंत्री ने नगर निगम गोरखपुर में प्रदेश के पहले ‘अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल’ का लोकार्पण किया। यह सेल एक अर्ली वार्निंग सिस्टम की तरह काम करेगा, जिससे शहर में जलजमाव की स्थिति को पहले ही रोका जा सकेगा।

 सेल की प्रमुख विशेषताएं:

  • 110 ऑटोमेटिक वॉटर लेवल रिकॉर्डर नालों पर लगाए गए।
  • सभी पंपिंग स्टेशन पूर्णतः ऑटोमेटेड किए गए।
  • जलस्तर 80% से अधिक होने पर ऑटोमेटेड अलर्ट संबंधित अधिकारियों को मिलते हैं।
  • ईंधन की कमी और पंप में खराबी की सूचना भी रीयल टाइम में दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस तकनीक पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिस्टम नए गोरखपुर की एक और बड़ी पहचान बनेगा।

गोरखपुर का बदला हुआ चेहरा: योगी की नजर में

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बताया कि गोरखपुर अब मच्छर, माफिया और अराजकता की नहीं, बल्कि साफ-सुथरे और व्यवस्थित शहर की छवि बन चुका है।”पहले गोरखपुर की पहचान जाम, गंदगी और अराजकता से होती थी। एक बारिश में शहर डूब जाता था। अब एक नया गोरखपुर तैयार हो चुका है।”

नागरिकों के सहयोग को सीएम ने सराहा

योगी ने यह भी कहा कि गोरखपुरवासियों ने सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्यों में भी सकारात्मक सहयोग दिया। लोग अपनी दुकानों और घरों की चिंता किए बिना विकास के लिए आगे आए, यही वजह है कि आज गोरखपुर की सड़कें और ड्रेनेज सिस्टम बेहतर हैं।

रवि किशन ने की सीएम योगी की कार्यशैली की तारीफ

मंच से सांसद रवि किशन ने मुख्यमंत्री की प्रेरणादायक कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा:”सीएम योगी की सोच और विजन से हर जनप्रतिनिधि को सीख लेनी चाहिए। उनके नेतृत्व में गोरखपुर एक उदाहरण बन चुका है।”

नगर निगम परिसर में सीएम योगी ने महापौर, अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक बातचीत की और ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। उनका सहज अंदाज़ कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना।

IND vs ENG: केएल राहुल ने रचा इतिहास, सुनील गावस्कर के क्लब में हुए शामिल

स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में भारतीय सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल ने एक और शानदार उपलब्धि अपने नाम कर ली है। चौथे टेस्ट के पहले दिन राहुल ने न सिर्फ इस सीरीज में 400 से अधिक रन पूरे किए, बल्कि इंग्लैंड में बतौर ओपनर 1000 टेस्ट रन का बड़ा आंकड़ा भी पार कर लिया। इसके साथ ही वह महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर के विशेष क्लब में शामिल हो गए हैं।

केएल राहुल ने इंग्लैंड की धरती पर बतौर ओपनर 23 पारियों में 1000+ रन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 2 अर्धशतक लगाए हैं। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे भारतीय ओपनर बन गए हैं।जबकि सुनील गावस्कर ने 1971 से 1986 के बीच 28 पारियों में 1152 रन बनाए थे।

इंग्लैंड में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा टेस्ट रन (भारतीय खिलाड़ी)

खिलाड़ी रन पारियां शतक वर्ष
सुनील गावस्कर 1152 28 4 1971–1986
मुरली विजय 1013 24 3 2014–2024
केएल राहुल 1005+ 23 4 2014–2025

इस सीरीज की 7 पारियों में 421 रन बनाकर केएल राहुल ने एक और मील का पत्थर छू लिया है। वह इंग्लैंड के खिलाफ एक ही सीरीज में 400 से अधिक रन बनाने वाले तीसरे भारतीय ओपनर बन गए हैं। इससे पहले सुनील गावस्कर ने 1979 में 542 रन बनाए थे। वहीँ मुरली विजय ने 2024 में 402 रन बनाए थे। आपको बतादें कि अभी सीरीज में एक टेस्ट और बचा है, जिससे राहुल के पास तीन और पारियों का मौका रहेगा। यदि वह 542 रन का आंकड़ा पार कर लेते हैं तो वह इंग्लैंड में एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय ओपनर बन जाएंगे।

आपको बतादें कि चौथे टेस्ट में राहुल की पारी ठोस शुरुआत लेकिन अर्धशतक से चूक गए |मैनचेस्टर टेस्ट में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता दिया। भारत की तरफ से यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने पारी की शुरुआत की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी की।राहुल ने 98 गेंदों में 46 रन बनाए और क्रिस वोक्स की गेंद पर जैक क्रॉली के हाथों कैच होकर पवेलियन लौटे।

लखनऊ: अखिलेश यादव को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, बंगला खाली कराने के आदेश पर रोक

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को आज उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को आवंटित बंगला नंबर 7, विक्रमादित्य मार्ग को खाली कराने के सरकारी आदेश पर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है।यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल बंगला खाली कराने की कार्रवाई पर रोक रहेगी।

आपको बतादें कि जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट को यह बंगला 30 जनवरी 2017 को 72 हजार रुपए मासिक किराए पर आवंटित किया गया था। आवंटन की शुरुआत में अवधि 5 साल तय की गई थी।जिसे बाद में संपत्ति विभाग ने अपने विनियमों के तहत बढ़ाकर 10 साल कर दिया था। ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका में बंगले के आवंटन को नियमों के तहत बताते हुए उसे निरस्त करने या खाली कराने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी।

हाईकोर्ट का फैसला: बंगला फिलहाल नहीं खाली होगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार शामिल हैं, ने जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थिति को यथावत बनाए रखने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रहेगी।

बंगला आवंटन की पृष्ठभूमि:

  • बंगला संख्या 7, विक्रमादित्य मार्ग, 30 जनवरी 2017 को ₹72,000 मासिक किराए पर ट्रस्ट को आवंटित हुआ था।
  • प्रारंभ में 5 वर्षों के लिए आवंटन हुआ था, जिसे बाद में संपत्ति विभाग द्वारा अपने विनियमों के तहत 10 वर्षों तक के लिए बढ़ा दिया गया।
  • सरकार ने हाल ही में इस आवंटन को रद्द करते हुए बंगला खाली कराने का आदेश जारी किया था।
  • ट्रस्ट ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसे कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार करते हुए रोक लगा दी।

ट्रस्ट की दलील

जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि:

  • बंगला का आवंटन पूरी तरह नियमों के तहत किया गया था।
  • संपत्ति विभाग की कार्यवाही एकतरफा और अनुचित है।
  • आवंटन रद्द करने व खाली कराने की कार्रवाई न्यायिक समीक्षा योग्य है।

Special Report- Hari Ram 

गोरखपुर: महिला PAC आरक्षियों की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई, IPS आनंद कुमार सस्पेंड, जानिए तबादलों की पूरी लिस्ट

गोरखपुर/लखनऊ(सर्वोदय न्यूज़):- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 26वीं PAC बटालियन की महिला आरक्षियों द्वारा की गई गंभीर शिकायतों के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। इस मामले में IPS अधिकारी आनंद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि RTC प्रभारी संजय राय को भी निलंबित कर दिया गया है।

महिला आरक्षियों की शिकायत पर एक्शन:

गोरखपुर स्थित 26वीं PAC बटालियन की महिला सिपाहियों ने अनुशासनहीनता, व्यवहारगत समस्याएं और उत्पीड़न जैसी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। उच्च स्तरीय जांच के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए IPS आनंद कुमार को निलंबित कर दिया।

निलंबित अधिकारी:

  • IPS आनंद कुमार – तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
  • RTC प्रभारी संजय राय – निलंबन की कार्यवाही

 यूपी में पुलिस विभाग में तबादलों की लिस्ट जारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 IPS और 2 PPS अधिकारियों के तबादले किए हैं। यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

ट्रांसफर लिस्ट (IPS व PPS):

नाम नई तैनाती
रोहन पी कनय (IPS) डीआईजी, पुलिस मुख्यालय, लखनऊ
पूनम (IPS) डीआईजी, पीटीएस मेरठ
सत्येंद्र कुमार (IPS) डीआईजी, पुलिस मुख्यालय, लखनऊ
अनिल कुमार (PPS) प्रभारी प्रधानाचार्य, PTS गोरखपुर
निहारिका शर्मा (PPS) प्रभारी सेनानायक, 26वीं वाहिनी PAC गोरखपुर

आज का राशिफल – 24 जुलाई 2025: मेष समेत इन राशियों के लिए कठिन दिन, जानें सभी 12 राशियों का हाल

आज का राशिफल – 24 जुलाई 2025:- आज ग्रहों की स्थिति में बदलाव कई राशियों पर असर डाल सकता है। दोपहर में चंद्रमा का कर्क राशि में प्रवेश हो जाएगा, जिससे कुछ राशियों को मानसिक तनाव और कुछ को व्यावसायिक लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं आपके लिए कैसा रहेगा आज का दिन:

मेष राशि (Aries)

घरेलू जीवन में रुकावटें आ सकती हैं। भूमि या वाहन की खरीदारी में कोई विशेष लाभ नहीं होगा। प्रेम और संतान पक्ष संतोषजनक रहेगा। व्यापार सामान्य से अच्छा रहेगा। ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या हो सकती है।
उपाय: लाल वस्तु अपने पास रखें।

वृषभ राशि (Taurus)

स्वास्थ्य और पारिवारिक सदस्यों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। व्यापार में लाभ के योग हैं। प्रेम-संतान की स्थिति ठीक-ठाक है।
उपाय: पीली वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि (Gemini)

धन संबंधित चिंता बनी रह सकती है। रिश्तों में थोड़ी ठंडक महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य ठीक-ठाक रहेगा। प्रेम-संतान से संतोष मिलेगा।
उपाय: माता काली को प्रणाम करें।

कर्क राशि (Cancer)

स्वास्थ्य में थोड़ी कमजोरी महसूस हो सकती है। लेकिन प्रेम और संतान क्षेत्र में शुभ संकेत हैं। कारोबार में लाभ के योग हैं।
उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें।

सिंह राशि (Leo)

अचानक खर्चों में वृद्धि आपको परेशान कर सकती है। मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। प्रेम-संतान और व्यापार सामान्य रहेंगे।
उपाय: पीली वस्तु पास में रखें।

कन्या राशि (Virgo)

आय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। यात्रा से अधिक लाभ की उम्मीद न करें। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम रहेगी।
उपाय: पीली वस्तु का दान करें।

तुला राशि (Libra)

कानूनी मामलों से दूर रहें। इस समय परिणाम मनचाहे नहीं आएंगे। राजनीतिक या सामाजिक स्थिति में अस्थिरता हो सकती है। पिता के स्वास्थ्य और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय: शनि देव को नमन करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

भाग्य के भरोसे कोई निर्णय न लें। यात्रा टालना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति ठीक रहेगी।
उपाय: पीली वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि (Sagittarius)

परिस्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं। वाहन सावधानी से चलाएं। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। प्रेम-संतान और व्यापार सामान्य रहेंगे।
उपाय: काली माता को प्रणाम करें।

मकर राशि (Capricorn)

स्वयं और जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम है।
उपाय: काली माता का ध्यान करें।

कुंभ राशि (Aquarius)

शत्रुओं पर विजय मिलेगी। बुजुर्गों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। प्रेम-संतान और व्यापार की स्थिति सामान्य रहेगी।
उपाय: हरी वस्तु साथ रखें।

मीन राशि (Pisces)

बच्चों की सेहत और मानसिक तनाव आपको परेशान कर सकता है। प्रेम संबंधों में बहसबाजी से बचें। महत्वपूर्ण निर्णय फिलहाल टालें।
उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

आधुनिक इलाज के लिए शोध जरूरी: ब्रजेश पाठक

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- रोगियों को आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने के लिए शोध जरूरी है। नई दवाएं, इम्प्लांट व तकनीक की खोज आवश्यक है। इसमें सेन्टर ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च (सीबीएमआर) अहम भूमिका अदा कर रहा है। यह कहना है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का।
पीजीआई के श्रुति सभागार में सीबीएमआर के 19वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सीबीएमआर मानव स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए तत्पर उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत अनुसंधान प्रौ‌द्योगिकी एवं नवाचार का एक उत्कृष्ट केंद्र है। यह भारत में राज्य सरकार द्वारा स्थापित एकमात्र संस्थान है, जो रोगियों की समस्याओं के लिए डॉक्टरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है।

देश-विदेश में मिली पहचान
सीबीएमआर में होने वाले शोध को भारत एवं विश्व पटल पर पहचान मिली है। रोगियों को आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए बीते कई वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में संस्थान में कई नीतिगत निर्णय लिए गए। जिससे संस्थान में खासा बदलाव देखने को मिला है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सीबीएमआर को नेशनल ट्रांसलेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में स्थापित करने की तैयारी है। भारत एवं उत्तर प्रदेश की प्राथमिकताओं के मद्देनजर सीबीएमआर में पांच विभागों तथा इनक्यूबेशन सेंटर का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि पेटेंट को बढ़ावा दें। इसके लिए अन्तरराट्रीय संस्थाओं से समझौता करें।
सीबीएमआर के निदेशक डॉ. आलोक ने कहा कि नए शोध को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाए गए हैं। नए विभागों का गठन किया गया है। इसमें अमेरिका, जर्मनी और स्वीडन के प्रतिष्ठित संस्थानों से आठ वैज्ञानिकों का चयन हुआ है। साथ ही आंतरिक अनुसंधान परियोजनाओं के माध्यम से ट्रांसलेशन अनुसंधान को बढ़ावा मिला।

कई परियोजनाएं हुईं प्रारंभ
इस प्रयास के फलस्वरुप कई ट्रांसलेशन परियोजनाएं प्रारंभ हुई जिससे पेटेंट और प्रौ‌द्योगिकियों का विकास हो रहा है। साथ ही अनेक शोध पत्र ख्याति प्राप्त अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं के मुख्य पृष्ठ पर प्रकाशित हुए। उच्च गुणवत्ता वाले अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 200 से अधिक शोध पत्र विगत 3 वर्षों में प्रकाशित हुए। इसके फलस्वरुप वर्ष 2024-25 में सीबीएमआर भारत में एक मात्र राज्य सरकारी संस्थान है जिसे विश्व में शीर्ष 200 संस्थानों में स्थान प्राप्त हुआ है। यह रैंकिंग विश्व के सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रिका नेचर इंडक्स द्वारा विभिन्न देशों के संस्थानों को दी गई है। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में 14 पेटेंट दाखिल हुए। चार पेटेंट स्वीकृत हुए।

व्यवसायीकरण की दिशा में हो रहा काम
डिप्टी सीएम ने बताया कि व्यवसायीकरण की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही एक टेक्नोलॉजी जिसको आईआईटी बॉम्बे के साथ विकसित किया गया है। टेक्नोलॉजी के व्यवसायीकरण के लिए सीबीएमआर ने भारत सरकार के उपक्रम नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट काउंसिल के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है। कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपित डॉ. संजीव मिश्र, कानपुर आईआईटी के डॉ. आशुतोष वर्मा, केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक, डॉ. अमिताभ मिश्र, सीबीएमआरआई के डीन डॉ. नीरज सिन्हा, रायबरेली एम्स की डॉ. अर्चना वर्मा, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह मौजूद रहे।

Reported By- Hari Ram 

शाइन सिटी घोटाला: 25 हज़ार का इनामी आरोपी तेज नारायण शुक्ला मथुरा से गिरफ्तार

मथुरा/लखनऊ(सर्वोदय न्यूज़):- शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज के बहुचर्चित ठगी मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने 25,000 रुपये के इनामी आरोपी तेज नारायण शुक्ला को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया है।

तेज नारायण शुक्ला पर आरोप है कि उसने निवेशकों को आकर्षक योजनाओं का लालच देकर उनसे भारी-भरकम रकम निवेश करवाई थी। आरोपी पर 10 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह शाइन सिटी घोटाले के मुख्य आरोपी राशिद नसीम के साथ भारत से फरार होकर नेपाल भाग गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज नारायण शुक्ला नेपाल पुलिस की हिरासत में 30 दिन तक रहा था और वहाँ से वापस लौटने के बाद वह मथुरा में छिपा हुआ था।

EOW अधिकारियों का कहना है कि तेज नारायण की गिरफ्तारी से इस घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी शाइन सिटी घोटाले में चल रही लंबी जांच प्रक्रिया में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।

 Special Report By- Hari Ram

आईआरआईटीएम लखनऊ में दिव्यांगजन संवेदीकरण पर कार्यशाला का सफल आयोजन

लखनऊ, 23 जुलाई 2025 — भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM), लखनऊ में दिव्यांगजन संवेदीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को दिव्यांगजनों की जरूरतों और उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना था।

  कार्यशाला का नेतृत्व डॉ. कौशल शर्मा ने किया, जो वर्तमान में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में विशेष शिक्षा संकाय के डीन एवं श्रवण बाधित और बौद्धिक दिव्यांगता विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। डॉ. शर्मा ने एम.जे.पी. रोहिलखंड विश्वविद्यालय से विशेष आवश्यकता शिक्षा में पीएच.डी. प्राप्त की है और वे पिछले 28 वर्षों से दिव्यांगता एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे कई गैर-सरकारी संगठनों और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जुड़े रहे हैं।

कार्यशाला में डॉ. शर्मा ने समावेशी शिक्षा, सुलभ बुनियादी ढांचे और दिव्यांगजनों के लिए बाधा-मुक्त वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को दिव्यांगजनों की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर संस्थान के अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी ने कहा कि यह कार्यशाला IRITM द्वारा दिव्यांगजन के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और समावेशी माहौल विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संस्थागत सुधारों को भी गति देते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर प्रोफेसर  प्रगति कुमार ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. शर्मा द्वारा साझा की गई महत्वपूर्ण जानकारियों और सभी की सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।

इस कार्यशाला ने दिव्यांगजनों की वास्तविक जरूरतों को समझने और संस्थागत परिवेश को उनके अनुकूल बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में भूमिका निभाई। उक्त जानकारी कृष्णा तिवारी,प्रोफेसर (प्रशासन) द्वारा दी गई |